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एटा में मोहर्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। 22 जून को एसएसपी डॉ. इलामारन ने अलीगंज का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ताजिया/जुलूस के मार्गों और ताजिया स्थलों का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम जगमोहन गुप्ता और सीओ अलीगंज राजेश सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। एसएसपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ताजिया केवल पारंपरिक तरीके से ही निकाले जाएँ। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के लिए टीमों को सतर्क रहने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को संवाद और भ्रमण बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड में है।
Vinit Kumar
एटा में मोहर्रम के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया गया है। 22 जून को एसएसपी डॉ. इलामारन ने अलीगंज का दौरा किया, जहाँ उन्होंने ताजिया/जुलूस के मार्गों और ताजिया स्थलों का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम जगमोहन गुप्ता और सीओ अलीगंज राजेश सिंह सहित कई अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। एसएसपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ताजिया केवल पारंपरिक तरीके से ही निकाले जाएँ। उन्होंने सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखने के लिए टीमों को सतर्क रहने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, संवेदनशील इलाकों में अधिकारियों को संवाद और भ्रमण बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से त्योहार संपन्न कराने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड में है।
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- बिहार में हुई चर्चित भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में मौत के मामले को लेकर जनपद एटा में विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापारिक प्रतिनिधियों और सर्वसमाज के लोगों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। रविवार शाम को जीटी रोड स्थित शहीद पार्क में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए और कैंडल मार्च निकाला, जहां उन्होंने दिवंगत भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और उच्चस्तरीय जांच कराने की जोरदार मांग उठाई। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के जिलाध्यक्ष राजेश गुप्ता ने भरत भूषण तिवारी को समाज के विभिन्न वर्गों की समस्याओं को उठाने वाले और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर आवाज बताया, जिनकी मृत्यु को उन्होंने समाज के लिए अपूरणीय क्षति करार दिया। उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में न्याय के अधिकार पर जोर देते हुए कहा कि यदि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही या दोष सिद्ध होता है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। अन्य वक्ताओं ने भी मुठभेड़ की सत्यता और परिस्थितियों पर उठ रहे सवालों का जवाब देने के लिए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर बल दिया, जिसकी निगरानी किसी उच्चस्तरीय समिति या न्यायिक इकाई द्वारा की जानी चाहिए ताकि जनता का विश्वास बना रहे। समाजसेवी हरेंद्र सारस्वत और कीर्ति वसु पाराशर ने भी पारदर्शी जांच की मांग करते हुए कहा कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखाई भी देना चाहिए, और सरकार से उच्चस्तरीय जांच समिति गठित करने की अपील की। इस दौरान, उपस्थित जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा, जिसके बाद हाथों में मोमबत्तियां लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। सांसद प्रतिनिधि चंदन शर्मा ने भी घटना पर दुख व्यक्त करते हुए न्याय और निष्पक्ष सुनवाई की मांग की। लोगों ने दृढ़ता से कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक न्याय की मांग जारी रहेगी। कार्यक्रम में शंभूशरण मिश्रा, भूदेव मिश्रा, मोहित पाठक, सुनील मिश्रा, हिमांशु तिवारी, रिंकू गुप्ता, अभिनव गुप्ता, अर्पित गुप्ता, अवधेश कुमार सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारी, जनप्रतिनिधि और सर्वसमाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।2
- जलेसर का बड़ा बाजार और नाला बाजार क्षेत्र अपनी लोकप्रियता तथा महत्व के कारण शहर का हृदय माना जाता है, लेकिन यह व्यस्ततम इलाका अब गंभीर यातायात जाम की समस्या से जूझ रहा है। व्यापारियों द्वारा अपनी दुकानों के सामने अतिक्रमण करने और ग्राहकों द्वारा वाहनों को बेतरतीब ढंग से खड़ा करने के कारण, बाजार की मुख्य सड़क संकरी हो गई है, जिसका परिणाम यह है कि सड़कें अक्सर जाम में बदल जाती हैं। इस भीषण जाम के कारण, चौराहे के पास स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तक रोगियों को पहुंचाने में भारी जद्दोजहद करनी पड़ती है। एक वायरल वीडियो में भी व्यस्ततम चौराहे की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु उठाए गए योगदान का कितना असर होता है, यह साफ दिखाई दे रहा है, जिससे स्थिति की गंभीरता उजागर होती है। सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी मोटरसाइकिलें और दुकानदारों की बेंचें इस जाम का प्रमुख कारण बनती हैं। प्रशासन का ध्यान इस समस्या पर केंद्रित करने का प्रयास किया जाना चाहिए, क्योंकि नाला बाजार चौराहे पर जाम अतिक्रमण की वजह से बना है और लोग इससे मुक्ति की आस लगाए बैठे हैं।2
