सोनभद्र जिले में संक्रामक और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। जनपद में 1 जुलाई, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 जुलाई, 2026 से दस्तक अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, जनजागरूकता और मरीजों की पहचान का काम निरंतर किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष माइक्रोप्लान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सफाईकर्मियों, पंचायत सहायकों, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, हैंडपंपों की मरम्मत और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को गति दी है। संचारी अभियान के तहत अब तक जिले के 1,895 स्कूलों में जागरूकता रैलियां निकाली जा चुकी हैं, जबकि 257 गांवों में प्रभात फेरियां और 266 ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बैठकें आयोजित की गई हैं। इस अभियान के दौरान 1,172 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई की गई, 1,137 हैंडपंपों व 468 चबूतरों की मरम्मत की गई और 329 शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त, 640 ग्रामीण और 676 शहरी नालियों की सफाई के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के 60 वार्डों में फॉगिंग कराई गई है। सूकर पालकों को संवेदनशील बनाने के लिए 123 गोष्ठियां और 264 स्थानों पर कृतंक नियंत्रण संबंधी गोष्ठियों का आयोजन भी किया गया है। वहीं, दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार, मलेरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, डायरिया, कालाजार और खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच की जा रही है और मलेरिया पीड़ितों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले 137 और क्षय रोग के संभावित 95 मरीजों को चिन्हित कर आवश्यक जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
सोनभद्र जिले में संक्रामक और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। जनपद में 1 जुलाई, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 जुलाई, 2026 से दस्तक अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, जनजागरूकता और मरीजों की पहचान का काम निरंतर किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष माइक्रोप्लान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सफाईकर्मियों, पंचायत सहायकों, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, हैंडपंपों की मरम्मत और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को गति दी है। संचारी अभियान के तहत अब तक जिले के 1,895 स्कूलों में जागरूकता रैलियां निकाली जा चुकी हैं, जबकि 257 गांवों में प्रभात फेरियां और 266 ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बैठकें आयोजित की गई हैं। इस अभियान के दौरान 1,172 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई की गई, 1,137 हैंडपंपों व 468 चबूतरों की मरम्मत की गई और 329 शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त, 640 ग्रामीण और 676 शहरी नालियों की सफाई के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के 60 वार्डों में फॉगिंग कराई गई है। सूकर पालकों को संवेदनशील बनाने के लिए 123 गोष्ठियां और 264 स्थानों पर कृतंक नियंत्रण संबंधी गोष्ठियों का आयोजन भी किया गया है। वहीं, दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार, मलेरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, डायरिया, कालाजार और खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच की जा रही है और मलेरिया पीड़ितों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले 137 और क्षय रोग के संभावित 95 मरीजों को चिन्हित कर आवश्यक जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
- सोनभद्र जिले में संक्रामक और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी श्री चर्चित गौड़ के निर्देशन में संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। जनपद में 1 जुलाई, 2026 से संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 जुलाई, 2026 से दस्तक अभियान को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर साफ-सफाई, जनजागरूकता और मरीजों की पहचान का काम निरंतर किया जा रहा है। जिलाधिकारी के निर्देश पर उच्च जोखिम वाले गांवों में विशेष माइक्रोप्लान के तहत स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें सफाईकर्मियों, पंचायत सहायकों, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर झाड़ियों की कटाई, नालियों की सफाई, हैंडपंपों की मरम्मत और शौचालय निर्माण जैसे कार्यों को गति दी है। संचारी अभियान के तहत अब तक जिले के 1,895 स्कूलों में जागरूकता रैलियां निकाली जा चुकी हैं, जबकि 257 गांवों में प्रभात फेरियां और 266 ग्राम सभाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बैठकें आयोजित की गई हैं। इस अभियान के दौरान 1,172 स्थानों पर झाड़ियों की कटाई की गई, 1,137 हैंडपंपों व 468 चबूतरों की मरम्मत की गई और 329 शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त, 640 ग्रामीण और 676 शहरी नालियों की सफाई के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों के 60 वार्डों में फॉगिंग कराई गई है। सूकर पालकों को संवेदनशील बनाने के लिए 123 गोष्ठियां और 264 स्थानों पर कृतंक नियंत्रण संबंधी गोष्ठियों का आयोजन भी किया गया है। वहीं, दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर बुखार, मलेरिया, कुष्ठ, क्षय रोग, डायरिया, कालाजार और खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले मरीजों की पहचान कर रही हैं। संदिग्ध मरीजों की आरडीटी किट से जांच की जा रही है और मलेरिया पीड़ितों का समय पर इलाज सुनिश्चित किया जा रहा है। अब तक खांसी-जुकाम के लक्षणों वाले 137 और क्षय रोग के संभावित 95 मरीजों को चिन्हित कर आवश्यक जांच व उपचार के लिए स्वास्थ्य केंद्रों में भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों के आसपास सफाई रखें, पानी जमा न होने दें और बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज में केवल 50 मीटर आगे तक ही पाइपलाइन बिछाई गई है और इसके बाद का हिस्सा ऐसे ही छोड़ दिया गया है। इस वजह से यहाँ घरों में पानी का कोई भी कनेक्शन नहीं आ रहा है। स्थानीय निवासी ने पानी की ज़रूरत बताते हुए यहाँ भी आगे पाइपलाइन बिछाने की माँग की है ताकि पानी का कनेक्शन मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के ओबरा में एक अकेली लड़की को देखकर पुलिस ने जो किया, उसने सबका दिल जीत लिया है।1
- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में मशीन खराब होने की वजह से सहकारी खाद केंद्रों पर कई दिनों से खाद का वितरण ठप पड़ा है। खाद न मिलने से परेशान किसान रोजाना केंद्रों के चक्कर लगा रहे हैं और उन्हें खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर सपा नेताओं ने प्रदर्शन किया और प्रशासन पर लापरवाही बरतने के साथ-साथ खाद की कालाबाजारी की आशंका जाहिर की है। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर व्यवस्था को बहाल नहीं किया गया तो वे आंदोलन शुरू कर देंगे।1
- चंदौली जिले के चकिया क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पचवनिया स्थित जल नियंत्रण संरचना (छलका) पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना तीसरे दिन भी दिन-रात लगातार जारी रहा। पचवनिया, ठेकहा, केराडीह, मनसापुर और गणेशपुर सहित आसपास के कई गांवों के किसान सिंचाई विभाग द्वारा हाल ही में निर्मित छलका को करीब डेढ़ फीट ऊंचा करने की एकसूत्रीय मांग पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि ऐसा करने से ही पचवनिया, मनसापुर, केराडीह और ठेकहा माइनरों में पर्याप्त पानी पहुंच सकेगा और धान की समय पर रोपाई हो पाएगी। आंदोलनकारी किसानों का दावा है कि छलका की ऊंचाई कम होने से माइनरों में पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे हजारों एकड़ कृषि भूमि में सिंचाई ठप पड़ी है। धान की नर्सरी तैयार खड़ी है, लेकिन पानी के अभाव में रोपाई का कार्य लगातार पिछड़ता जा रहा है, जिससे फसल उत्पादन पर गंभीर संकट मंडरा रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि महीनों से चल रहा पुल निर्माण कार्य अब तक अधूरा है और नए निर्माण में छलका की ऊंचाई पहले से कम कर दी गई है। उन्होंने इस पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी मानकों और गुणवत्ता की जांच की भी मांग उठाई है। इस धरने को उत्तर प्रदेश किसान सभा का समर्थन मिला है, जिसके जिला मंत्री लालचंद सिंह एडवोकेट ने इसे किसानों की आजीविका से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए प्रशासन से शीघ्र तकनीकी निरीक्षण कराने की मांग की है। आंदोलन के दौरान किसानों ने पहले दिन जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा था, जिसके बाद तीसरे दिन मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने धरना स्थल पहुंचकर समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, किसान तकनीकी मानकों के अनुसार स्थाई समाधान पर अड़े हुए हैं। धरने में शंभूनाथ, लालमणि विश्वकर्मा, कन्हैया चौहान, सिपाही चौहान सहित ठेकहा के ग्राम प्रधान व भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समय रहते समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन तेज करते हुए चक्का जाम करने पर मजबूर होंगे।4
- चन्दौली के चकिया कोतवाली क्षेत्र के पुरानाडीह ग्रामसभा स्थित कुंडा हीमैया में ग्रामीणों ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत बड़ी संख्या में पौधरोपण किया। इस अभियान के माध्यम से ग्रामीणों ने हरित पर्यावरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया। इस अवसर पर पहुंचे चकिया कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह ने ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में जहरीले जीव-जंतुओं से सतर्क रहने की सलाह दी। प्रभारी निरीक्षक ने विशेष रूप से अपील की कि सर्पदंश होने की स्थिति में झाड़-फूंक में समय बर्बाद न करें, बल्कि पीड़ित को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उसका इलाज कराएं। इसके अलावा, उन्होंने जमीन पर सोने से बचने की भी सलाह दी। इस कार्यक्रम के दौरान वन विभाग के रेंजर अखिलेश दुबे और ग्राम प्रधान ओमप्रकाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे।1
- सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज में स्थानीय लोगों ने अपने आने-जाने के लिए एक नाले के ऊपर खुद से पुल और कच्ची सड़क का निर्माण करवाया है। यहाँ पर कोई भी सड़क मौजूद नहीं है, जिसके कारण लोगों को खुद ही यह कदम उठाना पड़ा। लोगों ने अपील की है कि इस स्थान पर सड़क का निर्माण कराया जाए क्योंकि यहाँ कोई भी सड़क नहीं है।2
- सोनभद्र जिले की घोरावल तहसील के ग्राम पंचायत भैसवार में भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति का धरना प्रदर्शन 421वें दिन में पहुंच गया है। इस धरने का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के जिला सचिव संजय कुमार यादव कर रहे हैं।2