सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 44वीं वाहिनी ने भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगरदेही स्थित एफ-समवाय की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 420/13 के पास भारतीय क्षेत्र में गश्त के दौरान 6 बोरी यूरिया खाद को भारत से नेपाल ले जाते हुए पकड़ा। मुख्य आरक्षी वीर बाबू के नेतृत्व में जवानों ने दो मोटरसाइकिल पर लदी यह खेप जब्त की और मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्कर की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के इनरवा थाना क्षेत्र निवासी 36 वर्षीय ओम प्रकाश साह के रूप में हुई है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि तस्कर भारत से यूरिया खाद नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे ताकि मोटी कमाई कर सकें। मामले की गंभीरता को देखते हुए SSB ने बरामद यूरिया, दो मोटरसाइकिल और गिरफ्तार तस्कर को आगामी कार्रवाई हेतु बेतिया स्थित कस्टम विभाग को सौंप दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि SSB की इस निरंतर सक्रियता और जवानों की मुस्तैदी के कारण सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगी है। इस कार्रवाई से तस्करी में शामिल लोगों के बीच डर का माहौल है और सीमा पार अवैध सामानों की आवाजाही में कमी आई है। सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SSB का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 44वीं वाहिनी ने भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगरदेही स्थित एफ-समवाय की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 420/13 के पास भारतीय क्षेत्र में गश्त के दौरान 6 बोरी यूरिया खाद को भारत से नेपाल ले जाते हुए पकड़ा। मुख्य आरक्षी वीर बाबू के नेतृत्व में जवानों ने दो मोटरसाइकिल पर लदी यह खेप जब्त की और मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्कर की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के इनरवा थाना क्षेत्र निवासी 36 वर्षीय ओम प्रकाश साह के रूप में हुई है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि तस्कर भारत से यूरिया खाद नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे ताकि मोटी कमाई कर सकें। मामले की गंभीरता को देखते हुए SSB ने बरामद यूरिया, दो मोटरसाइकिल और गिरफ्तार तस्कर को आगामी कार्रवाई हेतु बेतिया स्थित कस्टम विभाग को सौंप दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि SSB की इस निरंतर सक्रियता और जवानों की मुस्तैदी के कारण सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगी है। इस कार्रवाई से तस्करी में शामिल लोगों के बीच डर का माहौल है और सीमा पार अवैध सामानों की आवाजाही में कमी आई है। सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SSB का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- पश्चिम चंपारण के मझौलिया सीएचसी में तैनात कर्मियों और चिकित्सकों की घोर लापरवाही के चलते एक नवजात बच्चे की मौत हो गई। युवा समाजसेवी मनीष कुमार ने आरोप लगाया है कि मझौलिया वार्ड-3 निवासी रुस्तम देवान की पत्नी 28 वर्षीय रिजवाना खातून को लेबर पेन होने पर 7 जुलाई की सुबह सीएचसी में भर्ती कराया गया था। मनीष कुमार के अनुसार, वहां तैनात एएनएम ने परिजनों को कोई सही जानकारी नहीं दी और स्थिति बिगड़ने पर अगले दिन सुबह 6:58 बजे उसे जीएमसीएच बेतिया रेफर कर दिया गया। जीएमसीएच बेतिया में भी प्रसव वार्ड के कर्मियों द्वारा ठोस जानकारी न दिए जाने के कारण नवजात ने अंततः दम तोड़ दिया। मनीष कुमार का कहना है कि यदि स्वास्थ्य कर्मी समय रहते सचेत रहते तो नवजात की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने इस मामले में अस्पताल प्रभारी डॉ. अनुपम प्रसाद और सिविल सर्जन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मनीष कुमार ने चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और इंसानियत को दरकिनार किया गया, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।1
- सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 44वीं वाहिनी ने भारत-नेपाल सीमा पर अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। नगरदेही स्थित एफ-समवाय की टीम ने अंतरराष्ट्रीय सीमा स्तंभ संख्या 420/13 के पास भारतीय क्षेत्र में गश्त के दौरान 6 बोरी यूरिया खाद को भारत से नेपाल ले जाते हुए पकड़ा। मुख्य आरक्षी वीर बाबू के नेतृत्व में जवानों ने दो मोटरसाइकिल पर लदी यह खेप जब्त की और मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए तस्कर की पहचान पश्चिम चंपारण जिले के इनरवा थाना क्षेत्र निवासी 36 वर्षीय ओम प्रकाश साह के रूप में हुई है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि तस्कर भारत से यूरिया खाद नेपाल ले जाकर बेचने की योजना बना रहे थे ताकि मोटी कमाई कर सकें। मामले की गंभीरता को देखते हुए SSB ने बरामद यूरिया, दो मोटरसाइकिल और गिरफ्तार तस्कर को आगामी कार्रवाई हेतु बेतिया स्थित कस्टम विभाग को सौंप दिया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि SSB की इस निरंतर सक्रियता और जवानों की मुस्तैदी के कारण सीमावर्ती इलाकों में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगी है। इस कार्रवाई से तस्करी में शामिल लोगों के बीच डर का माहौल है और सीमा पार अवैध सामानों की आवाजाही में कमी आई है। सीमा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए SSB का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की। इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।4
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 स्थित बानूछापर मुहल्ले में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया की पहल पर बानूछापर के हाजमा टोला में माता मरियम मंदिर से उमेश यादव के घर होते हुए नहर तक नाला निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है। इस परियोजना को नगर निगम बोर्ड से 90.04 लाख रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जबकि बीओक्यू (BOQ) के अनुसार इसका निर्माण लगभग 72.88 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को सौंपी गई है, जिसे कार्य प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण में ब्लैक स्टोन, सोन नदी की बालू और अन्य स्वीकृत मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है। महापौर ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी डाला जा सकता है। कार्यादेश में निर्माण स्थल पर योजना का सूचना पट्ट लगाने, कार्य के विभिन्न चरणों की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने तथा आवश्यक प्रपत्र भरने जैसी शर्तें भी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 36 माह तक किसी भी निर्माण संबंधी त्रुटि के सुधार की जिम्मेदारी संवेदक की ही होगी। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जोर देकर कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वार्ड-27 सहित आसपास के लोगों को बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।1
- पश्चिमी चंपारण जिले के जोगपट्टी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दड़वा का सड़क मार्ग दुधियवा गांव से होकर गुजरता है।1
- पूर्वी चंपारण के सुगौली स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीबी स्क्रीनिंग को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में टास्क फोर्स के सदस्य शामिल हुए, जिसमें प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा। इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।1
- बलिया जिले के मनियर थाना पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के एक मामले में वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देशन में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तरी) दिनेश कुमार शुक्ल, क्षेत्राधिकारी बांसडीह जयशंकर मिश्र तथा थानाध्यक्ष अजय कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान लोहटा गांव निवासी 23 वर्षीय सनोज के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे गुरुवार सुबह लगभग 11:30 बजे लोहटा रोड स्थित एक पोखरे के पास से गिरफ्तार किया। आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायालय भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक मो. इस्माईल शेख, हेड कांस्टेबल श्यामसुन्दर यादव और महिला आरक्षी सुभद्रा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।1