सुबह 5 बजे से लगातार रूट मार्च किया जा रहा है। आज सुबह श्रमिक तीन स्थानों पर एकत्र हुए थे, जिन्हें तुरंत वार्ता के बाद 15 मिनट के भीतर ही शांतिपूर्वक हटा दिया गया। कल से यहां मौजूद हाई पावर कमेटी ने सभी हितधारकों के साथ विस्तृत और लंबी मैराथन बैठकें कीं और कुछ सिफारिशें तैयार की हैं। इन सिफारिशों को लेकर आज सुबह 11:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की जाएगी।उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की समस्याओं को समझती है, उनके प्रति सहानुभूति रखती है और उनकी सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वेतन वृद्धि को लेकर भी आज ही कोई निर्णय होने की संभावना है। सभी श्रमिकों से अपील है कि वे अपने-अपने कारखानों में वापस लौटें और गौतम बुद्ध नगर जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।पिछले दो दिनों में कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें क्यूआर कोड स्कैन कराकर श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इसके पीछे कोई संगठित और सुनियोजित गिरोह सक्रिय है। भीड़ में शामिल ऐसे कुछ तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है और आगे भी उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।उनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी और यदि यह पाया जाता है कि उन्हें देश या राज्य के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो उस दिशा में भी कार्रवाई जिन्होंने उन्हें उकसाया था, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां की जाएंगी। नोएडा घटना पर DGP राजीव कृष्ण का बड़ा बयान!!
सुबह 5 बजे से लगातार रूट मार्च किया जा रहा है। आज सुबह श्रमिक तीन स्थानों पर एकत्र हुए थे, जिन्हें तुरंत वार्ता के बाद 15 मिनट के भीतर ही शांतिपूर्वक हटा दिया गया। कल से यहां मौजूद हाई पावर कमेटी ने सभी हितधारकों के साथ विस्तृत और लंबी मैराथन बैठकें कीं और कुछ सिफारिशें तैयार की हैं। इन सिफारिशों को लेकर आज सुबह 11:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की जाएगी।उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की समस्याओं को समझती है, उनके प्रति सहानुभूति रखती है और उनकी सभी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। वेतन वृद्धि को लेकर भी आज ही कोई निर्णय होने की संभावना है। सभी श्रमिकों से अपील है कि वे अपने-अपने कारखानों में वापस लौटें और गौतम बुद्ध नगर जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें।पिछले दो दिनों में कई व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं, जिनमें क्यूआर कोड स्कैन कराकर श्रमिकों को जोड़ा जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि इसके पीछे कोई संगठित और सुनियोजित गिरोह सक्रिय है। भीड़ में शामिल ऐसे कुछ तत्वों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया है और आगे भी उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी।उनकी फंडिंग की भी जांच की जाएगी और यदि यह पाया जाता है कि उन्हें देश या राज्य के बाहर से आर्थिक सहायता मिली है, तो उस दिशा में भी कार्रवाई जिन्होंने उन्हें उकसाया था, और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां की जाएंगी। नोएडा घटना पर DGP राजीव कृष्ण का बड़ा बयान!!
