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हमलावर का कहर भेड़ों को मौत के घाट उतारा, पुलिस जांच में जुटी औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई। थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।

6 hrs ago
user_M.K.SHUKLA
M.K.SHUKLA
Reporter Auraiya, Uttar Pradesh•
6 hrs ago

हमलावर का कहर भेड़ों को मौत के घाट उतारा, पुलिस जांच में जुटी औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई। थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापरियों नेइटावा लोकसभा सांसद जितेंद्र दोहरे को ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू बाजपेयी ने बताया कि ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
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    औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में व्यापरियों नेइटावा लोकसभा सांसद जितेंद्र दोहरे को ज्ञापन सौंपा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष राजेश उर्फ बबलू बाजपेयी ने बताया कि ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
    user_रवि वर्मा
    रवि वर्मा
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    22 min ago
  • औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
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    औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।
    user_Jahid Akhter
    Jahid Akhter
    Ptrkar औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई। थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।
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    औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई।
थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।
    user_M.K.SHUKLA
    M.K.SHUKLA
    Reporter Auraiya, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • औरैया-औरैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
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    औरैया-औरैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
    user_दीपांशु सावरन
    दीपांशु सावरन
    Media Consultant औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • लखनऊ में यूजीसी के विरोध में जोरदार सवर्ण समाज का प्रदर्शन लखनऊ के हजरत गंज परिवर्तन चौक पर सवर्ण समाज ने जमकर यूजीसी का बिरोध प्रदर्शन किया, भारी भीड़ को देखते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृश्टिगति भारी पुलिस फ़ोर्स की उपस्थित रही है,
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    लखनऊ में यूजीसी के विरोध में जोरदार सवर्ण समाज का प्रदर्शन 
लखनऊ के हजरत गंज परिवर्तन चौक पर सवर्ण समाज ने जमकर यूजीसी का बिरोध प्रदर्शन किया, भारी भीड़ को देखते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृश्टिगति भारी पुलिस फ़ोर्स की उपस्थित रही है,
    user_MRU INDIA TV
    MRU INDIA TV
    Social Media Manager औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • अटसू (औरैया)। नगर पंचायत अटसू स्थित वर्षों पुरानी सब्जी मंडी ग्राउंड में कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने प्रशासन से सब्जी मंडी को यथावत बनाए रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि कस्बा अटसू में स्थित उक्त सब्जी मंडी लगभग पचास वर्षों से अधिक समय से लगती आ रही है। इस मंडी में आसपास के गांवों के छोटे एवं सीमांत किसान अपनी उगाई हुई ताजी सब्जियां लाकर बेचते हैं, जिससे उनके परिवार की आजीविका चलती है। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत अटसू द्वारा मंडी परिसर में लगे टीन शेड को हटवाकर वहां कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना बनाई जा रही है, जो छोटे किसानों के हितों के विपरीत है। किसानों ने आरोप लगाया कि यदि सब्जी मंडी को हटाकर कॉम्प्लेक्स बना दिया गया तो उन्हें सब्जी बेचने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है। धरने के दौरान किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सब्जी मंडी केवल व्यापार का केंद्र नहीं बल्कि किसानों की जीवनरेखा है। इसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए कॉम्प्लेक्स निर्माण किसी दूसरी जगह कराया जाए और सब्जी मंडी को पूर्ववत चालू रखा जाए। धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और सब्जी विक्रेता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सब्जी मंडी को बचाने का संकल्प लिया। किसानों के इस आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
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    अटसू (औरैया)। नगर पंचायत अटसू स्थित वर्षों पुरानी सब्जी मंडी ग्राउंड में कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के बैनर तले किसानों का धरना लगातार पांचवें दिन भी जारी रहा। किसानों ने प्रशासन से सब्जी मंडी को यथावत बनाए रखने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि कस्बा अटसू में स्थित उक्त सब्जी मंडी लगभग पचास वर्षों से अधिक समय से लगती आ रही है। इस मंडी में आसपास के गांवों के छोटे एवं सीमांत किसान अपनी उगाई हुई ताजी सब्जियां लाकर बेचते हैं, जिससे उनके परिवार की आजीविका चलती है। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत अटसू द्वारा मंडी परिसर में लगे टीन शेड को हटवाकर वहां कॉम्प्लेक्स बनवाए जाने की योजना बनाई जा रही है, जो छोटे किसानों के हितों के विपरीत है।
किसानों ने आरोप लगाया कि यदि सब्जी मंडी को हटाकर कॉम्प्लेक्स बना दिया गया तो उन्हें सब्जी बेचने के लिए उचित स्थान नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी आय पर सीधा असर पड़ेगा और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा। किसानों का कहना है कि नगर पंचायत प्रशासन की इस हठधर्मिता के कारण क्षेत्र के सैकड़ों किसानों और सब्जी विक्रेताओं के सामने रोजगार का संकट उत्पन्न हो सकता है।
धरने के दौरान किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि सब्जी मंडी केवल व्यापार का केंद्र नहीं बल्कि किसानों की जीवनरेखा है। इसे किसी भी कीमत पर समाप्त नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसानों की आजीविका को ध्यान में रखते हुए कॉम्प्लेक्स निर्माण किसी दूसरी जगह कराया जाए और सब्जी मंडी को पूर्ववत चालू रखा जाए।
