औरैया बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड के जीणोंद्धार हेतु बैठक कर विचार विमर्श किया गया औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
औरैया बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड के जीणोंद्धार हेतु बैठक कर विचार विमर्श किया गया औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन
विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत
समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय
हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
- सहार/औरैया के थाना सहायल क्षेत्र के गांव सूख में देर रात अज्ञात हमलावर ने भेड़ों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में 15 भेड़ों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 14 गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस जांच में जुटी है।1
- औरैया जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में तहसील अजीतमल स्थित संगम सभागार में तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में कुल 106 विभिन्न समस्याओं से संबंधित शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें सर्वाधिक शिकायतें राजस्व विभाग और पुलिस विभाग से जुड़ी रहीं। इसके अतिरिक्त बिजली विभाग, रसद विभाग, समाज कल्याण विभाग समेत अन्य विभागों से संबंधित प्रकरण भी सामने आए। जिलाधिकारी डॉक्टर इंद्रमणि त्रिपाठी ने सभी विभागीय अधिकारियों को शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। मौके पर ही सात शिकायतों का समाधान कर राहत प्रदान की गई। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनसमस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। तहसील समाधान दिवस के उपरांत जिलाधिकारी ने तहसील परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती, उप जिलाधिकारी अजीतमल, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला वन अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा जिला विद्यालय निरीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।1
- औरैया जिलाधिकारी डॉ0 इन्द्रमणि त्रिपाठी व पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने अजीतमल तहसील सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर क्षेत्र से आने वाले फरियादियों के समस्या संबंधी आवेदन पत्रों को लेकर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह अपने-अपने विभाग से संबंधित आवेदन पत्रों को प्राप्त कर अंकित शिकायत को गंभीरता से लेते हुए स्थलीय सत्यापन कर संबंधित पक्षों से वार्ता/ संवाद करते हुए नियमानुसार संतुष्टि पूर्ण समाधान निर्धारित समय सीमा में सुनिश्चित करें इसमें किसी प्रकार की अनियमितता व शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि शिकायती संदर्भों के निस्तारण के साक्ष्य के रूप में गवाहों के हस्ताक्षर/फोटो ग्राफी/वीडियो अवश्य सुरक्षित कर लें जिससे किसी भी पक्ष द्वारा आरोप/प्रत्यारोप न लगाये जा सके। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 106 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिनमें से 07 शिकायतों का निस्तारण मौके पर किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस में प्रार्थिनी पूनम पत्नी राजकुमार निवासी जगन्नाथपुर ने प्रार्थना पर देते हुए अवगत कराया है कि प्रार्थिनी का मीटर संख्या 1257 30 224 है जो 10 वर्ष पूर्व में कनेक्शन हुआ था जिसका समय पर बिल जमा कर रही हूं उसके बावजूद भी बिजली विभाग के कर्मचारियों द्वारा दिनांक 17 जनवरी 2026 को प्रार्थिनी के नाम से चोरी का फर्जी तरीके से 23310 का चालान कर दिया गया है इसकी शिकायत मैंने उपखंड विद्युत अजीतमल एवं औरैया में की लेकिन कोई भी सुनवाई नहीं हुई है। अतः श्रीमान जी से निवेदन है कि प्रार्थिनी को न्याय दिलाने की कृपा करें जिस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता विद्युत औरैया को निर्देश दिए कि उक्त प्रकरण की जांच कर निस्तारण करना सुनिश्चित करें। प्रार्थिनी नीतू पत्नी स्व0 शेर सिंह निवासी चपटा ने आवेदन पत्र देते हुए अवगत कराया कि प्रार्थिनी एक गरीब व निराश्रित महिला है प्रार्थिनी की विधावा पेंशन वर्ष 2019 से लगातार आ रही थी परन्तु अब पेंशन बन्द हो जाने से अपना व अपने बच्चों का पालन पोषण करने में कठिनाई का सामना करना पडा रहा है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि मेरी विधावा पेंशन को पुनः चालू करवाने की कृपा करें जिस पर जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी को निर्देश दिये कि कार्यवाही कर निस्ताण करना सुनिश्चित करें। प्रार्थी रामकिशन पुत्र रामनरायन निवासी प्रतापपुर ने आवेदन पत्र देते हुए अवगत करारया कि मौजा शाहबाजपुर अजीतमल में गाटा संख्या 68/67 कुम्हारगढा के नाम से खतौनी में दर्ज