उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आस्था और विज्ञान — दोनों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव में वर्षों से जमीन पर गिरा पड़ा एक पीपल का पेड़… अचानक सीधा खड़ा हो गया। जी हां, ग्रामीणों का दावा है कि जो पेड़ लंबे समय से धरती पर पड़ा था, वह अपने आप खड़ा हो गया — और देखते ही देखते उसमें ताजे, हरे पत्ते भी फूट पड़े। यह खबर फैलते ही गांव में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया, तो किसी ने चमत्कार। पेड़ के पास पूजा-अर्चना शुरू हो गई, आरती उतारी गई, भजन-कीर्तन गूंजने लगे। गांव के बुजुर्ग कहते हैं — “ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा।” वहीं कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत खेल और वैज्ञानिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन एक बात तय है — इस घटना ने तुर्कीमऊ गांव को सुर्खियों में ला दिया है। क्या सचमुच यह दैवीय चमत्कार है? या प्रकृति का अनसुलझा रहस्य? आप क्या मानते हैं…?
उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आस्था और विज्ञान — दोनों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव में वर्षों से जमीन पर गिरा पड़ा एक पीपल का पेड़… अचानक सीधा खड़ा हो गया। जी हां, ग्रामीणों का दावा है कि जो पेड़ लंबे समय
से धरती पर पड़ा था, वह अपने आप खड़ा हो गया — और देखते ही देखते उसमें ताजे, हरे पत्ते भी फूट पड़े। यह खबर फैलते ही गांव में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया, तो किसी ने चमत्कार। पेड़ के पास पूजा-अर्चना शुरू हो गई, आरती उतारी गई, भजन-कीर्तन गूंजने
लगे। गांव के बुजुर्ग कहते हैं — “ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा।” वहीं कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत खेल और वैज्ञानिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन एक बात तय है — इस घटना ने तुर्कीमऊ गांव को सुर्खियों में ला दिया है। क्या सचमुच यह दैवीय चमत्कार है? या प्रकृति का अनसुलझा रहस्य? आप क्या मानते हैं…?
- गिरा हुए पीपल का पेड़ अचानक हुआ खड़ा, हरे पत्ते फूटे — ग्रामीणों ने माना चमत्कार उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद में आस्था और आश्चर्य से जुड़ी एक अनोखी घटना सामने आई है। यहां एक गिरे हुए पीपल के पेड़ के अचानक खड़ा हो जाने और उसमें हरे पत्ते निकल आने से ग्रामीणों में श्रद्धा और कौतूहल का माहौल बन गया है। मामला भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव का है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में पीपल का एक पेड़ लंबे समय से जमीन पर गिरा हुआ पड़ा था, लेकिन अचानक वह सीधा खड़ा हो गया। इतना ही नहीं, कुछ ही समय में उसमें हरे पत्ते भी फूटने लगे। इस अद्भुत दृश्य को देखकर ग्रामीण हैरान रह गए और मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोगों ने इसे चमत्कार मानते हुए पूजा-अर्चना शुरू कर दी। पेड़ की आरती उतारी गई और श्रद्धालुओं ने इसे ईश्वरीय कृपा बताया। ग्रामीणों का कहना है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि दैवीय प्रकट की देन है। उनका मानना है कि इस दिन को गांव ही नहीं, बल्कि पूरे संसार के लोग याद रखेंगे। मौके पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। लोगों ने वहां टेंट लगाकर पूजा-पाठ और भजन-कीर्तन का आयोजन भी शुरू कर दिया है। फिलहाल यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां कुछ लोग इसे चमत्कार मान रहे हैं, वहीं कुछ इसे प्रकृति का अनोखा रहस्य बता रहे हैं। लेकिन इस अनोखे नजारे ने हर किसी को सोचने पर जरूर मजबूर कर दिया है।1
- उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जनपद से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने आस्था और विज्ञान — दोनों को आमने-सामने खड़ा कर दिया है। भोगनीपुर तहसील के तुर्कीमऊ गांव में वर्षों से जमीन पर गिरा पड़ा एक पीपल का पेड़… अचानक सीधा खड़ा हो गया। जी हां, ग्रामीणों का दावा है कि जो पेड़ लंबे समय से धरती पर पड़ा था, वह अपने आप खड़ा हो गया — और देखते ही देखते उसमें ताजे, हरे पत्ते भी फूट पड़े। यह खबर फैलते ही गांव में लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। किसी ने इसे ईश्वरीय संकेत बताया, तो किसी ने चमत्कार। पेड़ के पास पूजा-अर्चना शुरू हो गई, आरती उतारी गई, भजन-कीर्तन गूंजने लगे। गांव के बुजुर्ग कहते हैं — “ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा।” वहीं कुछ लोग इसे प्रकृति का अद्भुत खेल और वैज्ञानिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं। लेकिन एक बात तय है — इस घटना ने तुर्कीमऊ गांव को सुर्खियों में ला दिया है। क्या सचमुच यह दैवीय चमत्कार है? या प्रकृति का अनसुलझा रहस्य? आप क्या मानते हैं…?3
