राजधानी पटना के अगमकुंआ थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम से भारी मात्रा में विदेशी शराब बनाने का समान बरामद नकली शराब के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक आसूचना ब्यूरो (EIB) और जिला उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने आगमकुआँ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में स्पिरिट, खाली बोतलें, रैपर, ढक्कन और होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए हैं। आर्थिक आसूचना ब्यूरो की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना जिला उत्पाद विभाग के साथ गंगा प्रदूषण रोड, बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम में छापेमारी की। जब गोदाम का शटर खोला गया तो अंदर नकली शराब बनाने का पूरा सामान मिला। छापेमारी के दौरान 45 लीटर स्पिरिट, विभिन्न ब्रांडों की हजारों खाली शराब की बोतलें, रॉयल चैलेंज, 8 PM, रॉयल ग्रीन, मैकडॉवेल नंबर-1 और सीग्राम क्वालिटी के रैपर, करीब 3,750 ढक्कन तथा बारकोड वाले होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए। बरामद सामान से आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर नामी ब्रांडों के नाम पर नकली शराब तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। हालांकि छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। टीम ने पूरे गोदाम को सील कर दिया है और फरार आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है। पटना में नकली शराब के खिलाफ यह कार्रवाई अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क और फरार तस्करों की तलाश में जुट गई हैं।
राजधानी पटना के अगमकुंआ थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम से भारी मात्रा में विदेशी शराब बनाने का समान बरामद नकली शराब के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक आसूचना ब्यूरो (EIB) और जिला उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने आगमकुआँ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में स्पिरिट, खाली बोतलें, रैपर, ढक्कन और होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए हैं। आर्थिक आसूचना ब्यूरो की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना जिला उत्पाद विभाग के साथ गंगा प्रदूषण रोड, बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम में छापेमारी की। जब गोदाम का शटर खोला गया तो अंदर नकली शराब बनाने का पूरा सामान मिला। छापेमारी के दौरान 45 लीटर स्पिरिट, विभिन्न ब्रांडों की हजारों खाली शराब की बोतलें, रॉयल चैलेंज, 8 PM, रॉयल ग्रीन, मैकडॉवेल नंबर-1 और सीग्राम क्वालिटी के रैपर, करीब 3,750 ढक्कन तथा बारकोड वाले होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए। बरामद सामान से आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर नामी ब्रांडों के नाम पर नकली शराब तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। हालांकि छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। टीम ने पूरे गोदाम को सील कर दिया है और फरार आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है। पटना में नकली शराब के खिलाफ यह कार्रवाई अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क और फरार तस्करों की तलाश में जुट गई हैं।
- छात्रों पर लाठीचार्ज की होगी जांच, कन्हैया कुमार ने सरकार को घेरा पेपर लीक आंदोलन पर एक्शन की जांच, हिरासत और गिरफ्तारी पर उठे सवाल छात्रों पर लाठीचार्ज की होगी जांच, कन्हैया कुमार ने सरकार को घेरा पेपर लीक आंदोलन पर एक्शन की जांच, हिरासत और गिरफ्तारी पर उठे सवाल1
- महापौर ने पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ की बैठक 4 अगस्त 2026। पटना पटना नगर निगम के महापौर सीता साहू की अध्यक्षता एवं नगर आयुक्त यशपाल मीणा की उपस्थिति में मंगलवार को पटना नगर निगम मुख्यालय स्थित सभागार में पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सिंह एवं संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में संघ द्वारा तीन सूत्री मांगों के समर्थन में आहूत अनिश्चितकालीन हड़ताल के संबंध में विस्तृत चर्चा हुई। बैठक के दौरान संघ के प्रतिनिधियों ने अपनी तीनों मांगों को विस्तारपूर्वक महापौर के समक्ष रखा। इसके बाद प्रत्येक मांग पर बिंदुवार चर्चा की गई। महापौर ने