धरना स्थल पर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान और सब्जी विक्रेता मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में सब्जी मंडी को बचाने का संकल्प लिया।
किसानों के इस आंदोलन को देखते हुए क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों की मांगों पर क्या निर्णय लेता है।
    user_Gurdeep  Singh
    Gurdeep Singh
    औरैया 9690724794 Auraiya, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • Post by Monu Rajput
    1
    Post by Monu Rajput
    user_Monu Rajput
    Monu Rajput
    Auraiya, Uttar Pradesh•
    19 hrs ago
  • औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल व्यापरियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग कि FDI नीति के अनुसार ई-कॉमर्स में 100% FDI केवल Marketplace Model में अनुमन्य है, जबकि Inventory Based Model में प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई प्लेटफॉर्म नियंत्रित विक्रेताओं के माध्यम से इन्वेंट्री मॉडल अपनाकर नीति की भावना का उल्लंघन कर रहे हैं। अतः उल्लंघन पर कड दंडात्मक प्रावधान एवं नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए। Consumer Protection E-Commerce Rules 2020 के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाएँ, किंतु निजी लेबल, पसंदीदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ एवं इन्वेंट्री नियंत्रण से Marketplace एय Inventory Model के बीच का अंतर समाप्त हो रहा है। अतः दोनों मॉडलों के बीच स्पष्ट विभाजन हेतु ठोस दिशानिर्देश लागू किए जाएँ। ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा विदेशी पूंजी के बल पर की जा रही अत्यधिक छूट एवं घाटे में बिक्री (Predatory Pricing) से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। जो Competition Act 2002 की भावना के विपरीत है। अतः ऐसी मूल्य निर्धारण नीतियों पर CCI द्वारा निगरानी व पूर्व स्वीकृति व्यवस्था लागू की जाए, विशेषकर त्यौहारो एवं विशेष अभियानो के दौरान। ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। अतः उम्र उद्योग व्यापार मंडल आपसे विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित मांग करता है कि- उपरोक्त प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वाणिज्य मंत्रालय, DPIIT, CCI एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मध्य एक संयुक्त निगरानी तंत्र (Joint Regulatory Mechanism) का गठन किया जाए। छोटे पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण हेतु रजिस्टर्ड व्यापारियो को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना व आग, त्रासदी जैसी आपदा पर राहत राशि आदि की व्यवस्था की जाये। यदि समय रहते इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो देश का परंपरागत व्यापार, स्वरोजगार और सामाजिक संतुलन गंभीर संकट में आ जाएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में सरकार 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के अनुरूप छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम अवश्य उठाएगी।
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    औरैया में ऑनलाइन व्यापार को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल व्यापरियों ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने मांग कि FDI नीति के अनुसार ई-कॉमर्स में 100% FDI केवल Marketplace Model में अनुमन्य है, जबकि Inventory Based Model में प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कई प्लेटफॉर्म नियंत्रित विक्रेताओं के माध्यम से इन्वेंट्री मॉडल अपनाकर नीति की भावना का उल्लंघन कर रहे हैं। अतः उल्लंघन पर कड दंडात्मक प्रावधान एवं नियमित ऑडिट व्यवस्था लागू की जाए।
Consumer Protection E-Commerce Rules 2020 के अनुसार ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म केवल मध्यस्थ की भूमिका निभाएँ, किंतु निजी लेबल, पसंदीदा विक्रेताओं को अनुचित लाभ एवं इन्वेंट्री नियंत्रण से Marketplace एय Inventory Model के बीच का अंतर समाप्त हो रहा है। अतः दोनों मॉडलों के बीच स्पष्ट विभाजन हेतु ठोस दिशानिर्देश लागू किए जाएँ।
ई कॉमर्स प्लेटफॉर्म द्वारा विदेशी पूंजी के बल पर की जा रही अत्यधिक छूट एवं घाटे में बिक्री (Predatory Pricing) से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो रही है। जो Competition Act 2002 की भावना के विपरीत है। अतः ऐसी मूल्य निर्धारण नीतियों पर CCI द्वारा निगरानी व पूर्व स्वीकृति व्यवस्था लागू की जाए, विशेषकर त्यौहारो एवं विशेष अभियानो के दौरान।
ऑनलाइन मार्केटिंग के कारण स्थानीय बाजारों को भारी नुकसान हा रहा है, जिससे लाखों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो रही है। यह स्थिति केवल आर्थिक ही नहीं बल्कि सामाजिक असंतुलन भी उत्पन्न कर रही है, क्योंकि छोटे व्यापारी समाज की रोजगार व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।
अतः उम्र उद्योग व्यापार मंडल आपसे विनम्रतापूर्वक निम्नलिखित मांग करता है कि-
उपरोक्त प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु वाणिज्य मंत्रालय, DPIIT, CCI एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के मध्य एक संयुक्त निगरानी तंत्र (Joint Regulatory Mechanism) का गठन किया जाए। छोटे पारंपरिक व्यापारियों के संरक्षण हेतु रजिस्टर्ड व्यापारियो को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य बीमा योजना व आग, त्रासदी जैसी आपदा पर राहत राशि आदि की व्यवस्था की जाये।
यदि समय रहते इस विषय पर ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो देश का परंपरागत व्यापार, स्वरोजगार और सामाजिक संतुलन गंभीर संकट में आ जाएगा। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके नेतृत्व में सरकार 'वोकल फॉर लोकल' की भावना के अनुरूप छोटे व्यापारियों के हितों की रक्षा हेतु आवश्यक कदम अवश्य उठाएगी।
    user_रवि वर्मा
    रवि वर्मा
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    28 min ago
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