TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थी गुस्से में हैं.BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा. TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थी गुस्से में हैं.BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा.
TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थी गुस्से में हैं.BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा. TRE-4 के लिए BPSC को भेजा गया प्रस्ताव हुआ वापस, क्या अब होगा आंदोलन? शोभा अहोतकर से लगाई उम्मीद बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों को खुशखबरी दी थी. उन्होंने एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बीपीएससी को अधियाचना भेज दी गई है. लेकिन अब तक नोटिफिकेशन जारी नहीं किए जाने से अभ्यर्थी गुस्से में हैं.BPSC TRE-4 का विज्ञापन जारी करो, विज्ञापन नहीं तो शिक्षा मंत्री इस्तीफा दो', यह नारा अभ्यर्थियों की तरफ से लगाया जा रहा है. BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं किए जाने की वजह से छात्र नेता दिलीप कुमार और अभ्यर्थी गुस्से में दिखे. उन्होंने विज्ञापन जारी नहीं करने पर महा आंदोलन की चेतावनी दे दी है. BPSC TRE-4 के लिए दो साल से सिर्फ ऐलान ही किया जा रहा है. लेकिन अब तक विज्ञापन आया कहां है. बीपीएससी की तरफ से भी कहा जा रहा है कि अधियाचना वापस कर दी गई है. ऐसे में यह कैसी अधियाचना भेजी गई थी कि बीपीएससी ने वापस कर दिया. चेतावनी देते हुए कहा कि 4-5 दिनों में नोटिफिकेशन जारी हो जाना चाहिए और सभी सब्जेक्ट में सीट रहनी चाहिए . अगर ऐसा नहीं हुआ तो महा आंदोलन किया जाएगा.
- पटना के गौरीचक में जमीनी विबाद /आखिर क्या हुआ इस विवाद में पटना के गौरीचक थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीचक गांव में मंगलवार रात जमीन विवाद को लेकर खूनी संघर्ष हो गया। बेखौफ बदमाशों ने स्थानीय निवासी सुरेश सिंह उर्फ मास्टर को निशाना बनाते हुए उन पर ताबड़तोड़ कई राउंड फायरिंग कर दी। गनीमत यह रही कि हमलावर अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके और सुरेश सिंह इस जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए। भाग रहे हमलावरों को ग्रामीणों ने घेरा, जमकर की पिटाई वारदात को अंजाम देकर भाग रहे तीन हमलावरों को स्थानीय ग्रामीणों ने खदेड़ कर घेर लिया। इस दौरान दो आरोपी ग्रामीणों के हत्थे चढ़ गए, जबकि तीसरा अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भागने में सफल रहा। गुस्साए ग्रामीणों ने पकड़े गए दोनों आरोपियों की जमकर पिटाई कर दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज के दौरान एक आरोपी की मौत, दूसरा पीएमसीएच में भर्ती घटना की जानकारी मिलते ही गौरीचक और परसा बाजार थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने उग्र भीड़ के बीच से दोनों घायलों (विवेक कुमार और सूरज कुमार) को बचाकर तुरंत पीएमसीएच (PMCH) अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, इलाज के दौरान आरोपी सूरज कुमार की मौत हो गई, जबकि दूसरे आरोपी विवेक कुमार का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस को मिली चोरी की बाइक, कारतूस और खोखा बरामद मामले की जांच करते हुए पटना सदर के पुलिस अनुमंडल अधिकारी-2 (SDPO-2) रंजन कुमार ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल से दो जिंदा कारतूस, एक इस्तेमाल किया गया खोखा और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। छानबीन में यह बात सामने आई है कि बरामद बाइक फुलवारी शरीफ थाना क्षेत्र से चोरी की गई थी। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए, इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात घटनास्थल की गहन जांच के लिए एफएसएल (FSL) टीम को बुलाया गया, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है। इलाके में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए लक्ष्मीचक में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और फरार तीसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।1
- पटना नगर निगम अनिश्चितकालीन हड़ताल के आज सातवें दिन सभी का कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक हड़ताल नहीं तोड़ेंगे। पटना नगर निगम अनिश्चितकालीन हड़ताल के आज सातवें दिन सभी का कहना है कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलेगा तब तक हड़ताल नहीं तोड़ेंगे।4
- महापौर ने पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक 4 अगस्त 2026। पटना पटना नगर निगम के महापौर सीता साहू की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त यशपाल मीणा की उपस्थिति में मंगलवार को पटना नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह एवं संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ द्वारा तीन सूत्री मांगों के समर्थन में आहूत अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी तीनों मांगों को विस्तारपूर्वक महापौर के समक्ष रखा। इसके बाद प्रत्येक मांग पर बिंदुवार चर्चा की गई। महापौर ने स्पष्ट किया कि पटना नगर निगम कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा संघ की तीनों मांगों के समाधान के पक्ष में है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इन मांगों पर अंतिम निर्णय लेना पटना नगर निगम को प्राप्त वैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस पर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि निगम अपनी सकारात्मक मंशा को औपचारिक रूप देते हुए तीनों मांगों से संबंधित प्रस्ताव सशक्त स्थायी समिति एवं निगम परिषद से पारित कराकर अनुशंसा सहित नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजे। बैठक के दौरान महापौर सीता साहू ने कहा, "पटना नगर निगम सभी सफाई कर्मियों के हितों की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। समय-समय पर उनके हित में आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। संघ की तीनों मांगों पर विचार एवं अनुशंसा के लिए बुधवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।" संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक आयोजित करने के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई सकारात्मक चर्चा से संघ के सदस्यों एवं सफाई कर्मियों को अवगत कराया जाएगा तथा उम्मीद जताई कि मांगों के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सशक्त स्थायी समिति की सदस्य अनिता देवी, सुनीता देवी, कुमार संजीत, मनोज कुमार तथा अपर नगर आयुक्त कृष्ण स्वरूप भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर पटना सहित राज्य के विभिन्न नगर निकायों के दैनिक सफाई कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।1
