उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की अतर्रा तहसील के राजस्व ग्राम सिमरिया जदीद में नाली और चकमार्ग संख्या 161 व 162 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी बांदा से की है, जिसमें उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल की रिपोर्ट में गंभीर विरोधाभास हैं। रिपोर्ट में कहीं श्यामार का पेड़ दर्शाया गया है तो कहीं कहुवा का पेड़, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण भूमाफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर लेखपाल को किसका संरक्षण मिल रहा है और शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक खामोश क्यों है। शिकायतकर्ता जानना चाहता है कि क्या जिलाधिकारी बांदा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे, या फिर भूमाफियाओं का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा। इस घटना से बांदा में भूमाफियाओं का खेल बेनकाब होने और लेखपाल की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठने के साथ ही, जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की अतर्रा तहसील के राजस्व ग्राम सिमरिया जदीद में नाली और चकमार्ग संख्या 161 व 162 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी बांदा से की है, जिसमें उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल की रिपोर्ट में गंभीर विरोधाभास हैं। रिपोर्ट में कहीं श्यामार का पेड़ दर्शाया गया है तो कहीं कहुवा का पेड़, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण भूमाफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर लेखपाल को किसका संरक्षण मिल रहा है और शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक खामोश क्यों है। शिकायतकर्ता जानना चाहता है कि क्या जिलाधिकारी बांदा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे, या फिर भूमाफियाओं का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा। इस घटना से बांदा में भूमाफियाओं का खेल बेनकाब होने और लेखपाल की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठने के साथ ही, जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले की अतर्रा तहसील के राजस्व ग्राम सिमरिया जदीद में नाली और चकमार्ग संख्या 161 व 162 को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। एक शिकायतकर्ता ने इस पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी बांदा से की है, जिसमें उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लेखपाल की रिपोर्ट में गंभीर विरोधाभास हैं। रिपोर्ट में कहीं श्यामार का पेड़ दर्शाया गया है तो कहीं कहुवा का पेड़, जिससे इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि राजनीतिक संरक्षण के चलते अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिसके कारण भूमाफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में यह बड़ा सवाल उठ रहा है कि आखिर लेखपाल को किसका संरक्षण मिल रहा है और शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक खामोश क्यों है। शिकायतकर्ता जानना चाहता है कि क्या जिलाधिकारी बांदा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगे, या फिर भूमाफियाओं का यह खेल यूँ ही चलता रहेगा। इस घटना से बांदा में भूमाफियाओं का खेल बेनकाब होने और लेखपाल की रिपोर्ट पर गंभीर सवाल उठने के साथ ही, जिलाधिकारी से सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।1
- भारतीय रेलवे में डिजिटल टिकट का उपयोग लगातार बढ़ रहा है, जिससे यात्रियों के लिए सफर और भी आसान हो गया है। अब यात्री अपने मोबाइल पर ही टिकट दिखाकर यात्रा कर सकते हैं, जिसके कारण उन्हें प्रिंटेड टिकट रखने की आवश्यकता नहीं पड़ती। डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ, भारतीय रेलवे यात्रा को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रहा है।1
- साडां और आंदौरा के बीच एक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें साडा गांव का एक व्यक्ति घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, वह व्यक्ति बारात में शामिल होने जा रहा था और नशे की हालत में गाड़ी चला रहा था। तेज रफ्तार के कारण उसने अपना नियंत्रण खो दिया, जिससे गाड़ी सीधे खाई में जा गिरी। हादसे के बाद वह बेहोशी की हालत में पड़ा था। कुछ राहगीरों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति की मदद की और उसे अस्पताल पहुंचाया।1
- जसपुरा पुलिस ने किसानों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गेहूं की घटतौली के माध्यम से किसानों को ठगने के आरोप में इस गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।1
