सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकास खंड अंतर्गत कंपोजिट स्कूल महूरेशर में पिछले लगभग छह महीनों से शौचालय निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण विशेष रूप से छात्राओं को शौचालय के उपयोग में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में लंबे समय से निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है और कार्य की गति बेहद धीमी है, जिससे स्कूल का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों के अनुसार, छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इस लापरवाही के कारण उन्हें लगातार असुविधा झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई को लेकर भी स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी द्वारा अपेक्षित स्तर पर नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण परिसर में गंदगी बनी रहती है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए और स्कूल में नियमित सफाई की प्रभावी व्यवस्था की जाए। इस संबंध में यदि अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकास खंड अंतर्गत कंपोजिट स्कूल महूरेशर में पिछले लगभग छह महीनों से शौचालय निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण विशेष रूप से छात्राओं को शौचालय के उपयोग में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में लंबे समय से निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है और कार्य की गति बेहद धीमी है, जिससे स्कूल का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों के अनुसार, छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इस लापरवाही के कारण उन्हें लगातार असुविधा झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई को लेकर भी स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी द्वारा अपेक्षित स्तर पर नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण परिसर में गंदगी बनी रहती है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए और स्कूल में नियमित सफाई की प्रभावी व्यवस्था की जाए। इस संबंध में यदि अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज विकास खंड अंतर्गत कंपोजिट स्कूल महूरेशर में पिछले लगभग छह महीनों से शौचालय निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा न होने के कारण विशेष रूप से छात्राओं को शौचालय के उपयोग में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में लंबे समय से निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है और कार्य की गति बेहद धीमी है, जिससे स्कूल का वातावरण भी प्रभावित हो रहा है। अभिभावकों के अनुसार, छात्राओं के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इस लापरवाही के कारण उन्हें लगातार असुविधा झेलनी पड़ रही है। इसके अलावा, विद्यालय परिसर की साफ-सफाई को लेकर भी स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सफाईकर्मी द्वारा अपेक्षित स्तर पर नियमित सफाई नहीं की जा रही है, जिसके कारण परिसर में गंदगी बनी रहती है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि शौचालय का निर्माण कार्य प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए और स्कूल में नियमित सफाई की प्रभावी व्यवस्था की जाए। इस संबंध में यदि अधिकारियों का पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में भीम आर्मी के सांगठनिक पदाधिकारियों के संबंध में जानकारी सामने आई है। इसके अंतर्गत सत्यम को भीम आर्मी का तहसील मीडिया प्रभारी बताया गया है। वहीं, विरेन्द्र पासी को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य और मिर्जापुर मण्डल का मुख्य मण्डल प्रभारी नियुक्त किया गया है।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा में एक अकेली लड़की को देखकर पुलिस ने जो किया, उसने सबका दिल जीत लिया है।1
- चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचवनिया स्थित जल नियंत्रण संरचना (छलका) पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी दिन-रात लगातार जारी रहा। पचवनिया, ठेकहा, केराडीह, मनसापुर और गणेशपुर सहित आसपास के कई गांवों के किसान सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में निर्मित छलका को करीब डेढ़ फीट ऊंचा करने की एकसूत्रीय मांग पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि ऐसा करने से ही पचवनिया, मनसापुर, केराडीह और ठेकहा माइनरों में पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा और धान की समय पर रोपाई हो पाएगी। आंदोलनकारी किसानों का दावा है कि छलका की ऊंचाई कम होने से माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई ठप पड़ी है। धान की नर्सरी तैयार खड़ी है, लेकिन पानी के अभाव में रोपाई का कार्य लगातार पिछड़ता जा रहा है, जिससे फसल उत्पादन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि महीनों से चल रहा पुल निर्माण कार्य अब तक अधूरा है और नए निर्माण में छलका की ऊंचाई पहले से कम कर दी गई है। उन्होंने इस पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जांच की भी मांग उठाई है। इस धरने को उत्तर प्रदेश किसान सभा का समर्थन मिला है, जिसके जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट ने इसे किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से शीघ्र तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। आंदोलन के दौरान किसानों ने पहले दिन जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा था, जिसके बाद तीसरे दिन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने धरना स्थल पहुंचकर समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, किसान तकनीकी मानकों के अनुसार स्थाई समाधान पर अड़े हुए हैं। धरने में शंभूनाथ, लालमणि विश्वकर्मा, कन्हैया चौहान, सिपाही चौहान सहित ठेकहा के ग्राम प्रधान व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करते हुए चक्का जाम करने पर मजबूर होंगे।4
