फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के पाँच अपराधी गिरफ्तार फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के पाँच अपराधी गिरफ्तार कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये नगद,4 लाख 50 हजार रुपये के सोने चाँदी के आभूषण बरामद ग्रेटर नोएडा संवाददाता, थाना बिसरख पुलिस ने सर्विलांस,सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जीएसटी के अधिकारी बनकर जीएसटी कंसलटेन्ट वादी को दो कम्पनीयों का नाम लेकर फर्जी ई-वे बिल सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके वादी से 29 लाख रुपये हड़पने की घटना का सफल अनावरण करते हुए गिरोह के पाँच अभियुक्तगणों कशिश चौहान उर्फ ईशु पुत्र राकेश चौहान निवासी असगरीपुर गोहवार थाना नूरपुर बिजनौर हालपता ग्राम सलारपुर नोएडा, राजेश पवार पुत्र स्वर्गीय विशंभर सिंह निवासी के 223 अर्पण विहार जैतपुर एक्सटेंशन जिला महरौली दिल्ली, विवेक शर्मा पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी पचेहरा थाना नौझील जनपद मथुरा, अंकित शाही पुत्र उमाशंकर शाही निवासी निशानियाँ पेकोली थाना खामपार देवरिया यूपी, अंशुल पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी शांति नगर एटा को जलपुरा रोड स्कॉन मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने वादी से वसूले गये रूपयों में से 24 लाख 50 हजार रुपये नगद, 4 लाख 50 हजार रुपये से सोने की चैन,चांदी का कडा एंव अगूंठी (कुल शत प्रतिशत बरामदगी 29 लाख रुपये सुनिश्चित की गयी है), सात मोबाइल फोन विभिन्न कम्पनियों के, एक जोड़ी पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी, एक जोड़ी दिल्ली पुलिस सिविल डिफेन्स वर्दी और घटना में प्रयुक्त दो कार बरामद की है।घटना के अनावरण के दौरान विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच के दौरान प्रकाश में आया कि वादी के जीएसटी कंसलटेन्ट के रूप में कार्य करने के दौरान जीएसटी से सम्बन्धित बिलों में फर्जी कार्य करने पर जीएसटी विभाग द्वारा निर्गत नोटिस को निस्तारित कराने के उपक्रम में वादी प्रश्नगत घटना में मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान से वर्ष 2021 से सम्पर्क में आया था। घटना 20 जुलाई 2026 को जब वादी अपने घर से कार से निकले थे उस समय घटना का मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान वादी की कार में बैठ गया था। इससे प्रकाश में आया कि वादी संदीप और मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान आपस में पूर्व से परिचित थे। अभियुक्तगण से पूछताछ की गयी तो मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान द्वारा बताया गया कि मैं तथा मेरे साथी हम एक दूसरे को लगभग कई वर्षों से जानते है। मुझे वर्ष 2021 में ज्ञात हुआ था कि वादी जीएसटी के अभिलेखों/बिलों में हेरफेर करके मोटा मुनाफा कमाते हैं। वादी की इस कमी का फायदा उठाने के लिए हम लोगों ने मोटा पैसा हडपने की योजना बनाई और प्लान के मुताबिक हम लोगों ने लगातर वादी की हर गतिविधि की रेकी की। दिनांक 20 जुलाई 2026 को हमने वादी की कार ग्रान्ड विटारा को एस एस्पायर सोसायटी के पास रोक कर मेरे साथी द्वारा अपने को जीएसटी अधिकारी बता कर उसकी गाड़ी में बैठ गया। हम सब भी वहां से चल दिये। हमने वादी के कुत्ते को एक्सप्रेस-वे पर अपने साथी विवेक को बुलाकर सपुर्द कर दिया था। उप निरीक्षक की वर्दी पहने कशिश उर्फ ईशू चौहान द्वारा गाडी़ को चलाया गया और वादी को पिछली वाली सीट पर चांद के साथ बैठाया गया। राजेश कुमार आगे वाली सीट पर था। प्लान के मुताबिक हमने वादी को जीएसटी की धनराशि वसूलने के लिए ब्लैकमेल किया और जीएसटी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी जिस पर वादी तैयार हो गया और वादी के फोन से पैसा मंगवाया। हम लोग वादी को उसकी ही गाड़ी में इधर उधर घुमाते रहे जब वादी का भाई 29 लाख रुपये कैश लेकर आया तब हमने वादी को उसकी गाड़ी सहित छोड दिया और अपनी गाड़ी बुलाकर उस गाड़ी से चले गये थे।