- संत रामपाल जी महाराज ने एक असाधारण कार्य करते हुए 40 साल से चली आ रही पानी की गंभीर समस्या को खत्म कर दिया है। बताया गया है कि उन्होंने मात्र एक ही प्रार्थना के माध्यम से इस दीर्घकालिक परेशानी का समाधान कर दिया।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में चिल्ला रोड पर कताई मिल के सामने एक हैरतअंगेज दृश्य सामने आया, जहाँ एक ट्रैक्टर एक मकान की छत के ऊपर खड़ा दिखाई दिया। इस घटना को देखकर लोग अचंभित हैं और इसे असंभव बता रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर बांदा चिल्ला रोड स्थित कताई मिल के सामने इस घर की छत तक ट्रैक्टर कैसे पहुँचा।1
- चिल्ला थाने में तैनात वर्ष 2019 बैच के कांस्टेबल अनुराग भदौरिया केन-यमुना संगम में नहाते समय डूब गए। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद उनका शव बरामद कर लिया गया, जिसके बाद जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कांस्टेबल अनुराग भदौरिया थाने में बिना कोई सूचना दिए नहाने गए थे। सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी सौरभ सिंह मौके पर मौजूद रहे। अधिकारियों ने मृतक कांस्टेबल के परिजनों को घटना की सूचना दी है। पुलिस ने शव का डॉक्टरी परीक्षण कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, और पोस्टमार्टम के बाद पुलिस कांस्टेबल साथी उन्हें अंतिम विदाई देंगे। मृत कांस्टेबल अनुराग भदौरिया जनपद महाराजपुर के सरसौल थाना अंतर्गत के रहने वाले थे। उनकी शादी डेढ़ वर्ष पूर्व सन 2024 में हुई थी। वह अपनी नवविवाहिता पत्नी और एक छह साल के मासूम बच्चे को बेसहारा छोड़ गए हैं।4
- बांदा जिले के जसपुरा थाना पुलिस ने गेहूं की घटतौली कर किसानों और व्यापारियों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्जनपदीय गिरोह के 07 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से खरीदा गया 94 कुंतल गेहूं, गेहूं की बिक्री से प्राप्त 2.57 लाख रुपये नकद, घटना व परिवहन में प्रयुक्त एक चारपहिया वाहन, एक डीसीएम, एक अवैध तमंचा सहित अन्य सामान बरामद किया गया है। यह गिरोह 25 जून 2026 को जसपुरा थाना क्षेत्र के झंझरी पुरवा में किसानों द्वारा घटतौली का विरोध करने पर, उन्हें जान से मारने की नीयत से अवैध तमंचे से फायर कर फरार हो गया था। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देशन में और अपर पुलिस अधीक्षक श्री शिवराज व क्षेत्राधिकारी सदर सौरभ सिंह के नेतृत्व में जसपुरा पुलिस ने यह कार्रवाई की। राजेंद्र सिंह पुत्र बृजमोहन ने 26 जून 2026 को जसपुरा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि बाहर से आए व्यापारियों ने इलेक्ट्रॉनिक तराजू में छेड़छाड़ कर उनके और गांव के एक अन्य व्यक्ति के गेहूं में घटतौली की। जब किसानों ने दूसरे तराजू से वजन कराया तो गेहूं ज्यादा निकला, जिसका विरोध करने पर व्यापारियों ने अवैध तमंचे से फायरिंग कर भाग निकले। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कीं। इसी क्रम में, झंझरी पुरवा मार्ग पर एक चारपहिया वाहन में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों के होने की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर 07 लोगों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों में बिजनौर जिले के लाल सराय कस्बा व थाना बढ़ापुर निवासी मो. अतीक उर्फ अकील पुत्र अब्दुल बहाव, गौसपुर सादाद थाना कोतवाली देहात निवासी जमील पुत्र अमीर और मो. मुकीम पुत्र बुन्दू, सदावाद थाना हीमपुर दीपा निवासी कलीम पुत्र अब्दुल मजीद, मडौली सैदू थाना कोतवाली शहर निवासी नबील अहमद पुत्र मो. इसरार, तथा फरीदपुर भोगन थाना कोतवाली शहर निवासी मो. जासिद पुत्र मो. घसीटा और मो. शाकिव पुत्र मो. शरीफ शामिल हैं। मो. अतीक उर्फ अकील के कब्जे से एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद हुआ। अन्य सभी अभियुक्तों और वाहन की तलाशी के दौरान कुल 2 लाख 57 हजार 300 रुपये नकद, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और मोबाइल फोन भी मिले। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सभी एक संगठित गिरोह हैं जो छल-कपट और बेईमानी से इलेक्ट्रॉनिक तराजू के नीचे पैर या अन्य तरीके से दबाव डालकर गेहूं की वास्तविक वजन को कम करते थे, जिससे प्रत्येक खरीद में कई कुंतल गेहूं की घटतौली कर अवैध लाभ कमाते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि 25 जून 2026 को उन्होंने इसी तरह की धोखाधड़ी की थी, जिसकी जानकारी किसानों को हो गई थी। जब किसानों ने धर्मकांटे पर वजन कराया तो गेहूं ज्यादा निकला और उन्होंने अतिरिक्त पैसे मांगे। इस पर उन्होंने डीसीएम में गेहूं लेकर भागने की नीयत से किसानों पर अवैध तमंचे से फायर किया और चारपहिया वाहन में बैठकर फरार हो गए। जांच में पता चला है कि आरोपियों के खिलाफ थाना पैलानी और कोतवाली देहात में भी घटतौली की धोखाधड़ी के संबंध में मामले दर्ज हैं। जसपुरा थाने में उनके खिलाफ मु0अ0सं0- 99/26 सहित बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है ताकि बांदा सहित अन्य जनपदों में उनके द्वारा की गई धोखाधड़ी की अन्य घटनाओं, उनके आपराधिक इतिहास, अन्य सहयोगियों और गिरोह के नेटवर्क के बारे में जानकारी मिल सके।4