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पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

1 hr ago
user_A9Bharat News
A9Bharat News
Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
1 hr ago

पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

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  • पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की। इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
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    पश्चिम चम्पारण के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) ने अपने 22वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में एक भव्य एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और विश्वविद्यालय गीत के साथ हुई, जिसमें जिले के कृषि विशेषज्ञों, विभागीय अधिकारियों, प्रगतिशील किसानों और विभिन्न गणमान्य अतिथियों ने भागीदारी की।

इस अवसर पर आयोजित कृषक सम्मान समारोह में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और पौधे देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में श्री रविकांत पाण्डेय (उद्यानिकी), श्री मुनेश्वर कुमार (फार्म प्रबंधन), श्रीमती ललिता देवी एवं श्री अवधेश राम (सब्जी उत्पादन व किचन गार्डेनिंग), तथा श्रीमती अनु कुमारी एवं श्री अरविंद कुमार (बकरी पालन व स्वास्थ्य प्रबंधन) शामिल रहे।

केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई 2004 को स्थापित यह केंद्र लगातार नवीन तकनीकों के प्रसार, कौशल विकास और कृषि आधारित आजीविका को मजबूत करने के लिए समर्पित है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. नीरज कुमार और विशिष्ट अतिथि श्री सरफराज असगर (जिला कृषि पदाधिकारी, बेतिया) ने किसानों के हित में केंद्र द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। जीविका के प्रतिनिधि ने भी महिला स्वयं सहायता समूहों के विकास में केंद्र के सहयोग को रेखांकित किया। समापन पर डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सभी हितधारकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार के समन्वित प्रयासों पर बल दिया।
    user_RAVI PANDEY
    RAVI PANDEY
    Media and information sciences faculty मझौलिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    9 min ago
  • पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    पश्चिमी चंपारण के बेतिया में संत जेवियर स्कूल के सामने की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है, जिसके चलते वहां हर समय जलजमाव की समस्या बनी रहती है। इस स्थिति से स्थानीय लोग खासे परेशान हैं और उनका कहना है कि यह बदहाली राहगीरों और स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है।

सड़कों की इस बदतर हालत को लेकर लोगों ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को चेतावनी दी है। यदि आगामी एक सप्ताह के भीतर सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो स्थानीय लोग विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_A9Bharat News
    A9Bharat News
    Local News Reporter बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    1 hr ago
  • बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 स्थित बानूछापर मुहल्ले में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया की पहल पर बानूछापर के हाजमा टोला में माता मरियम मंदिर से उमेश यादव के घर होते हुए नहर तक नाला निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है। इस परियोजना को नगर निगम बोर्ड से 90.04 लाख रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जबकि बीओक्यू (BOQ) के अनुसार इसका निर्माण लगभग 72.88 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को सौंपी गई है, जिसे कार्य प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण में ब्लैक स्टोन, सोन नदी की बालू और अन्य स्वीकृत मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है। महापौर ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी डाला जा सकता है। कार्यादेश में निर्माण स्थल पर योजना का सूचना पट्ट लगाने, कार्य के विभिन्न चरणों की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने तथा आवश्यक प्रपत्र भरने जैसी शर्तें भी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 36 माह तक किसी भी निर्माण संबंधी त्रुटि के सुधार की जिम्मेदारी संवेदक की ही होगी। महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जोर देकर कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वार्ड-27 सहित आसपास के लोगों को बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
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    बेतिया नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या-27 स्थित बानूछापर मुहल्ले में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। महापौर गरिमा देवी सिकारिया की पहल पर बानूछापर के हाजमा टोला में माता मरियम मंदिर से उमेश यादव के घर होते हुए नहर तक नाला निर्माण के लिए कार्यादेश जारी कर दिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य जलजमाव की समस्या से स्थायी राहत दिलाना है।

इस परियोजना को नगर निगम बोर्ड से 90.04 लाख रुपये से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति मिली है, जबकि बीओक्यू (BOQ) के अनुसार इसका निर्माण लगभग 72.88 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी मेसर्स शक्ति कंस्ट्रक्शन, बेतिया को सौंपी गई है, जिसे कार्य प्रारंभ होने की तिथि से तीन माह के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। निर्माण में ब्लैक स्टोन, सोन नदी की बालू और अन्य स्वीकृत मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण सामग्री का उपयोग अनिवार्य किया गया है।

महापौर ने स्पष्ट किया है कि गुणवत्ता में किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर संबंधित संवेदक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उसे काली सूची (ब्लैकलिस्ट) में भी डाला जा सकता है। कार्यादेश में निर्माण स्थल पर योजना का सूचना पट्ट लगाने, कार्य के विभिन्न चरणों की फोटो और वीडियो उपलब्ध कराने तथा आवश्यक प्रपत्र भरने जैसी शर्तें भी शामिल हैं। नगर निगम के अनुसार, निर्माण कार्य पूरा होने के बाद 36 माह तक किसी भी निर्माण संबंधी त्रुटि के सुधार की जिम्मेदारी संवेदक की ही होगी।

महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने जोर देकर कहा कि शहर में जलजमाव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, ताकि वार्ड-27 सहित आसपास के लोगों को बरसात के दौरान जलभराव की समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
    user_KI India
    KI India
    Credit reporting agency बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • पश्चिमी चंपारण जिले के जोगपट्टी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दड़वा का सड़क मार्ग दुधियवा गांव से होकर गुजरता है।
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    पश्चिमी चंपारण जिले के जोगपट्टी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत दड़वा का सड़क मार्ग दुधियवा गांव से होकर गुजरता है।
    user_Champaran News
    Champaran News
    जोगापट्टी, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा। इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
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    पश्चिमी चंपारण के सुगौली विधानसभा क्षेत्र स्थित लालपारसा गांव में सिकरहना नदी पर निर्माणाधीन बांध को लेकर सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बांध के निर्माण से क्षेत्र में बाढ़ की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी और इससे स्थानीय किसानों को भी काफी लाभ होगा।

इस परियोजना की जमीनी हकीकत समझने के लिए ग्राउंड रिपोर्ट तैयार की गई है, जिसमें स्थानीय लोगों की राय के साथ-साथ सांसद का विस्तृत बयान भी शामिल है। यह बांध अब क्षेत्र के किसानों के लिए एक नई उम्मीद बनकर उभरा है, जिससे इलाके में बाढ़ के खतरे को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
    user_Ksr bihar news
    Ksr bihar news
    Content Creator (YouTuber) सुगौली, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    11 hrs ago
  • गोपालगंज में एक बस में GPS ट्रैकिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक इंस्टॉल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देना है, क्योंकि सुरक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। GPS ट्रैकिंग तकनीक के माध्यम से अब वाहन की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी और रूट मॉनिटरिंग के जरिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। इस सिस्टम की मुख्य विशेषताओं में लाइव ट्रैकिंग, 24×7 वाहन मॉनिटरिंग, रूट हिस्ट्री और जियो-फेंस अलर्ट शामिल हैं, जो बेहतर सुरक्षा और भरोसा प्रदान करते हैं। सर्च पॉइंट टेक्नोलॉजी (Search Point Technology) द्वारा दी जा रही इस सुविधा को बस, ट्रक, कार, स्कूल वाहनों और अन्य कमर्शियल वाहनों में लगवाया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए 9931495415 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
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    गोपालगंज में एक बस में GPS ट्रैकिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक इंस्टॉल किया गया है। इस पहल का उद्देश्य सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देना है, क्योंकि सुरक्षा केवल एक विकल्प नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है। GPS ट्रैकिंग तकनीक के माध्यम से अब वाहन की लाइव लोकेशन देखी जा सकेगी और रूट मॉनिटरिंग के जरिए बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

इस सिस्टम की मुख्य विशेषताओं में लाइव ट्रैकिंग, 24×7 वाहन मॉनिटरिंग, रूट हिस्ट्री और जियो-फेंस अलर्ट शामिल हैं, जो बेहतर सुरक्षा और भरोसा प्रदान करते हैं। सर्च पॉइंट टेक्नोलॉजी (Search Point Technology) द्वारा दी जा रही इस सुविधा को बस, ट्रक, कार, स्कूल वाहनों और अन्य कमर्शियल वाहनों में लगवाया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए 9931495415 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Searchpoint Technology
    Searchpoint Technology
    GPS supplier गोपालगंज, गोपालगंज, बिहार•
    9 hrs ago
  • पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों ने हिंसक हमला कर दिया। इस दौरान कार्रवाई में लगी एक जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया गया। घटना में वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल और एसएसबी की तैनाती की गई है। यह घटना वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के ठाड़ी गांव के पास धनहिया इलाके में हुई, जहाँ वन विभाग की टीम प्रशासन और पुलिस के सहयोग से वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुँची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएँ मौके पर जमा हो गईं और उन्होंने वन विभाग की टीम को घेर लिया। विरोध जल्द ही हिंसक हो गया और आक्रोशित लोगों ने कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और झड़प में कई लोग घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही बगहा पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, एसडीपीओ निहार भूषण और एसएसबी के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया, लोगों को समझाकर शांत कराया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे इलाके में एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस और वन कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो। एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि पुलिस ने समय रहते हालात पर काबू पा लिया है और पूरे मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
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    पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व (VTR) में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग, प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम पर स्थानीय लोगों ने हिंसक हमला कर दिया। इस दौरान कार्रवाई में लगी एक जेसीबी मशीन को आग के हवाले कर दिया गया। घटना में वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय लोगों सहित करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए, जिसके बाद मौके पर भारी पुलिस बल और एसएसबी की तैनाती की गई है।

यह घटना वाल्मीकिनगर वन क्षेत्र के ठाड़ी गांव के पास धनहिया इलाके में हुई, जहाँ वन विभाग की टीम प्रशासन और पुलिस के सहयोग से वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुँची थी। कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएँ मौके पर जमा हो गईं और उन्होंने वन विभाग की टीम को घेर लिया। विरोध जल्द ही हिंसक हो गया और आक्रोशित लोगों ने कार्रवाई में लगी जेसीबी मशीन में आग लगा दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और झड़प में कई लोग घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही बगहा पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार, एसडीपीओ निहार भूषण और एसएसबी के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल की मदद से स्थिति को नियंत्रित किया, लोगों को समझाकर शांत कराया और वन विभाग की टीम को सुरक्षित बाहर निकाला। पूरे इलाके में एहतियात के तौर पर भारी संख्या में पुलिस और वन कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।

एसडीपीओ निहार भूषण ने बताया कि पुलिस ने समय रहते हालात पर काबू पा लिया है और पूरे मामले की जाँच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वाले लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि वन भूमि से अवैध अतिक्रमण हटाने का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    18 hrs ago
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