Shuru
Apke Nagar Ki App…
संत रामपाल जी महाराज ने एक असाधारण कार्य करते हुए 40 साल से चली आ रही पानी की गंभीर समस्या को खत्म कर दिया है। बताया गया है कि उन्होंने मात्र एक ही प्रार्थना के माध्यम से इस दीर्घकालिक परेशानी का समाधान कर दिया।
BHARAT PUBLIC NEWS
संत रामपाल जी महाराज ने एक असाधारण कार्य करते हुए 40 साल से चली आ रही पानी की गंभीर समस्या को खत्म कर दिया है। बताया गया है कि उन्होंने मात्र एक ही प्रार्थना के माध्यम से इस दीर्घकालिक परेशानी का समाधान कर दिया।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- संत रामपाल जी महाराज ने एक असाधारण कार्य करते हुए 40 साल से चली आ रही पानी की गंभीर समस्या को खत्म कर दिया है। बताया गया है कि उन्होंने मात्र एक ही प्रार्थना के माध्यम से इस दीर्घकालिक परेशानी का समाधान कर दिया।1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत ओरा के पांडेय घाट पर जमकर अवैध खनन का कार्य हो रहा है। यह जानकारी सामने आई है कि इस स्थान पर बड़े पैमाने पर खनन गतिविधियाँ जारी हैं।1
- चित्रकूट जनपद के मऊ थाना क्षेत्र में शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। पश्चिम पताई टिकरा के पास अनियंत्रित होकर एक कार सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई, जिससे कार सवार 48 वर्षीय रामकिशोर की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी पत्नी गुड़िया और पड़ोसी व कार चालक चंद्रप्रताप सिंह इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतक रामकिशोर बेलहा बरियारी कला थाना मऊ, जनपद चित्रकूट के निवासी थे। परिजनों के अनुसार, रामकिशोर अपनी बेटी सुखमंती के ससुराल मऊ में हुए किसी लड़ाई-झगड़े के संबंध में अपनी पत्नी गुड़िया के साथ पड़ोसी चंद्रप्रताप सिंह की कार से वहां गए थे। बेटी के ससुराल से लौटते समय पश्चिम पताई के पास यह घटना हुई, जब कार अचानक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई। हादसे की सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहां से चंद्रप्रताप को प्रयागराज रेफर किया गया है, जबकि गुड़िया का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने मृतक रामकिशोर के शव को अपने कब्जे में लेकर आज शनिवार दोपहर 12 बजे जिला मुख्यालय में पोस्टमार्टम कराया है।1
- चित्रकूट जिले के तिरहार क्षेत्र में जनता का भारी गुस्सा देखने को मिला है। यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या रात के अंधेरे ने इलाके में हुए तथाकथित विकास की सच्चाई को उजागर कर दिया है, जिससे जनता का गुस्सा फूट पड़ा है।2
- मध्य प्रदेश के सतना स्थित आयुष्मान हॉस्पिटल में एक बार फिर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहाँ पैथोलॉजिस्ट की गैरमौजूदगी में ही मरीजों की जाँचें की जा रही हैं और रिपोर्टें भी जारी की जा रही हैं। यह खुलासा पूर्व में भी हुआ था, लेकिन तब स्वास्थ्य विभाग ने मामले पर लीपापोती की, जिससे अस्पताल के हौसले और बुलंद हो गए। इस लीपापोती का नतीजा यह हुआ है कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर अवैध वसूली का यह गोरखधंधा दोबारा धड़ल्ले से शुरू हो चुका है। आयुष्मान अस्पताल की पैथोलॉजी में बिना किसी डॉक्टर के ही रिपोर्टें बनाई जा रही हैं, और इस गंभीर स्थिति पर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से मौन बना हुआ है।1
- Post by Pintu Dubey2
- जनपद चित्रकूट में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन "इको टूरिज्म आधारित थीम पार्क" का जिलाधिकारी द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरे के दौरान, जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति का गहन अवलोकन किया। यह परियोजना ₹1176.97 लाख की स्वीकृत लागत से एक कार्यदायी संस्था द्वारा विकसित की जा रही है। इसका निर्माण कार्य सितंबर 2025 में शुरू होकर मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस थीम पार्क में इको लॉज, फूड कोर्ट, कैफेटेरिया, नेचर ट्रेल, चिल्ड्रेन प्ले एरिया, एम्फीथिएटर, पार्किंग, हॉर्टिकल्चर, सोलर लाइटिंग, एडवेंचर गेम्स, बाह्य विद्युतीकरण, जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी), रेन वाटर हार्वेस्टिंग, बाउंड्रीवाल और टॉयलेट ब्लॉक सहित कई अन्य महत्वपूर्ण पर्यटन अवसंरचनाओं का विकास शामिल है। निरीक्षण के उपरांत, जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परियोजना के सभी कार्यों में अपेक्षित गति लाई जाए। