logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

ऑनलाइन व्यापार को लेकर व्यापरियों ने सौंपा सांसद को ज्ञापन औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल व्यापरियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग कि FDI नीति के अनुसार ई-कॉमर्स में 100% FDI केवल Marketplace Model में अनुमन्य है, जबकि Inventory Based Model में प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई प्लेटफॉर्म नियंत्रित विक्रेताओं के माध्यम से इन्वेंट्री मॉडल अपनाकर नीति की भावना का उल्लंघन कर रहे हैं। अतः उल्लंघन पर कड दंडात्मक प्रावधान एवं नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए। Consumer Protection E-Commerce Rules 2020 के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाएँ, किंतु निजी लेबल, पसंदीदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ एवं इन्वेंट्री नियंत्रण से Marketplace एय Inventory Model के बीच का अंतर समाप्त हो रहा है। अतः दोनों मॉडलों के बीच स्पष्ट विभाजन हेतु ठोस दिशानिर्देश लागू किए जाएँ। ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा विदेशी पूंजी के बल पर की जा रही अत्यधिक छूट एवं घाटे में बिक्री (Predatory Pricing) से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। जो Competition Act 2002 की भावना के विपरीत है। अतः ऐसी मूल्य निर्धारण नीतियों पर CCI द्वारा निगरानी व पूर्व स्वीकृति व्यवस्था लागू की जाए, विशेषकर त्यौहारो एवं विशेष अभियानो के दौरान। ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः उम्र उद्योग व्यापार मंडल आपसे विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित मांग करता है कि- उपरोक्त प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वाणिज्य मंत्रालय, DPIIT, CCI एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मध्य एक संयुक्त निगरानी तंत्र (Joint Regulatory Mechanism) का गठन किया जाए। छोटे पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण हेतु रजिस्टर्ड व्यापारियो को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना व आग, त्रासदी जैसी आपदा पर राहत राशि आदि की व्यवस्था की जाये। यदि समय रहते इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो देश का परंपरागत व्यापार, स्वरोजगार और सामाजिक संतुलन गंभीर संकट में आ जाएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में सरकार 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के अनुरूप छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम अवश्य उठाएगी।

2 hrs ago
user_रवि वर्मा
रवि वर्मा
औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

ऑनलाइन व्यापार को लेकर व्यापरियों ने सौंपा सांसद को ज्ञापन औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल व्यापरियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग कि FDI नीति के अनुसार ई-कॉमर्स में 100% FDI केवल Marketplace Model में अनुमन्य है, जबकि Inventory Based Model में प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई प्लेटफॉर्म नियंत्रित विक्रेताओं के माध्यम से इन्वेंट्री मॉडल अपनाकर नीति की भावना का उल्लंघन कर रहे हैं। अतः उल्लंघन पर कड दंडात्मक प्रावधान एवं नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए। Consumer Protection E-Commerce Rules 2020 के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाएँ, किंतु निजी लेबल, पसंदीदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ एवं इन्वेंट्री नियंत्रण से Marketplace एय Inventory Model के बीच का अंतर समाप्त हो रहा है। अतः दोनों मॉडलों के बीच स्पष्ट विभाजन हेतु ठोस दिशानिर्देश लागू किए जाएँ। ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा विदेशी पूंजी के बल पर की जा रही अत्यधिक छूट एवं घाटे में बिक्री (Predatory Pricing) से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। जो Competition Act 2002 की भावना के विपरीत है। अतः ऐसी मूल्य निर्धारण नीतियों

पर CCI द्वारा निगरानी व पूर्व स्वीकृति व्यवस्था लागू की जाए, विशेषकर त्यौहारो एवं विशेष अभियानो के दौरान। ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः उम्र उद्योग व्यापार मंडल आपसे विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित मांग करता है कि- उपरोक्त प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वाणिज्य मंत्रालय, DPIIT, CCI एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मध्य एक संयुक्त निगरानी तंत्र (Joint Regulatory Mechanism) का गठन किया जाए। छोटे पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण हेतु रजिस्टर्ड व्यापारियो को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना व आग, त्रासदी जैसी आपदा पर राहत राशि आदि की व्यवस्था की जाये। यदि समय रहते इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो देश का परंपरागत व्यापार, स्वरोजगार और सामाजिक संतुलन गंभीर संकट में आ जाएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में सरकार 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के अनुरूप छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम अवश्य उठाएगी।

