मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में शुजालपुर में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। स्वीकृति के अनुसार, यह शासकीय विधि महाविद्यालय शुजालपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए 2.39 करोड़ रुपये की व्यय राशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, संस्थान के सुचारु संचालन के लिए कुल 17 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है, जिनमें 9 शैक्षणिक और 8 अशैक्षणिक पद शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण निर्णय से शुजालपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को विधि शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय शुजालपुर और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में शुजालपुर में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। स्वीकृति के अनुसार, यह शासकीय विधि महाविद्यालय शुजालपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए 2.39 करोड़ रुपये की व्यय राशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, संस्थान के सुचारु संचालन के लिए कुल 17 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है, जिनमें 9 शैक्षणिक और 8 अशैक्षणिक पद शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण निर्णय से शुजालपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को विधि शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय शुजालपुर और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।
- मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में शुजालपुर में एक नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय शुरू करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है, जो इस क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। स्वीकृति के अनुसार, यह शासकीय विधि महाविद्यालय शुजालपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से संचालित किया जाएगा। इसके संचालन के लिए 2.39 करोड़ रुपये की व्यय राशि भी स्वीकृत की गई है। इसके साथ ही, संस्थान के सुचारु संचालन के लिए कुल 17 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी मिली है, जिनमें 9 शैक्षणिक और 8 अशैक्षणिक पद शामिल हैं। इस महत्वपूर्ण निर्णय से शुजालपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को विधि शिक्षा प्राप्त करने के लिए अब अन्य शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री इंदर सिंह परमार ने इस सौगात के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय शुजालपुर और आसपास के क्षेत्र के युवाओं के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध होगा।1
- इंदौर के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक बयान अब सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। उन्होंने एक कार्यक्रम में उन लोगों को संबोधित करते हुए कहा जिन्होंने उन्हें 'काफिर' बताया है, कि "हमारी सड़क पर मत चलिए, लाड़ली बहना का पैसा मत लीजिए और सरकार की योजनाओं का लाभ न ले।" मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर राजनीतिक सियासी घमासान मचा रहा है।1
- पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी ने वरिष्ठ पार्षद और कांग्रेस नेता हिफाज़ुर्रहमान भैय्या मियां के निधन पर शोक संवेदना व्यक्त करने उनके निवास पर पहुंचे, जो नगर के किले में स्थित है। इस अवसर पर दिग्विजय सिंह ने भैय्या मियां के साथ अपने पुराने संबंध को याद करते हुए बताया कि वह उन्हें तब से जानते हैं जब वे अर्जुन सिंह जी के मंत्रिमंडल में मंत्री थे। उन्होंने भैय्या मियां को एक सुलझा हुआ और अच्छा व्यक्ति बताते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक सद्भाव की एक मिसाल थे। शोक सभा को जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश परमार और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह मेमदाखेड़ी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन दशरथ सिंह, जो पूर्व भूमि विकास बैंक संचालक हैं, ने किया। इस दौरान सामूहिक श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।1
- ग्राम तिलावत गोविंद के अपेक्स इंटरनेशनल स्कूल में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रबंधन पर बच्चों को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) नहीं देने और बिना किसी वैध प्रवेश के ही उनसे पैसे की मांग करने का गंभीर आरोप है। यह पूरा मामला स्कूल में चल रही कथित अनियमितताओं की ओर इशारा करता है।1
- शाजापुर जिले के सलसलाई नगर में पाँच दिनों से चल रहा श्री विष्णु महायज्ञ और बाबा रामदेव प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव सोमवार को धूमधाम से संपन्न हो गया। इस भव्य धार्मिक अनुष्ठान के अंतिम दिन नगर में आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा, जिसमें आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। अनुष्ठान के समापन अवसर पर, यज्ञआचार्य निखिल शर्मा के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ महायज्ञ की पूर्णाहूति दी गई। आचार्य द्वारा विधि-विधान से बाबा रामदेव की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न करवाई गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने 'बाबा रामदेव की जय' के जयकारे लगाए। यज्ञ की पूर्णाहुति के बाद मुख्य मंदिर परिसर में बाबा रामदेव की भव्य महाआरती की गई। आरती के पश्चात आयोजित 'महाभंडारे' में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन समिति ने बड़ी संख्या में आए भक्तों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंध किए थे, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। पाँच दिवसीय इस धार्मिक आयोजन के कारण पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने बाबा रामदेव के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। आयोजन समिति के सदस्यों ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं का आभार व्यक्त करते हुए इस समारोह को क्षेत्र में शांति और सद्भाव का प्रतीक बताया।1
