गोरई थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह के दौरान दूल्हे ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यह घटना 11 मार्च की रात को हुई, जिसके बाद गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। जानकारी के अनुसार, गांव कूबरा में मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र के मीरपुर निवासी करण सिंह पुत्र जोधराज सिंह की बारात आई थी। देर रात बारात दुल्हन के दरवाजे तक पहुंची और बारौठी की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हा घोड़ी से उतरकर चौकी पर बैठा था, तभी अचानक उठकर भाग गया। ग्रामीणों के मुताबिक, लहंगा, चुनरी और तस्वीर को लेकर दूल्हा-दुल्हन पक्ष में मामूली कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दूल्हा बिफर गया। इस घटना के बाद कई घंटों तक हंगामा चलता रहा। गुरुवार को दूल्हा पक्ष ने शादी का खर्च आदि देकर संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में आपसी समझौता कर लिया। समझौते के बाद दुल्हन ने भी शादी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, गांव में यह चर्चा बनी रही कि दूल्हे का पहले से किसी अन्य लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके चलते उसने शादी से इनकार किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस संबंध में थाना प्रभारी ज्योति श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
गोरई थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह के दौरान दूल्हे ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यह घटना 11 मार्च की रात को हुई, जिसके बाद गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। जानकारी के अनुसार, गांव कूबरा में मथुरा जिले के सुरीर थाना
क्षेत्र के मीरपुर निवासी करण सिंह पुत्र जोधराज सिंह की बारात आई थी। देर रात बारात दुल्हन के दरवाजे तक पहुंची और बारौठी की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हा घोड़ी से उतरकर चौकी पर बैठा था, तभी अचानक उठकर भाग गया। ग्रामीणों के मुताबिक, लहंगा, चुनरी और तस्वीर को लेकर दूल्हा-दुल्हन पक्ष में मामूली कहासुनी
हुई थी, जिसके बाद दूल्हा बिफर गया। इस घटना के बाद कई घंटों तक हंगामा चलता रहा। गुरुवार को दूल्हा पक्ष ने शादी का खर्च आदि देकर संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में आपसी समझौता कर लिया। समझौते के बाद दुल्हन ने भी शादी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, गांव में यह चर्चा बनी रही कि
दूल्हे का पहले से किसी अन्य लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके चलते उसने शादी से इनकार किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस संबंध में थाना प्रभारी ज्योति श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।
- गोरई थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह के दौरान दूल्हे ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यह घटना 11 मार्च की रात को हुई, जिसके बाद गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। जानकारी के अनुसार, गांव कूबरा में मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र के मीरपुर निवासी करण सिंह पुत्र जोधराज सिंह की बारात आई थी। देर रात बारात दुल्हन के दरवाजे तक पहुंची और बारौठी की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हा घोड़ी से उतरकर चौकी पर बैठा था, तभी अचानक उठकर भाग गया। ग्रामीणों के मुताबिक, लहंगा, चुनरी और तस्वीर को लेकर दूल्हा-दुल्हन पक्ष में मामूली कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दूल्हा बिफर गया। इस घटना के बाद कई घंटों तक हंगामा चलता रहा। गुरुवार को दूल्हा पक्ष ने शादी का खर्च आदि देकर संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में आपसी समझौता कर लिया। समझौते के बाद दुल्हन ने भी शादी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, गांव में यह चर्चा बनी रही कि दूल्हे का पहले से किसी अन्य लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके चलते उसने शादी से इनकार किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस संबंध में थाना प्रभारी ज्योति श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।1
