आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हाथरस जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा की अध्यक्षता में कांवड़ शिविर संचालकों एवं कांवड़िया संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न कांवड़ शिविरों के प्रतिनिधियों सहित करीब 200 पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पिछले 15 से 20 दिनों से चल रही तैयारियों की समीक्षा की गई तथा शिविर संचालकों से सुझाव और समस्याएं जानकर उनके समाधान पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन व्यवस्था तैयार की गई है। इसकी जानकारी सभी शिविर संचालकों को दी गई, ताकि यात्रा के दौरान यातायात सुचारु रहे और कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन की ओर से एक डिजिटल पीडीएफ बुकलेट भी जारी की जाएगी, जिसमें स्टैटिक एवं मोबाइल मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों, पशु चिकित्सकों, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध रहेंगे। इससे आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी से तुरंत संपर्क किया जा सकेगा। बैठक में बताया गया कि हाथरस प्रदेश का प्रमुख ट्रांजिट जनपद है, जहां से प्रतिवर्ष कासगंज और अलीगढ़ की ओर से जल लेकर लौटने वाले लगभग चार से पांच लाख कांवड़िये गुजरते हैं। प्रशासन ने सभी शिविर संचालकों से श्रद्धालुओं के प्रति सौहार्दपूर्ण, सहयोगात्मक और मर्यादित व्यवहार बनाए रखने की अपील की।
आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हाथरस जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा की अध्यक्षता में कांवड़ शिविर संचालकों एवं कांवड़िया संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न कांवड़ शिविरों के प्रतिनिधियों सहित करीब 200 पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पिछले 15 से 20 दिनों से चल रही तैयारियों की समीक्षा की गई तथा शिविर संचालकों से सुझाव और समस्याएं जानकर उनके समाधान पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन व्यवस्था तैयार की गई है। इसकी जानकारी सभी शिविर संचालकों को दी गई, ताकि यात्रा के दौरान यातायात सुचारु रहे और कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन की ओर से एक डिजिटल पीडीएफ बुकलेट भी जारी की जाएगी, जिसमें स्टैटिक एवं मोबाइल मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों, पशु चिकित्सकों, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध रहेंगे। इससे आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी से तुरंत संपर्क किया जा सकेगा। बैठक में बताया गया कि हाथरस प्रदेश का प्रमुख ट्रांजिट जनपद है, जहां से प्रतिवर्ष कासगंज और अलीगढ़ की ओर से जल लेकर लौटने वाले लगभग चार से पांच लाख कांवड़िये गुजरते हैं। प्रशासन ने सभी शिविर संचालकों से श्रद्धालुओं के प्रति सौहार्दपूर्ण, सहयोगात्मक और मर्यादित व्यवहार बनाए रखने की अपील की।
- हाथरस, 27 जुलाई। श्रावण मास में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। जिलाधिकारी अतुल वत्स एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने सोमवार को हाथरस-कासगंज (मथुरा-बरेली) राजमार्ग का स्थलीय निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने हाथरस बाईपास (रुहेरी कट) से कासगंज जनपद की सीमा तक सलेमपुर, रती का नगला, पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास, फायर स्टेशन सिकंदराराऊ, अगसौली समेत प्रमुख स्थलों और प्रस्तावित शिविर स्थलों का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने एनएचएआई अधिकारियों को आवश्यक स्थानों पर रूट डायवर्जन, बैरिकेडिंग और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की प्राथमिकता के आधार पर तत्काल मरम्मत कराने को कहा, ताकि कांवड़ यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रियों के लिए अलग लेन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे श्रद्धालुओं की आवाजाही सुरक्षित रहे और सामान्य यातायात भी प्रभावित न हो। पंत चौराहा, सिकंदराराऊ बाईपास सहित प्रमुख स्थानों पर हाईमास्ट लाइट लगाने तथा कांवड़ मार्गों से अतिक्रमण हटाने के भी निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी कांवड़ शिविरों में शासन के दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन कराया जाए। शिविरों में पेयजल, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, डस्टबिन, चिकित्सा सुविधा, मेडिकल किट सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहें। विद्युत सुरक्षा के दृष्टिगत बिजली के पोलों को आवश्यकतानुसार पॉलिथीन से कवर कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि कांवड़ यात्रा शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं और व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस, जिला पंचायत राज अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, लोक निर्माण विभाग एवं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता, एनएचएआई के अधिकारी तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।4
- आगामी कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए हाथरस जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शासन के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा की अध्यक्षता में कांवड़ शिविर संचालकों एवं कांवड़िया संघ के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न कांवड़ शिविरों के प्रतिनिधियों सहित करीब 200 पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस दौरान पिछले 15 से 20 दिनों से चल रही तैयारियों की समीक्षा की गई तथा शिविर संचालकों से सुझाव और समस्याएं जानकर उनके समाधान पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विस्तृत ट्रैफिक प्लान और डायवर्जन व्यवस्था तैयार की गई है। इसकी जानकारी सभी शिविर संचालकों को दी गई, ताकि यात्रा के दौरान यातायात सुचारु रहे और कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन की ओर से एक डिजिटल पीडीएफ बुकलेट भी जारी की जाएगी, जिसमें स्टैटिक एवं मोबाइल मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों, चिकित्सकों, पशु चिकित्सकों, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा विद्युत विभाग के अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध रहेंगे। इससे आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारी से तुरंत संपर्क किया जा सकेगा। बैठक में बताया गया कि हाथरस प्रदेश का प्रमुख ट्रांजिट जनपद है, जहां से प्रतिवर्ष कासगंज और अलीगढ़ की ओर से जल लेकर लौटने वाले लगभग चार से पांच लाख कांवड़िये गुजरते हैं। प्रशासन ने सभी शिविर संचालकों से श्रद्धालुओं के प्रति सौहार्दपूर्ण, सहयोगात्मक और मर्यादित व्यवहार बनाए रखने की अपील की।1
- हाथरस के ग्राम पंचायत हैथारघुनाथपुर, ब्लॉक हसायन के पूर्व प्रधान अशोक अग्निहोत्री ने मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पीएन दीक्षित पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रविवार दोपहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि सीडीओ ने उनसे एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। उनका आरोप है कि रिश्वत देने से इनकार करने पर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया और उन्हें गिरफ्तार करवा दिया गया। पूर्व प्रधान के अनुसार, विपक्षियों की शिकायत के बाद सीडीओ ने उन्हें कार्यालय बुलाकर रिश्वत की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मना करने पर उन्हें प्रभावशाली राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर धमकाया गया। अग्निहोत्री ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत का कंप्यूटर खराब हो गया था, जिसकी सूचना मिलने पर उन्होंने 24 नवंबर को एडीओ पंचायत को पत्र लिखकर उसे ठीक कराने का अनुरोध किया। व्यवस्था न होने की बात कहे जाने पर उन्होंने कंप्यूटर दिल्ली के एक सर्विस सेंटर में मरम्मत के लिए भेज दिया। उनका कहना है कि 22 दिसंबर को बिना पूर्व सूचना उनकी वित्तीय शक्तियां सीज कर दी गईं। बाद में सचिव ने उन्हें बताया कि उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को पत्र और व्हाट्सएप के जरिए अपनी बात रखी, लेकिन इसके बावजूद 24 जून को हसायन थाने में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वहीं, इस मामले में सीडीओ पीएन दीक्षित का पक्ष जानने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन कॉल रिसीव नहीं की।1
