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सांसद राघव चड्ढा ने -प्रीपेड रिचार्ज से कस्टमर के साथ हो रहे........

8 hrs ago
user_Rajiv Ranjan
Rajiv Ranjan
Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
8 hrs ago

सांसद राघव चड्ढा ने -प्रीपेड रिचार्ज से कस्टमर के साथ हो रहे........

More news from बिहार and nearby areas
  • Post by Rajiv Ranjan
    1
    Post by Rajiv Ranjan
    user_Rajiv Ranjan
    Rajiv Ranjan
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    4 hrs ago
  • बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ ने सरकार पर लगाया आरोप - दोषी कौन राजस्व कर्मचारी या बिहार सरकार
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    बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ ने सरकार पर लगाया आरोप - दोषी कौन राजस्व कर्मचारी या बिहार सरकार
    user_Reaction Bihar News
    Reaction Bihar News
    पत्रकार जमुई, जमुई, बिहार•
    8 hrs ago
  • Post by Pinkey Kumari
    1
    Post by Pinkey Kumari
    user_Pinkey Kumari
    Pinkey Kumari
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    20 hrs ago
  • खैरा (जमुई)। बरखुटिया, बरातीला, जातजोर और लहखारी गांव के लोगों की जिंदगी एक 300 फीट चौड़ी नदी के दर्द में फंसी हुई है। पुल नहीं होने के कारण करीब 1000 लोगों का जीवन रोज खतरे के साथ गुजरता है। यह नदी सिर्फ पानी की धारा नहीं, बल्कि इन गांवों के लिए मुसीबत, डर और मजबूरी का नाम बन चुकी है। ग्रामीण बताते हैं कि बच्चों को नवमी-दशमी पढ़ने स्कूल जाना हो, मरीज को अस्पताल ले जाना हो, या घर के लिए राशन लाना हो, हर बार इस नदी को पार करना पड़ता है। बारिश के दिनों में जब नदी उफान पर होती है, तो लोगों को अपनी जान हथेली पर रखकर पानी में उतरना पड़ता है। गांव के लोगों का दर्द तब और बढ़ जाता है जब अचानक जंगल से पानी आ जाता है और कई बार मवेशी नदी में बह जाते हैं। एक ग्रामीण ने रोते हुए बताया कि वह मवेशी चराने गए थे, तभी अचानक पानी बढ़ गया और कई मवेशी बह गए, बाद में मालिकों का नुकसान हुआ तो उन्हें ही जुर्माना भरना पड़ा। पिपराटांड़ के किसान भी इसी नदी के सहारे हैं। खेती करनी हो, मवेशी चराना हो या खेत तक पहुंचना हो — हर रास्ता इस नदी से होकर ही जाता है, और हर कदम पर डर साथ चलता है। सबसे दुखद हाल तब होता है जब बारिश में नदी भर जाती है और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाते, स्कूल बंद हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है। एक तरफ सरकार शिक्षा की बात करती है, दूसरी तरफ बच्चे नदी के कारण किताब से दूर हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विधायक और सांसद को आवेदन दिया गया, लेकिन चुनाव के बाद कोई नेता गांव की ओर मुड़कर भी नहीं देखता।
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    खैरा (जमुई)। बरखुटिया, बरातीला, जातजोर और लहखारी गांव के लोगों की जिंदगी एक 300 फीट चौड़ी नदी के दर्द में फंसी हुई है। पुल नहीं होने के कारण करीब 1000 लोगों का जीवन रोज खतरे के साथ गुजरता है।
यह नदी सिर्फ पानी की धारा नहीं, बल्कि इन गांवों के लिए मुसीबत, डर और मजबूरी का नाम बन चुकी है।
ग्रामीण बताते हैं कि बच्चों को नवमी-दशमी पढ़ने स्कूल जाना हो, मरीज को अस्पताल ले जाना हो, या घर के लिए राशन लाना हो, हर बार इस नदी को पार करना पड़ता है।
बारिश के दिनों में जब नदी उफान पर होती है, तो लोगों को अपनी जान हथेली पर रखकर पानी में उतरना पड़ता है।
गांव के लोगों का दर्द तब और बढ़ जाता है जब अचानक जंगल से पानी आ जाता है और कई बार मवेशी नदी में बह जाते हैं।
एक ग्रामीण ने रोते हुए बताया कि वह मवेशी चराने गए थे, तभी अचानक पानी बढ़ गया और कई मवेशी बह गए, बाद में मालिकों का नुकसान हुआ तो उन्हें ही जुर्माना भरना पड़ा।
पिपराटांड़ के किसान भी इसी नदी के सहारे हैं।
खेती करनी हो, मवेशी चराना हो या खेत तक पहुंचना हो —
हर रास्ता इस नदी से होकर ही जाता है, और हर कदम पर डर साथ चलता है।
सबसे दुखद हाल तब होता है जब बारिश में नदी भर जाती है और शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाते, स्कूल बंद हो जाता है और बच्चों की पढ़ाई रुक जाती है।
एक तरफ सरकार शिक्षा की बात करती है, दूसरी तरफ बच्चे नदी के कारण किताब से दूर हो जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विधायक और सांसद को आवेदन दिया गया,
लेकिन चुनाव के बाद कोई नेता गांव की ओर मुड़कर भी नहीं देखता।
    user_Sanjeet Kumar
    Sanjeet Kumar
    Local News Reporter खैरा, जमुई, बिहार•
    21 hrs ago
  • Post by Rakesh Kumar
    1
    Post by Rakesh Kumar
    user_Rakesh Kumar
    Rakesh Kumar
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    22 hrs ago
  • लखीसराय: नगर थाना क्षेत्र स्थित बालगुदश्र संग्रहालय परिसर में पैक्स अध्यक्षों के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम मिथिलेश मिश्र सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर गुरुवार के दोपहर 12:35 पर किया गया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग से जुड़े पदाधिकारी, कर्मी तथा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, आईसीटी तथा एलडीएम सहित कई अधिकारी भी शामिल हुए। कार्यशाला में पैक्स अध्यक्षों को प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पैक्स की कार्यक्षमता को बढ़ाना, भंडारण क्षमता में सुधार करना तथा सहकारिता व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बताया गया कि आने वाले दिनों में पैक्सों की संख्या और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि जिले में सहकारिता विभाग की व्यवस्था और बेहतर हो सके।
