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चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र में भारी बवाल की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी की घटना से पूरा इलाका दहल गया है, जिससे वहां तनाव व्याप्त हो गया है।
Abhay TV News
चित्रकूट के मऊ थाना क्षेत्र में भारी बवाल की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इस क्षेत्र में हुई पत्थरबाजी की घटना से पूरा इलाका दहल गया है, जिससे वहां तनाव व्याप्त हो गया है।
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- Post by Pintu Dubey2
- जनपद चित्रकूट में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन "इको टूरिज्म आधारित थीम पार्क" का जिलाधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरे के दौरान, जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति का गहन अवलोकन किया। यह परियोजना ₹1176.97 लाख की स्वीकृत लागत से एक कार्यदायी संस्था द्वारा विकसित की जा रही है। इसका निर्माण कार्य सितंबर 2025 में शुरू होकर मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस थीम पार्क में इको लॉज, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, नेचर ट्रेल, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, एम्फीथिएटर, पार्किंग, हॉर्टिकल्चर, सोलर लाइटिंग, एडवेंचर गेम्स, बाह्य विद्युतीकरण, जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्रीवाल और टॉयलेट ब्लॉक सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन अवसंरचनाओं का विकास शामिल है। निरीक्षण के उपरांत, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के सभी कार्यों में अपेक्षित गति लाई जाए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने, निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने, निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करने पर विशेष जोर दिया। इसके जवाब में, कार्यदायी संस्था ने जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सभी आवश्यक कार्रवाइयों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की अतर्रा तहसील के राजस्व ग्राम सिमरिया जदीद में नाली और चकमार्ग संख्या 161 व 162 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी बांदा से की है, जिसमें उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल की रिपोर्ट में गंभीर विरोधाभास हैं। रिपोर्ट में कहीं श्यामार का पेड़ दर्शाया गया है तो कहीं कहुवा का पेड़, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण भूमाफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर लेखपाल को किसका संरक्षण मिल रहा है और शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक खामोश क्यों है। शिकायतकर्ता जानना चाहता है कि क्या जिलाधिकारी बांदा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे, या फिर भूमाफियाओं का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा। इस घटना से बांदा में भूमाफियाओं का खेल बेनकाब होने और लेखपाल की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठने के साथ ही, जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले अंतर्गत बबेरू थाना क्षेत्र के रयान गांव में एक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जान लेने की कोशिश की है।1
- कानपुर स्थित ओंकारेश्वर इंटर कॉलेज में शिक्षा भारतीय संस्कृति पद्धति के अनुसार प्रदान की जाती है। यह जानकारी बबेरू/कानपुर से प्राप्त हुई है, जिसमें कॉलेज के विशेष शैक्षिक दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया है।4
- सतना जिले के जैतवार से खुतहा जाने वाले मार्ग पर आज सुबह एक बार फिर हादसा हो गया, जहां सड़क पर बने गड्ढों के कारण एक युवक ट्रैक्टर से टकरा गया। दूध लेकर सतना जा रहे एक युवक की टक्कर ईंट लादकर आ रहे एक ट्रैक्टर से हो गई। यह हादसा तब हुआ जब युवक सड़क पर बने एक गड्ढे से बचने की कोशिश कर रहा था और इसी दौरान ट्रैक्टर ने उसे धक्का मार दिया। टक्कर के बाद युवक अपने दोपहिया वाहन समेत सड़क किनारे गिर गया, जिससे उसका सारा दूध सड़क पर बिखर गया। गनीमत रही कि इस दुर्घटना में युवक को कोई शारीरिक हानि नहीं हुई, हालांकि उसका पूरा दूध बर्बाद हो गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जैतवार-खुतहा मार्ग की हालत इतनी खराब है कि यहां लगभग हर दिन कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है।1
