फतेहपुर जनपद के बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में बुधवार को एक पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। आरोप है कि पिता राम खिलावन वर्मा ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से अपने बेटे और बहू पर गोली चला दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे के हाथ में और बहू के पेट में गोली लगी है। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बाद से ही आरोपी पिता फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सक्रियता से जुटी हुई हैं। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
फतेहपुर जनपद के बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में बुधवार को एक पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। आरोप है कि पिता राम खिलावन वर्मा ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से अपने बेटे और बहू पर गोली चला दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे के हाथ में और बहू के पेट में गोली लगी है। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बाद से ही आरोपी पिता फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सक्रियता से जुटी हुई हैं। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
- फतेहपुर जनपद के बिन्दकी कोतवाली क्षेत्र के सीतापुर गांव में बुधवार को एक पारिवारिक विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया। आरोप है कि पिता राम खिलावन वर्मा ने अपनी लाइसेंसी डबल बैरल बंदूक से अपने बेटे और बहू पर गोली चला दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। बेटे के हाथ में और बहू के पेट में गोली लगी है। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया। वर्तमान में दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को अपने कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। पुलिस अधीक्षक ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। घटना के बाद से ही आरोपी पिता फरार बताया जा रहा है, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें सक्रियता से जुटी हुई हैं। पुलिस इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।1
- फतेहपुर जिले के बिंदकी थाना क्षेत्र अंतर्गत सीतापुर गांव में बुधवार सुबह करीब 10 बजे एक सनसनीखेज गोलीकांड हुआ। रामखिलावन वर्मा नामक व्यक्ति ने पारिवारिक विवाद में आक्रोशित होकर अपनी लाइसेंसी डबल बैरल गन से अपने बेटे अवनीश और बहू मनीषा पर एक-एक राउंड फायर कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। मनीषा के पेट में और अवनीश के हाथ में चोटें आई हैं। घायलों को तत्काल सीएचसी बिंदकी ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया। फिलहाल वे कानपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घायलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को बरामद कर सीज कर लिया है। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी रामखिलावन वर्मा मौके से फरार हो गया। पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए गहन छानबीन कर रही हैं और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी का दावा किया गया है। एसपी फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक ने मौके पर मीडिया को पूरी घटना की जानकारी दी और आश्वासन दिया कि आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है।4
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- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे में बालू लदे एक अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सवारियों से भरे सीएनजी ऑटो को जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना सेलरहा पश्चिम के पास हुई, जिसमें ऑटो सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची, घायलों को जिला अस्पताल भेजा और मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सीओ सदर और संबंधित थाने की पुलिस भी जिला अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतकों की पहचान कानपुर निवासी सूर्यांश शुक्ला (24) पुत्र महेश चंद्र और आशीष मिश्रा पुत्र किशोर मिश्रा के रूप में हुई है। वहीं, घायलों में एकाग्र (8) पुत्र शिवम, मंझनपुर निवासी निर्मला (65) पत्नी वेद बिहारी, सुल्तानपुर घोष (जनपद फतेहपुर) निवासी मोहसिन (35) पुत्र मोहम्मद शरीफ, मंगरोहनी निवासी राम सुमेर (35) पुत्र रामकिशन और कानपुर निवासी रेखा देवी पत्नी राजकुमार शर्मा शामिल हैं। जानकारी के अनुसार, सीएनजी ऑटो में सवार सभी यात्री सिराथू जा रहे थे तभी यह भीषण टक्कर हुई, जिससे ऑटो के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने बताया कि यह हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की लापरवाही के कारण हुआ है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को अपने कब्जे में ले लिया है, हालांकि चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है और इस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- कौशांबी जिले के जवई क्षेत्र में, 'वॉइस ऑफ कौशांबी' न्यूज़ चैनल की तरफ से सरबत का वितरण किया गया है। यह कार्यक्रम विशेष रूप से गरमी से संबंधित खबरों के संदर्भ में सामने आया है, जो सिराथू और कौशांबी जिले की स्थानीय गतिविधियों को दर्शाता है।1
