पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की। इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की। इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह
में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य
प्रबंधन) शामिल रहे। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने
किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
- पूर्वी चंपारण जिले के रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता हाथ लगी है। हरैया थाना पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने इंडो-नेपाल बॉर्डर पर स्थित कस्टम कार्यालय के पास मैत्री पुल से एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी बिना किसी वैध दस्तावेज के भारत में रह रहा था और नेपाल जाने की कोशिश में था, तभी जांच के दौरान सुरक्षा कर्मियों को उस पर संदेह हुआ। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान श्याम हुसैन के रूप में हुई है, जो बांग्लादेश के मुंशीगंज जिले के श्रीनगर थाना अंतर्गत बरोएगांव का निवासी है और उसके पिता का नाम नियामुद्दीन है। हरैया थानाध्यक्ष किशन कुमार ने पुष्टि की है कि आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि श्याम हुसैन भारत में कब दाखिल हुआ, यहां रहने का उसका उद्देश्य क्या था और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग थे। इस घटना के बाद सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों और अवैध आवाजाही पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।1
- बेतिया के समाहरणालय सभागार में समाज कल्याण विभाग के राज्यस्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इस अवसर पर सम्राट चौधरी ने डीबीटी के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के लिए ₹1,100 की मासिक पेंशन राशि जारी की। इस पहल के तहत पश्चिम चम्पारण जिले के 3,50,372 लाभार्थियों के बैंक खातों में कुल ₹50.01 करोड़ से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई। कार्यक्रम में जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में लाभार्थी उपस्थित रहे।1
- पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की। इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।4
- बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 स्थित बानूछापर मुहल्ले में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया की पहल पर बानूछापर के हाजमा टोला में माता मरियम मंदिर से उमेश यादव के घर होते हुए नहर तक नाला निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है। इस परियोजना को नगर निगम बोर्ड से 90.04 लाख रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जबकि बीओक्यू (BOQ) के अनुसार इसका निर्माण लगभग 72.88 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को सौंपी गई है, जिसे कार्य प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण में ब्लैक स्टोन, सोन नदी की बालू और अन्य स्वीकृत मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है। महापौर ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी डाला जा सकता है। कार्यादेश में निर्माण स्थल पर योजना का सूचना पट्ट लगाने, कार्य के विभिन्न चरणों की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने तथा आवश्यक प्रपत्र भरने जैसी शर्तें भी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 36 माह तक किसी भी निर्माण संबंधी त्रुटि के सुधार की जिम्मेदारी संवेदक की ही होगी। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जोर देकर कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वार्ड-27 सहित आसपास के लोगों को बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।1
- पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा। इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।1
- पश्चिमी चंपारण जिले के जोगपट्टी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दड़वा का सड़क मार्ग दुधियवा गांव से होकर गुजरता है।1
- मोतिहारी के पिपराकोठी में बन रहे वाटर पार्क को लेकर विवाद गहरा गया है। पूर्व विधायक मनोज यादव ने निर्माण कार्य को तत्काल रोकने की अपील की है। मनोज यादव ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।1
- पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1