चित्तौड़गढ़ की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन और दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अवैध हथियार का खरीददार बबलु सिकलीघर (24) निवासी स्टेशन गंगरार, और हथियार सप्लाई करने वाले दीपक उर्फ दीपु (24) निवासी लंका कॉलोनी बांरा (जो वर्तमान में पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर में रह रहा था), निखिल (21) निवासी पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर, तथा जितेन्द्र (26) निवासी शिववाटिका के पास पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर शामिल हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह द्वारा अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी शिवप्रकाश के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी श्यामाराम के नेतृत्व में एएसआई शैतान सिंह और उनके जाप्ते में शामिल कानि. नन्दराम, प्रदीप कुमार और कृष्ण कुमार ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे रोड पर राईट चॉईस होटल के सामने इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी बबलु सिकलीघर के कब्जे से एक पिस्टल मय मैगजीन जब्त की गई, जबकि आरोपी दीपक और निखिल से एक-एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुई। उनके साथी आरोपी जितेंद्र को भी मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। बताया गया है कि गिरफ्तार अभियुक्त दीपक उर्फ दीपु के खिलाफ पूर्व में कोटा और बारां जिले में आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के करीब 6-7 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अभियुक्त निखिल भी पहले पोक्सो एक्ट के अपराध में जेल जा चुका है।
चित्तौड़गढ़ की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन और दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अवैध हथियार का खरीददार बबलु सिकलीघर (24) निवासी स्टेशन गंगरार, और हथियार सप्लाई करने वाले दीपक उर्फ दीपु (24) निवासी लंका कॉलोनी बांरा (जो वर्तमान में पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर में रह रहा था), निखिल (21) निवासी पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर, तथा जितेन्द्र (26) निवासी शिववाटिका के पास पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर शामिल हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह द्वारा अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी शिवप्रकाश के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी श्यामाराम के नेतृत्व में एएसआई शैतान सिंह और उनके जाप्ते में शामिल कानि. नन्दराम, प्रदीप कुमार और कृष्ण कुमार ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे रोड पर राईट चॉईस होटल के सामने इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी बबलु सिकलीघर के कब्जे से एक पिस्टल मय मैगजीन जब्त की गई, जबकि आरोपी दीपक और निखिल से एक-एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुई। उनके साथी आरोपी जितेंद्र को भी मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। बताया गया है कि गिरफ्तार अभियुक्त दीपक उर्फ दीपु के खिलाफ पूर्व में कोटा और बारां जिले में आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के करीब 6-7 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अभियुक्त निखिल भी पहले पोक्सो एक्ट के अपराध में जेल जा चुका है।
- चित्तौड़गढ़ की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल मय मैगजीन और दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद की हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अवैध हथियार का खरीददार बबलु सिकलीघर (24) निवासी स्टेशन गंगरार, और हथियार सप्लाई करने वाले दीपक उर्फ दीपु (24) निवासी लंका कॉलोनी बांरा (जो वर्तमान में पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर में रह रहा था), निखिल (21) निवासी पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर, तथा जितेन्द्र (26) निवासी शिववाटिका के पास पुरोहितों की मांदड़ी उदयपुर शामिल हैं। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह द्वारा अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी शिवप्रकाश के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी श्यामाराम के नेतृत्व में एएसआई शैतान सिंह और उनके जाप्ते में शामिल कानि. नन्दराम, प्रदीप कुमार और कृष्ण कुमार ने मुखबिर की सटीक सूचना पर कार्रवाई की। पुलिस टीम ने भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे रोड पर राईट चॉईस होटल के सामने इन आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपी बबलु सिकलीघर के कब्जे से एक पिस्टल मय मैगजीन जब्त की गई, जबकि आरोपी दीपक और निखिल से एक-एक अतिरिक्त मैगजीन बरामद हुई। उनके साथी आरोपी जितेंद्र को भी मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है। बताया गया है कि गिरफ्तार अभियुक्त दीपक उर्फ दीपु के खिलाफ पूर्व में कोटा और बारां जिले में आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे गंभीर अपराधों के करीब 6-7 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, अभियुक्त निखिल भी पहले पोक्सो एक्ट के अपराध में जेल जा चुका है।1