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र के नंदना गांव निवासी अनुपम कुमार ने शनिवार को करीब 1 बजे समाधान दिवस में तहसील पहुंचकर अधिकारियों को शिकायती पत्र सौंपा। उन्होंने बताया कि वह 90 प्रतिशत दिव्यांग हैं और मुख्यमंत्री आवास योजना के पात्र होने के बावजूद अब तक उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। पीड़ित का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें पक्के मकान की सुविधा नहीं मिली, जिसके कारण वह मजबूरी में कच्ची छत के नीचे जीवन यापन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि जर्जर छत के चलते कभी भी कोई हादसा हो सकता है। अनुपम कुमार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराते हुए योजना के तहत आवास दिलाने की मांग की है। समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- औरैया,समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति रजि. औरैया द्वारा जनहित को दृष्टिगत रखते स्वच्छता अभियान व यमुना तट के सौंदर्यीकरण हेतु विगत् एक दशक से श्मशान घाटों, धार्मिक स्थलों, प्राचीन विश्रांत, पिंडदान स्थल आदि स्थानों पर पौधारोपण, देखरेख व सफाई अभियान चलाया जा रहा हैं, आज दिनांक 22 फरवरी-2026 दिन रविवार को प्रातः 7 बजे यमुना तट पर स्थित राम झरोखा में संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) की अध्यक्षता में आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया, बैठक में प्रमुख रूप से यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार आदि यमुना तट की समस्याओं पर बिंदुवार सर्वसम्मति से विचार विमर्श किया गया, बैठक के अंतर्गत समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने बताया कि यमुना नदी में आई बाढ़ के उपरांत नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में दब्दील होकर बदहाल हो गया हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में काफी असुविधा हो रही हैं, हिंदू रीति रिवाज में अंत्येष्टि के उपरांत यमुना तट पर स्नान की भी परंपरा हैं, यमुना तट पर स्थित स्नान कुंड काफी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे कभी भी अनहोनी होने की संभावना हैं। उन्होंने बताया कि *"मृत्यु अजेय हैं"* यमुना तट पर औरैया शहर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों की लगभग दस अंत्येष्टियों में हजारों लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता हैं। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु समिति का प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही मा. जिलाधिकारी महोदय को पांच सूत्रीय मांगों से युक्त ज्ञापन भेंट करेगा। बैठक में प्रमुख रूप से आदित्य लक्ष्यकार, राजीव पोरवाल, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, आनन्द नाथ गुप्ता, अजय कुमार, राम प्रसाद आदि यमुना मैया के सेवादार मौजूद रहे।4
- औरैया जिले के विकास खण्ड सहार क्षेत्र के थाना सहायल क्षेत्र में अज्ञात हमलावर के द्वारा दर्दनांक घटना को अंजाम दिया गया है। जिसमें बाड़े में 18 भेड़ों को धारदार हथियार से मौत के घाट उतार दिया गया जबकि 11 भेडें घटना में गम्भीर रूप से घायल पाई गई। थाना क्षेत्र के ग्राम नवीमोहन (सुख) में भेड़ के बाड़े में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार से हमला कर दिया गया।1
- औरैया-औरैया तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 60 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 10 का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। अधिकारियों ने शेष मामलों के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।2
- लखनऊ में यूजीसी के विरोध में जोरदार सवर्ण समाज का प्रदर्शन लखनऊ के हजरत गंज परिवर्तन चौक पर सवर्ण समाज ने जमकर यूजीसी का बिरोध प्रदर्शन किया, भारी भीड़ को देखते ही प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की दृश्टिगति भारी पुलिस फ़ोर्स की उपस्थित रही है,2
- संदलपुर ब्लॉक क्षेत्र स्थित दनियापुर गांव के पास शनिवार की शाम करीब 6:30 बजे दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार दनियापुर गांव निवासी योगेश कुमार अपनी बाइक से निटर्रा की ओर जा रहे थे। गांव से बाहर निकलते ही सामने से आ रहे कुलदीप यादव की बाइक से उनकी जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि योगेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायल को तत्काल हवासपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. अमित कुमार ने प्राथमिक उपचार करने के बाद हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल हादसे में किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।1