अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर हुए कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। इसी क्रम में गोरखपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले ने पूरे देश के सनातनियों और रामभक्तों को आहत किया है। जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग सनातन के नाम पर सत्ता में आए थे, उन्होंने पहले जनता को लूटा और अब पवित्र मंदिरों को भी लूटना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से राम मंदिर चंदे का घोटाला सामने आया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा यहीं नहीं थमा; उन्होंने इस मामले की जांच के लिए सरकार द्वारा बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह एसआईटी केवल एक "छलावा" और "आईवॉश" मात्र है, जिसका एकमात्र उद्देश्य बड़े गुनहगारों को बचाना है। कांग्रेस की यह मांग है कि पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले बड़े चेहरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर हुए कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। इसी क्रम में गोरखपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले ने पूरे देश के सनातनियों और रामभक्तों को आहत किया है। जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग सनातन के नाम पर सत्ता में आए थे, उन्होंने पहले जनता को लूटा और अब पवित्र मंदिरों को भी लूटना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से राम मंदिर चंदे का घोटाला सामने आया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा यहीं नहीं थमा; उन्होंने इस मामले की जांच के लिए सरकार द्वारा बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह एसआईटी केवल एक "छलावा" और "आईवॉश" मात्र है, जिसका एकमात्र उद्देश्य बड़े गुनहगारों को बचाना है। कांग्रेस की यह मांग है कि पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले बड़े चेहरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
- भारतीय किसान यूनियन (लोकशक्ति) ने फतेहपुर जिले से एक बड़ा आरोप लगाया है, जिसमें कहा गया है कि फर्रुखाबाद के कायमगंज एसडीएम अतुल सिंह ने उनके नेता अली कायम को ज्ञापन देने के बाद कथित तौर पर फोन पर बुलाकर बिना किसी कारण हिरासत में लिया और अपमानित किया। इस घटना के बाद, भाकियू लोकशक्ति ने आज फतेहपुर में जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजकर एसडीएम के खिलाफ जांच और कार्रवाई की मांग की है। संगठन का आरोप है कि 15 जून को पूरे उत्तर प्रदेश में भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्षों ने यमुना एक्सप्रेस-वे के अतिरिक्त मुआवजे, जेवर एयरपोर्ट में रोजगार और सोनभद्र चकबंदी में अनियमितता जैसी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपे थे। इसी क्रम में, कायमगंज तहसील के एसडीएम अतुल सिंह को भी जिलाध्यक्ष अली कायम ने ज्ञापन सौंपा था। आरोप है कि ज्ञापन सौंपने के बाद एसडीएम के स्टेनो ने अली कायम को दोबारा तहसील बुलाया, जहाँ एसडीएम ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें पुलिस हिरासत में ले लिया। भाकियू लोकशक्ति ने इस कार्रवाई को "अकारण और अन्यायपूर्ण" बताते हुए एसडीएम के व्यवहार की निष्पक्ष जांच और अली कायम पर लगे आरोपों को वापस लेने की मांग की है। मुख्यमंत्री को भेजे गए इस ज्ञापन में फतेहपुर के मदरियापुर गांव से जुड़ा एक और मुद्दा भी उठाया गया है। किसानों का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली के बिल बहुत अधिक आ रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली के मीटरों को ठीक नहीं किया गया, तो किसान मजबूर होकर उन्हें उखाड़कर बिजली विभाग में फेंक देंगे। भाकियू लोकशक्ति ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी सभी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन किए जाएंगे।4
- उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जनपद के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र स्थित सीतापुर गांव में एक घरेलू विवाद ने खूनी त्रासदी का रूप ले लिया है। बुधवार सुबह पिता द्वारा की गई गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल पुत्र अवनीश वर्मा की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना में उनकी बहू प्रियंका वर्मा उर्फ मनीषा वर्मा भी गोली लगने से बुरी तरह घायल हुई हैं, जो अभी भी अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रही हैं। इस दर्दनाक घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच की। पुलिस ने आरोपी पिता की लाइसेंसी बंदूक जब्त कर ली है। वारदात को अंजाम देने के बाद से आरोपी पिता फरार है। इस घटना के बाद पूरे गांव में गहरा शोक और दहशत का माहौल व्याप्त है।4
- Post by Sandeep pal1
- फतेहपुर जनपद के बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में बुधवार को एक पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। आरोप है कि पिता राम खिलावन वर्मा ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से अपने बेटे और बहू पर गोली चला दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे के हाथ में और बहू के पेट में गोली लगी है। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बाद से ही आरोपी पिता फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सक्रियता से जुटी हुई हैं। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- बिहार के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में एक नया मोड़ आया है। मृतक भरत तिवारी के भाई आशीष ने खुले तौर पर चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे भी 'दूसरा भरत तिवारी' बन जाएंगे।1
- बबेरू कस्बे में मोहर्रम के सातवें दिन हज़रत कासिम की स्मृति में एक मेहंदी पलंग जुलूस निकाला गया। इस आयोजन के दौरान पुलिस बल सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौजूद रहा।1
- अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर हुए कथित चंदा चोरी के मामले को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। इसी क्रम में गोरखपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया, जहाँ उन्होंने आरोप लगाया कि इस घोटाले ने पूरे देश के सनातनियों और रामभक्तों को आहत किया है। जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग सनातन के नाम पर सत्ता में आए थे, उन्होंने पहले जनता को लूटा और अब पवित्र मंदिरों को भी लूटना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से राम मंदिर चंदे का घोटाला सामने आया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा यहीं नहीं थमा; उन्होंने इस मामले की जांच के लिए सरकार द्वारा बनाई गई विशेष जांच दल (SIT) पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जिला अध्यक्ष राजेश तिवारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह एसआईटी केवल एक "छलावा" और "आईवॉश" मात्र है, जिसका एकमात्र उद्देश्य बड़े गुनहगारों को बचाना है। कांग्रेस की यह मांग है कि पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच की जाए और इसमें दोषी पाए जाने वाले बड़े चेहरों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो।1
- कानपुर देहात के रानियां औद्योगिक क्षेत्र स्थित जीपीएल फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियां और पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर लगभग काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने के कारणों की जांच में प्रशासन और फायर विभाग जुट गए हैं।1