फरियादियों की भीड़, अफसरों की जवाबदेही और सख्त चेतावनी: बारा समाधान दिवस बना प्रशासनिक कार्रवाई का बड़ा मंच* *बारा में प्रशासन का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन: जिलाधिकारी के तेवर तल्ख, उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार की सख्ती से अफसरों में मचा हड़कंप* *फरियादियों की भीड़, अफसरों की जवाबदेही और सख्त चेतावनी: बारा समाधान दिवस बना प्रशासनिक कार्रवाई का बड़ा मंच* बारा,प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल औपचारिक जनसुनवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और सख्त कार्यशैली का बड़ा संदेश बनकर सामने आया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार पूरे समय अग्रिम पंक्ति में सक्रिय रहीं। दोनों अधिकारियों ने एक-एक शिकायत की गंभीरता से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा और स्पष्ट कर दिया कि जनता की समस्याओं को फाइलों में दबाकर रखने की प्रवृत्ति अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच के आधार पर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता सामने आई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से निस्तारण के बाद फीडबैक लिया जाए, ताकि वास्तविक संतुष्टि सुनिश्चित हो सके। उधर उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार ने पूरे समाधान दिवस के दौरान राजस्व, वरासत, अवैध कब्जा, भूमि विवाद और अन्य लंबित मामलों की अलग-अलग समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाए जाएं और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाए। शिकायतों की सुनवाई के दौरान उन्होंने कई मामलों में मौके पर जांच के निर्देश देते हुए विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की। समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा उद्यमिता विकास केंद्र सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाए। इसी दौरान पोषण अभियान के अंतर्गत दो महिलाओं की गोदभराई तथा तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी सम्पन्न कराया गया। समाधान दिवस में कुल पाँच सौ उनतालीस शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें राजस्व विभाग की दो सौ बारह, पुलिस विभाग की एक सौ पचहत्तर, विकास विभाग की पचपन, विद्युत विभाग की तीस, खाद्य एवं रसद विभाग की पच्चीस, समाज कल्याण विभाग की दस, लोक निर्माण विभाग की दस, जल निगम की पाँच, सिंचाई विभाग की पाँच, वन विभाग की तीन, नलकूप विभाग की तीन, चिकित्सा विभाग की दो, शिक्षा विभाग की दो तथा कृषि विभाग की दो शिकायतें शामिल रहीं। इनमें से चौदह प्रकरणों का तत्काल मौके पर निस्तारण कर राहत प्रदान की गई, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटाने का सख्त निर्देश दिया गया। समाधान दिवस में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चंद्र यादव, अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) विजय शर्मा, उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे आयोजन में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी की सक्रियता, सख्त निर्देश और जनसमस्याओं के प्रति गंभीर रुख चर्चा का केंद्र बना रहा।
फरियादियों की भीड़, अफसरों की जवाबदेही और सख्त चेतावनी: बारा समाधान दिवस बना प्रशासनिक कार्रवाई का बड़ा मंच* *बारा में प्रशासन का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन: जिलाधिकारी के तेवर तल्ख, उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार की सख्ती से अफसरों में मचा हड़कंप* *फरियादियों की भीड़, अफसरों की जवाबदेही और सख्त चेतावनी: बारा समाधान दिवस बना प्रशासनिक कार्रवाई का बड़ा मंच* बारा,प्रयागराज। यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल औपचारिक जनसुनवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही और सख्त कार्यशैली का बड़ा संदेश बनकर सामने आया। जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार पूरे समय अग्रिम पंक्ति में सक्रिय रहीं। दोनों अधिकारियों ने एक-एक शिकायत की गंभीरता से समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों से जवाब मांगा और स्पष्ट कर दिया कि जनता की समस्याओं को फाइलों में दबाकर रखने की प्रवृत्ति अब किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। समाधान दिवस में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर जाकर निष्पक्ष जांच के आधार पर गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही, टालमटोल या उदासीनता सामने