आवास योजना से वंचित नंदना गांव निवासी दिव्यांग ने समाधान दिवस में की शिकायत, पात्र होने के बावजूद नहीं मिला आवास सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव निवासी अनुपम कुमार ने शनिवार को करीब 1 बजे समाधान दिवस में तहसील पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि वह 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र होने के बावजूद अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें पक्के मकान की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण वह मजबूरी में कच्ची छत के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जर्जर छत के चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अनुपम कुमार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की है। समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
आवास योजना से वंचित नंदना गांव निवासी दिव्यांग ने समाधान दिवस में की शिकायत, पात्र होने के बावजूद नहीं मिला आवास सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव निवासी अनुपम कुमार ने शनिवार को करीब 1 बजे समाधान दिवस में तहसील पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि वह 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र होने के बावजूद अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें पक्के मकान की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण वह मजबूरी में कच्ची छत के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जर्जर छत के चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अनुपम कुमार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की है। समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- सरकारी आवास के नाम पर धन उगाही का आरोप, दो महिलाओं ने समाधान दिवस में दी शिकायत सिकंदरा कानपुर देहात कानपुर देहात। तहसील सिकंदरा में आयोजित समाधान दिवस के दौरान सरकारी आवास दिलाने के नाम पर धन उगाही का मामला सामने आया है। विकासखंड राजपुर क्षेत्र के ग्राम अफसरिया की दो महिलाओं ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता इमराना पत्नी मुफीस ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान के सहयोगी द्वारा सरकारी आवास स्वीकृत कराने का आश्वासन देकर उनसे कुल 15,000 रुपये लिए गए। उनका कहना है कि रकम देने के बावजूद काफी समय बीत जाने पर भी आवास स्वीकृत नहीं हुआ और न ही पैसा वापस किया गया। वहीं दूसरी शिकायतकर्ता गुलफ्शा पत्नी नौशाद ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनसे 10,000 रुपये आवास दिलाने के नाम पर लिए गए, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। मांग करने पर टालमटोल जवाब दिए जाने की बात भी कही गई है। दोनों महिलाओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, दिए गए रुपये वापस दिलाने तथा पात्रता के आधार पर सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। समाधान दिवस में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच की बात कही जा रही है।1
- भोगनीपुर तहसील निरीक्षण ➡️ डीएम कपिल सिंह के निरीक्षण में सब रजिस्ट्रार कार्यालय खाली मिला ➡️ बिना सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश ➡️ चकबंदी कार्यालय में एसीओ भी नदारद, उनका वेतन भी रोका गया ➡️ आपूर्ति कार्यालय में फाइलें बेतरतीब मिलने पर लिपिक को कड़ी फटकार ➡️ तहसीलदार न्यायालय, नजारत व अन्य पटलों का भी किया निरीक्षण ➡️ अभिलेखों का सही रखरखाव व व्यवस्था दुरुस्त करने के सख्त निर्देश1
- सहार/औरैया के थाना सहायल क्षेत्र के गांव सूख में देर रात अज्ञात हमलावर ने भेड़ों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में 15 भेड़ों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 14 गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस जांच में जुटी है।1
- अटसू (औरैया)। नगर पंचायत अटसू स्थित वर्षों पुरानी सब्जी मंडी ग्राउंड में कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने प्रशासन से सब्जी मंडी को यथावत बनाए रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि कस्बा अटसू में स्थित उक्त सब्जी मंडी लगभग पचास वर्षों से अधिक समय से लगती आ रही है। इस मंडी में आसपास के गांवों के छोटे एवं सीमांत किसान अपनी उगाई हुई ताजी सब्जियां लाकर बेचते हैं, जिससे उनके परिवार की आजीविका चलती है। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत अटसू द्वारा मंडी परिसर में लगे टीन शेड को हटवाकर वहां कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना बनाई जा रही है, जो छोटे किसानों के हितों के विपरीत है। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि सब्जी मंडी को हटाकर कॉम्प्लेक्स बना दिया गया तो उन्हें सब्जी बेचने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है। धरने के दौरान किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सब्जी मंडी केवल व्यापार का केंद्र नहीं बल्कि किसानों की जीवनरेखा है। इसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए कॉम्प्लेक्स निर्माण किसी दूसरी जगह कराया जाए और सब्जी मंडी को पूर्ववत चालू रखा जाए। धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और सब्जी विक्रेता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सब्जी मंडी को बचाने का संकल्प लिया। किसानों के इस आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।2