- कौशाम्बी जिले के सराय अकील थाना क्षेत्र स्थित टिकरा पनारा गोपालपुर गांव में बुधवार को कथित गौकशी की सूचना मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचकर क्षेत्र की घेराबंदी करते हुए जाँच शुरू कर दी। ग्रामीणों के अनुसार, गाँव के बाहर संदिग्ध परिस्थितियों में गोवंश के अवशेष मिलने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी अभिषेक सिंह सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और बारीकी से मुआयना किया। पुलिस टीम ने साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया शुरू करते हुए आसपास के लोगों से पूछताछ भी की। इस घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए, जिस पर पुलिस ने लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जाँच की जा रही है तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस द्वारा बरामद किए गए अवशेषों को जाँच के लिए भेजने की प्रक्रिया चल रही है। साथ ही, घटना में शामिल संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए विभिन्न पहलुओं पर जाँच तेज कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जाँच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, गाँव में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में पुलिस ने एक खेत में मिले मछली चौकीदार के शव की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मुख्य अभियुक्त को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अपराध में इस्तेमाल की गई लाठी, नुकीला पत्थर और घटना के समय पहने गए कपड़े बरामद किए हैं। दूसरे फरार आरोपी की तलाश अभी भी जारी है। पुलिस के अनुसार, यह वारदात अलवारा झील में मछली पकड़ने को लेकर चल रही रंजिश के कारण अंजाम दी गई थी। 20 जून की सुबह महेवाघाट थाना क्षेत्र के पौर काशीरामपुर गांव के पास खेत में बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी ब्रह्मदेव साहनी का शव मिला था, जो पिछले लगभग 20 वर्षों से अलवारा झील में मछली मारने और उसकी रखवाली का काम करते थे। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी राजू सरोज ने बताया कि मृतक चौकीदार उन्हें और उनके साथियों को मछली पकड़ने से रोकता था और ठेकेदार से शिकायत करता था। इसी रंजिश के चलते 19 जून की रात नशे की हालत का फायदा उठाकर पहले ब्रह्मदेव साहनी को शराब पिलाई गई और फिर पीछे से लाठी व पत्थर से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस, फोरेंसिक टीम और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल शुरू की। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपी राजू सरोज को गिरफ्तार किया। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई बांस की लाठी, नुकीला पत्थर और उसके कपड़े बरामद हुए हैं। पुलिस अब फरार दूसरे आरोपी की तलाश में जुटी है और गिरफ्तार अभियुक्त को न्यायालय में पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक तीन मंजिला अवैध कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग के कारण 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जिनमें से अधिकांश छात्र और युवा प्रोफेशनल्स थे। इस बड़ी त्रासदी के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है, जिसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में अवैध और असुरक्षित व्यावसायिक इमारतों व कोचिंग सेंटरों के खिलाफ एक बड़ा प्रदेशव्यापी महा-अभियान शुरू हो गया है। यह दर्दनाक घटना 22 जून 2026 को अलीगंज के पुरनिया इलाके में स्थित एक कॉम्प्लेक्स में घटी, जहां एक एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर, कोचिंग संस्थान और गेमिंग जोन संचालित हो रहे थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 15 बच्चों की मौत जलने से नहीं, बल्कि जहरीले धुएं और दम घुटने (Asphyxia) से हुई। इस त्रासदी की मुख्य वजहों में इमारत के दरवाजों पर लगे ऑटोमैटिक बायोमेट्रिक लॉक थे, जो बिजली कटने और आग लगने पर स्वतः लॉक हो गए, जिससे छात्रों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। इसके अलावा, तीन मंजिला इमारत में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरी सीढ़ी थी, जहां धुआं भर जाने से निकास पूरी तरह ठप हो गया। जाँच में यह भी सामने आया कि यह पूरी बिल्डिंग अवैध थी और इसके खिलाफ 2016 में भी ध्वस्तीकरण का आदेश जारी हुआ था, जिसे बाद में ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। मुख्यमंत्री के निर्देशों पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर पुलिस और प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी व भवन स्वामी वीरेंद्र शुक्ला (सुरेंद्र शुक्ला) सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है; उन पर गैर-इरादतन हत्या (Culpable Homicide) का मुकदमा दर्ज हुआ है। साथ ही, लापरवाही बरतने और अवैध इमारत को संरक्षण देने के आरोप में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) और दमकल विभाग के 6 जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, एलडीए ने विवादित इमारत को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए भवन स्वामी को 15 दिनों का अंतिम नोटिस भी थमा दिया है। लखनऊ की इस त्रासदी के बाद जिला प्रशासन, एलडीए, पुलिस और फायर ब्रिगेड की संयुक्त टीमें पूरे राज्य में सड़कों पर उतर आई हैं। सुरक्षा मानकों और फायर एनओसी (NOC) का उल्लंघन करने पर अब तक 100 से अधिक कोचिंग संस्थानों को सील किया जा चुका है। कानपुर के काकादेव कोचिंग हब में कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने देर रात से सुबह तक ताबड़तोड़ छापेमारी कर नियमों का उल्लंघन कर बेसमेंट में चल रहे 22 से अधिक नामचीन कोचिंग सेंटरों को सील किया, जिनमें फिजिक्स वाला (Physics Wallah) और विद्यापीठ, अर्थ एकेडमी जैसे बड़े संस्थान भी शामिल हैं। इसके साथ ही, 22 अन्य संस्थानों को रेड नोटिस जारी किया गया है। प्रयागराज में भी प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) ने सिविल लाइंस स्थित प्रसिद्ध शिक्षक खान सर के संस्थान 'खान ग्लोबल क्लासेस' को अवैध संचालन और सुरक्षा इंतजामों की कमी के चलते सील कर दिया। छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के बाद यह कार्रवाई की गई। मेरठ, वाराणसी, देवरिया, फिरोजाबाद और बुलंदशहर जैसे अन्य जिलों में भी संयुक्त टीमों ने करीब 48 से अधिक कोचिंग सेंटरों और मानकों के विपरीत चल रहे होटलों को सील करने की कार्रवाई की है। यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है: आखिर 2016 के ध्वस्तीकरण के आदेश पर 10 साल तक धूल क्यों जमती रही? सरकार हमेशा 'हादसे के बाद' ही क्यों जागती है? क्या हर बार सिर्फ 'छोटे कर्मचारियों' को ही बलि का बकरा बनाया जाएगा, जबकि 'आवासीय' कागजों पर सालों से 'व्यावसायिक' खेल चलता रहा? और बायोमेट्रिक तथा डिजिटल लॉक को लेकर कोई नियम क्यों नहीं बनाए गए? इन सवालों के बीच 15 मासूम जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।4