आई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से निस्तारण के बाद फीडबैक लिया जाए, ताकि वास्तविक संतुष्टि सुनिश्चित हो सके। उधर उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार ने पूरे समाधान दिवस के दौरान राजस्व, वरासत, अवैध कब्जा, भूमि विवाद और अन्य लंबित मामलों की अलग-अलग समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फरियादियों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगवाए जाएं और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण किया जाए। शिकायतों की सुनवाई के दौरान उन्होंने कई मामलों में मौके पर जांच के निर्देश देते हुए विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की। समाधान दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी ने तहसील परिसर में बेसिक शिक्षा विभाग, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग तथा उद्यमिता विकास केंद्र सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए अभियान चलाया जाए। इसी दौरान पोषण अभियान के अंतर्गत दो महिलाओं की गोदभराई तथा तीन बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी सम्पन्न कराया गया। समाधान दिवस में कुल पाँच सौ उनतालीस शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें राजस्व विभाग की दो सौ बारह, पुलिस विभाग की एक सौ पचहत्तर, विकास विभाग की पचपन, विद्युत विभाग की तीस, खाद्य एवं रसद विभाग की पच्चीस, समाज कल्याण विभाग की दस, लोक निर्माण विभाग की दस, जल निगम की पाँच, सिंचाई विभाग की पाँच, वन विभाग की तीन, नलकूप विभाग की तीन, चिकित्सा विभाग की दो, शिक्षा विभाग की दो तथा कृषि विभाग की दो शिकायतें शामिल रहीं। इनमें से चौदह प्रकरणों का तत्काल मौके पर निस्तारण कर राहत प्रदान की गई, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से निपटाने का सख्त निर्देश दिया गया। समाधान दिवस में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चंद्र यादव, अपर जिलाधिकारी (आपूर्ति) विजय शर्मा, उपजिलाधिकारी शिखा शंखवार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। पूरे आयोजन में जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी की सक्रियता, सख्त निर्देश और जनसमस्याओं के प्रति गंभीर रुख चर्चा का केंद्र बना रहा।
- सुजावन देव महादेव मंदिर में विधि-विधान से हुई श्री हनुमान जी की प्राण-प्रतिष्ठा प्रयागराज। सावन मास की पावन बेला में शनिवार, 1 अगस्त 2026 को ऐतिहासिक एवं आस्था के प्रमुख केंद्र श्री सुजावन देव महादेव मंदिर में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच श्री हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन एवं धार्मिक विधि-विधान के साथ हनुमान जी की प्रतिमा को मंदिर में स्थापित किया गया। प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन महंत राजीव गिरी जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। मंदिर के मुख्य पुजारी ज्ञानेंद्र गोस्वामी जी महाराज ने बताया कि समस्त भक्तों की उपस्थिति में विधि-विधान पूर्वक श्री हनुमान जी की मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा-अर्चना कर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विश्व कल्याण एवं जन-जन के सुख-समृद्धि की कामना की गई। भक्तों ने प्रार्थना की कि भगवान श्री हनुमान जी एवं सुजावन देव महादेव की कृपा समस्त जनपदवासियों पर सदैव बनी रहे और सभी के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का संचार हो। इस पावन अवसर पर विनोद गोस्वामी, ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार प्रजापति, घूरपुर के जितेंद्र केसरवानी, राजकुमार केसरवानी, प्रियंका केसरवानी एवं प्रयागराज से अंजन सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण और जय श्रीराम तथा हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहा।1
- रोजगार कार्यालय बना कुत्तों अड्डा।रोजगार कार्यालय में सो रहे कुत्ते कोई कर्मचारी मौजूद नहीं। प्रयागराज। प्रयागराज रोजगार कार्यालय में सो रहे कुत्ते कोई कर्मचारी मौजूद नहीं है । ऐसा प्रतीत होता है कि यहां पर कुत्तों का कब्जा है जो वीडियो में नजर आ रहा है।इस वायरल वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कोई भी कर्मचारी अथवा सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं है। रोजगार कार्यालय की बिगड़ती हुई व्यवस्था और लापरवाही की एक ताजा तस्वीर सामने आई है।1
