पूरनपुर की जन पंचायत में गूंजे बेरोजगारी-महंगाई के मुद्दे सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से मांगी 2027 के लिए एकजुटता पूरनपुर/पीलीभीत।साई श्रद्धा बैंक्विट हॉल में बुधवार दोपहर समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए जन पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जन पंचायत में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।श्यामलाल पाल ने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई का असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। जनता को किए गए वादों का हिसाब सरकार से मांगना चाहिए।उन्होंने शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए विद्यालयों को बंद किए जाने की बात कही। उनका कहना था कि गांवों में विद्यालय बंद होने से गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।जन पंचायत में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप भी लगाया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। श्यामलाल पाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील की।उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में मतदान से पहले अपने बच्चों के भविष्य, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर विचार करें। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वर्तमान सरकार में सामान्य परिवारों के बच्चे डीएम, एसपी और कलेक्टर जैसे पदों तक पहुंचे हैं, इस पर जनता को स्वयं विचार करना चाहिए।कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, दीप्ति गंगवार, पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, पूर्व विधायक किशनलाल, पूर्व विधायक अरशद खान, राजकुमार राजू, अशोक राजा, आरती, महेंद्र, प्रदीप सोनकर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
पूरनपुर की जन पंचायत में गूंजे बेरोजगारी-महंगाई के मुद्दे सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से मांगी 2027 के लिए एकजुटता पूरनपुर/पीलीभीत।साई श्रद्धा बैंक्विट हॉल में बुधवार दोपहर समाजवादी पार्टी की ओर से पीडीए जन पंचायत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सपा प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जन पंचायत में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा व्यवस्था समेत विभिन्न मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा।श्यामलाल पाल ने कहा कि सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन युवाओं के सामने रोजगार का संकट बना हुआ है। उन्होंने कहा कि महंगाई का असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। जनता को किए गए वादों का हिसाब सरकार से मांगना चाहिए।उन्होंने शिक्षा व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए विद्यालयों को बंद किए जाने की बात कही। उनका कहना था कि गांवों में विद्यालय बंद होने से गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत बताई।जन पंचायत में बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्तियों को क्षतिग्रस्त किए जाने का आरोप भी लगाया गया। प्रदेश अध्यक्ष ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। श्यामलाल पाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं से संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कार्यकर्ताओं से समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए पार्टी के पक्ष में मतदान की अपील की।उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनाव में मतदान से पहले अपने बच्चों के भविष्य, रोजगार और शिक्षा जैसे मुद्दों पर विचार करें। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या वर्तमान सरकार में सामान्य परिवारों के बच्चे डीएम, एसपी और कलेक्टर जैसे पदों तक पहुंचे हैं, इस पर जनता को स्वयं विचार करना चाहिए।कार्यक्रम में सपा जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार, दीप्ति गंगवार, पूर्व मंत्री अनीस अहमद उर्फ फूल बाबू, पूर्व मंत्री हेमराज वर्मा, पूर्व विधायक किशनलाल, पूर्व विधायक अरशद खान, राजकुमार राजू, अशोक राजा, आरती, महेंद्र, प्रदीप सोनकर समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
- एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण, बच्चों ने निकाली जागरूकता रैली पीलीभीत। वन एवं सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से सेवा संकल्प अभियान एवं सेवा पखवाड़ा के तहत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ थीम पर पौधारोपण किया गया। इस दौरान स्कूल के बच्चों ने स्वच्छता की शपथ ली और गांव में जागरूकता रैली निकालकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण व स्वच्छता के प्रति जागरूक किया।2
- अंधेरे जंगल में सामने आ गया भालू, सांसें थमीं वाहन रोककर बनाई दूरी, कुछ देर बाद जंगल में लौट गया वन्यजीव पूरनपुर/पीलीभीत।धनाराघाट मार्ग पर मंगलवार रात जंगल के बीच उस समय वाहन सवारों की सांसें थम गईं, जब अचानक एक भालू सड़क पर आकर वाहन के सामने खड़ा हो गया। अंधेरे में अचानक भालू को सामने देखकर वाहन सवारों में हड़कंप मच गया। चालक ने घबराने के बजाय तत्काल वाहन रोक दिया। कुछ देर तक भालू सड़क पर मौजूद रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे जंगल की ओर चला गया, तब जाकर वाहन सवारों ने राहत की सांस ली। समाजसेवी डॉ. कमलेश कुमार ने बताया कि वह मंगलवार रात धनाराघाट मार्ग से अपने गांव चंदिया हजारा जा रहे थे। जंगल के बीच पहुंचते ही अचानक उनकी गाड़ी के सामने भालू दिखाई दिया। वन्यजीव को बेहद करीब देखकर उन्होंने तत्काल वाहन रोक दिया। भालू के सड़क पर मौजूद रहने के दौरान वाहन को आगे बढ़ाने या उसके पास जाने का प्रयास नहीं किया गया। कुछ समय बाद भालू स्वयं सड़क से हटकर जंगल में चला गया। घटना ने एक बार फिर जंगल से होकर गुजरने वाले धनाराघाट मार्ग पर रात के समय वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। रात में जंगल के बीच अचानक वन्यजीव सामने आने पर वाहन चालकों के लिए स्थिति जोखिम भरी हो सकती है।डॉ. कमलेश कुमार ने लोगों से अपील की कि जंगल क्षेत्र में सफर के दौरान विशेष सावधानी बरतें। सड़क पर भालू या कोई अन्य वन्यजीव दिखाई देने पर वाहन रोककर पर्याप्त दूरी बनाए रखें। वन्यजीव को भगाने, शोर मचाने, हार्न बजाने या उसके करीब जाकर फोटो-वीडियो बनाने की कोशिश न करें।उन्होंने कहा कि वन्यजीव अपने प्राकृतिक क्षेत्र में होते हैं, इसलिए उन्हें रास्ता देना ही सुरक्षित है। थोड़ी सी लापरवाही इंसान और वन्यजीव दोनों के लिए खतरा बन सकती है। रात के समय धनाराघाट मार्ग से गुजरने वाले लोगों से सतर्क रहकर वाहन चलाने की अपील की गई है।1
- नानक नगरी बेल्हा के ग्रामीणों ने SSB पर लगाए गंभीर आरोप नानक नगरी बेल्हा के ग्रामीणों ने SSB पर लगाए गंभीर आरोप पीलीभीत के नानक नगरी बेल्हा क्षेत्र में BOP राधवपुरी की लगातार चेकिंग को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के अंदर लगातार चेकिंग से आवागमन में परेशानी हो रही है। शिकायत करने वाले ग्रामीणों को चिन्हित कर परेशान किए जाने और उनके साथ सौतेला व्यवहार करने का भी आरोप लगाया गया है। इसी को लेकर मगू प्रधान, सतनाम प्रधान, अमरीक प्रधान सहित क्षेत्र पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्यों ने 49वीं वाहिनी SSB के कमांडेंट को शिकायत पत्र सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। 🎤 बाइट के लिए लाइन ग्रामीण: “हमारी मांग है कि गांव के अंदर लगातार की जा रही चेकिंग को बंद किया जाए। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानी हो रही है। शिकायत करने वाले लोगों को चिन्हित कर परेशान किए जाने की भी बात सामने आ रही है। अधिकारियों से हमारी मांग है कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।” रिपोर्ट: खालसा लाइव 24 न्यूज1