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    लखीसराय:
नगर थाना क्षेत्र स्थित बालगुदश्र संग्रहालय परिसर में पैक्स अध्यक्षों के लिए एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन डीएम मिथिलेश मिश्र सहित अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर गुरुवार के दोपहर 12:35 पर किया गया।
इस अवसर पर सहकारिता विभाग से जुड़े पदाधिकारी, कर्मी तथा जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए पैक्स अध्यक्ष मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, आईसीटी तथा एलडीएम सहित कई अधिकारी भी शामिल हुए।
कार्यशाला में पैक्स अध्यक्षों को प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य पैक्स की कार्यक्षमता को बढ़ाना, भंडारण क्षमता में सुधार करना तथा सहकारिता व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।
सहकारिता विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में बताया गया कि आने वाले दिनों में पैक्सों की संख्या और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे, ताकि जिले में सहकारिता विभाग की व्यवस्था और बेहतर हो सके।
    user_Atmanand Singh
    Atmanand Singh
    पत्रकार लखीसराय, लखीसराय, बिहार•
    4 hrs ago
  • दो महीने से खराब सबमर्सिबल के कारण लहना गांव में जल संकट, आंदोलन की चेतावनी। शेखपुरा जिले के लहना गांव में पिछले दो महीनों से सबमर्सिबल खराब रहने के कारण सैकड़ों घरों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नल-जल योजना के तहत वार्ड क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार सबमर्सिबल खराब होने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के चापाकलों और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे खासकर महिलाओं और बच्चों को अधिक कठिनाई झेलनी पड़ रही है।इस संबंध में गांव की शांति देवी, कारी देवी, सुशीला देवी, प्रमिला देवी, श्यामा देवी और रिंकू देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की सूचना कई बार पीएचईडी विभाग के जेई को दी गई है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत या बदलाव की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नल-जल योजना की पाइपलाइन में कई जगहों पर लीकेज की समस्या बनी हुई है, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो रही है।वहीं योजना के ऑपरेटर अरुण महतो ने भी बताया कि सबमर्सिबल लंबे समय से खराब है और इसकी सूचना विभाग को दे दी गई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि खराब सबमर्सिबल को बदलकर नया लगाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पानी की समस्या को लेकर लहना गांव के ग्रामीणों ने इसकी जानकारी बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे दिए।
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    दो महीने से खराब सबमर्सिबल के कारण लहना गांव में जल संकट, आंदोलन की चेतावनी।
शेखपुरा जिले के लहना गांव में पिछले दो महीनों से सबमर्सिबल खराब रहने के कारण सैकड़ों घरों में पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। नल-जल योजना के तहत वार्ड क्षेत्र में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे ग्रामीणों को रोजमर्रा के कामों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।ग्रामीणों के अनुसार सबमर्सिबल खराब होने के कारण लोगों को पीने के पानी के लिए दूर-दराज के चापाकलों और अन्य स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। इससे खासकर महिलाओं और बच्चों को अधिक कठिनाई झेलनी पड़ रही है।इस संबंध में गांव की शांति देवी, कारी देवी, सुशीला देवी, प्रमिला देवी, श्यामा देवी और रिंकू देवी सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या की सूचना कई बार पीएचईडी विभाग के जेई को दी गई है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत या बदलाव की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नल-जल योजना की पाइपलाइन में कई जगहों पर लीकेज की समस्या बनी हुई है, जिससे जल आपूर्ति व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो रही है।वहीं योजना के ऑपरेटर अरुण महतो ने भी बताया कि सबमर्सिबल लंबे समय से खराब है और इसकी सूचना विभाग को दे दी गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि खराब सबमर्सिबल को बदलकर नया लगाया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। पानी की समस्या को लेकर लहना गांव के ग्रामीणों ने इसकी जानकारी बृहस्पतिवार की दोपहर 12 बजे दिए।
    user_Sunil Kumar
    Sunil Kumar
    Local News Reporter शेखपुरा, शेखपुरा, बिहार•
    4 hrs ago
  • Post by Rajiv Ranjan
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    Post by Rajiv Ranjan
    user_Rajiv Ranjan
    Rajiv Ranjan
    Local News Reporter जमुई, जमुई, बिहार•
    8 hrs ago
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