स्पष्ट किया कि पटना नगर निगम कर्मचारियों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है तथा संघ की तीनों मांगों के समाधान के पक्ष में है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि इन मांगों पर अंतिम निर्णय लेना पटना नगर निगम को प्राप्त वैधानिक अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इस पर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि निगम अपनी सकारात्मक मंशा को औपचारिक रूप देते हुए तीनों मांगों से संबंधित प्रस्ताव सशक्त स्थायी समिति एवं निगम परिषद से पारित कराकर अनुशंसा सहित नगर विकास एवं आवास विभाग को भेजे। बैठक के दौरान महापौर सीता साहू ने कहा, "पटना नगर निगम सभी सफाई कर्मियों के हितों की रक्षा एवं उनके कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहा है। समय-समय पर उनके हित में आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। संघ की तीनों मांगों पर विचार एवं अनुशंसा के लिए बुधवार को सशक्त स्थायी समिति की बैठक आयोजित की जाएगी, ताकि आगे की आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।" संघ के प्रतिनिधिमंडल ने बैठक आयोजित करने के लिए महापौर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बैठक में हुई सकारात्मक चर्चा से संघ के सदस्यों एवं सफाई कर्मियों को अवगत कराया जाएगा तथा उम्मीद जताई कि मांगों के संबंध में शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में सशक्त स्थायी समिति की सदस्य अनिता देवी, सुनीता देवी, कुमार संजीत, मनोज कुमार तथा अपर नगर आयुक्त कृष्ण स्वरूप भी उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पटना नगर निगम संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर पटना सहित राज्य के विभिन्न नगर निकायों के दैनिक सफाई कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है।1
- प्रशांत किशोर के बांकेपुर उपचुनाव में जीत के खुशी में जयनगर में लोगों ने खुशी मनया1
- समाजसेवी, मनीष कुमार खड़गा को मिली जान से मारने की धमकी। परिवार दहशत में स्वास्थ्य सेवा एवं बेहतर शिक्षा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाने वाले मनीष कुमार खड़गा, जो IIMT Meditech Private Ltd के निदेशक होने के साथ-साथ एक सक्रिय समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते हैं. इन दिनों गंभीर सुरक्षा संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने पटना के पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि, कुछ अज्ञात असामाजिक तत्वों ने उनके आवास पर पहुँचकर, उनकी परिवार वालों को जान से मारने और बच्चें को अगवा करने की धमकी दी। इस घटना के बाद उनका परिवार, भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है। मनीष कुमार खड़गा का मानना है कि, बेहतर स्वास्थ्य सेवा केवल आर्थिक रूप से सक्षम लोगों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वे वर्षों से इस उद्देश्य के साथ कार्य कर रहे हैं, कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर गरीब और जरूरतमंद लोगों को सही, गुणवत्तापूर्ण और किफायती इलाज उपलब्ध हो सके। उनका प्रयास है कि, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएँ आम लोगों की पहुँच में हों और कोई भी व्यक्ति केवल आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित ना हों। चिकित्सा सेवा के साथ-साथ वे सामाजिक कार्यों में भी लगातार सक्रिय रहते हैं। जरूरतमंद मरीजों की सहायता, स्वास्थ्य जागरूकता, मानवीय सेवा और समाज के कमजोर वर्गों के लिए बेहतर चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने की दिशा में उनका योगदान उल्लेखनीय माना जाता है। उनका उद्देश्य केवल अस्पताल चलाना नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति विश्वास और सेवा की भावना को मजबूत करना है। इसी बीच उनके परिवार को मिली जान से मारने की धमकी ने, न केवल उनके परिजनों को मानसिक रूप से झंकझोरा है, बल्कि समाज में भी चिंता का विषय बना दिया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से दोषियों की तत्काल पहचान कर, कड़ी कानूनी कार्रवाई करने, तथा अपने परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। समाज के विभिन्न वर्गों का कहना है कि, जो व्यक्ति, आम लोगों को सस्ता और बेहतर इलाज उपलब्ध कराने तथा समाज सेवा के लिए समर्पित है, उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लोगों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की है, ताकि दोषियों को कानून के दायरे में लाया जा सके और समाज में कानून का विश्वास बना रहे।1