- चन्दौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र के पुरानाडीह ग्रामसभा स्थित कुंडा हीमैया में ग्रामीणों ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत बड़ी संख्या में पौधरोपण किया। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों ने हरित पर्यावरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस अवसर पर पहुंचे चकिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह ने ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में जहरीले जीव-जंतुओं से सतर्क रहने की सलाह दी। प्रभारी निरीक्षक ने विशेष रूप से अपील की कि सर्पदंश होने की स्थिति में झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें, बल्कि पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसका इलाज कराएं। इसके अलावा, उन्होंने जमीन पर सोने से बचने की भी सलाह दी। इस कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के रेंजर अखिलेश दुबे और ग्राम प्रधान ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।1
- सोनभद्र जिले में संक्रामक और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। जनपद में 1 जुलाई, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 जुलाई, 2026 से दस्तक अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, जनजागरूकता और मरीजों की पहचान का काम निरंतर किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष माइक्रोप्लान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सफाईकर्मियों, पंचायत सहायकों, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, हैंडपंपों की मरम्मत और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को गति दी है। संचारी अभियान के तहत अब तक जिले के 1,895 स्कूलों में जागरूकता रैलियां निकाली जा चुकी हैं, जबकि 257 गांवों में प्रभात फेरियां और 266 ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बैठकें आयोजित की गई हैं। इस अभियान के दौरान 1,172 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई की गई, 1,137 हैंडपंपों व 468 चबूतरों की मरम्मत की गई और 329 शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त, 640 ग्रामीण और 676 शहरी नालियों की सफाई के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के 60 वार्डों में फॉगिंग कराई गई है। सूकर पालकों को संवेदनशील बनाने के लिए 123 गोष्ठियां और 264 स्थानों पर कृतंक नियंत्रण संबंधी गोष्ठियों का आयोजन भी किया गया है। वहीं, दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार, मलेरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, डायरिया, कालाजार और खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच की जा रही है और मलेरिया पीड़ितों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले 137 और क्षय रोग के संभावित 95 मरीजों को चिन्हित कर आवश्यक जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।1
- सोनभद्र जिले के ओबरा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को अवैध गांजे के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 1 किलो 530 ग्राम अवैध गांजा और नकद बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान अभिषेक मिश्रा उर्फ शिवम (उम्र लगभग 20 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सोनभद्र के ओबरा थाना अंतर्गत संकट मोचन मंदिर सेक्टर-02 का निवासी है और मूल रूप से मध्य प्रदेश के सीधी जिले के अमिलिया थाना क्षेत्र के बघोर ग्राम का रहने वाला है। यह कार्रवाई सोनभद्र के पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक वर्मा द्वारा अपराध एवं मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई है। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री अनिल कुमार के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी ओबरा श्री प्रभात राय के कुशल पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक ओबरा श्री सदानन्द राय के नेतृत्व में पुलिस टीम 14 जुलाई 2026 की रात करीब 8:10 बजे क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान संकट मोचन मंदिर खैरटिया रोड पुलिया के पास संदिग्ध दिख रहे अभिषेक मिश्रा को रोककर जब नियमानुसार तलाशी ली गई, तो उसके पास मौजूद प्लास्टिक के झोले से यह अवैध गांजा बरामद हुआ। इस बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर ओबरा थाने में आरोपी के खिलाफ धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा अपराध संख्या 159/2026 पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक सुनील कुमार, मुख्य आरक्षी संतोष कुमार पटेल, मुख्य आरक्षी अनिल गुप्ता और रिक्रूट आरक्षी हर्ष सिंह चंदेल शामिल रहे।1