- प्रशांत किशोर के बांकेपुर उपचुनाव में जीत के खुशी में जयनगर में लोगों ने खुशी मनया1
- समाजसेवी, मनीष कुमार खड़गा को मिली जान से मारने की धमकी। परिवार दहशत में स्वास्थ्य सेवा एवं बेहतर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मनीष कुमार खड़गा, जो IIMT Meditech Private Ltd के निदेशक होने के साथ-साथ एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते हैं. इन दिनों गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पटना के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि, कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उनके आवास पर पहुँचकर, उनकी परिवार वालों को जान से मारने और बच्चें को अगवा करने की धमकी दी। इस घटना के बाद उनका परिवार, भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। मनीष कुमार खड़गा का मानना है कि, बेहतर स्वास्थ्य सेवा केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वे वर्षों से इस उद्देश्य के साथ कार्य कर रहे हैं, कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को सही, गुणवत्तापूर्ण और किफायती इलाज उपलब्ध हो सके। उनका प्रयास है कि, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ आम लोगों की पहुँच में हों और कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित ना हों। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय रहते हैं। जरूरतमंद मरीजों की सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता, मानवीय सेवा और समाज के कमजोर वर्गों के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। उनका उद्देश्य केवल अस्पताल चलाना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करना है। इसी बीच उनके परिवार को मिली जान से मारने की धमकी ने, न केवल उनके परिजनों को मानसिक रूप से झंकझोरा है, बल्कि समाज में भी चिंता का विषय बना दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल पहचान कर, कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, तथा अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। समाज के विभिन्न वर्गों का कहना है कि, जो व्यक्ति, आम लोगों को सस्ता और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने तथा समाज सेवा के लिए समर्पित है, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और समाज में कानून का विश्वास बना रहे।1
- बांकीपुर की जनता को PK पसंद है,BJP और RJD की कंहा हुई चूक? #foryou #bankipur #bihar1
- सफ़ाई कर्मियों की बड़ी जीत! तीनों मांगों पर लगी मुहरसफ़ाई कर्मियों की बड़ी जीत! तीनों मांगों पर लगी मुहर सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण लगातार छठे दिन कूड़े का उठाव ठप रहा, जिससे शहर में चारों तरफ गंदगी का अंबार लग गया है। स्थिति गंभीर होते देख नगर विकास विभाग हरकत में आया है। मंगलवार को विभाग के प्रधान सचिव ने पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी समन्वय समिति के नेताओं के साथ बैठक की।बैठक में आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी पर रोक लगाने, कर्मियों का वेतन न रोकने और वाहन खराब होने पर ड्राइवरों को दोषी न ठहराने जैसी व्यवस्थागत बदलावों पर सहमति बनी है। आउटसोर्स एजेंसियों के लिए जल्द ही नई नियम और शर्तें लागू की जाएंगी। समन्वय समिति के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह ने बताया कि प्रधान सचिव और विभागीय मंत्री सफाईकर्मियों की मांगों को लेकर गंभीर हैं। इसके अलावा मंगलवार शाम महापौर, नगर आयुक्त और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों के साथ भी कर्मचारी नेताओं की बैठक हुई, जिसमें मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए विभाग को अनुशंसा भेजने पर सहमति बनी। इससे उम्मीद जताई जा रही है कि सफाईकर्मियों की हड़ताल जल्द समाप्त हो सकती है।4
- राजधानी पटना के अगमकुंआ थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम से भारी मात्रा में विदेशी शराब बनाने का समान बरामद नकली शराब के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक आसूचना ब्यूरो (EIB) और जिला उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने आगमकुआँ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में स्पिरिट, खाली बोतलें, रैपर, ढक्कन और होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए हैं। आर्थिक आसूचना ब्यूरो की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना जिला उत्पाद विभाग के साथ गंगा प्रदूषण रोड, बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम में छापेमारी की। जब गोदाम का शटर खोला गया तो अंदर नकली शराब बनाने का पूरा सामान मिला। छापेमारी के दौरान 45 लीटर स्पिरिट, विभिन्न ब्रांडों की हजारों खाली शराब की बोतलें, रॉयल चैलेंज, 8 PM, रॉयल ग्रीन, मैकडॉवेल नंबर-1 और सीग्राम क्वालिटी के रैपर, करीब 3,750 ढक्कन तथा बारकोड वाले होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए। बरामद सामान से आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर नामी ब्रांडों के नाम पर नकली शराब तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। हालांकि छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। टीम ने पूरे गोदाम को सील कर दिया है और फरार आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है। पटना में नकली शराब के खिलाफ यह कार्रवाई अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क और फरार तस्करों की तलाश में जुट गई हैं।1