- पीलीभीत में नवागत जिलाधिकारी आलोक कुमार का हुआ जोरदार स्वागत पीलीभीत।जनपद के नवागत जिलाधिकारी आलोक कुमार का जनपद पहुंचते ही जोरदार स्वागत किया गया पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया।1
- JE से अभद्रता और मारपीट मामले में मुकदमा दर्ज, कार्रवाई जारी बिजनौर के थाना चांदपुर क्षेत्र के बागड़पुर गांव में बिजली विभाग के JE संदीप कुमार के साथ अभद्रता, बंधक बनाने और मारपीट के मामले में थाना चांदपुर पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में अग्रिम आवश्यक कार्रवाई प्रचलित है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। #viralshorts #vairalvideo #UttarPradesh #BreakingNews #hightlight #शाहजहांपुर1
- पीलीभीत में सपा ने फूंका 2027 का बिगुल, चारों सीटों पर जीत का दावा धर्मेश गंगवार के बाद सपा एक्टिव, पीलीभीत में 2027 की तैयारी तेज श्यामलाल पाल का पीलीभीत दौरा, सपा ने चारों सीटों पर जीत का किया दावा पीलीभीत में सपा का शक्ति प्रदर्शन, 2027 को लेकर बढ़ी चुनावी हलचल धर्मेश गंगवार के जिलाध्यक्ष बनते ही सपा की सक्रियता बढ़ी, प्रदेश अध्यक्ष ने किया बड़ा दावा1
- पीलीभीत: देर रात ढहा टीनशेड का कच्चा मकान, मलबे में दबकर परिवार के 4 लोग गंभीर घायल पीलीभीत: देर रात ढहा टीनशेड का कच्चा मकान, मलबे में दबकर परिवार के 4 लोग गंभीर घायल बिलसंडा (पीलीभीत): थाना बिलसंडा क्षेत्र के परेवा तुराह गांव में मंगलवार की देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। गांव निवासी धर्मपाल का परिवार अपने कच्चे मकान में सो रहा था, तभी रात करीब 11 बजे अचानक दीवारों सहित सीमेंटेड टीनशेड भरभराकर गिर गया। हादसे के बाद चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबे में दबे धर्मपाल, चमेली देवी, आरती और सुशीला देवी को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही डायल 112 पुलिस (कमांडर राजन तोमर व चालक शिवओम शर्मा) मौके पर पहुंची और 108 एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसंडा पहुंचाया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद चारों घायलों की नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।2
- बिलसंडा में दर्दनाक हादसा: कच्चा मकान गिरने से एक ही परिवार के 5 लोग दबे, गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर। बिलसंडा थाना क्षेत्र के गांव परेवा तुरराह में मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया। गांव निवासी रिंकू का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया, जिसकी चपेट में आकर परिवार के चार लोग मलबे और टीनशेड के नीचे दब गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद सभी को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया। प्राथमिक इलाज के बाद सभी की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया है। रात 11 बजे सो रहे थे परिजन, तभी हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, रिंकू के कच्चे मकान पर टीनशेड पड़ी हुई थी। रोज की तरह परिवार के लोग घर के अंदर सो रहे थे। तभी अचानक रात करीब 11 बजे कच्ची दीवारें ढह गईं और भारी टीनशेड सीधे सो रहे लोगों पर आ गिरी। हादसे में धर्मपाल, चमेली देवी, आरती, सुशीला देवी समेत परिवार के पांचों लोग मलबे में दब गए। देर रात हुए हादसे के बाद गांव में हड़कंप मच गया। पीएम आवास के लिए भटकता रहा पीड़ित परिवार गृह स्वामी रिंकू ने बताया कि उसका नाम कई बार 'प्रधानमंत्री आवास योजना' की सूची में आ चुका था। लेकिन हर बार रंजिश और मिलीभगत के चलते गांव के कुछ लोगों ने उनका नाम कटवा कर उन्हें कागजों में अपात्र घोषित करा दिया। पीड़ित के मुताबिक, पक्के मकान की गुहार लेकर वह खंड विकास अधिकारी (BDO) कार्यालय से लेकर जिलाधिकारी तक के चक्कर लगा चुका है, लेकिन हर जगह से केवल आश्वासन ही मिला। अधिकारियों के दावों पर उठे सवाल अगर समय रहते पीड़ित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिल गया होता, तो शायद यह दर्दनाक हादसा होने से बच जाता।1