- भोपाल में कांग्रेस प्रवक्ता और पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल ने वेयरहाउसिंग निगम के अध्यक्ष संजय नगाइच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के वेयरहाउस की चल रही जांच पर तीखे सवाल उठाए हैं। पटेल ने पूछा कि यदि निगम वास्तव में पारदर्शिता और नियमों की चिंता करता है, तो उसकी जांच केवल 'चुनिंदा लोगों' के वेयरहाउस तक ही सीमित क्यों है, और क्या यह कार्रवाई प्रदेश के सभी वेयरहाउसों पर समान मानक लागू करेगी? शैलेंद्र पटेल ने स्पष्ट रूप से सवाल किया कि क्या यह पूरी कार्रवाई केवल राजनीतिक प्रतिशोध लेने और सुर्खियां बटोरने का एक जरिया है। उन्होंने आगे कहा कि किसी सरकारी पद का इस्तेमाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की छवि खराब करने के लिए करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पटेल ने जोर देकर कहा कि अगर किसी भी वेयरहाउस में कोई अनियमितता है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच के नाम पर होने वाली राजनीतिक 'टारगेटिंग' स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अपने बयान के अंत में कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि क्या वेयरहाउसिंग निगम पूरे प्रदेश के सभी वेयरहाउसों का समान रूप से निरीक्षण करेगा, या वह सिर्फ विपक्षी नेताओं को निशाना बनाकर 'पब्लिसिटी स्टंट' करता रहेगा। पटेल के अनुसार, सत्ता के संरक्षण में की जाने वाली ऐसी चयनात्मक कार्रवाई लोकतंत्र का नहीं, बल्कि स्पष्ट रूप से राजनीतिक दुर्भावना का प्रतीक है।1
- थाना भैरुंदा पुलिस ने ₹17 लाख की धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के एक मामले में शातिर आरोपी संजय मीना को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पीड़ितों से यह बड़ी रकम ऐंठ ली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने इस मामले में ₹7 लाख नकद बरामद किए हैं, साथ ही आरोपी के बैंक खाते में जमा ₹2.15 लाख की राशि को भी फ्रीज़ कर दिया है। धोखाधड़ी की गई रकम से खरीदा गया एक iPhone 17 Pro समेत कुल दो मोबाइल फोन भी ज़ब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में कुल ₹11 लाख का मशरूका बरामद किया गया है।1
- राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में एक 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, और यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। इस गंभीर घटना के बीच, शहर के कथावाचक पंडित हरिनारायण वैष्णव के एक वॉट्सएप मैसेज ने एक नई बहस छेड़ दी है, जिसमें उन्होंने आरोपी का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को 1 लाख रुपये नकद इनाम देने की घोषणा की है। पंडित हरिनारायण वैष्णव ने साफ तौर पर पुष्टि की है कि यह पोस्ट उन्होंने ही डाली थी। उन्होंने ऐसे दरिंदे और वहशी व्यक्ति के लिए त्वरित और कठोर न्याय की मांग करते हुए कहा कि यदि पुलिस वाले ऐसे आरोपी का एनकाउंटर करते हैं, तो वे एक लाख रुपये का नकद इनाम देंगे। कथावाचक ने अदालतों से अपील की है कि ऐसे अपराधियों को फांसी दी जाए और यदि ऐसा संभव नहीं है, तो पुलिस को खुली छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कांड करने वाले का एनकाउंटर होने पर शासन को उस पुलिस अधिकारी को पुरस्कृत और पदोन्नत करना चाहिए, जो तत्काल न्याय सुनिश्चित करता है और वर्षों तक अदालती प्रक्रिया का इंतजार नहीं करना पड़ता। पुलिस द्वारा आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद भी, पंडित वैष्णव का सवाल है कि क्या केवल गिरफ्तारी से न्याय मिल गया? उन्होंने इस विचार को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि गिरफ्तारी न्याय नहीं है, बल्कि न्याय तो केवल यह है कि ऐसे व्यक्ति को फांसी दी जाए। उन्होंने कठोर कानून बनाने और पुलिस को खुली छूट देने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, क्योंकि ऐसी घटनाओं से पवित्र धरती कलंकित होती है और बालिका का जीवन खराब हो जाता है। खिलचीपुर पुलिस से मिली शिकायत के अनुसार, यह घटना 16 जून की शाम करीब 4:00 बजे की है। पीड़िता अपनी सहेली के साथ दिनेश सेन (25) की खिलौने की दुकान पर गई थी। बाद में पीड़िता अकेले ही एक खिलौना वापस करने के लिए दुकान पर लौटी, और इसी दौरान दुकान संचालक दिनेश सेन पर मासूम बच्ची के साथ गलत हरकत करने का आरोप है। रात में बच्ची के निजी अंगों में दर्द होने पर परिजनों ने पूछताछ की, तो उसने दुकानदार दिनेश की करतूत बताई। घटना से आक्रोशित परिजन 17 जून 2026 को बच्ची को लेकर थाना खिलचीपुर पहुंचे। पुलिस ने पीड़िता की मां की शिकायत पर आरोपी दिनेश सेन के खिलाफ लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO एक्ट) 2012 की धारा 5 व 6 के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। इस घिनौने कृत्य की चौतरफा निंदा हो रही है।1