- Post by Mohd Sultan Warsi1
- रवि रावत की रिपोर्ट लोकेशन फतेहपुर बाराबंकी के फतेहपुर तहसील क्षेत्र में मंगलवार को बिशनपुर और सरैया मकबूल नगर गांवों में गेहूं के खेतों में आग लग गई। अज्ञात कारणों से लगी इस आग में खड़ी और कटी हुई फसल जलने लगी। आग की सूचना मिलते ही किसान और ग्रामीण तुरंत खेतों की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने बाल्टियों और अन्य उपलब्ध संसाधनों से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती गई। इस घटना में करीब 20 बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। बिशनपुर गांव के शिवनंदन (पुत्र गजराज, निवासी बाघामऊ), सुमिरन (पुत्र गजराज, निवासी बाघामऊ) और कैलाश (पुत्र राम मनोहर, निवासी कुतलूपुर) की कुल 0.570 हेक्टेयर फसल जल गई। स्थानीय लोगों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। घटना की जानकारी मिलते ही राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और नुकसान का आकलन शुरू किया। तहसीलदार वैशाली अहलावत ने बताया कि संबंधित लेखपाल से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों को शासन स्तर से सहायता दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे आर्थिक क्षति से उबर सकें।1
- बाराबंकी जनपद के लाजपत नगर स्थित गुरुद्वारा में खालसा साजना दिवस और बैसाखी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में बच्चों द्वारा कीर्तन प्रस्तुत किया गया। हजूरी रागी जत्था भाई तीरथ सिंह और भाई बलविंदर सिंह (हजूरी रागी दरबार साहिब अमृतसर) ने भी कीर्तन किया। सभी कार्यक्रमों का समापन लंगर के उपरांत हुआ। सिख धर्म में बैसाखी का विशेष महत्व है। इसी दिन वर्ष 1699 में गुरु गोविंद सिंह जी ने आनंदपुर साहिब में 'खालसा पंथ' की नींव रखी थी। उन्होंने पांच प्यारों को अमृत चखाकर एक निडर समुदाय तैयार किया था। यह पावन पर्व हमें मानवता की सेवा और सच्चाई के मार्ग पर डटे रहने का संदेश देता है। गुरुद्वारों में होने वाले कीर्तन और अरदास के साथ-साथ सड़कों पर नगर कीर्तन भी निकाले गए। इस मौके पर गुरुद्वारा कमेटी अध्यक्ष सरदार भूपेंद्र सिंह ने उपस्थित सभी पत्रकारों को मोमेंटो और अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में पंकज गुप्ता पंकी, सुरेंद्र सिंह वर्मा, एमएलसी राजेश यादव, व्यवसायी कुशल अग्रवाल, सरदार चरनजीत सिंह, सरदार जसबीर सिंह, सरदार प्रीत सिंह, नवीन सिंह, सरदार राजदीप सिंह, मनमीत सिंह, टीटू भाई, सुशील गुप्ता और अरुण गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।4
- बढ़ती गर्मी और प्रदूषण को देखते हुए वन विभाग बाराबंकी वन प्रभाग में प्रभागीय वनाधिकारी श्री आकाशदीप बधावन (आई.एफ.एस.) के मार्गदर्शन में देवा रेंज द्वारा वर्ष 2026 में किसान पथ पर आयरन गार्ड वृक्षारोपण किया गया है। जिसमें वर्तमान में लगभग 1000 आयरन गार्ड में छायादार एवम शोभाकार *कचनार,महोगनी, चकरेसिया तथा छितवन* प्रजाति के पौधों का रोपण किसान पथ की पटरियों पर किया गया है। भविष्य में 3000 आयरन गार्ड वृक्षारोपण और किए जाने वृक्षारोपण प्रस्तावित है। बताते चलें कि वर्तमान में किसान पथ पर एक भी छायादार वृक्ष न होने से राहगीरों एवं यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, कहीं-कहीं वृक्ष लगे हैं लेकिन वह खजूर प्रजाति के हैं जिससे किसी भी प्रकार की छाया प्राप्त नहीं होती है। देव रेंज द्वारा इन्हीं समस्याओं को दृष्टिगत रखते हुए स्थानीय ग्रामीण एवं राहगीरों के अनुरोध पर वृक्षारोपण कराया जा रहा है तथा भीषण गर्मी को देखते हुए पौधों की निरंतर सिंचाई सुनिश्चित की जा रही है वन क्षेत्राधिकारी देवा मयंक सिंहके नेतृत्व में तथा स्थानीय वन दरोगा श्री मनोज कुमार एवं बीट प्रभारी श्री राजेश मिश्रा द्वारा पौधों की शत प्रतिशत सफलता सुनिश्चित की जा रही है। ब्यूरो चीफ रामानंद सागर2
