जनपद महराजगंज में आगामी मानसून के मद्देनजर, जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को तहसील नौतनवा क्षेत्र स्थित अराजी सुबाइन तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने बताया कि नदी के ठोकर स्थलों पर वायर क्रेट में बोल्डर भरकर स्लोप संरक्षण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, तटबंधों पर स्थापित रेगुलेटरों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त स्लोपों के सुदृढ़ीकरण का काम भी प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी बाढ़ निरोधक एवं तटबंध संरक्षण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तटबंधों पर मौजूद रैट होल, रेन कट, दरारें, कटान संभावित स्थलों और अन्य कमजोर बिंदुओं का तत्काल सर्वेक्षण कर उनकी प्रभावी मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षाकाल में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और बोल्डर, बालू की बोरियां, वायर क्रेट जैसे आवश्यक सामग्री तथा अन्य आपदा राहत संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती एवं आपातकालीन कार्ययोजना को अद्यतन रखते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि बाढ़ निरोधक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से प्रगति की सतत समीक्षा करने को कहा। इस निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन प्रसाद और अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
जनपद महराजगंज में आगामी मानसून के मद्देनजर, जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को तहसील नौतनवा क्षेत्र स्थित अराजी सुबाइन तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने बताया कि नदी के ठोकर स्थलों पर वायर क्रेट में बोल्डर भरकर स्लोप संरक्षण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, तटबंधों पर स्थापित रेगुलेटरों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त स्लोपों के सुदृढ़ीकरण का काम भी प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी बाढ़ निरोधक एवं तटबंध संरक्षण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तटबंधों पर मौजूद रैट होल, रेन कट, दरारें, कटान संभावित स्थलों और अन्य कमजोर बिंदुओं का तत्काल सर्वेक्षण कर उनकी प्रभावी मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षाकाल में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और बोल्डर, बालू की बोरियां, वायर क्रेट जैसे आवश्यक सामग्री तथा अन्य आपदा राहत संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती एवं आपातकालीन कार्ययोजना को अद्यतन रखते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि बाढ़ निरोधक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से प्रगति की सतत समीक्षा करने को कहा। इस निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन प्रसाद और अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- जनपद महराजगंज में आगामी मानसून के मद्देनजर, जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को तहसील नौतनवा क्षेत्र स्थित अराजी सुबाइन तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए संचालित बाढ़ सुरक्षा कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने बताया कि नदी के ठोकर स्थलों पर वायर क्रेट में बोल्डर भरकर स्लोप संरक्षण का कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, तटबंधों पर स्थापित रेगुलेटरों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त स्लोपों के सुदृढ़ीकरण का काम भी प्रगति पर है। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी बाढ़ निरोधक एवं तटबंध संरक्षण कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि तटबंधों पर मौजूद रैट होल, रेन कट, दरारें, कटान संभावित स्थलों और अन्य कमजोर बिंदुओं का तत्काल सर्वेक्षण कर उनकी प्रभावी मरम्मत सुनिश्चित की जाए, ताकि वर्षाकाल में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ सुरक्षा से जुड़े सभी संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी की जाए और बोल्डर, बालू की बोरियां, वायर क्रेट जैसे आवश्यक सामग्री तथा अन्य आपदा राहत संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती एवं आपातकालीन कार्ययोजना को अद्यतन रखते हुए किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि बाढ़ निरोधक कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और अधिकारियों को कार्यों की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित निरीक्षण के माध्यम से प्रगति की सतत समीक्षा करने को कहा। इस निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन प्रसाद और अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- गोरखपुर के कैंपियरगंज स्थित करीमनगर गांव में एक परिवार ने आरोप लगाया है कि उनके मुखिया को शराब पिलाकर नशे की हालत में उनकी करीब 10 लाख रुपये कीमत की जमीन का बैनामा करा लिया गया। परिजनों का दावा है कि उनकी जमीन को महज 20 हजार रुपये में हड़प लिया गया है, जिसके बाद से ही पूरे इलाके में गहमागहमी का माहौल है।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती-2025 की ऑफलाइन लिखित परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए महराजगंज में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरावल की अध्यक्षता में यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने परीक्षा कार्य में लगे सभी अधिकारियों को आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का गहन अध्ययन करने के निर्देश दिए। उन्होंने केंद्र व्यवस्थापकों, केंद्र पुलिस प्रभारियों, सेक्टर और स्टेटिक मजिस्ट्रेटों को परीक्षा से पूर्व सभी 13 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जांच सुनिश्चित करने को कहा। किसी भी कमी के पाए जाने पर उसे तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा व्यवस्था में लापरवाही या शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी केंद्रों पर बिजली, पेयजल, चिकित्सा टीम तथा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए प्रवेश द्वार पर छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, साथ ही जोर देकर कहा कि परीक्षा की निगरानी शासन स्तर से की जा रही है, अतः सभी अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने पुलिस अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों के आसपास सुदृढ़ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। जनपद के लिए नामित जिला प्रबंधक डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि जिले के 13 परीक्षा केंद्रों पर 8, 9 एवं 10 जून को कुल छह पालियों में परीक्षा आयोजित होगी। प्रत्येक पाली में 5,760 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जबकि कुल 34,560 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल होंगे। इस समीक्षा बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) डॉ. प्रशांत कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. नवनाथ प्रसाद, वरिष्ठ कोषाधिकारी राजकुमार गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार शर्मा और बीएसए सहित कई संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सिद्धार्थनगर से भगवा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने हिंदुत्व के विषय पर एक बयान दिया है।1