उल्लेखनीय है कि उक्त घटना में शामिल कोई भी अभियुक्त पुलिस कर्मी नहीं है। जॉच के दौरान ज्ञात हुआ है कि घटना में शामिल एक मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ इशू चौहान यशोभूमि द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है अभियुक्त राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल (डीसीडी) से जुडा हुआ है। विवेक शर्मा एस्कोर्ट मजेसर बल्लभगढ में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत रहा है। अंकित ग्राम सलारपुर में लोहे की ग्रिल/गेट बनाने का काम करता है एवं घटना में प्रयुक्त वाहन एक्सएल-6 का स्वामी है जो मूलरूप से देवरिया का रहने वाला है अंशुल दिल्ली में प्रोपर्टी का काम करता है जो मूलरूप से जनपद एटा का रहने वाला है।गौरतलब है कि 20 जुलाई 2026 को जीएसटी कंसलटेन्ट वादी अपनी आवासीय सोसायटी से उतरकर अपने पालतू डॉग के साथ व अपने लैपटाप को लेकर कार से निकले उसी समय एस एस्पायर सोसायटी के पास कार सवार व्यक्तियों द्वारा वादी की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाकर जीएसटी अधिकारी बनकर वादी की गाड़ी में बैठ गये वादी को दो फर्मों/कम्पनीयों का नाम बताकर उनका फर्जी ई-वे बिल/सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके उसके एवज में वादी से 29 लाख रुपये नकद वसूल लिये। इस घटना के सम्बन्ध में वादी की तहरीर पर थाना बिसरख पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।गिरफ्तार उपरोक्त अभियुक्तगण शातिर किस्म के जालसाज अपराधी है।जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के पाँच अपराधी गिरफ्तार फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के पाँच अपराधी गिरफ्तार कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये नगद,4 लाख 50 हजार रुपये के सोने चाँदी के आभूषण बरामद ग्रेटर नोएडा संवाददाता, थाना बिसरख पुलिस ने सर्विलांस,सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जीएसटी के अधिकारी बनकर जीएसटी कंसलटेन्ट वादी को दो कम्पनीयों का नाम लेकर फर्जी ई-वे बिल सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके वादी से 29 लाख रुपये हड़पने की घटना का सफल अनावरण करते हुए गिरोह के पाँच अभियुक्तगणों कशिश चौहान उर्फ ईशु पुत्र राकेश चौहान निवासी असगरीपुर गोहवार थाना नूरपुर बिजनौर हालपता ग्राम सलारपुर नोएडा, राजेश पवार पुत्र स्वर्गीय विशंभर सिंह निवासी के 223 अर्पण विहार जैतपुर एक्सटेंशन जिला महरौली दिल्ली, विवेक शर्मा पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी पचेहरा थाना नौझील जनपद मथुरा, अंकित शाही पुत्र उमाशंकर शाही निवासी निशानियाँ पेकोली थाना खामपार देवरिया यूपी, अंशुल पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी शांति नगर एटा को जलपुरा रोड स्कॉन मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने वादी से वसूले गये रूपयों में से 24 लाख 50 हजार रुपये नगद, 4 लाख 50 हजार रुपये से सोने की चैन,चांदी का कडा एंव अगूंठी (कुल शत प्रतिशत बरामदगी 29 लाख रुपये सुनिश्चित की
गयी है), सात मोबाइल फोन विभिन्न कम्पनियों के, एक जोड़ी पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी, एक जोड़ी दिल्ली पुलिस सिविल डिफेन्स वर्दी और घटना में प्रयुक्त दो कार बरामद की है।