- गोरई थाना क्षेत्र के एक गांव में शादी समारोह के दौरान दूल्हे ने अचानक शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद बारात बिना दुल्हन के ही लौट गई। यह घटना 11 मार्च की रात को हुई, जिसके बाद गुरुवार को दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। जानकारी के अनुसार, गांव कूबरा में मथुरा जिले के सुरीर थाना क्षेत्र के मीरपुर निवासी करण सिंह पुत्र जोधराज सिंह की बारात आई थी। देर रात बारात दुल्हन के दरवाजे तक पहुंची और बारौठी की रस्म चल रही थी। इसी दौरान दूल्हा घोड़ी से उतरकर चौकी पर बैठा था, तभी अचानक उठकर भाग गया। ग्रामीणों के मुताबिक, लहंगा, चुनरी और तस्वीर को लेकर दूल्हा-दुल्हन पक्ष में मामूली कहासुनी हुई थी, जिसके बाद दूल्हा बिफर गया। इस घटना के बाद कई घंटों तक हंगामा चलता रहा। गुरुवार को दूल्हा पक्ष ने शादी का खर्च आदि देकर संभ्रांत व्यक्तियों की मौजूदगी में आपसी समझौता कर लिया। समझौते के बाद दुल्हन ने भी शादी करने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, गांव में यह चर्चा बनी रही कि दूल्हे का पहले से किसी अन्य लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसके चलते उसने शादी से इनकार किया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस संबंध में थाना प्रभारी ज्योति श्रीवास्तव ने बताया कि अभी तक दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।4
- हाथरस में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जनपद न्यायालय परिसर सहित कई स्थानों पर विशेष शिविर लगाए गए, जहां बड़ी संख्या में वादकारी अपने मामलों के निस्तारण के लिए पहुंचे। इस दौरान बैंक, बिजली, जल बिल, वैवाहिक, राजस्व और सिविल मामलों का आपसी सहमति से समाधान कराया गया। वहीं लघु आपराधिक मामलों में अर्थदंड लगाकर निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लोगों को त्वरित, सस्ता और सुलभ न्याय मिला।1
- हाथरस। आज दिनाँक 14.03.2026 दिन (शनिवार) को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, जनपद न्यायाधीश, हाथरस, विनय कुमार की अध्यक्षता में दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस अवसर पर जनपद न्यायालय हाथरस के समस्त न्यायिक अधिकारीगण, जिला बार ऐसोसियेशन के अधिवक्तागण, बैंक अधिकारी/कर्मचारी, वादकारीगण, कर्मचारीगण एवं पत्रकार बन्धु उपस्थित रहे। वर्तमान वर्ष की इस प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकृति के कुल 70970 वादों का निस्तारण किया गया, जिसमंे 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वाद का निस्तारण कर 15154000/-रूपये प्रतिकर के रूप में दिलाये गये, 68 सिविल वादों, 17 पारिवारिक वाद, 580 विद्युत अधिनियम के वाद, 07 धारा 138 एनआई एक्ट के वाद, 33507 राजस्व वाद, 09 वाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग एवं 6731 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु0 569000/-रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेेशन स्तर पर बैंक के कुल 22501 मामलों का निस्तारण कर मु0 110533387/रू0 में समझौता दाखिल किया गया व विद्युत के 7530 के मामले एवं 04 वादों का निस्तारण स्थायी लोक अदालत, हाथरस के माध्यम से किया गया। जनपद न्यायाधीश, हाथरस विनय कुमार, के न्यायालय से 05 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 39500/रूपये अर्थदण्ड के रूप मंे वसूल किये गये। प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय हाथरस बाबूराम, के न्यायालय से कुल 17 पारिवारिक वादों का निस्तारण किया गया। जिनमें 09 जोडे़ साथ-साथ राजी खुशी से अपने घर गये। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण, मीनू शर्मा, के न्यायालय से 16 मोटर दुर्घटना प्रतिकर के वादों का निस्तारण कर 15154000/रू0 प्रतिकर के रूप में दिलाये गये। अध्यक्ष, स्थायी लोक अदालत हाथरस राजेश कुमार, के न्यायालय से 04 वादों का निस्तारण किया गया। अध्यक्ष, जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, हाथरस राकेश कुमार-चतुर्थ, के न्यायालय से 09 वादों का निस्तारण कर 5434109/रूपये दिलाये गये। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-1, महेन्द्र श्रीवास्तव के न्यायालय से 02 सिविल वादों एवं 02 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1000/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। विशेष न्यायाधीश (एस.सी./एस.टी. अधि.) संगीता शर्मा के न्यायालय से 03 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 1000/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। विशेष न्यायाधीश, पोक्सो अधिनियम कोर्ट सं0-01, हाथरस चित्रा शर्मा, के न्यायालय से 07 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 3500/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-3 हाथरस हर्ष अग्रवाल, के न्यायालय से 03 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 1500/रूपये अर्थदण्ड के रूप मंे वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-4, निर्भय नारायण राय, के न्यायालय से 01 सिविल वाद एवं 01 फौजदारी वाद का निस्तारण कर 500/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-5, विजय कुमार के न्यायालय से 01 सिविल वाद एवं 580 विद्युत अधिनियम के वादों का निस्तारण किया गया। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-6, शैलेन्द्र सिंह उपस्थित रहे। अपर जनपद न्यायाधीश, कक्ष संख्या-2, माधवी सिंह के न्यायालय से उपस्थित रहीं। अपर जनपद न्यायाधीश, एफटीसी, कोर्ट संख्या-1 हाथरस, महेन्द्र रावत, के न्यायालय से 02 फौजदारी वादों का निस्तारण कर 11000/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर जनपद न्यायाधीश, एफटीसी, कोर्ट संख्या-2 हाथरस, प्रशान्त कुमार, के न्यायालय से 01 सिविल वाद का निस्तारण किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस, जयहिन्द कुमार सिंह, के न्यायालय से 01 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट व 2679 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 371040/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। सिविल जज (वप्र), हाथरस, आकांक्षा गर्ग, के न्यायालय से 37 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस, दीपकनाथ सरस्वती, के न्यायालय से 2176 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु0 42280/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। सिविल जज (कप्र), हाथरस, हर्षिका रस्तोगी, के न्यायालय से 15 सिविल वादों का निस्तारण किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट, हाथरस, खुशबू चन्द्रा, के न्यायालय से 05 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट एवं 500 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 57020/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सादाबाद, आशीष थिरानियाॅ, के न्यायालय से 325 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर मु0 3000/-रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये सिविल जज (कप्र)/न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिकन्द्राराऊ, दीपा सैनी, के न्यायालय से 07 सिविल वादों एवं 806 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 9020/रु0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। न्यायिक मजिस्ट्रेट, सादाबाद, आॅचल चन्देल के न्यायालय से 04 सिविल वादों व 01 वाद धारा 138 एन.आई. एक्ट एवं 212 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण कर 17640/रू0 अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये गये। अपर सिविल जज (कप्र), हाथरस, शिव कुमार यादव, के न्यायालय से 10 लघुआपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी, हाथरस के न्यायालय से 1924 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी, सादाबाद के न्यायालय से 472 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी, सिकन्द्राराऊ के न्यायालय से 1106 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। उपजिलाधिकारी, सासनी के न्यायालय से 1116 लघु आपराधिक वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार, हाथरस के न्यायालय से 5867 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार, सासनी के न्यायालय से 5442 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार, सादाबाद के न्यायालय से 4719 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। तहसीलदार, सि0राऊ, के न्यायालय से 5673 राजस्व वादों एवं अन्य मामलों का निस्तारण किया गया। ए.