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने, निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने, निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता मानकों का पूरी तरह से अनुपालन करने पर विशेष जोर दिया। इसके जवाब में, कार्यदायी संस्था ने जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप निर्माण कार्यों में और अधिक तेजी लाने तथा परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने हेतु सभी आवश्यक कार्रवाइयों को प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।1
- चित्रकूट पुलिस ने पुलिस अधीक्षक श्री अरुण कुमार सिंह के कुशल निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय व क्षेत्राधिकारी मऊ श्री फहद अली के पर्यवेक्षण में एक बड़े आपराधिक षड़यंत्र का पर्दाफाश किया है। मऊ थाना प्रभारी निरीक्षक श्री श्रीप्रकाश यादव के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी खण्डेहा उ0नि0 श्री राहुल पाण्डेय और उनकी टीम ने झूठे अपहरण की कहानी रचने वाले मुख्य आरोपी धीरेन्द्र सिंह पटेल को गिरफ्तार किया है। धीरेन्द्र सिंह पटेल पुत्र बदीप्रसाद निवासी लवेद, थाना मऊ, जनपद चित्रकूट को चन्दई तिराहा से 24 जून 2026 को सुबह 10:53 बजे पकड़ा गया। धीरेन्द्र सिंह पटेल ने पहले मऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 21 जून 2026 की शाम को जब वह अपनी पत्नी छाया, बच्चे और साले कविराज के साथ एक व्यक्ति से मिलकर वापस लौट रहा था, तो खपटिहा मोड़ के पास दो दोपहिया और एक चार पहिया वाहन में सवार अवधेश, शंकर, शंकर के छोटे भाई और कुछ अन्य महिला-पुरुषों ने उन्हें रोका। उसने आरोप लगाया था कि उन लोगों ने उनके साथ बुरी तरह मारपीट और गाली-गलौज की, जिससे उसे और उसकी पत्नी को चोटें आईं। शिकायतकर्ता के अनुसार, मारपीट के दौरान उसके साले कविराज का अपहरण कर लिया गया और उसकी पत्नी के गले का लॉकेट तथा 60,000 रुपये कहीं गिर गए। इस सूचना पर मऊ थाने में मु0अ0सं0 214/26 धारा 140(1), 115(2), 351(3), 352 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक ने अभियुक्तों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिए थे और विवेचना चौकी प्रभारी खण्डेहा उ0नि0 श्री राहुल पाण्डेय को सौंपी गई थी। विवेचना के दौरान 24 जून 2026 को मुखबिर से मिली सूचना पर पुलिस टीम चन्दई तिराहा पहुंची और वहां अपहृत बताए गए लड़के कविराज को धीरेन्द्र सिंह पटेल के साथ सकुशल बरामद किया। पूछताछ करने पर धीरेन्द्र सिंह पटेल ने माफी मांगते हुए स्वीकार किया कि उसके साले कविराज का कोई अपहरण नहीं हुआ था। उसने बताया कि वह अपने साढू शंकर को झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए अपने साथी रामशिरोमणि पुत्र ललवा और धर्मेन्द्र पुत्र मुल्ता के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। धीरेन्द्र ने कबूल किया कि 21 जून 2026 की रात लगभग 9:30 बजे खपटिहा चौराहा नीबी के पास उसने अपने साले को रामशिरोमणि और धर्मेन्द्र के साथ रामशिरोमणि के घर भेज दिया था। धर्मेन्द्र ने उसके और उसकी पत्नी छाया के हाथ-पैर बांधकर उसे सड़क के किनारे लिटा दिया था। बाद में उसके बच्चे ने रास्ते से जा रहे एक व्यक्ति के फोन से घर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें अस्पताल ले गई। अस्पताल के बाद उसने शंकर, अवधेश और दो-तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कविराज के अपहरण का झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया था। धीरेन्द्र ने बताया कि उसने यह सब शंकर द्वारा उसके खिलाफ पहले दर्ज कराए गए बलात्कार के मुकदमे का बदला लेने के लिए किया था। वादी के बयान के आधार पर, दर्ज मुकदमे से धारा 140(1), 115(2), 351(3), 352 बीएनएस हटा दी गईं, क्योंकि इन धाराओं के तहत अपराध नहीं पाया गया। इसके बजाय, वादी धीरेन्द्र सिंह पटेल और उसके साथियों पर झूठा मुकदमा दर्ज कराने के आरोप में धारा 248ख/3(5)/61(2) बीएनएस के तहत कार्यवाही की गई है। इस गिरफ्तारी को चौकी प्रभारी खण्डेहा उ0नि0 श्री राहुल कुमार पाण्डेय और हे0 का0 पवन कुमार तिवारी की टीम ने अंजाम दिया।1