- सासनी तहसील क्षेत्र के गांव जलालपुर में जर्जर बिजली व्यवस्था से परेशान ग्रामीणों को जल्द ही राहत मिलने वाली है। एक मोहल्ले में बिजली के पोल से तार टूटकर नीचे गिर जाने से कई परिवारों के सामने बड़ा हादसा होने का खतरा मंडरा रहा था। चालू लाइन के तार रास्ते में पड़े होने के कारण ग्रामीणों का निकलना दुश्वार हो गया था। इस बरसाती मौसम में पानी भरने की वजह से करंट फैलने की आशंका से ग्रामीण खासे भयभीत थे। जब समस्या का कोई हल नहीं निकला तो परेशान ग्रामीणों ने सामाजिक संस्था भारतीय न्याय चक्र फाउंडेशन से संपर्क किया। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु मिश्रा और जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार गौड़ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता पर लिया। वह तत्काल ग्रामीणों के साथ संबंधित अधिशासी अभियंता के कार्यालय पहुंचे और पूरी स्थिति की जानकारी दी। जिलाध्यक्ष ने जलालपुर गांव की इस खतरनाक स्थिति के वीडियो और साक्ष्य भी विभागीय अधिकारियों को सौंपे। मामला संज्ञान में आते ही अधिशासी अभियंता ने बिना किसी देरी के त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने सासनी के उपखंड अधिकारी आशीष रतन को तत्काल मामले की जांच कर निस्तारण कराने के आदेश जारी किए। एस डी ओ आशीष रतन ने विभागीय बिजली कर्मचारियों और संबंधित लाइनमैनों को मौके पर जाकर जांच करने और टूटकर गिरे तारों को तुरंत दुरुस्त करने की हिदायत दी है। संस्था के जिलाध्यक्ष जितेंद्र कुमार गौड़ ने बताया कि बिजली विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही तार बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।2
- अलीगढ़ जिले के इगलास ब्लॉक के अकबरपुर गाँव में एक परिवार पर कुछ दबंगों ने हमला किया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि गाँव के कुछ दबंग और बदमाशों ने पहले 2015 में उनके पिता के साथ एक वारदात को अंजाम दिया था और अब वे फिर से उनके परिवार पर हमला कर रहे हैं। घटना उस समय हुई जब पीड़ित परिवार के सदस्य अपने पशुओं को चारा डालने के लिए घर से बाहर निकले थे। आरोप है कि दबंगों ने इस मौके का फायदा उठाया और परिवार को घेर लिया। उन पर उल्टे-सीधे आरोप लगाए और फिर तमंचे, लाठी-डंडे, सरिया, लोहे की रॉड और पामरे के बैठ आदि से हमला किया। इन हथियारों को दबंगों ने पहले से ही इकट्ठा करके ट्रायपाल में छिपा रखा था। हमले के दौरान दबंगों ने परिवार के सदस्यों पर तमाचे और लाठी-डंडों से प्रहार किया, आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की, गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी भी दी। स्थानीय लोगों ने जाकर परिवार को बचाया और किसी तरह वे जान बचाकर वहाँ से भाग सके। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि अगर उनके परिवार या पशुओं के साथ कोई और घटना होती है तो उसके लिए ये दबंग जिम्मेदार होंगे। उन्होंने सासनी कोतवाली को भी इस घटना की जानकारी दी है।1
- भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने स्पष्ट किया है कि वे कभी भी राजनीति में नहीं आएंगे। यह बयान उन्होंने उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में दिया। चंद्रशेखर आजाद ने दोहराया कि उनका राजनीति में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। इससे पहले, कई बार ऐसी अटकलें लगाई गई थीं कि चंद्रशेखर आजाद राजनीति में कदम रख सकते हैं। हालांकि, उनके इस ताजा बयान से इन अटकलों पर विराम लग गया है।3
- नेपाल के रोहतक नगरपालिका के वार्ड-5, हरिहरपुर क्षेत्र में एक महिला की धारदार हथियार (खुकुरी) से हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, मृतक महिला की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस ने कहा है कि विस्तृत जांच के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों और हत्या के कारणों की आधिकारिक जानकारी दी जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मामले में जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।1