- संत कबीर नगर के मेंहदावल नगर क्षेत्र में स्थित नगर सरकारी बैंक के पास लगे एक मोबाइल टावर पर एक युवक जान देने की धमकी देते हुए चढ़ गया। सूरज पटेल नामक यह युवक, जो बिहार के औरंगाबाद जिले के हंसापुर थाना अंतर्गत सिंहाडी गांव का निवासी है, अपनी पत्नी और बच्चे के न मिलने से परेशान होकर यह कदम उठा रहा था। इस घटना के कारण मौके पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और अफरा-तफरी मच गई, साथ ही कई लोग इस वाकये का वीडियो बना रहे थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और युवक को मोबाइल पर बातचीत कर समझाने का प्रयास किया। पुलिस और स्थानीय पत्रकारों की समझाइश के बाद, युवक आखिरकार टावर से नीचे उतर गया। इसके बाद पुलिस युवक को थाने ले गई। इस दौरान, पुलिस के पहुँचने पर जमा भीड़ को हटाया गया।4
- पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला 4 जून (गुरुवार) को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला गया, जिसमें ऑस्ट्रेलियाई कप्तान जोश इंग्लिस ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इसी मुकाबले के दौरान पाकिस्तान टीम को एक बड़ा झटका लगा, जब युवा सलामी बल्लेबाज माज सदाकत फील्डिंग करते समय गंभीर रूप से चोटिल हो गए और उन्हें मैदान छोड़कर बाहर जाना पड़ा. यह घटना ऑस्ट्रेलियाई पारी के 10वें ओवर में हुई. पाकिस्तानी स्पिनर अराफात मिन्हास की गेंद पर मार्नस लाबुशेन ने स्क्वायर लेग की दिशा में शॉट खेला, जो तेजी से बाउंड्री की ओर जा रहा था. माज सदाकत गेंद को रोकने के लिए पूरी रफ्तार से दौड़े और एक शानदार एथलेटिक प्रयास करते हुए गेंद को बाउंड्री लाइन पार जाने से पहले रोक लिया. हालाँकि, इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया, और उनका सिर ज़मीन से जोरदार तरीके से टकराया. अपनी तेज गति के कारण वह बाउंड्री के पास लगे विज्ञापन बोर्ड और फेंसिंग से भी जा भिड़े. यह टक्कर इतनी खतरनाक थी कि वह तुरंत मैदान पर गिर पड़े और काफी देर तक उठ नहीं सके. घटना के बाद मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों के चेहरों पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी. साथी खिलाड़ी शमील हुसैन ने तुरंत मेडिकल टीम को बुलाया. फिजियो और डॉक्टरों की टीम ने मैदान पर पहुंचकर माज सदाकत का प्राथमिक परीक्षण किया, और कुछ मिनटों तक इलाज चलने के बाद उन्हें सहारा देकर मैदान से बाहर ले जाया गया. इस पूरी घटना के दौरान स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी काफी चिंतित नजर आए.1
- आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए, महराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने बुधवार को तहसील नौतनवा क्षेत्र में स्थित अराजी सुबाइन तटबंध का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ निरोधक कार्यों और तटबंधों की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया, साथ ही अराजी सुबाइन के दाएं और बाएं तटबंध पर चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की। निरीक्षण के दौरान, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय ने जानकारी दी कि नदी के ठोकर स्थलों पर वायर क्रेट में बोल्डर भरकर स्लोप संरक्षण का कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त, तटबंधों पर स्थापित रेगुलेटरों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त स्लोपों को मजबूत करने का कार्य भी किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी बाढ़ सुरक्षा और तटबंध संरक्षण संबंधी कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर हर हाल में पूरे कर लिए जाएं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि वे तटबंधों पर मौजूद रैट होल, रेन कट, दरारें, कटान संभावित स्थलों और अन्य कमजोर बिंदुओं का तत्काल सर्वेक्षण कर प्रभावी मरम्मत सुनिश्चित करें, ताकि वर्षाकाल के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने बाढ़ सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी करने तथा बोल्डर, बालू की बोरियां और वायर क्रेट जैसी आवश्यक राहत एवं बचाव सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती और आपातकालीन कार्ययोजना को अद्यतन (अपडेट) रखने पर भी विशेष जोर दिया गया। डीएम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि बाढ़ निरोधक कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमित निरीक्षण के माध्यम से प्रगति की लगातार समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। इस निरीक्षण के समय उपजिलाधिकारी नौतनवा नवीन प्रसाद और अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड द्वितीय राजीव कपिल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।2
- सिद्धार्थनगर जिले में स्वच्छ भारत मिशन की जमीनी हकीकत सामने आई है, जहाँ बर्डपुर ब्लॉक के अंतर्गत बर्डपुर न. 10 टोला शिवकोटवा में यह मिशन पूरी तरह विफल होता दिख रहा है। गाँव की नालियां पूरी तरह से जाम हो गई हैं, जिसके कारण उनका गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। बजबजाती नालियां गंभीर बीमारियों को सीधा न्योता दे रही हैं, और ग्रामीणों को आने-जाने में भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़कों पर गंदा पानी जमा होने, जल भराव और चारों ओर फैली गंदगी से स्थानीय ग्रामीणों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। इस स्थिति के बावजूद, सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए स्वच्छ भारत मिशन पर लाखों-करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद, सफाई व्यवस्था के प्रति जिम्मेदार अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।2