झींझक में रेलवे ट्रैक पार करते समय वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आया युवक, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर झींझक कस्बे से गुजर रहे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार की शाम करीब 7बजे एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार मंगलपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद भूठा गांव निवासी जितिन प्रताप सिंह रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर लगते ही वह उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना ट्रेन के पायलट ने स्टेशन मास्टर सोनू राजपूत को दी, जिसके बाद आरपीएफ को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे आरपीएफ कांस्टेबल देवेंद्र सिंह गुर्जर व राजकुमार ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया। सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर राजीव कुमार ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल के चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया कि जितिन खेत से काम करके लौट रहे थे, तभी ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया।
झींझक में रेलवे ट्रैक पार करते समय वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आया युवक, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर झींझक कस्बे से गुजर रहे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार की शाम करीब 7बजे एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार मंगलपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद भूठा गांव निवासी जितिन प्रताप सिंह रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर लगते ही वह उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना ट्रेन के पायलट ने स्टेशन मास्टर सोनू राजपूत को दी, जिसके बाद आरपीएफ को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे आरपीएफ कांस्टेबल देवेंद्र सिंह गुर्जर व राजकुमार ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया। सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर राजीव कुमार ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल के चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया कि जितिन खेत से काम करके लौट रहे थे, तभी ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया।
- कानपुर देहात में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। भोगनीपुर से शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहे लोगों की बोलेरो अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पलट गई। हादसे में छह लोग घायल हो गए। यह घटना रविवार तड़के करीब 2 बजे मंगलपुर बंबा के पास की है। जानकारी के मुताबिक मनावा थाना ककवन निवासी 58 वर्षीय बैजनाथ अपने बेटे, नाती और अन्य परिचितों के साथ शादी समारोह में शामिल होने भोगनीपुर गए थे। बारात से लौटते समय अचानक सामने से तेज रफ्तार डंपर आ गया। डंपर को बचाने की कोशिश में बोलेरो चालक संतुलन खो बैठा और गाड़ी सड़क से नीचे गिरकर पलट गई। हादसे में अंश पाल को छोड़कर बाकी सभी लोग घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया गया। सीएचसी में तैनात डॉक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद सभी को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आस्था और विज्ञान — दोनों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव में वर्षों से जमीन पर गिरा पड़ा एक पीपल का पेड़… अचानक सीधा खड़ा हो गया। जी हां, ग्रामीणों का दावा है कि जो पेड़ लंबे समय से धरती पर पड़ा था, वह अपने आप खड़ा हो गया — और देखते ही देखते उसमें ताजे, हरे पत्ते भी फूट पड़े। यह खबर फैलते ही गांव में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया, तो किसी ने चमत्कार। पेड़ के पास पूजा-अर्चना शुरू हो गई, आरती उतारी गई, भजन-कीर्तन गूंजने लगे। गांव के बुजुर्ग कहते हैं — “ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा।” वहीं कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत खेल और वैज्ञानिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन एक बात तय है — इस घटना ने तुर्कीमऊ गांव को सुर्खियों में ला दिया है। क्या सचमुच यह दैवीय चमत्कार है? या प्रकृति का अनसुलझा रहस्य? आप क्या मानते हैं…?3
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव निवासी अनुपम कुमार ने शनिवार को करीब 1 बजे समाधान दिवस में तहसील पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि वह 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र होने के बावजूद अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें पक्के मकान की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण वह मजबूरी में कच्ची छत के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जर्जर छत के चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अनुपम कुमार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की है। समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापरियों नेइटावा लोकसभा सांसद जितेंद्र दोहरे को ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू बाजपेयी ने बताया कि ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।1
- औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।4
- औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई। थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।1
- औरैया-औरैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।2
- गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में आस्था और आश्चर्य से जुड़ी एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक गिरे हुए पीपल के पेड़ के अचानक खड़ा हो जाने और उसमें हरे पत्ते निकल आने से ग्रामीणों में श्रद्धा और कौतूहल का माहौल बन गया है। मामला भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव का है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पीपल का एक पेड़ लंबे समय से जमीन पर गिरा हुआ पड़ा था, लेकिन अचानक वह सीधा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं, कुछ ही समय में उसमें हरे पत्ते भी फूटने लगे। इस अद्भुत दृश्य को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने इसे चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। पेड़ की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय कृपा बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि दैवीय प्रकट की देन है। उनका मानना है कि इस दिन को गांव ही नहीं, बल्कि पूरे संसार के लोग याद रखेंगे। मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने वहां टेंट लगाकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी शुरू कर दिया है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य बता रहे हैं। लेकिन इस अनोखे नजारे ने हर किसी को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया है।1