सतना प्रशासन की बेरुखी और रोज हो रहे हादसे से परेशान ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान,लामबंद ग्रामीणों ने पुल को चलने लायक बनाने शुरू किया श्रमदान, खड़ौरा खड़ौरी नगवर गांव का रास्ता हो गया था बंद, महू नदी में बनी एक मात्र रास्ते की पुल बाढ़ से हो गई थी बर्बाद, नगवर गांव में बनी थी पुल, मुख्य मार्ग से संपर्क हो गया था बाधित, सिर्फ जान जोखिम में डाल कर बाइक से हो पा रही थी आवाजाही, सतना प्रशासन की बेरुखी और रोज हो रहे हादसे से परेशान ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान,लामबंद ग्रामीणों ने पुल को चलने लायक बनाने शुरू किया श्रमदान, खड़ौरा खड़ौरी नगवर गांव का रास्ता हो गया था बंद, महू नदी में बनी एक मात्र रास्ते की पुल बाढ़ से हो गई थी बर्बाद, नगवर गांव में बनी थी पुल, मुख्य मार्ग से संपर्क हो गया था बाधित, सिर्फ जान जोखिम में डाल कर बाइक से हो पा रही थी आवाजाही,
सतना प्रशासन की बेरुखी और रोज हो रहे हादसे से परेशान ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान,लामबंद ग्रामीणों ने पुल को चलने लायक बनाने शुरू किया श्रमदान, खड़ौरा खड़ौरी नगवर गांव का रास्ता हो गया था बंद, महू नदी में बनी एक मात्र रास्ते की पुल बाढ़ से हो गई थी बर्बाद, नगवर गांव में बनी थी पुल, मुख्य मार्ग से संपर्क हो गया था बाधित, सिर्फ जान जोखिम में डाल कर बाइक से हो पा रही थी आवाजाही, सतना प्रशासन की बेरुखी और रोज हो रहे हादसे से परेशान ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान,लामबंद ग्रामीणों ने पुल को चलने लायक बनाने शुरू किया श्रमदान, खड़ौरा खड़ौरी नगवर गांव का रास्ता हो गया था बंद, महू नदी में बनी एक मात्र रास्ते की पुल बाढ़ से हो गई थी बर्बाद, नगवर गांव में बनी थी पुल, मुख्य मार्ग से संपर्क हो गया था बाधित, सिर्फ जान जोखिम में डाल कर बाइक से हो पा रही थी आवाजाही,
- *नागौद शिविल अस्पताल से डियूटी डॉ नदारत, फोन लगाने पर मरीजो *नागौद शिविल अस्पताल से डियूटी डॉ नदारत, फोन लगाने पर मरीजो के परिजन से करते है बत्तमीजी से बात ,मरीज हो रहे परेशान , स्टाफ नर्स से पूछने पर ड्यूटी डॉक्टर के बीमार होने की बात की गई*1
- खबर रीवा राजेंद्र शुक्ला का इस्तीफा मांगने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कथित बर्बरता ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग खबर रीवा राजेंद्र शुक्ला का इस्तीफा मांगने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस की कथित बर्बरता ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ बल प्रयोग की कार्रवाई पर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है। सवाल सिर्फ विरोध का नहीं, लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का भी है। #3
- 25 दिन से बिजली न आने के कारण ग्राम बजवाही ग्राम पंचायत नौगवां में एक महीने से बिजली ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण गांव में आए दिन कोई न कोई घटना होती हैं जैसे किसी के घर में सांप बिच्छू हर दिन घर में घूस जाते छोटे छोटे बच्चे और वृद्ध लोग रहते हैं और बच्चों की पढ़ाई का भी काफी नुकसान होता है। बिजली के कारण आए दिन ग्रामीण में समस्या का सामना करना पड़ता हैं। कोई शासन प्रशासन या अधिकारी के द्वारा कोई कार्यवाही नही की जा रही हैं। कृपया बिजली विभाग के अधिकारियो द्वारा जल्द से जल्द ग्रामीण लोगों की समस्या का समाधान किया जाए जिससे कोई अनहोनी न हो पाए। आपका बहोत बहोत धन्यवाद।👏👏👏1