- बाराबंकी में हरे आम के पेड़ों की अवैध कटाई 🚨 वन विभाग पर मिलीभगत का आरोप | तुरंत कार्रवाई की मांग1
- SDO की गाड़ी में बैठ ‘कुत्ता महाराज’ निकले हैं. शायद औचक निरीक्षण पर निकले हो 😅 लेकिन SDO साहब कही नजर नहीं आ रहे हैं. वीडियो यूपी के जौनपुर की है.1
- बाराबंकी के मसौली में भारतीय किसान क्रांति यूनियन (बीकेकेयू) के पदाधिकारियों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई। यह आयोजन मसौली स्थित यूनियन कार्यालय पर किया गया। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष राहुल गुप्ता और महिला ब्लॉक अध्यक्ष गुड़िया रावत ने लोगों को मिठाई बांटी। ब्लॉक मीडिया प्रभारी विशाल गुप्ता ने डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, जिसके बाद सभी ने जोरदार नारेबाजी की। राहुल गुप्ता ने बाबासाहेब द्वारा बनाए गए संविधान का पालन करने का आह्वान किया, जबकि गुड़िया रावत ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डाला। मीडिया प्रभारी विशाल गुप्ता ने संविधान के रचयिता डॉ. भीमराव अंबेडकर के बलिदान को याद करते हुए सभी से एकजुट रहने की अपील की। इस मौके पर ब्लॉक प्रभारी शमीम मलिक, ब्लॉक उपाध्यक्ष अतीक, ब्लॉक सचिव राज नारायण, ब्लॉक संगठन मंत्री मो. राईस, ब्लॉक मंत्री अमन यादव, ब्लॉक महासचिव मनोज यादव सहित वरिष्ठ पत्रकार अब्दुल मोमिन और मो. साईद भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के तमाम लोग उपस्थित रहे।4
- Post by Sandeep Pasi1
- अध्यक्ष लखनऊ और आनंद कुमार के नेतृत्व में अंबेडकर जयंती मनाई गईडॉ. भीमराव अम्बेडकर: समानता के योद्धा परिचय 14 अप्रैल को भारत में बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर की जयंती मनाई जाती है। उनका जन्म 1891 में मध्य प्रदेश के महू में एक दलित परिवार में हुआ था। बचपन से ही छुआछूत और भेदभाव का सामना करने वाले अम्बेडकर ने शिक्षा के बल पर दुनिया को चुनौती दी। कोलंबिया और लंदन विश्वविद्यालय से डिग्री हासिल कर वे भारत के पहले विधिवेत्ता बने। संघर्ष की कहानी अम्बेडकर ने दलितों के अधिकारों के लिए जीवनभर लड़ाई लड़ी। 1927 में महाड सत्याग्रह में उन्होंने दलितों को सार्वजनिक तालाब से पानी पीने का हक दिलाया। पूना पैक्ट के जरिए उन्होंने दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र की मांग की। स्वतंत्र भारत के संविधान सभा के अध्यक्ष बनकर उन्होंने 26 जनवरी 1950 को लागू होने वाला संविधान तैयार किया, जिसमें समानता, स्वतंत्रता और न्याय के सिद्धांत हैं। अनुच्छेद 14 से 18 तक छुआछूत को खत्म करने वाले प्रावधान इन्हीं की देन हैं। महान विरासत अम्बेडकर ने महिलाओं, मजदूरों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर भी जोर दिया। 1956 में नागपुर में लाखों लोगों के साथ बौद्ध धर्म अपनाकर उन्होंने अस्पृश्यता के खिलाफ एक बड़ा संदेश दिया। आज भी 'जय भीम' का नारा करोड़ों लोगों को प्रेरित करता है। उनकी किताबें जैसे 'अनिहिलेशन ऑफ कास्ट' और 'बुद्धा एंड हिज धम्मा' सामाजिक न्याय की मशाल जलाती हैं। आज का संदेश अम्बेडकर जयंती हमें याद दिलाती है कि शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार है। असमानता खत्म करने के लिए हमें उनके सपनों को साकार करना होगा।1