गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में आस्था और आश्चर्य से जुड़ी एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक गिरे हुए पीपल के पेड़ के अचानक खड़ा हो जाने और उसमें हरे पत्ते निकल आने से ग्रामीणों में श्रद्धा और कौतूहल का माहौल बन गया है। मामला भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव का है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पीपल का एक पेड़ लंबे समय से जमीन पर गिरा हुआ पड़ा था, लेकिन अचानक वह सीधा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं, कुछ ही समय में उसमें हरे पत्ते भी फूटने लगे। इस अद्भुत दृश्य को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने इसे चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। पेड़ की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय कृपा बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि दैवीय प्रकट की देन है। उनका मानना है कि इस दिन को गांव ही नहीं, बल्कि पूरे संसार के लोग याद रखेंगे। मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने वहां टेंट लगाकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी शुरू कर दिया है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य बता रहे हैं। लेकिन इस अनोखे नजारे ने हर किसी को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया है।
गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में आस्था और आश्चर्य से जुड़ी एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक गिरे हुए पीपल के पेड़ के अचानक खड़ा हो जाने और उसमें हरे पत्ते निकल आने से ग्रामीणों में श्रद्धा और कौतूहल का माहौल बन गया है। मामला भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव का है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पीपल का एक पेड़ लंबे समय से जमीन पर गिरा हुआ पड़ा था, लेकिन अचानक वह सीधा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं, कुछ ही समय में उसमें हरे पत्ते भी फूटने लगे। इस अद्भुत दृश्य को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने इसे चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। पेड़ की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय कृपा बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि दैवीय प्रकट की देन है। उनका मानना है कि इस दिन को गांव ही नहीं, बल्कि पूरे संसार के लोग याद रखेंगे। मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने वहां टेंट लगाकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी शुरू कर दिया है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य बता रहे हैं। लेकिन इस अनोखे नजारे ने हर किसी को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया है।
- सरकारी आवास के नाम पर धन उगाही का आरोप, दो महिलाओं ने समाधान दिवस में दी शिकायत सिकंदरा कानपुर देहात कानपुर देहात। तहसील सिकंदरा में आयोजित समाधान दिवस के दौरान सरकारी आवास दिलाने के नाम पर धन उगाही का मामला सामने आया है। विकासखंड राजपुर क्षेत्र के ग्राम अफसरिया की दो महिलाओं ने अलग-अलग प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता इमराना पत्नी मुफीस ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान के सहयोगी द्वारा सरकारी आवास स्वीकृत कराने का आश्वासन देकर उनसे कुल 15,000 रुपये लिए गए। उनका कहना है कि रकम देने के बावजूद काफी समय बीत जाने पर भी आवास स्वीकृत नहीं हुआ और न ही पैसा वापस किया गया। वहीं दूसरी शिकायतकर्ता गुलफ्शा पत्नी नौशाद ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनसे 10,000 रुपये आवास दिलाने के नाम पर लिए गए, लेकिन आज तक उन्हें कोई लाभ नहीं मिला। मांग करने पर टालमटोल जवाब दिए जाने की बात भी कही गई है। दोनों महिलाओं ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने, दिए गए रुपये वापस दिलाने तथा पात्रता के आधार पर सरकारी आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। समाधान दिवस में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच की बात कही जा रही है।1
- भोगनीपुर तहसील निरीक्षण ➡️ डीएम कपिल सिंह के निरीक्षण में सब रजिस्ट्रार कार्यालय खाली मिला ➡️ बिना सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश ➡️ चकबंदी कार्यालय में एसीओ भी नदारद, उनका वेतन भी रोका गया ➡️ आपूर्ति कार्यालय में फाइलें बेतरतीब मिलने पर लिपिक को कड़ी फटकार ➡️ तहसीलदार न्यायालय, नजारत व अन्य पटलों का भी किया निरीक्षण ➡️ अभिलेखों का सही रखरखाव व व्यवस्था दुरुस्त करने के सख्त निर्देश1
- औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल व्यापरियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग कि FDI नीति के अनुसार ई-कॉमर्स में 100% FDI केवल Marketplace Model में अनुमन्य है, जबकि Inventory Based Model में प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई प्लेटफॉर्म नियंत्रित विक्रेताओं के माध्यम से इन्वेंट्री मॉडल अपनाकर नीति की भावना का उल्लंघन कर रहे हैं। अतः उल्लंघन पर कड दंडात्मक प्रावधान एवं नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए। Consumer Protection E-Commerce Rules 2020 के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाएँ, किंतु निजी लेबल, पसंदीदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ एवं इन्वेंट्री नियंत्रण से Marketplace एय Inventory Model के बीच का अंतर समाप्त हो रहा है। अतः दोनों मॉडलों के बीच स्पष्ट विभाजन हेतु ठोस दिशानिर्देश लागू किए जाएँ। ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा विदेशी पूंजी के बल पर की जा रही अत्यधिक छूट एवं घाटे में बिक्री (Predatory Pricing) से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। जो Competition Act 2002 की भावना के विपरीत है। अतः ऐसी मूल्य निर्धारण नीतियों पर CCI द्वारा निगरानी व पूर्व स्वीकृति व्यवस्था लागू की जाए, विशेषकर त्यौहारो एवं विशेष अभियानो के दौरान। ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः उम्र उद्योग व्यापार मंडल आपसे विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित मांग करता है कि- उपरोक्त प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वाणिज्य मंत्रालय, DPIIT, CCI एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मध्य एक संयुक्त निगरानी तंत्र (Joint Regulatory Mechanism) का गठन किया जाए। छोटे पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण हेतु रजिस्टर्ड व्यापारियो को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना व आग, त्रासदी जैसी आपदा पर राहत राशि आदि की व्यवस्था की जाये। यदि समय रहते इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो देश का परंपरागत व्यापार, स्वरोजगार और सामाजिक संतुलन गंभीर संकट में आ जाएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में सरकार 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के अनुरूप छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम अवश्य उठाएगी।2
- सहार/औरैया के थाना सहायल क्षेत्र के गांव सूख में देर रात अज्ञात हमलावर ने भेड़ों पर चाकू से हमला कर दिया। घटना में 15 भेड़ों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 14 गंभीर रूप से घायल हैं। पुलिस जांच में जुटी है।1
- लखनऊ में यूजीसी के विरोध में जोरदार सवर्ण समाज का प्रदर्शन लखनऊ के हजरत गंज परिवर्तन चौक पर सवर्ण समाज ने जमकर यूजीसी का बिरोध प्रदर्शन किया, भारी भीड़ को देखते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृश्टिगति भारी पुलिस फ़ोर्स की उपस्थित रही है,2
- अटसू (औरैया)। नगर पंचायत अटसू स्थित वर्षों पुरानी सब्जी मंडी ग्राउंड में कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने प्रशासन से सब्जी मंडी को यथावत बनाए रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि कस्बा अटसू में स्थित उक्त सब्जी मंडी लगभग पचास वर्षों से अधिक समय से लगती आ रही है। इस मंडी में आसपास के गांवों के छोटे एवं सीमांत किसान अपनी उगाई हुई ताजी सब्जियां लाकर बेचते हैं, जिससे उनके परिवार की आजीविका चलती है। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत अटसू द्वारा मंडी परिसर में लगे टीन शेड को हटवाकर वहां कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना बनाई जा रही है, जो छोटे किसानों के हितों के विपरीत है। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि सब्जी मंडी को हटाकर कॉम्प्लेक्स बना दिया गया तो उन्हें सब्जी बेचने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है। धरने के दौरान किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सब्जी मंडी केवल व्यापार का केंद्र नहीं बल्कि किसानों की जीवनरेखा है। इसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए कॉम्प्लेक्स निर्माण किसी दूसरी जगह कराया जाए और सब्जी मंडी को पूर्ववत चालू रखा जाए। धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और सब्जी विक्रेता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सब्जी मंडी को बचाने का संकल्प लिया। किसानों के इस आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।2