- सर्व मंगल मांगल्ये, शिवेसर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्रयम्बके गौरी, नारायणी नमोस्तुते।। प्रात:कालीन दिव्य श्रृंगार दर्शन, मां शारदा मैया आपकी कृपा से मेरा सब काम हो रहा है करती है मेरी मां शारदा मैया नाम मेरा हो रहा है जय मां शारदा भवानी !! जय माई की!! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !! जय माई की !! !!जय हो माई शारदा की!! !!जय हो माई शारदा की!!1
- शीर्षक: सीएम हेल्पलाइन भी फेल! उचेहरा के लक्ष्मी बाई वार्ड 15 में जलजमाव से राहगीर परेशान, प्रशासन बेखबर शीर्षक: सीएम हेल्पलाइन भी फेल! उचेहरा के लक्ष्मी बाई वार्ड 15 में जलजमाव से राहगीर परेशान, प्रशासन बेखबर उचेहरा: नगर परिषद उचेहरा के लक्ष्मी बाई वार्ड क्रमांक 15 की स्थिति इन दिनों बद से बदतर बनी हुई है। बारिश के कारण पूरी गली जलमग्न हो चुकी है और जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने से रास्ता तालाब में तब्दील हो गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद से लेकर सीएम हेल्पलाइन तक शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। तस्वीरों और वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घुटने तक भरे पानी और कीचड़ के बीच से स्कूली बच्चों, महिलाओं और दुपहिया वाहनों को बेहद जोखिम उठाकर गुजरना पड़ रहा है। लगातार जमा पानी से संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। रहवासियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द नालियों की सफाई और पक्की सड़क/नाली निर्माण की मांग की है ताकि उन्हें इस समस्या से निजात मिल सके। #UnchehraNews #Unchehra #SatnaNews #MadhyaPradeshNews #CMHelpline #Ward15Unchehra #LaxmiBaiWard #CivicIssues #Jalbharav #NagarParishadUnchehra #MPPrashasan #PublicProblem1
- सतना मेडिकल कॉलेज में लिफ्ट संकट: 6 महीने से बंद हैं 13 लिफ्ट, डॉक्टर और छात्र सीढ़ियां चढ़ने को मजबूर सतना: सतना के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) में इन दिनों सुविधाओं का बुरा हाल है। पिछले करीब छह महीनों से कॉलेज परिसर की आधी से ज्यादा लिफ्ट बंद पड़ी हैं, जिससे डॉक्टरों, कर्मचारियों और छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 27 लिफ्टों में से 13 लिफ्ट चालू नहीं हैं। स्थिति इतनी खराब है कि डॉक्टरों और छात्रों को हर दिन 8 से 9 मंजिल तक सीढ़ियों के रास्ते आना-जाना पड़ रहा है। कॉलेज के शैक्षणिक ब्लॉक में छात्रों को दिन में कई बार अलग-अलग कक्षाओं और विभागों में जाने के लिए इन मंजिलों को सीढ़ियों से ही तय करना पड़ता है। लगातार सीढ़ियाँ चढ़ने-उतरने के कारण वे शारीरिक रूप से थक जाते हैं, जिसका असर उनकी पढ़ाई और काम की गुणवत्ता पर पड़ रहा है। सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि परिसर के नौ मंजिला आवासीय भवनों और हॉस्टलों में रहने वाले अन्य लोग भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें बुजुर्ग और गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं, जिन्हें सीढ़ियाँ चढ़ने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। आपातकालीन स्थिति में भी बंद लिफ्ट किसी बड़ी मुसीबत का कारण बन सकती है। बजट अटका, वारंटी खत्म कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने लिफ्टों