प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। सभी ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में नोत कार्यक्रम के बाद हुए भोज में खाना खाया था। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान रात में दाल-बाटी बनाई गई थी। अगले दिन दोपहर में परिवार के सदस्यों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, ने वही भोजन खाया। भोजन करने के लगभग एक से दो घंटे के भीतर सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बीमार पड़ने वालों में पांच बच्चे उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अतिरिक्त जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए।घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में जांच के लिए भेजी टीम जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने बताया कि सभी बच्चों का उपचार जारी है और डॉक्टरों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है। जिस गांव से बच्चे आए हैं, वहां एक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। पूरी घटना की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल, सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है।
प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। सभी ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में नोत कार्यक्रम के बाद हुए भोज में खाना खाया था। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान रात में दाल-बाटी बनाई गई थी। अगले दिन दोपहर में परिवार के सदस्यों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, ने वही भोजन खाया। भोजन करने के लगभग एक से दो घंटे के भीतर सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बीमार पड़ने वालों में पांच बच्चे उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अतिरिक्त जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए।घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में जांच के लिए भेजी टीम जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने बताया कि सभी बच्चों का उपचार जारी है और डॉक्टरों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है। जिस गांव से बच्चे आए हैं, वहां एक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। पूरी घटना की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल, सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है।
- Post by Raj Raj1
- प्रतापगढ़ जिले के देवगढ़ क्षेत्र में शुक्रवार शाम एक ही परिवार के सात लोग खाना खाने के बाद बीमार पड़ गए। सभी ने खुट्टगढ़ गांव के आडावेला पाड़ा में नोत कार्यक्रम के बाद हुए भोज में खाना खाया था। जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान रात में दाल-बाटी बनाई गई थी। अगले दिन दोपहर में परिवार के सदस्यों, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, ने वही भोजन खाया। भोजन करने के लगभग एक से दो घंटे के भीतर सभी को उल्टी और दस्त की शिकायत होने लगी। बीमार पड़ने वालों में पांच बच्चे उदयलाल (5 वर्ष), संजू (7 वर्ष), शिल्पा (5 वर्ष), अनुष्का (3 वर्ष) और रामलाल (5 वर्ष) शामिल हैं। इनके अतिरिक्त जमकू (56 वर्ष) और सूरज (25 वर्ष) भी प्रभावित हुए।घटना की सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस की मदद से सभी मरीजों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। गांव में जांच के लिए भेजी टीम जिला अस्पताल के पीएमओ आलोक यादव ने बताया कि सभी बच्चों का उपचार जारी है और डॉक्टरों को सक्रिय कर दिया गया है। सभी बच्चों की हालत सामान्य है। जिस गांव से बच्चे आए हैं, वहां एक टीम भेजने की तैयारी की जा रही है। पूरी घटना की जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ पाएगी। फिलहाल, सभी मरीजों की स्थिति स्थिर है।1
- हेलो दोस्तों बने रहिए हमारे शुरू है पर जिस पर हम बता रहे हैं आपको गर्मी के मौसम में राजस्थान के अंदर किस तरह के खेत की जाती है इस प्रकार नहीं की जाती है यहां पर क्या-क्या खेती होती है और एक खेती कब से कब तक होती है इसके बारे में बताइए लेकिन जरा इस वीडियो में भी आप देख सकते हैं1
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- गेहूं की सैंपलिंग और गुणवत्ता जांच (FAQ) के विषय में किसान भाइयों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है, जिससे कि समर्थन मूल्य पर अपनी फसल बेचते किसान भाइयों को कोई परेशानी ना हो। जब भी किसान भाई ट्रॉली लेकर खरीदी केंद्र पर जाता है, तो गेहूं का सैंपल लिया जाता है जिसकी प्रक्रिया निम्नानुसार होती है 🔹 सैंपलिंग कैसे होती है: • ट्रॉली/ढेर की लगभग 6 अलग-अलग जगह से अनाज लिया जाता है • कुल मिलाकर लगभग 2 किलो का नमूना बनाया जाता है • इस नमूने को अच्छी तरह मिक्स (shuffle) करके लगभग 500 ग्राम किया जाता है — फिर उसी 500 ग्राम नमूने से जांच इस प्रकार होती है: 1️⃣ विजातीय तत्व (मिट्टी, कंकड़, भूसा आदि) → अलग करके तौले जाते हैं → 0.75% से कम होना चाहिए 2️⃣ अन्य खाद्यान्न (चना, जौ आदि) → दोबारा shuffle कर 50 ग्राम नमूना लिया जाता है → इसमें अन्य अनाज 2% से कम होना चाहिए 3️⃣ क्षतिग्रस्त/काले दाने → 2% से कम होना चाहिए 4️⃣ हल्के क्षतिग्रस्त दाने → 4% से कम होना चाहिए 5️⃣ सिकुड़े, टूटे या कच्चे दाने → कुल मिलाकर 6% से कम होना चाहिए 6️⃣ नमी (Moisture) → 12% से 14% तक स्वीकार्य होती है — 📌 निष्कर्ष: अगर आपका गेहूं ऊपर बताए गए सभी मानकों के अंदर है, तो सामान्य स्थिति में आपके गेहूं को रिजेक्ट नहीं किया जा सकता और वह FAQ (मानक गुणवत्ता) माना जाएगा। *#kisan #jilapanchayat #bjpindia #jilapanchayatadhyaksh #FAQ*1
- Post by दीपक बागड़ीया1
- गांव अचारी पोस्ट सुबी तहसील छोटी सादड़ी जिला प्रतापगढ़ राजस्थान 9660737539 90790081071
- Post by Parmeshvar redash1