घटना के अनावरण के दौरान विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच के दौरान प्रकाश में आया कि वादी के जीएसटी कंसलटेन्ट के रूप में कार्य करने के दौरान जीएसटी से सम्बन्धित बिलों में फर्जी कार्य करने पर जीएसटी विभाग द्वारा निर्गत नोटिस को निस्तारित कराने के उपक्रम में वादी प्रश्नगत घटना में मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान से वर्ष 2021 से सम्पर्क में आया था। घटना 20 जुलाई 2026 को जब वादी अपने घर से कार से निकले थे उस समय घटना का मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान वादी की कार में बैठ गया था। इससे प्रकाश में आया कि वादी संदीप और मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान आपस में पूर्व से परिचित थे। अभियुक्तगण से पूछताछ की गयी तो मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान द्वारा बताया गया कि मैं तथा मेरे साथी हम एक दूसरे को लगभग कई वर्षों से जानते है। मुझे वर्ष 2021 में ज्ञात हुआ था कि वादी जीएसटी के अभिलेखों/बिलों में हेरफेर करके मोटा मुनाफा कमाते हैं। वादी की इस कमी का फायदा उठाने के लिए हम लोगों ने मोटा पैसा हडपने की योजना बनाई और प्लान के
मुताबिक हम लोगों ने लगातर वादी की हर गतिविधि की रेकी की। दिनांक 20 जुलाई 2026 को हमने वादी की कार ग्रान्ड विटारा को एस एस्पायर सोसायटी के पास रोक कर मेरे साथी द्वारा अपने को जीएसटी अधिकारी बता कर उसकी गाड़ी में बैठ गया। हम सब भी वहां से चल दिये। हमने वादी के कुत्ते को एक्सप्रेस-वे पर अपने साथी विवेक को बुलाकर सपुर्द कर दिया था। उप निरीक्षक की वर्दी पहने कशिश उर्फ ईशू चौहान द्वारा गाडी़ को चलाया गया और वादी को पिछली वाली सीट पर चांद के साथ बैठाया गया। राजेश कुमार आगे वाली सीट पर था। प्लान के मुताबिक हमने वादी को जीएसटी की धनराशि वसूलने के लिए ब्लैकमेल किया और जीएसटी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी जिस पर वादी तैयार हो गया और वादी के फोन से पैसा मंगवाया। हम लोग वादी को उसकी ही गाड़ी में इधर उधर घुमाते रहे जब वादी का भाई 29 लाख रुपये कैश लेकर आया तब हमने वादी को उसकी गाड़ी सहित छोड दिया और अपनी गाड़ी बुलाकर उस गाड़ी से चले गये थे।उल्लेखनीय है कि उक्त घटना में शामिल कोई भी अभियुक्त पुलिस कर्मी नहीं है। जॉच के दौरान ज्ञात हुआ है कि घटना में शामिल एक मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ इशू चौहान यशोभूमि द्वारका दिल्ली में
डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है अभियुक्त राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल (डीसीडी) से जुडा हुआ है। विवेक शर्मा एस्कोर्ट मजेसर बल्लभगढ में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत रहा है। अंकित ग्राम सलारपुर में लोहे की ग्रिल/गेट बनाने का काम करता है एवं घटना में प्रयुक्त वाहन एक्सएल-6 का स्वामी है जो मूलरूप से देवरिया का रहने वाला है अंशुल दिल्ली में प्रोपर्टी का काम करता है जो मूलरूप से जनपद एटा का रहने वाला है।गौरतलब है कि 20 जुलाई 2026 को जीएसटी कंसलटेन्ट वादी अपनी आवासीय सोसायटी से उतरकर अपने पालतू डॉग के साथ व अपने लैपटाप को लेकर कार से निकले उसी समय एस एस्पायर सोसायटी के पास कार सवार व्यक्तियों द्वारा वादी की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाकर जीएसटी अधिकारी बनकर वादी की गाड़ी में बैठ गये वादी को दो फर्मों/कम्पनीयों का नाम बताकर उनका फर्जी ई-वे बिल/सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके उसके एवज में वादी से 29 लाख रुपये नकद वसूल लिये। इस घटना के सम्बन्ध में वादी की तहरीर पर थाना बिसरख पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।गिरफ्तार उपरोक्त अभियुक्तगण शातिर किस्म के जालसाज अपराधी है।जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।
- फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के पाँच अपराधी गिरफ्तार फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर 29 लाख रुपये हड़पने वाले गिरोह के पाँच अपराधी गिरफ्तार कब्जे से 24 लाख 50 हजार रुपये नगद,4 लाख 50 हजार रुपये के सोने चाँदी के आभूषण बरामद ग्रेटर नोएडा संवाददाता, थाना बिसरख पुलिस ने सर्विलांस,सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से जीएसटी के अधिकारी बनकर जीएसटी कंसलटेन्ट वादी को दो कम्पनीयों का नाम लेकर फर्जी ई-वे बिल सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके वादी