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जयपुर जिले के किशनगढ़ रेनवाल स्थित भैंसलाना CHC अस्पताल की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। आरोप है कि यह अस्पताल डॉक्टरों के बिना ही 'राम भरोसे' चल रहा है, जहाँ स्टाफ अपनी मनमानी करते हुए सुबह 9 बजे पहुँचता है। इस अव्यवस्था के कारण मरीज इलाज के अभाव में तड़पते रहते हैं। रेनवाल क्षेत्र की जनता में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने साफ कहा है कि वे अब इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर CMHO से तत्काल जवाब मांगा गया है और स्वास्थ्य विभाग पर भी गहरी नींद में होने का आरोप लगाया गया है।
Sohan swami
जयपुर जिले के किशनगढ़ रेनवाल स्थित भैंसलाना CHC अस्पताल की बदहाल स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। आरोप है कि यह अस्पताल डॉक्टरों के बिना ही 'राम भरोसे' चल रहा है, जहाँ स्टाफ अपनी मनमानी करते हुए सुबह 9 बजे पहुँचता है। इस अव्यवस्था के कारण मरीज इलाज के अभाव में तड़पते रहते हैं। रेनवाल क्षेत्र की जनता में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश है और उन्होंने साफ कहा है कि वे अब इस मनमानी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर CMHO से तत्काल जवाब मांगा गया है और स्वास्थ्य विभाग पर भी गहरी नींद में होने का आरोप लगाया गया है।
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- राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का अजमेर से कोटा तक रोडवेज बस में सफर इन दिनों चर्चा का विषय बन गया है। बताया जा रहा है कि बस में बैठकर फोटो खिंचवाने के बाद जब मंत्री जी अपनी सीट से उठने लगे, तो उन्हें पीछे से आवाज आई — “साहब, बस में ही बिराजिए… कैमरामैन अभी आ रहा है!” इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि मंत्री का यह सफर आम जनता की समस्याएं समझने के लिए था या केवल कैमरे और प्रचार के लिए। विपक्षी नेताओं और कई यूजर्स ने इसे “फोटोशूट राजनीति” बताते हुए सरकार पर निशाना साधा है। वहीं, मंत्री के समर्थकों का कहना है कि रोडवेज बस में उनका सफर आम लोगों से जुड़ने की एक कोशिश है, लेकिन वायरल हुई “कैमरामैन अभी आ रहा है…” वाली टिप्पणी ने इस पूरे घटनाक्रम को एक राजनीतिक बहस में बदल दिया है।1
- जयपुर के हरमाड़ा थाना इलाके में लोहा मंडी के पास रविवार दोपहर करीब 3 बजे एक तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में पति-पत्नी उछलकर करीब 20 फीट दूर जा गिरे, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बाइक सवारों की पहचान तरुपति विहार निवासी पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर के रूप में हुई है। टक्कर के बाद दोनों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।1
- पानी के गंभीर संकट को लेकर कांग्रेस ने जल भवन का घेराव किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना विरोध प्रदर्शित करते हुए घड़े फोड़े और अपनी नाराजगी व्यक्त की।1
- एवरेस्ट फतह करने के बाद लौटे मंत्री जी का राजस्थान रोडवेज की बस से जयपुर बस स्टैंड पर भव्य स्वागत किया गया। मंत्री जी को बस में बैठा देखकर अन्य यात्रियों ने उनके पास बैठने की हिम्मत तक नहीं की। जब कंडक्टर ने उनसे पूछा कि उन्हें कहाँ जाना है, तो मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि उन्हें कहीं जाना नहीं है, बल्कि वे केवल रील बनवाने के लिए बस में बैठे थे।1
- भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शहीदों, जिनमें सरदार भगतसिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, राजगुरु, सुखदेव, राम प्रसाद बिस्मिल और असफकुड्डोला शामिल हैं, उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई है। इन वीर बलिदानियों ने सभी भारतीयों की आज़ादी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। इसके अतिरिक्त, स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश के निर्माण, विकास और रक्षा में अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी भाइयों को भी अमर शहीद मानकर नमन करने का आह्वान किया गया है। सभी से आग्रह किया गया है कि वे मिलकर इन अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन करें, जिन्होंने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।1
- जयपुर ट्रैफिक पुलिस द्वारा किसी कारणवश रास्ता बंद करने को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर कुछ छात्र नेताओं का पुलिस प्रशासन से बहस करना कितना सही है। पुलिस अपनी ड्यूटी का पालन करते हुए आम जनता की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने का काम करती है। जयपुर में कई बार बड़े आयोजनों, वीआईपी मूवमेंट, शोभायात्राओं, प्रदर्शनों और सुरक्षा कारणों से यातायात को डायवर्ट किया जाता है। ट्रैफिक पुलिस का मुख्य उद्देश्य केवल व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना होता है। हाल ही में, जयपुर में कई प्रदर्शनों और आयोजनों के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और तनाव की स्थितियाँ भी देखने को मिली हैं। जनता से अपील की गई है कि वे पुलिस प्रशासन का सहयोग करें, क्योंकि सड़क पर व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना सबकी जिम्मेदारी है। इस विषय पर एक खास रिपोर्ट देखने और 'जस्ट जयपुर लाइव' से जुड़े रहने का भी आह्वान किया गया है।1
- बाड़मेर जिले की गिरल लिग्नाइट माइन्स पर श्रमिकों का आंदोलन लगातार 20वें दिन भी जारी रहा, जिसकी अगुवाई शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी कर रहे हैं। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत श्रमिकों ने गृह मंत्री अमित शाह के बीकानेर दौरे के दौरान उनका ध्यान आकर्षित करने के लिए एक असाधारण कदम उठाया। उन्होंने खून से पत्र लिखकर अपनी गहरी पीड़ा और मांगों को सामने रखा। धरनास्थल पर श्रमिकों ने बताया कि वे लंबे समय से रोजगार, श्रमिक अधिकारों और स्थानीय हितों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। श्रमिकों का आरोप है कि प्रशासन और संबंधित कंपनी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जिससे उनकी निराशा बढ़ती जा रही है। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने स्पष्ट किया कि जब तक श्रमिकों की मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच, श्रमिकों द्वारा खून से लिखा गया यह पत्र अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है, जो उनकी हताशा और संघर्ष की गंभीरता को दर्शाता है।1
- पानी संकट के विरोध में कांग्रेस ने जल भवन का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने घड़े फोड़कर अपना विरोध व्यक्त किया।1
- राजस्थान सरकार के मंत्रियों का रील बनाने का सिलसिला अभी भी जारी है, जिस पर मौन नहीं साधा जा रहा है। हाल ही में, राजस्थान सरकार के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर जी को कुछ इस प्रकार रील शूट करवाते हुए देखा गया है। इसके बाद, मंत्री साहब से यह आग्रह किया जा रहा है कि उनकी यह रीलबाज़ी अब बस की जाए।1