- Post by Lucky sukhwal1
- चित्तौड़गढ़ में हाल ही में खेल, सेवा और विरासत संरक्षण के क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण गतिविधियाँ देखने को मिली हैं। इन प्रमुख आयोजनों में नवनिर्वाचित जिला फुटबॉल संघ का स्वागत कार्यक्रम शामिल था। इसके साथ ही, जिले में स्थित एक जीवाश्म पार्क के संरक्षण की दिशा में पहल की गई है। सेवा भाव के तहत गौ एम्बुलेंस के संचालन में भी सहयोग प्रदान किया गया है, और जेसीबी किराए की दरों को लेकर एक बड़ा निर्णय भी लिया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी क्षेत्र की ग्राम पंचायत पावली में मंगलवार को राजस्थान सरकार के “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत जल संरक्षण एवं जल संवर्धन को लेकर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में जल के महत्व और उसके संरक्षण के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई। नरेगा मेट राधेश्याम गिरी गोस्वामी ने बताया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मॉडल तालाब विस्तार एवं मरम्मत का कार्य भी किया जा रहा है। इस अभियान के दौरान उपस्थित जनसमूह ने जल संरक्षण की शपथ ली, जिसमें जल स्रोतों को स्वच्छ और सुरक्षित रखने के साथ-साथ भावी पीढ़ियों के लिए जल बचाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में यह बात भी रेखांकित की गई कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। इस अवसर पर निर्मिता कुमावत (कनिष्ठ अभियंता), दुर्गा शंकर पुरबिया (कनिष्ठ सहायक), ग्राम पंचायत पावली के रोजगार सहायक कर्मचारी शिवलाल जाट, तथा नरेगा श्रमिक नाना लाल शर्मा, पन्ना लाल सालवी, रामचंद्र सालवी, नारायण कालबेलिया और अन्य महिला श्रमिक सहित कई लोग उपस्थित रहे। “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के तहत पावली में रोजगार गारंटी के श्रमिकों को जल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान कर कार्यक्रम का समापन किया गया।2
- चित्तौड़गढ़ जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचिकरण और मकान गणना कार्य की प्रगति का जायजा लेने के लिए प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने मंगलवार, 27 मई 2026 को कपासन उपखंड की सिंहपुर ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान, जिला कलक्टर ने क्षेत्र में चल रहे जनगणना कार्यों का अवलोकन किया और प्रगणकों तथा जनगणना पर्यवेक्षकों के साथ विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डॉ. मंजू ने प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर एकत्र किए जा रहे आंकड़ों की प्रक्रिया को भी समझा और स्वयं संबंधित मकानों पर पहुँचकर भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जनगणना देश की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है, जिसके आधार पर भविष्य की विकास योजनाएँ तैयार होती हैं, इसलिए प्रत्येक जानकारी को पूरी सावधानी, स्पष्टता और निष्पक्षता के साथ दर्ज करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने प्रगणकों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक परिवार से समुचित संवाद स्थापित करके सही एवं प्रामाणिक जानकारी संकलित करें और किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें, साथ ही जनगणना कार्य को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने पर भी बल दिया। इस अवसर पर उप जिला जनगणना अधिकारी शबनम खोरवाल, उपखंड अधिकारी राजेश सुवालका, तहसीलदार एवं चार्ज अधिकारी मिर्जा नासिर बेग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने क्षेत्र में संचालित जनगणना गतिविधियों की जानकारी प्रदान की और व्यवस्थाओं का अवलोकन कराया। जिला क्षेत्र प्रशिक्षक अश्विनी कुमार व्यास और प्रकाश चंद्र शर्मा ने प्रगणकों को तकनीकी सहायता प्रदान करते हुए जनगणना एप्लीकेशन में आने वाली संभावित त्रुटियों के समाधान और सुधार की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया, ताकि फील्ड स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों को तकनीकी समस्याओं के त्वरित निराकरण में सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने भी जनगणना दल को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराते हुए पूरा सहयोग किया। निरीक्षण के समापन पर, प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी कार्मिकों को जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए समर्पण और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।4