- बारा तहसील परिसर में समाधान दिवस में डीएम-डीसीपी ने सुनी जनसमस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश बारा तहसील परिसर में समाधान दिवस में डीएम-डीसीपी ने सुनी जनसमस्याएं, समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश1
- बारा तहसील के अन्तर्गत पेट्रोल पंपों पर घट तौली व मिलावट का कारोबार जोरों पर फूल रहा इनके द्वारा लोगों के जेबो पर डाला जा रहा ढाका 150लीटर मे मात्र 300दिया जा रहा प्रयागराज, बारा तहसील क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप पर मिलावट और कम माप की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और किसानों का आरोप है कि यहां 150 लीटर डीजल/पेट्रोल लेने पर 300 मात्र दिया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खासकर खेती-किसानी के सीजन में ट्रैक्टर और ट्यूबवेल के लिए तेल लेने आए किसानों के साथ यह धांधली हो रही है। 5-10 लीटर में छोटी कटौती समझ नहीं आती, लेकिन बड़े पैमाने पर 150 लीटर में 300 मात्र दिया जा रहा सीधे जेब पर डाका है।लोगों का आरोप कम माप मीटर में गड़बड़ी कर कम तेल दिया जा रहा है मिलावट की आशंका तेल की क्वालिटी में भी फर्क महसूस हो रहा है, जिससे इंजन में दिक्कत आ रही है शिकायत पर अनसुनी कई बार शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती किसानों ने कहा महंगाई की मार पहले से है, ऊपर से पेट्रोल पंप वाले भी लूट रहे हैं। प्रशासन जांच करे और दोषियों पर कार्रवाई हो। प्रशासन से मांग स्थानीय लोगों ने बारा एसडीएम और आपूर्ति विभाग से मांग की है कि पेट्रोल पंप पर औचक जांच कराई जाए। माप तौल विभाग की टीम से मीटर और तेल की जांच होनी चाहिए। दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जाए। इस मामले में पेट्रोल पंप प्रबंधन का पक्ष नहीं मिल सका है। क्षेत्र में जांच की मांग तेज हो गई है।1
- सिरसा बाजार में सराफा की दुकान में लाखों की चोरी, पुलिस जांच में जुटी मेजा ,प्रयागराज। मेजा थाना क्षेत्र के सिरसा चौकी अंतर्गत सिरसा बाजार में आधी रात को चोरों ने स्व. दुर्गा प्रसाद सेठ "छोटे सेठ" की सराफा दुकान को निशाना बनाया। चोरों ने दुकान के पीछे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और लाखों रुपये का सामान चोरी कर ले गए। पीड़ित दुकानदार छोटे सेठ ने सुबह 10 बजे जब दुकान खोली तो अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा देखकर होश उड़ गए। चोरी गए सामान की कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह दुकान सिरसा पुलिस चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित है। इसके बावजूद चोरों ने बड़ी आसानी से घटना को अंजाम दिया। घटना की सूचना मिलते ही दुकानदार ने सिरसा चौकी में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। स्थानीय व्यापारियों ने बाजार में बढ़ रही चोरी की घटनाओं पर चिंता जताई है और रात में गश्त बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल मेजा पुलिस जांच में जुटी।1
- गुमराह लोगों को सही राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन हमें ही कठिन कार्य करना है। देश निरंतर आगे बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा। आप भी आगे बढ़े यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूँ। आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूँ। आइए हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाएँ। गुमराह लोगों को सही राह दिखाना कठिन होता है, लेकिन हमें ही कठिन कार्य करना है। देश निरंतर आगे बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा। आप भी आगे बढ़े यही मेरा सपना है। मैं आपके लिए जीता हूँ। आपके उज्जवल भविष्य के लिए खपता हूँ। आइए हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाएँ।1
- नाले में गिरी बच्ची की तलाश जारी, 26 घंटे बाद भी नहीं मिला मासूम का सुराग, वीडियो वायरल *नाले में गिरी बच्ची की तलाश जारी, 26 घंटे बाद भी नहीं मिला मासूम का सुराग, वीडियो वायरल* उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में बेहद दर्दनाक हासदा हो गया है,यहां वायरल वीडियो में एक मासूम बच्ची कथित तौर पर नाले में गिरती दिखाई देती है। इसके तुरंत बाद स्थानीय लोग बच्ची को बचाने के लिए दौड़ते नजर आते हैं, बताया जा रहा है की साठा इलाके की चारु नाम की बच्ची तेज बहाव में बह गई। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे तथा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। अभी तक मिली रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के 26 घंटे बाद भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है। फिलहाल प्रशासन की ओर से बचाव अभियान जारी है।1