- बांकीपुर की जनता को PK पसंद है,BJP और RJD की कंहा हुई चूक? #foryou #bankipur #bihar1
- Patna #कुत्ता #बिलाई के जीतने वाले बांकीपुर #विधानसभा के लोग नहीं है अच्छे #लोगों को जीतने वाले हैं1
- अमरपुर नगर पंचायत परिसर में लाखों रुपए कि लागत से बना शौचालय बना कर्मचारियों का बेड रुम जनता का शौचालय या कर्मचारी का बेडरूम? महिला शौचालय में बेड, ताला लगने पर अमरपुर में हंगामा। अमरपुर नगर पंचायत परिसर में लाखों रुपये की लागत से बनाया गया सुलभ शौचालय अब विवादों के घेरे में है। आरोप है कि यहां तैनात कर्मचारी शौचालय पर ताला लगा देते हैं और महिला शौचालय के अंदर बेड लगाकर आराम करते हैं। इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और जमकर हंगामा हुआ। मामला मंगलवार सुबह का है। एक महिला शौचालय का उपयोग करने नगर पंचायत परिसर स्थित सुलभ शौचालय पहुंची। आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारी ने महिला को अंदर जाने से रोक दिया। विरोध करने पर कर्मचारी ने कथित तौर पर कहा, "मेरा मन है, जहां शिकायत करनी है कर दीजिए, मेरा कोई कुछ नहीं उखाड़ सकता।" घटना की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद सफाई कर्मी भी आक्रोशित हो गए। उन्होंने कर्मचारी के व्यवहार का विरोध करते हुए सवाल उठाया कि आखिर सार्वजनिक शौचालय पर ताला किसके आदेश से लगाया जाता है? महिला शौचालय के अंदर बेड लगाकर आराम करने की अनुमति किसने दी? सफाई कर्मियों ने संबंधित कर्मचारी को तत्काल हटाने की मांग की और कहा कि यह शौचालय आम लोगों, राहगीरों और दुकानदारों की सुविधा के लिए बनाया गया है, न कि किसी कर्मचारी के निजी उपयोग के लिए। नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि राजेश साह ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सार्वजनिक शौचालय का उद्देश्य लोगों को सुविधा देना है। यदि किसी कर्मचारी द्वारा नियमों का उल्लंघन किया गया है तो उसे जल्द हटाकर जिम्मेदार और बेहतर कर्मचारी की तैनाती की जाएगी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब जनता की सुविधा के लिए बने शौचालय पर ही ताला लटकने लगे और महिला शौचालय को आरामगाह बना दिया जाए, तो आम लोगों की परेशानी का जिम्मेदार कौन होगा? क्या इस मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रह जाएगा?1
- राजधानी पटना के अगमकुंआ थाना क्षेत्र के बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम से भारी मात्रा में विदेशी शराब बनाने का समान बरामद नकली शराब के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई हुई है। आर्थिक आसूचना ब्यूरो (EIB) और जिला उत्पाद विभाग की संयुक्त टीम ने आगमकुआँ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर एक नकली शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। मौके से भारी मात्रा में स्पिरिट, खाली बोतलें, रैपर, ढक्कन और होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए हैं। आर्थिक आसूचना ब्यूरो की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर पटना जिला उत्पाद विभाग के साथ गंगा प्रदूषण रोड, बड़ी पहाड़ी स्थित एक बंद गोदाम में छापेमारी की। जब गोदाम का शटर खोला गया तो अंदर नकली शराब बनाने का पूरा सामान मिला। छापेमारी के दौरान 45 लीटर स्पिरिट, विभिन्न ब्रांडों की हजारों खाली शराब की बोतलें, रॉयल चैलेंज, 8 PM, रॉयल ग्रीन, मैकडॉवेल नंबर-1 और सीग्राम क्वालिटी के रैपर, करीब 3,750 ढक्कन तथा बारकोड वाले होलोग्राम स्टिकर बरामद किए गए। बरामद सामान से आशंका है कि यहां बड़े पैमाने पर नामी ब्रांडों के नाम पर नकली शराब तैयार कर बाजार में सप्लाई की जा रही थी। हालांकि छापेमारी के दौरान गोदाम में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं मिला। टीम ने पूरे गोदाम को सील कर दिया है और फरार आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मामले की जांच जारी है। पटना में नकली शराब के खिलाफ यह कार्रवाई अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है। जांच एजेंसियां अब इस अवैध कारोबार से जुड़े नेटवर्क और फरार तस्करों की तलाश में जुट गई हैं।1