है। उक्त कुम्हारगढा से बराबर मिटटी खोदते जा रहे है अब विपक्षीगण सत्यभान राठौर पुत्र माखन लाल निवासी शहबाजपुर उक्त कुम्हारगढा से मिटटी खोदने से मना करते है और कुछ कहते है तो मारपीट पर आमादा हो जाते है। अतः श्रीमान से निवेदन है कि कुम्हारगढा हेतु सुरक्षित भूमि करने की कृपा करें। जिस पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार अजीतमल को निर्देशित किया कि उक्त प्रकरण की जांच करते हुए निस्तारण करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी अजीतमल निखिल राजपूत, उप जिलाधिकारी अजीतमल न्यायिक अरसला नाज, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 सुरेंद्र कुमार, तहसीलदार अजीतमल अविनाश कुमार, नायब तहसीलदार अजीतमल प्रतिभा पाल, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग अमर सिंह सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।2
- जनपद में अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। सदर एसडीएम अजय आनंद के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से विभिन्न मार्गों पर वाहनों की जांच की। अभियान के दौरान अवैध रूप से मोरंग का परिवहन करते पाए गए तीन वाहनों को मौके पर रोका गया।1
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- गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में आस्था और आश्चर्य से जुड़ी एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक गिरे हुए पीपल के पेड़ के अचानक खड़ा हो जाने और उसमें हरे पत्ते निकल आने से ग्रामीणों में श्रद्धा और कौतूहल का माहौल बन गया है। मामला भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव का है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पीपल का एक पेड़ लंबे समय से जमीन पर गिरा हुआ पड़ा था, लेकिन अचानक वह सीधा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं, कुछ ही समय में उसमें हरे पत्ते भी फूटने लगे। इस अद्भुत दृश्य को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने इसे चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। पेड़ की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय कृपा बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि दैवीय प्रकट की देन है। उनका मानना है कि इस दिन को गांव ही नहीं, बल्कि पूरे संसार के लोग याद रखेंगे। मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने वहां टेंट लगाकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी शुरू कर दिया है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य बता रहे हैं। लेकिन इस अनोखे नजारे ने हर किसी को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया है।1
- डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की अध्यक्षता में अजीतमल स्थित संगम सभागार में तहसील समाधान दिवस का आयोजन किया गया। समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 106 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 7 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आस्था और विज्ञान — दोनों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव में वर्षों से जमीन पर गिरा पड़ा एक पीपल का पेड़… अचानक सीधा खड़ा हो गया। जी हां, ग्रामीणों का दावा है कि जो पेड़ लंबे समय से धरती पर पड़ा था, वह अपने आप खड़ा हो गया — और देखते ही देखते उसमें ताजे, हरे पत्ते भी फूट पड़े। यह खबर फैलते ही गांव में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया, तो किसी ने चमत्कार। पेड़ के पास पूजा-अर्चना शुरू हो गई, आरती उतारी गई, भजन-कीर्तन गूंजने लगे। गांव के बुजुर्ग कहते हैं — “ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा।” वहीं कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत खेल और वैज्ञानिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन एक बात तय है — इस घटना ने तुर्कीमऊ गांव को सुर्खियों में ला दिया है। क्या सचमुच यह दैवीय चमत्कार है? या प्रकृति का अनसुलझा रहस्य? आप क्या मानते हैं…?3
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव निवासी अनुपम कुमार ने शनिवार को करीब 1 बजे समाधान दिवस में तहसील पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि वह 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र होने के बावजूद अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें पक्के मकान की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण वह मजबूरी में कच्ची छत के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जर्जर छत के चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अनुपम कुमार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की है। समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1