- Post by Monu Rajput1
- औरैया जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में तहसील अजीतमल स्थित संगम सभागार में तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुल 106 विभिन्न समस्याओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग और पुलिस विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अतिरिक्त बिजली विभाग, रसद विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत अन्य विभागों से संबंधित प्रकरण भी सामने आए। जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। मौके पर ही सात शिकायतों का समाधान कर राहत प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। तहसील समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने तहसील परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, उप जिलाधिकारी अजीतमल, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला वन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- झींझक कस्बे से गुजर रहे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार की शाम करीब 7बजे एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार मंगलपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद भूठा गांव निवासी जितिन प्रताप सिंह रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर लगते ही वह उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना ट्रेन के पायलट ने स्टेशन मास्टर सोनू राजपूत को दी, जिसके बाद आरपीएफ को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे आरपीएफ कांस्टेबल देवेंद्र सिंह गुर्जर व राजकुमार ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया। सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर राजीव कुमार ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल के चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया कि जितिन खेत से काम करके लौट रहे थे, तभी ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया।1
- कानपुर देहात में तेज रफ्तार ईको कार तालाब में गिरी, मासूम समेत चार की मौत कानपुर देहात के शिवली कोतवाली क्षेत्र के बैरी सवाई गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक ईको कार अनियंत्रित होकर तालाब में गिर गई। कार में सवार एक मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना शाम लगभग 7:30 बजे उस समय हुई जब कार सवार परिवार औरैया से तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से कार में सवार सभी लोगों को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल उपचार के लिए शिवली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मासूम समेत चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के पश्चात कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतकों में राजकिशोर अग्निहोत्री (60 वर्ष), उनकी पत्नी स्नेहलता अग्निहोत्री (55 वर्ष), अंकुर अग्निहोत्री की पत्नी हिमांशु अग्निहोत्री (30 वर्ष) और उनका दो वर्षीय पुत्र शिव शामिल हैं। घायलों की पहचान कृतिका अग्निहोत्री (30 वर्ष), सुधा बाजपेई (45 वर्ष), वाणी अग्निहोत्री (3 वर्ष), कान्हा (4 वर्ष) और सुधांशु अग्निहोत्री (24 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी मृतक और घायल कल्याणपुर, कानपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार कार चालक घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश जारी है। प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।4
- *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मैथा में हुआ जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस।* *जनपद के सभी तहसीलों में हुआ संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, सुनी गई शिकायतें* *जिलाधिकारी द्वारा शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई खतौनी* कानपुर देहात!आज दिनांक 21 फरवरी 2026 को जनपद की समस्त तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तहसील मैथा में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों को एक-एक कर गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 02 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को निर्धारित समयावधि में निस्तारित किए जाने हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि राजस्व एवं भूमि विवाद से संबंधित प्रकरणों में प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर भेजकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए आईजीआरएस, तहसील दिवस, माननीय जनप्रतिनिधियों के संदर्भ तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। इस दौरान जनसुनवाई में विभिन्न शिकायतकर्ताओं द्वारा खतौनी से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन पर जिलाधिकारी द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही कराई गई तथा सही खतौनी शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यदिवस प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें, शिकायतकर्ताओं से मधुर व्यवहार रखें तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करें। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ए के सिंह, उप जिलाधिकारी मैथा राजकुमार पाण्डेय, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1