- चित्रकूट जनपद के कर्वी कोतवाली अंतर्गत लोढ़वारा गांव में बहुओं के झगड़े में बीचबचाव करने पर एक महिला को पड़ोसी युवती ने कथित तौर पर पीट दिया। पीड़ित महिला, मुन्नी पत्नी हामिद खान, आज शनिवार सुबह करीब 11 बजे कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाली पहुंची हैं। मुन्नी ने बताया कि उनकी दोनों बहुएं गुलबसा और सहजादुल बच्चों को लेकर आपस में झगड़ा कर रही थीं। जब मुन्नी ने उन्हें झगड़ा करने से मना किया, तो उनकी पड़ोसी युवती सहाना ने उन पर हमला कर दिया और डंडे से उनके सिर पर वार किया। घायल मुन्नी ने इस मारपीट को लेकर पुलिस में तहरीर दी है और आरोपी युवती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- चित्रकूट पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय व क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली के पर्यवेक्षण में एक बड़े आपराधिक षड़यंत्र का पर्दाफाश किया है। मऊ थाना प्रभारी निरीक्षक श्री श्रीप्रकाश यादव के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी खण्डेहा उ0नि0 श्री राहुल पाण्डेय और उनकी टीम ने झूठे अपहरण की कहानी रचने वाले मुख्य आरोपी धीरेन्द्र सिंह पटेल को गिरफ्तार किया है। धीरेन्द्र सिंह पटेल पुत्र बदीप्रसाद निवासी लवेद, थाना मऊ, जनपद चित्रकूट को चन्दई तिराहा से 24 जून 2026 को सुबह 10:53 बजे पकड़ा गया। धीरेन्द्र सिंह पटेल ने पहले मऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 जून 2026 की शाम को जब वह अपनी पत्नी छाया, बच्चे और साले कविराज के साथ एक व्यक्ति से मिलकर वापस लौट रहा था, तो खपटिहा मोड़ के पास दो दोपहिया और एक चार पहिया वाहन में सवार अवधेश, शंकर, शंकर के छोटे भाई और कुछ अन्य महिला-पुरुषों ने उन्हें रोका। उसने आरोप लगाया था कि उन लोगों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट और गाली-गलौज की, जिससे उसे और उसकी पत्नी को चोटें आईं। शिकायतकर्ता के अनुसार, मारपीट के दौरान उसके साले कविराज का अपहरण कर लिया गया और उसकी पत्नी के गले का लॉकेट तथा 60,000 रुपये कहीं गिर गए। इस सूचना पर मऊ थाने में मु0अ0सं0 214/26 धारा 140(1), 115(2), 351(3), 352 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक ने अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए थे और विवेचना चौकी प्रभारी खण्डेहा उ0नि0 श्री राहुल पाण्डेय को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान 24 जून 2026 को मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस टीम चन्दई तिराहा पहुंची और वहां अपहृत बताए गए लड़के कविराज को धीरेन्द्र सिंह पटेल के साथ सकुशल बरामद किया। पूछताछ करने पर धीरेन्द्र सिंह पटेल ने माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि उसके साले कविराज का कोई अपहरण नहीं हुआ था। उसने बताया कि वह अपने साढू शंकर को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए अपने साथी रामशिरोमणि पुत्र ललवा और धर्मेन्द्र पुत्र मुल्ता के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। धीरेन्द्र ने कबूल किया कि 21 जून 2026 की रात लगभग 9:30 बजे खपटिहा चौराहा नीबी के पास उसने अपने साले को रामशिरोमणि और धर्मेन्द्र के साथ रामशिरोमणि के घर भेज दिया था। धर्मेन्द्र ने उसके और उसकी पत्नी छाया के हाथ-पैर बांधकर उसे सड़क के किनारे लिटा दिया था। बाद में उसके बच्चे ने रास्ते से जा रहे एक व्यक्ति के फोन से घर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले गई। अस्पताल के बाद उसने शंकर, अवधेश और दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कविराज के अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था। धीरेन्द्र ने बताया कि उसने यह सब शंकर द्वारा उसके खिलाफ पहले दर्ज कराए गए बलात्कार के मुकदमे का बदला लेने के लिए किया था। वादी के बयान के आधार पर, दर्ज मुकदमे से धारा 140(1), 115(2), 351(3), 352 बीएनएस हटा दी गईं, क्योंकि इन धाराओं के तहत अपराध नहीं पाया गया। इसके बजाय, वादी धीरेन्द्र सिंह पटेल और उसके साथियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में धारा 248ख/3(5)/61(2) बीएनएस के तहत कार्यवाही की गई है। इस गिरफ्तारी को चौकी प्रभारी खण्डेहा उ0नि0 श्री राहुल कुमार पाण्डेय और हे0 का0 पवन कुमार तिवारी की टीम ने अंजाम दिया।1
- एक महिला को विद्युत बोर्ड पर प्लेक लगाते समय करंट लग गया। इस घटना के बाद महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।1