को ठीक कराने के लिए सरकार से बजट मांगा है, लेकिन अभी तक राशि नहीं मिली है, जिसके कारण मरम्मत का काम अटका हुआ है। मेडिकल कॉलेज में स्थापित लिफ्टें ऑर्बिस एलिवेटर कंपनी लिमिटेड की हैं और इनकी वारंटी फरवरी 2026 में खत्म हो चुकी है। तत्कालीन डीन डॉ. एसपी गर्ग ने लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय को पत्र भेजकर लिफ्टों की मरम्मत और ट्रांसफार्मर लगाने के लिए आवश्यक बजट की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, 13 लिफ्टों की मरम्मत के लिए 7 लाख 5 हजार 78 रुपये और ट्रांसफार्मर के लिए 8 लाख 21 हजार 612 रुपये की मांग की गई थी। इस संबंध में पीआईयू और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री को भी पत्र लिखा गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। छात्रों की परेशानी और सीएम हेल्पलाइन में शिकायत हॉस्टल में रहने वाले छात्रों ने 29 अगस्त को सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई थी। सूत्रों के अनुसार, अब तक 10 से ज्यादा शिकायतें की जा चुकी हैं। छात्रों का कहना है कि सिर्फ सीढ़ियाँ चढ़ना ही उनकी परेशानी नहीं है; हॉस्टल में पानी की आपूर्ति प्रभावित होने पर उन्हें पानी भी सीढ़ियों से ही ऊपरी मंजिलों तक ले जाना पड़ता है। एक लिफ्ट निवासियों ने अपने खर्च पर कराई चालू कॉलेज से जुड़े लोगों के अनुसार, आवासीय परिसर की एक लिफ्ट निवासियों ने अपने खर्च पर चालू कराई है। हालांकि, निवासियों का दावा है कि इस लिफ्ट की रस्सी कमजोर है और इसके इस्तेमाल में दुर्घटना का खतरा हमेशा बना रहता है। लिफ्ट कंपनी और निर्माण एजेंसी के बीच 'हैंडओवर' और तीन साल की 'डिफेक्ट लायबिलिटी' को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार, लिफ्ट कंपनी ने 2022 में निर्माण एजेंसी को लिफ्टें हैंडओवर की थीं, जबकि भवन का हैंडओवर 2023 में हुआ। इसी आधार पर लिफ्ट की वास्तविक उपयोग अवधि और डिफेक्ट लायबिलिटी की अवधि को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की जरूरत है। मध्य भारत न्यूज़1
- *नागौद शिविल अस्पताल से डियूटी डॉ नदारत, फोन लगाने पर मरीजो के परिजन से करते है बत्तमीजी से बात ,मरीज हो रहे परेशान , स्टाफ नर्स से पूछने पर ड्यूटी डॉक्टर के बीमार होने की बात की गई* *नागौद शिविल अस्पताल से डियूटी डॉ नदारत, फोन लगाने पर मरीजो के परिजन से करते है बत्तमीजी से बात ,मरीज हो रहे परेशान , स्टाफ नर्स से पूछने पर ड्यूटी डॉक्टर के बीमार होने की बात की गई*1
- सतना प्रशासन की बेरुखी और रोज हो रहे हादसे से परेशान ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान,लामबंद ग्रामीणों ने पुल को चलने लायक बनाने शुरू किया श्रमदान, खड़ौरा खड़ौरी नगवर गांव का रास्ता हो गया था बंद, महू नदी में बनी एक मात्र रास्ते की पुल बाढ़ से हो गई थी बर्बाद, नगवर गांव में बनी थी पुल, मुख्य मार्ग से संपर्क हो गया था बाधित, सिर्फ जान जोखिम में डाल कर बाइक से हो पा रही थी आवाजाही, सतना प्रशासन की बेरुखी और रोज हो रहे हादसे से परेशान ग्रामीणों ने खुद संभाली कमान,लामबंद ग्रामीणों ने पुल को चलने लायक बनाने शुरू किया श्रमदान, खड़ौरा खड़ौरी नगवर गांव का रास्ता हो गया था बंद, महू नदी में बनी एक मात्र रास्ते की पुल बाढ़ से हो गई थी बर्बाद, नगवर गांव में बनी थी पुल, मुख्य मार्ग से संपर्क हो गया था बाधित, सिर्फ जान जोखिम में डाल कर बाइक से हो पा रही थी आवाजाही,1