More news from Uttar Pradesh and nearby areas
  • *बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड के जीणोंद्धार हेतु बैठक कर विचार विमर्श किया गया* *० लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में हो रही परेशानी* *० स्नान कुंड क्षतिग्रस्त होने से घटना होने की संभावना* समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
    3
    *बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड के जीणोंद्धार हेतु बैठक कर विचार विमर्श किया गया*  
*० लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में हो रही परेशानी*
*० स्नान कुंड क्षतिग्रस्त होने से घटना होने की संभावना*                                                                                                                                                                                                                                                                                                              समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
    user_आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ
    आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ
    Auraiya, Uttar Pradesh•
    33 min ago
  • औरैया। जनपद के फफूँद चौराहा स्थित संत रविदास एवं डॉ. अम्बेडकर धर्मशाला में सामाजिक क्रांति के जनक महान संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संत गाडगे जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
    2
    औरैया। जनपद के फफूँद चौराहा स्थित संत रविदास एवं डॉ. अम्बेडकर धर्मशाला में सामाजिक क्रांति के जनक महान संत गाडगे महाराज की 150वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और संत गाडगे जी के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
    user_P Chaturvedi
    P Chaturvedi
    रिपोर्टर औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापरियों नेइटावा लोकसभा सांसद जितेंद्र दोहरे को ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू बाजपेयी ने बताया कि ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
    1
    औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापरियों नेइटावा लोकसभा सांसद जितेंद्र दोहरे को ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू बाजपेयी ने बताया कि ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
    user_रवि वर्मा
    रवि वर्मा
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
    4
    औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
    user_Jahid Akhter
    Jahid Akhter
    Ptrkar औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई। थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।
    1
    औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई।
थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।
    user_M.K.SHUKLA
    M.K.SHUKLA
    Reporter Auraiya, Uttar Pradesh•
    8 hrs ago
  • औरैया-औरैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
    2
    औरैया-औरैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
    user_दीपांशु सावरन
    दीपांशु सावरन
    Media Consultant औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • लखनऊ में यूजीसी के विरोध में जोरदार सवर्ण समाज का प्रदर्शन लखनऊ के हजरत गंज परिवर्तन चौक पर सवर्ण समाज ने जमकर यूजीसी का बिरोध प्रदर्शन किया, भारी भीड़ को देखते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृश्टिगति भारी पुलिस फ़ोर्स की उपस्थित रही है,
    2
    लखनऊ में यूजीसी के विरोध में जोरदार सवर्ण समाज का प्रदर्शन 
लखनऊ के हजरत गंज परिवर्तन चौक पर सवर्ण समाज ने जमकर यूजीसी का बिरोध प्रदर्शन किया, भारी भीड़ को देखते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृश्टिगति भारी पुलिस फ़ोर्स की उपस्थित रही है,
    user_MRU INDIA TV
    MRU INDIA TV
    Social Media Manager औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    20 hrs ago
  • औरैया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव और ई-कॉमर्स कंपनियों की कथित मनमानी के विरोध में जनपद के व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल औरैया इकाई ने ई-कॉमर्स के अनियंत्रित विस्तार को पारंपरिक बाजार के लिए “धीमा जहर” बताते हुए सांसद जितेंद्र दोहरे को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर सख्त कानून बनाने की मांग की है। जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई (बबलू) के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि भारी छूट, कैशबैक और एल्गोरिदम आधारित मूल्य निर्धारण से बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा की जा रही है। उनका आरोप है कि बड़ी कंपनियां लागत से कम कीमत पर सामान बेचकर स्थानीय दुकानदारों को बाजार से बाहर करने की रणनीति अपना रही हैं। उन्होंने कहा, “बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक संरचना की धुरी है। स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।” ज्ञापन में व्यापारियों ने कंपटीशन एक्ट 2002 के उल्लंघन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि ‘प्रिडेटरी प्राइसिंग’ पर प्रभावी रोक लगाई जाए। साथ ही, विदेशी निवेश नियमों के उल्लंघन कर ‘इन्वेंट्री मॉडल’ अपनाने वाली कंपनियों के खिलाफ सीसीआई से सख्त कार्रवाई की मांग की गई। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनिंदा विक्रेताओं और निजी लेबल को बढ़ावा देकर छोटे व्यापारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। संगठन ने वाणिज्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को मिलाकर एक संयुक्त नियामक तंत्र गठित करने का सुझाव दिया। साथ ही पंजीकृत छोटे व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और आपदा सहायता जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करने की मांग रखी। सांसद जितेंद्र दोहरे ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को संसद और संबंधित मंत्रालयों तक मजबूती से पहुंचाएंगे। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पारंपरिक व्यापार को होने वाली क्षति की भरपाई संभव नहीं होगी।
    2
    औरैया। ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते प्रभाव और ई-कॉमर्स कंपनियों की कथित मनमानी के विरोध में जनपद के व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल औरैया इकाई ने ई-कॉमर्स के अनियंत्रित विस्तार को पारंपरिक बाजार के लिए “धीमा जहर” बताते हुए सांसद जितेंद्र दोहरे को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप कर सख्त कानून बनाने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष राजेश बाजपेई (बबलू) के नेतृत्व में पहुंचे व्यापारियों ने कहा कि भारी छूट, कैशबैक और एल्गोरिदम आधारित मूल्य निर्धारण से बाजार में असमान प्रतिस्पर्धा पैदा की जा रही है। उनका आरोप है कि बड़ी कंपनियां लागत से कम कीमत पर सामान बेचकर स्थानीय दुकानदारों को बाजार से बाहर करने की रणनीति अपना रही हैं। उन्होंने कहा, “बाजार केवल व्यापार का केंद्र नहीं, बल्कि हमारी सामाजिक संरचना की धुरी है। स्थानीय रोजगार और स्वरोजगार पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।”
ज्ञापन में व्यापारियों ने कंपटीशन एक्ट 2002 के उल्लंघन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि ‘प्रिडेटरी प्राइसिंग’ पर प्रभावी रोक लगाई जाए। साथ ही, विदेशी निवेश नियमों के उल्लंघन कर ‘इन्वेंट्री मॉडल’ अपनाने वाली कंपनियों के खिलाफ सीसीआई से सख्त कार्रवाई की मांग की गई। व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चुनिंदा विक्रेताओं और निजी लेबल को बढ़ावा देकर छोटे व्यापारियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
संगठन ने वाणिज्य मंत्रालय, डीपीआईआईटी और उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय को मिलाकर एक संयुक्त नियामक तंत्र गठित करने का सुझाव दिया। साथ ही पंजीकृत छोटे व्यापारियों के लिए स्वास्थ्य बीमा और आपदा सहायता जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाएं लागू करने की मांग रखी।
सांसद जितेंद्र दोहरे ने व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि वे उनकी मांगों को संसद और संबंधित मंत्रालयों तक मजबूती से पहुंचाएंगे। व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो पारंपरिक व्यापार को होने वाली क्षति की भरपाई संभव नहीं होगी।
    user_P Chaturvedi
    P Chaturvedi
    रिपोर्टर औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.