आई.जी. स्टाम्प, हाथरस के न्यायालय से 12 वादों का निस्तारण किया गया । जिला पंचायत राज अधिकारी, हाथरस के कार्यालय से 1275 मामलों का निस्तारण किया गया। जिला समाज कल्याण अधिकारी, हाथरस के कार्यालय से 1588 मामलों का निस्तारण किया गया। जिला पूर्ति अधिकारी के यहाॅ से 1890 मामलों का निस्तारण किया गया। नगर निकाय हाथरस के यहाॅ से 485 मामलों का निस्तारण किया गया। उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी, हाथरस के यहाॅ से 1938 मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त प्रिलिटीगेशन स्तर पर बैंकों के ऋण सम्बन्धी 551 मामलों का निस्तारण कर 110533387/रूपये अर्थदण्ड के रूप में वसूल किये एवं 21950 अन्य बैंक मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अतिरिक्त विद्युत विभागों के प्रिलिटीगेशन स्तर के 7530 मामलों का निस्तारण किया गया। इस राष्ट्रीय लोक अदालत के अन्त में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस की सचिव, अनु चौधरी द्वारा सभी उपस्थित महानुभावों का आभार व्यक्त किया गया। दिनाँकः 14.03.2026 Sd/- ( अनु चौधरी) सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस। परिवार न्यायालय, हाथरस से साथ-साथ रहने गये जोडे:- 1-रोशनी - इमरान 2- चाॅदनी - आरिफ 3-अनीता - मौहर सिंह 4-विक्रम प्रिया - देवेश4
- प्रेमी ने प्रेमिका की हत्या कर स्वयं भी ट्रेन के आगे कूद कर दी जान अकराबाद क्षेत्र के नगला पूसा की घटना1
- *प्रेस रिलीज* आज कैथल में किसान यूनियन के दफ्तर में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की जिला कार्यकारिणी की बैठक जिला अध्यक्ष शमशेर कुंडू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य तौर पर प्रदेश संयोजक होशियार सिंह गिल, प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़, प्रदेश सलाहकार जसविंदर ढुल, प्रदेश उपाध्यक्ष भाना राम सेगा,परदेश उपाध्यक्ष शेरा बेनीवाल, संदीप जाटान, वकील कमालपुर, दीपक मलिक, सुखदेव सिंह, प्रेम हरसौला, लीला तितरम, सुरेंदर भंगू, रामेश्वर आजाद, रमेश खरेटा, गुरुदेव सिसला, बीरा कुंडू, जसबीर नायडू आदि उपस्थित रहे। प्रदेश संयोजक होशियार सिंह गिल ने कहा कि MSP गारंटी कानून बनवाने, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से खेती, डेयरी एवम पोल्ट्री सेक्टरों को बाहर रखने समेत 8 मांगों पर दिल्ली के रामलीला मैदान में 19 मार्च को आयोजित किसान पंचायत में जिले के किसान बड़ी संख्या में भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि अमेरिका के फैंसले भारत के ऊपर जबरदस्ती थोपने का प्रयास किया जा रहा है जिसे भारत का किसान कतई बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका कौन होता है हमें ये बताने वाला कि हमें किस देश से तेल खरीदना है और किस से नहीं खरीदना है? उन्होंने कहा कि भारत को आर्थिक तौर पर गुलाम बनाने का प्रयास किया जा रहा है जिसके खिलाफ सभी देशवासियों को आवाज़ उठानी चाहिए। जिला प्रधान शमशेर तितरम ने कहा कि सरकार को पोर्टल पर किसानों द्वारा कराए गए रजिस्ट्रेशन को समय पर वेरीफाई करना चाहिए ताकि मंडियों में फसल लाते समय किसानों को बेवजह की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में बॉयोमेट्रिक व्यवस्था के सम्बन्ध में किसानों को आने वाली समस्याओं का समाधान कराने की तरफ सरकार को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश में सरसों कटनी शुरू हो गयी है इसलिए सरकार को जल्द से जल्द सरकारी खरीद शुरू करने के आदेश जारी करने चाहिए एवम सरसों खरीद में प्रति एकड़ के अनुसार कैपिंग नहीं लगाई जानी चाहिए। सधन्यवाद तरसेम लालर जिला सचिव भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर3
- अलीगढ़ में दो गुटों में वर्चस्व की लड़ाई को लेकर की फायरिंग करने वालों की सुने कहानी1
- अलीगढ हिंदू नाबालिग बच्ची को बहला फुसलाकर ले जाने के मामले में मुस्लिम व्यक्ति के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर थाने पहुँचे बजरंगदल कार्यकर्त्ता।1