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मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले भर के पेंशनधारी बेहद बेहाल हैं। पिछले 3 महीने से इन असहाय लोगों को पेंशन नहीं मिली है। केवल ₹600 की राशि प्राप्त करने के लिए ये असहाय लोग बैंक और पंचायत के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
Dev Anand
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले भर के पेंशनधारी बेहद बेहाल हैं। पिछले 3 महीने से इन असहाय लोगों को पेंशन नहीं मिली है। केवल ₹600 की राशि प्राप्त करने के लिए ये असहाय लोग बैंक और पंचायत के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
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- बालाघाट जिले के कटंगी में 415 लाख रुपये की लागत से हो रहे परसवाड़ाघाट-सावरगांव-हथोड़ा सड़क निर्माण कार्य में अवैध खनन का बड़ा खेल सामने आया है। इस पूरे मामले में जनपद सदस्य से लेकर ठेकेदार तक की मिलीभगत की बात उजागर हुई है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट में एथेनॉल प्लांट भेजने के नाम पर हजारों क्विंटल सरकारी चावल गायब करने का एक बड़ा खेल सामने आया है। बालाघाट के नवेगांव एफसीआई (FCI) और गर्रा सीडब्ल्यूसी (CWC) गोदाम से छिंदवाड़ा के एथेनॉल प्लांट के लिए भेजा गया चावल रास्ते से ही गायब कर राइस मिलों में खपा दिया गया। इस मामले में पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा के नेतृत्व में गठित एसआईटी (SIT) ने अब तक 17 खाली ट्रक जब्त किए हैं और 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में प्लांट कर्मियों और ट्रांसपोर्टर सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, वारासिवनी के संचेती राइस मिल के संचालक पिता-पुत्र फिलहाल फरार हैं, जिनके खिलाफ वारंट जारी किया गया है। इसके अलावा, अब तक बालाघाट के 6 और सिवनी के 2 राइस मिलर्स भी इस जांच के दायरे में आ चुके हैं। यह घोटाला बेहद शातिर तरीके से चल रहा था, जिसमें सरकार से ₹2,320 प्रति क्विंटल में मिलने वाला चावल प्लांट संचालक ₹2,600 से ₹3,000 रुपये में मिलर्स को बेच देते थे। इसके बाद मिलर्स बिना किसी मेहनत और खर्च के इसी चावल को दोबारा धान मिलिंग के नाम पर सरकारी राशन गोदामों में जमा करा देते थे। इस सिंडिकेट में शामिल कई लोगों के राजनीतिक संबंध होने के कारण इसके तार भोपाल तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।1
- सिवनी जिले के केवलारी वन परिक्षेत्र अंतर्गत कालीमाटी के जंगल में एक बाघ का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला और डॉग स्क्वाड तुरंत मौके पर पहुंचा तथा पूरे घटनास्थल की घेराबंदी कर साक्ष्य जुटाए गए। इस मामले में डीएफओ गौरव मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया बाघ की मौत दो बाघों के बीच हुए आपसी संघर्ष का परिणाम प्रतीत होती है, हालांकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम और अन्य जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। वरिष्ठ अधिकारियों और पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराने के बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के प्रोटोकॉल के अनुसार बाघ का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। फिलहाल वन विभाग इस पूरे मामले की विस्तृत जांच में जुटा है।1
- मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले भर के पेंशनधारी बेहद बेहाल हैं। पिछले 3 महीने से इन असहाय लोगों को पेंशन नहीं मिली है। केवल ₹600 की राशि प्राप्त करने के लिए ये असहाय लोग बैंक और पंचायत के चक्कर काटने को मजबूर हैं।1
- वारासिवनी के ग्राम पुनी से बटरमारा पुल के पास मोड़ पर रविवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहाँ मजदूरों से भरी एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। इस दुर्घटना में वाहन में सवार सभी 20 महिला मजदूर घायल हो गई हैं, जिनमें से 4 महिलाओं की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। डोंगरमाली निवासी महेश लिल्हारे से मिली जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन में लगभग 20 महिलाएं और बालिकाएं सवार थीं, जो खेत में धान का परहा (रोपाई) लगाने के लिए जा रही थीं। इन मजदूरों में 15 महिलाएं डोंगरमाली और 5 महिलाएं ग्राम बिटोडी की रहने वाली हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बटरमारा पुल के पास मोड़ पर चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया, जिससे पिकअप पलटते हुए सड़क से नीचे सीधे खेत में जा गिरी। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और दुर्घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी वाहन चालक मौके से फरार हो गया। दुर्घटना की आवाज सुनते ही बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने तत्परता दिखाते हुए पिकअप के नीचे दबे और फंसे हुए घायल मजदूरों को बाहर निकाला। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए बालाघाट जिला चिकित्सालय भिजवाया गया है, जहाँ गंभीर रूप से घायल 4 महिलाओं का इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुँच गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।1