- आज के समय में शादी जैसे पवित्र बंधन को कुछ लालची और नाकारा लोगों ने मात्र एक 'धंधा' बना दिया है। जहाँ पहले प्रेम, विश्वास और संस्कारों का महत्व था, अब उसकी जगह चालें, झूठे आरोप और पैसों की वसूली का खेल चल रहा है। कई लोग बहन-बेटियों को मोहरा बनाकर ससुराल वालों को मानसिक, सामाजिक और कानूनी रूप से प्रताड़ित करने में लगे हैं। इस गंदी सोच ने न केवल परिवारों को तोड़ा है, बल्कि कई बेटों को अंदर से खत्म कर दिया है। यह स्पष्ट किया गया है कि शादी कोई सौदा नहीं है, और न ही यह किसी की जिंदगी बर्बाद करके पैसा कमाने का जरिया है। इस स्थिति को देखते हुए, समाज को अब आंखें खोलनी होंगी और गलत को गलत कहना होगा, चाहे उसे पुरुष करे या महिला। ऐसा न होने पर, आने वाली पीढ़ियां रिश्तों पर नहीं, बल्कि डर पर विश्वास करेंगी।1
- सदर चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने प्रतापनगर क्षेत्र से चोरी हुई करीब ₹3 लाख मूल्य की स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल केटीएम ड्युक को बरामद करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय सुनील मीणा पुत्र रामा मीणा, निवासी गांव डेरा फला (जावर माइन्स), थाना टीडी, जिला उदयपुर के रूप में हुई है। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि प्रार्थी लाभचंद तिवारी (55 वर्ष, निवासी प्रतापनगर, थाना सदर चित्तौड़गढ़) ने 17 मई 2026 को मोटरसाइकिल चोरी होने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा के निर्देशन में एक विशेष आसूचना टीम का गठन किया गया था। पुलिस उप अधीक्षक बृजेश सिंह के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी प्रेम सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने अज्ञात बदमाश की तलाश में सूचनाएं जुटाईं। गठित टीम के अथक प्रयासों से घटना का खुलासा हुआ और सुनील मीणा को चोरी की स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल केटीएम ड्युक 390 सहित हिरासत में लिया गया। गहन अनुसंधान के बाद सुनील मीणा को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के खिलाफ थाना कोतवाली चित्तौड़गढ़ में भी एक अन्य प्रकरण दर्ज है।1
- निंबाहेड़ा-मंगलवाड़ हाईवे पर निकुंभ के नपावली जीएसएस के पास मंगलवार सुबह एक डंपर और पिकअप की आमने-सामने की भीषण भिड़ंत हो गई, जिसमें पिकअप चालक इसरार खां निवासी डूंगला की मौत हो गई। इस हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई और फोरलेन निर्माण की सुस्त रफ्तार तथा सुरक्षा में कमी को लेकर लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला, जिससे परियोजना पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह से बिखर गया और चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से घायल चालक को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस फोरलेन परियोजना से सफर सुरक्षित और आसान होने की उम्मीद थी, वही अब हादसों की वजह बन रही है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य केवल कागजों और दावों तक सीमित है, जबकि जमीनी हकीकत में हालात बदहाल हैं। कई स्थानों पर सड़क अधूरी पड़ी है, डायवर्जन स्पष्ट नहीं हैं, और निर्माण सामग्री सड़क किनारे फैली हुई है, जिससे रात के समय वाहन चालकों को रास्ता समझना भी मुश्किल हो जाता है और तेज रफ्तार भारी वाहन हादसों को न्योता दे रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि नपावली जीएसएस क्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर यह दूसरी बड़ी दुर्घटना है, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। लोगों का कहना है कि करोड़ों की परियोजना होने के बावजूद, सुरक्षा संकेतक, स्पीड कंट्रोल और वैकल्पिक रास्तों की व्यवस्था तक सही तरीके से नहीं की गई है। हादसे के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सिर्फ हादसे नहीं बल्कि लापरवाही के कारण होने वाली मौतें हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो आने वाले दिनों में और भी परिवार उजड़ सकते हैं। उन्होंने तत्काल हाईवे के ब्लैक स्पॉट पर स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था करने की मांग की है।1