से 29 लाख रुपये हड़पने की घटना का सफल अनावरण करते हुए गिरोह के पाँच अभियुक्तगणों कशिश चौहान उर्फ ईशु पुत्र राकेश चौहान निवासी असगरीपुर गोहवार थाना नूरपुर बिजनौर हालपता ग्राम सलारपुर नोएडा, राजेश पवार पुत्र स्वर्गीय विशंभर सिंह निवासी के 223 अर्पण विहार जैतपुर एक्सटेंशन जिला महरौली दिल्ली, विवेक शर्मा पुत्र दुर्गा प्रसाद निवासी पचेहरा थाना नौझील जनपद मथुरा, अंकित शाही पुत्र उमाशंकर शाही निवासी निशानियाँ पेकोली थाना खामपार देवरिया यूपी, अंशुल पुत्र नरेंद्र सिंह निवासी शांति नगर एटा को जलपुरा रोड स्कॉन मंदिर से गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से पुलिस ने वादी से वसूले गये रूपयों में से 24 लाख 50 हजार रुपये नगद, 4 लाख 50 हजार रुपये से सोने की चैन,चांदी का कडा एंव अगूंठी (कुल शत प्रतिशत बरामदगी 29 लाख रुपये सुनिश्चित की गयी है), सात मोबाइल फोन विभिन्न कम्पनियों के, एक जोड़ी पुलिस सब इंस्पेक्टर की वर्दी, एक जोड़ी दिल्ली पुलिस सिविल डिफेन्स वर्दी और घटना में प्रयुक्त दो कार बरामद की है।घटना के अनावरण के दौरान विभिन्न पहलुओं की गहनता से जांच के दौरान प्रकाश में आया कि वादी के जीएसटी कंसलटेन्ट के रूप में कार्य करने के दौरान जीएसटी से सम्बन्धित बिलों में फर्जी कार्य करने पर जीएसटी विभाग द्वारा निर्गत नोटिस को निस्तारित कराने के उपक्रम में वादी प्रश्नगत घटना में मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान से वर्ष 2021 से सम्पर्क में आया था। घटना 20 जुलाई 2026 को जब वादी अपने घर से कार से निकले थे उस समय घटना का मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ ईशू चौहान वादी की कार में बैठ गया था। इससे प्रकाश में आया कि वादी संदीप और मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान आपस में पूर्व से परिचित थे। अभियुक्तगण से पूछताछ की गयी तो मुख्य अभियुक्त कशिश चौहान द्वारा बताया गया कि मैं तथा मेरे साथी हम एक दूसरे को लगभग कई वर्षों से जानते है। मुझे वर्ष 2021 में ज्ञात हुआ था कि वादी जीएसटी के अभिलेखों/बिलों में हेरफेर करके मोटा मुनाफा कमाते हैं। वादी की इस कमी का फायदा उठाने के लिए हम लोगों ने मोटा पैसा हडपने की योजना बनाई और प्लान के मुताबिक हम लोगों ने लगातर वादी की हर गतिविधि की रेकी की। दिनांक 20 जुलाई 2026 को हमने वादी की कार ग्रान्ड विटारा को एस एस्पायर सोसायटी के पास रोक कर मेरे साथी द्वारा अपने को जीएसटी अधिकारी बता कर उसकी गाड़ी में बैठ गया। हम सब भी वहां से चल दिये। हमने वादी के कुत्ते को एक्सप्रेस-वे पर अपने साथी विवेक को बुलाकर सपुर्द कर दिया था। उप निरीक्षक की वर्दी पहने कशिश उर्फ ईशू चौहान द्वारा गाडी़ को चलाया गया और वादी को पिछली वाली सीट पर चांद के साथ बैठाया गया। राजेश कुमार आगे वाली सीट पर था। प्लान के मुताबिक हमने वादी को जीएसटी की धनराशि वसूलने के लिए ब्लैकमेल किया और जीएसटी के मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी जिस पर वादी तैयार हो गया और वादी के फोन से पैसा मंगवाया। हम लोग वादी को उसकी ही गाड़ी में इधर उधर घुमाते रहे जब वादी का भाई 29 लाख रुपये कैश लेकर आया तब हमने वादी को उसकी गाड़ी सहित छोड दिया और अपनी गाड़ी बुलाकर उस गाड़ी से चले गये थे।उल्लेखनीय है कि उक्त घटना में शामिल कोई भी अभियुक्त पुलिस कर्मी नहीं है। जॉच के दौरान ज्ञात हुआ है कि घटना में शामिल एक मुख्य अभियुक्त कशिश उर्फ इशू चौहान यशोभूमि द्वारका दिल्ली में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत है अभियुक्त राजेश पंवार दिल्ली नागरिक सुरक्षा बल (डीसीडी) से जुडा हुआ है। विवेक शर्मा एस्कोर्ट मजेसर बल्लभगढ में डीसीपीओ (ड्राइवर कम पम्प ऑपरेटर) के पद पर कार्यरत रहा है। अंकित ग्राम सलारपुर में लोहे की ग्रिल/गेट बनाने का काम करता है एवं घटना में प्रयुक्त वाहन एक्सएल-6 का स्वामी है जो मूलरूप से देवरिया का रहने वाला है अंशुल दिल्ली में प्रोपर्टी का काम करता है जो मूलरूप से जनपद एटा का रहने वाला है।