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक भीषण अग्निकांड की घटना का संज्ञान लेते हुए अलीगढ़ से अपने सभी कार्यक्रम तत्काल रद्द कर वापस लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है और स्पष्ट किया है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, बल्कि उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी जिनकी वजह से यह इतनी बड़ी घटना हुई है। घटना स्थल पर डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, और डिप्टी सीएम पहले से मौजूद हैं, वहीं मुख्यमंत्री की सुरक्षा टीम भी पिछले एक घंटे से मौके पर पहुँच चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस अग्निकांड पर जल्द एक्शन लेने की बात कही है। इस मामले में एलडीए, फायर ब्रिगेड और स्थानीय पुलिस के जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं कि ऐसे भवन के लिए एनओसी कैसे जारी की गई, जिसमें दो रास्ते तक नहीं थे। फायर विभाग और एलडीए द्वारा एनओसी प्रदान करने की प्रक्रिया पर भी जांच होगी और इन विभागों के जिम्मेदारों पर भी कार्रवाई की जाएगी।1
- मैनपुरी में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा प्रभावी बनाए रखने के उद्देश्य से सोमवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिला न्यायालय परिसर का गहन निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस निरीक्षण के दौरान, दोनों अधिकारियों ने न्यायालय परिसर में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने परिसर में आने-जाने वाले लोगों की जांच प्रक्रिया के साथ-साथ सुरक्षा उपकरणों की कार्यप्रणाली, प्रवेश और निकास व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा प्रबंधों का भी अवलोकन किया। अधिकारियों ने न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता, सजगता और मुस्तैदी के साथ ड्यूटी करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, यह स्पष्ट करते हुए कि न्यायालय परिसर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के लिए आवश्यक सुझाव भी प्रस्तुत किए, जिसका मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर में आने वाले न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।1
- एटा में नगर के सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने ऐतिहासिक कैलाश मंदिर से लगे तालाब एवं जलाशय की बदहाल स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया है। नगरवासियों ने इसकी तत्काल सफाई और संरक्षण की मांग उठाई है, क्योंकि बरसात का मौसम शुरू होने के बावजूद तालाब, जलाशय और उनसे जुड़े नालों की अब तक सफाई नहीं कराई गई है। इससे क्षेत्र में जलभराव और पर्यावरणीय समस्याओं का खतरा बढ़ गया है। नगरवासियों ने आरोप लगाया है कि कैलाश मंदिर से लगे इस ऐतिहासिक तालाब की दयनीय स्थिति को कुछ दिन पहले समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था, फिर भी जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनकी शिकायत है कि इस मामले में लगातार उपेक्षा बरती जा रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जलाशयों के संरक्षण संबंधी दिए गए निर्देशों की स्पष्ट अवहेलना प्रतीत होती है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस संदर्भ में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों का उल्लेख किया, जिनमें स्पष्ट किया गया है कि तालाब, पोखर, झील और अन्य जलाशय सार्वजनिक संपत्ति हैं। न्यायालय ने यह भी कहा है कि इनके क्षेत्रफल को कम करने, अतिक्रमण करने अथवा स्वरूप बदलने की अनुमति नहीं दी जा सकती, और राज्यों तथा स्थानीय निकायों को इनके संरक्षण, पुनर्जीवन एवं अवैध निर्माणों को हटाने के निर्देश दिए हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर पालिका को तत्काल प्रभाव से जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य को रोकना चाहिए। उन्होंने तालाब की सफाई, जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और जल संरक्षण के उपायों को प्राथमिकता देने की मांग की है। नागरिकों ने जिला प्रशासन से यह भी मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते हुए कैलाश मंदिर से लगे तालाब एवं जलाशय क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, चल रहे निर्माण कार्यों की जांच हो और एक व्यापक सफाई अभियान चलाकर जलभराव की संभावित समस्या को रोका जाए। नगरवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते जलाशय के संरक्षण और सफाई की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो बरसात के दौरान क्षेत्र में गंभीर जलभराव एवं पर्यावरणीय संकट उत्पन्न हो सकता है, जिसके लिए प्रशासन को जनहित में शीघ्र कार्रवाई करनी चाहिए।1
- गोविंद यादव के प्रयासों से एमपीएल महादेवा प्रीमियम क्रिकेट टूर्नामेंट का सीजन 2 सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। इस आयोजन की सफलता पर सभी लोगों ने गोविंद यादव को धन्यवाद दिया और इस तरह के खेल आयोजनों के लगातार होने की इच्छा व्यक्त की।1
- मैनपुरी जिले के भोगांव थाना क्षेत्र के ग्राम छाछा में शुक्रवार को एक निर्माणाधीन दुकान का लेंटर अचानक भरभराकर गिर जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि आठ अन्य मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए। ग्राम छाछा निवासी सुरेंद्र की दुकान का निर्माण कार्य चल रहा था और शुक्रवार को उस पर लेंटर डालने का काम लगभग पूरा हो चुका था। इसी दौरान लेंटर अचानक गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और तत्काल पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलने पर भोगांव के थाना प्रभारी, उपजिलाधिकारी (एसडीएम), तहसीलदार समेत पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया और जेसीबी मशीन की सहायता से मलबा हटाकर दबे हुए मजदूरों को बाहर निकाला। इस अभियान के दौरान आधा दर्जन से अधिक मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को जिला अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अन्य घायल मजदूरों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भोगांव में चल रहा है। क्षेत्राधिकारी रामकृष्ण द्विवेदी ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और यदि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने घायलों के उचित उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, और हादसे के कारणों की जांच तथा राहत एवं बचाव कार्य देर तक जारी रहा।3