- झींझक कस्बे से गुजर रहे दिल्ली-हावड़ा रेलवे ट्रैक पर शनिवार की शाम करीब 7बजे एक युवक ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार मंगलपुर थाना क्षेत्र के औरंगाबाद भूठा गांव निवासी जितिन प्रताप सिंह रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे, तभी डाउन वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ गए। टक्कर लगते ही वह उछलकर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना ट्रेन के पायलट ने स्टेशन मास्टर सोनू राजपूत को दी, जिसके बाद आरपीएफ को जानकारी दी गई। मौके पर पहुंचे आरपीएफ कांस्टेबल देवेंद्र सिंह गुर्जर व राजकुमार ने एंबुलेंस की सहायता से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झींझक पहुंचाया। सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर राजीव कुमार ने प्राथमिक उपचार किया, लेकिन हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल के चचेरे भाई अभय सिंह ने बताया कि जितिन खेत से काम करके लौट रहे थे, तभी ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हो गया।1
- कानपुर देहात में तेज रफ्तार ईको कार तालाब में गिरी, मासूम समेत चार की मौत कानपुर देहात के शिवली कोतवाली क्षेत्र के बैरी सवाई गांव के पास शुक्रवार देर शाम एक ईको कार अनियंत्रित होकर तालाब में गिर गई। कार में सवार एक मासूम समेत चार लोगों की मौत हो गई। घटना शाम लगभग 7:30 बजे उस समय हुई जब कार सवार परिवार औरैया से तेरहवीं के कार्यक्रम में शामिल होकर लौट रहा था। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और गोताखोरों व ग्रामीणों की मदद से कार में सवार सभी लोगों को बाहर निकाला। उन्हें तत्काल उपचार के लिए शिवली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने मासूम समेत चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों को प्राथमिक उपचार के पश्चात कानपुर हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया। मृतकों में राजकिशोर अग्निहोत्री (60 वर्ष), उनकी पत्नी स्नेहलता अग्निहोत्री (55 वर्ष), अंकुर अग्निहोत्री की पत्नी हिमांशु अग्निहोत्री (30 वर्ष) और उनका दो वर्षीय पुत्र शिव शामिल हैं। घायलों की पहचान कृतिका अग्निहोत्री (30 वर्ष), सुधा बाजपेई (45 वर्ष), वाणी अग्निहोत्री (3 वर्ष), कान्हा (4 वर्ष) और सुधांशु अग्निहोत्री (24 वर्ष) के रूप में हुई है। सभी मृतक और घायल कल्याणपुर, कानपुर के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार कार चालक घटना के बाद से फरार है और उसकी तलाश जारी है। प्रभारी निरीक्षक अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों के परिजनों को सूचना दे दी गई है। मामले की जांच की जा रही है और अग्रिम कार्यवाही की जाएगी।4
- *जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तहसील मैथा में हुआ जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस।* *जनपद के सभी तहसीलों में हुआ संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन, सुनी गई शिकायतें* *जिलाधिकारी द्वारा शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई खतौनी* कानपुर देहात!आज दिनांक 21 फरवरी 2026 को जनपद की समस्त तहसीलों में तहसील दिवस का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके निस्तारण हेतु आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की गई। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन तहसील मैथा में जिलाधिकारी कपिल सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी द्वारा प्राप्त शिकायतों को एक-एक कर गंभीरतापूर्वक सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 75 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 02 का निस्तारण मौके पर ही कर दिया गया, जबकि शेष शिकायतों को निर्धारित समयावधि में निस्तारित किए जाने हेतु संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि राजस्व एवं भूमि विवाद से संबंधित प्रकरणों में प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम को तत्काल मौके पर भेजकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता का विशेष ध्यान रखा जाए आईजीआरएस, तहसील दिवस, माननीय जनप्रतिनिधियों के संदर्भ तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक प्रकरण में शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित कर उसकी संतुष्टि सुनिश्चित की जाए। इस दौरान जनसुनवाई में विभिन्न शिकायतकर्ताओं द्वारा खतौनी से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए गए, जिन पर जिलाधिकारी द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए आवश्यक कार्यवाही कराई गई तथा सही खतौनी शिकायतकर्ताओं को उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यदिवस प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जनसुनवाई करें, शिकायतकर्ताओं से मधुर व्यवहार रखें तथा उनकी समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान सुनिश्चित करें। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ए के सिंह, उप जिलाधिकारी मैथा राजकुमार पाण्डेय, तहसीलदार सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1