गौरतलब है कि 20 जुलाई 2026 को जीएसटी कंसलटेन्ट वादी अपनी आवासीय सोसायटी से उतरकर अपने पालतू डॉग के साथ व अपने लैपटाप को लेकर कार से निकले उसी समय एस एस्पायर सोसायटी के पास कार सवार व्यक्तियों द्वारा वादी की गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी लगाकर जीएसटी अधिकारी बनकर वादी की गाड़ी में बैठ गये वादी को दो फर्मों/कम्पनीयों का नाम बताकर उनका फर्जी ई-वे बिल/सत्यापन का कार्य करने के लिए ब्लैकमेल करके उसके एवज में वादी से 29 लाख रुपये नकद वसूल लिये। इस घटना के सम्बन्ध में वादी की तहरीर पर थाना बिसरख पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।गिरफ्तार उपरोक्त अभियुक्तगण शातिर किस्म के जालसाज अपराधी है।जिनके विरुद्ध पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया है।4
- भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अपर्णा सिंह त्रिपाठी के नेतृत्व में स्याना में निकली भव्य तिरंगा यात्रा* *भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अपर्णा सिंह त्रिपाठी के नेतृत्व में स्याना में निकली भव्य तिरंगा यात्रा* *स्याना* स्याना विधानसभा क्षेत्र में "हर घर तिरंगा" अभियान के अंतर्गत एक भव्य तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। इस गौरवमयी यात्रा में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। देशभक्ति के नारों और हाथों में लहराते तिरंगों के साथ निकली यह यात्रा स्याना नगर में आकर्षण का केंद्र बनी रही। यात्रा के दौरान लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य एवं अटल फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती अपर्णा सिंह त्रिपाठी जी सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों तथा स्कूलों के बच्चों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर सभी ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव को बनाए रखने का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि तिरंगा केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं है, बल्कि यह देश के वीर शहीदों के त्याग, बलिदान और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने सभी से "हर घर तिरंगा" अभियान को सफल बनाने की अपील की।4
- हमारे देश का तिरंगा कब, कहाँ,कैसे, किसने और क्यों बनाया। जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखिए। हमारे पेज को फॉलो, लाइक और सुझाव जरूर दीजिए। #तिरंगा #तिरंगदिवस #इंडिया #भारत #डिप्टीस्पीकर हमारे देश का तिरंगा कब, कहाँ,कैसे, किसने और क्यों बनाया। जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखिए। हमारे पेज को फॉलो, लाइक और सुझाव जरूर दीजिए। #तिरंगा #तिरंगदिवस #इंडिया #भारत #डिप्टीस्पीकर1
- यमुना एक्सप्रेस-वे के आवासीय प्लाट का अधिकार किसानों का वाजिब अधिकार। मास्टर श्यौराज राष्ट्रीय अध्यक्ष भारतीय किसान यूनियन लोकशक्ति1
- Tum jo sunte ho... kya woh waise hi rehta hai? Ek Sach... ek insaan se doosre tak jaate-jaate badal jaata hai. Aur kuch din baad, wahi "fact" logon ki reality ban jaata hai. 🧠 Is psychological phenomenon ko kehte hain Information Distortion. Question Everything. Trust Slowly. Verify First. 💬 Agar tumhe lagta hai ki har viral baat sach nahi hoti, comment "TRUTH".1
- बुलंदशहर: ADO पंचायत की ब्रेजा चोरी, घर के बाहर खड़ी हुई थी कार बुलन्दशहर सिटी की पॉश कॉलोनी यमुनापुरम में हुई चोरी की वारदात, सीसीटीवी कैमरों में कैद बेखौफ कार सवार बदमाश काफी मशक्कत के बाद हुए चोरी में कामयाब ADO पंचायत राजकुमार शर्मा की तहरीर पर एफआईआर दर्ज पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कर रही है चोरों की तलाश सिटी कोतवाली क्षेत्र के यमुनापुरम की घटना। रिपोर्ट: अमित तोमर, बुलन्दशहर टाइम्स न्यूज (BTN24)1