हरदोई के संडीला स्थित नई तहसील के पास एनएचएआई-731 हरदोई रोड क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था बाधित होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि सड़क किनारे बने एक नाले को नगर पालिका द्वारा तोड़ दिए जाने के कारण यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है। इस कथित तोड़फोड़ के बाद गंदा और प्रदूषित पानी सड़कों, घरों तथा तहसील परिसर में भरने लगा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले नाले के माध्यम से पानी की निकासी हो जाती थी, लेकिन अब नाला क्षतिग्रस्त होने से गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। इस गंदे पानी से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे कई घरों के बाहर पानी जमा होने से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि यह नाला एनएचएआई से संबंधित था, जिसे नगर पालिका ने बिना सोचे-समझे तोड़ दिया। उनकी शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने के बजाय नाराजगी दिखाई है। क्षेत्रवासियों का यह भी आरोप है कि कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया यह निर्णय अब आम जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नागरिकों ने अब जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, नाले का तत्काल पुनर्निर्माण कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है, जिससे जनजीवन पर और बुरा प्रभाव पड़ेगा।
हरदोई के संडीला स्थित नई तहसील के पास एनएचएआई-731 हरदोई रोड क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था बाधित होने से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों का आरोप है कि सड़क किनारे बने एक नाले को नगर पालिका द्वारा तोड़ दिए जाने के कारण यह गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई है। इस कथित तोड़फोड़ के बाद गंदा और प्रदूषित पानी सड़कों, घरों तथा तहसील परिसर में भरने लगा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पहले नाले के माध्यम से पानी की निकासी हो जाती थी, लेकिन अब नाला क्षतिग्रस्त होने से गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है। इस गंदे पानी से आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे कई घरों के बाहर पानी जमा होने से उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि यह नाला एनएचएआई से संबंधित था, जिसे नगर पालिका ने बिना सोचे-समझे तोड़ दिया। उनकी शिकायत पर जिम्मेदार अधिकारियों ने समस्या का समाधान करने के बजाय नाराजगी दिखाई है। क्षेत्रवासियों का यह भी आरोप है कि कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए लिया गया यह निर्णय अब आम जनता के लिए एक बड़ी मुसीबत बन गया है। नागरिकों ने अब जिलाधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, नाले का तत्काल पुनर्निर्माण कराने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है। उनका कहना है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो स्थिति और भी गंभीर रूप ले सकती है, जिससे जनजीवन पर और बुरा प्रभाव पड़ेगा।
- लखनऊ के मलिहाबाद में कुंदन राठौर ने अपने मोहल्ले में खराब पड़े नल को बनवाने की अपील की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने का निवेदन किया है।1
- उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र में दशहरी में एक टूर्नामेंट चल रहा है। इस प्रतियोगिता में कई टीमें आपस में प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीमें फाइनल में अपना स्थान पक्का कर पाती हैं।1
- उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिला मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल, आरोग्यं हॉस्पिटल, में एक प्रसूता की मौत के मामले ने मानवता और डॉक्टरी पेशे को शर्मसार किया है। जिलाधिकारी (डीएम) द्वारा गठित त्रिस्तरीय जांच टीम और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में निजी अस्पताल के संचालकों व डॉक्टरों की भयानक लापरवाही उजागर हुई है, जिसमें पैसों के लालच में कम हीमोग्लोबिन के बावजूद महिला का ऑपरेशन करने की बात सामने आई है। जानकारी के अनुसार, खैराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम धरैचा की सुमन देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 26 मई को परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया था। वहीं सक्रिय एक आशा बहू ने परिजनों को बरगलाकर शहर के निजी आरोग्यं हॉस्पिटल में शिफ्ट करवा दिया। निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज की गंभीर स्थिति और खून की कमी को छिपाते हुए तुरंत सिजेरियन ऑपरेशन का फैसला ले लिया। ऑपरेशन के बाद सुमन ने बच्चे को जन्म तो दिया, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही से उसकी हालत बिगड़ती चली गई। स्थिति बिगड़ने पर अस्पताल ने सुमन को आनन-फानन में लखनऊ रेफर कर दिया। लखनऊ के अस्पताल में जब डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए, तो परिजन सुमन को वेंटिलेटर हटाकर वापस सीतापुर ला रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटना से आक्रोशित परिजनों ने 29 मई की शाम आरोग्यं हॉस्पिटल के बाहर शव रखकर जोरदार हंगामा किया, आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने सिर्फ पैसे ऐंठने के लिए जबरन ऑपरेशन किया और उनकी बहू को मौत के मुंह में धकेल दिया। प्रसूता सुमन देवी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का मुख्य कारण 'ब्लड पॉइजनिंग' (सेप्टीसीमिया) पाया गया, जो सीधे तौर पर ऑपरेशन के दौरान संक्रमण या गलत इलाज की ओर इशारा करता है। जांच रिपोर्ट में एम्बुलेंस चालक ने भी चौंकाने वाला बयान दिया कि लखनऊ से वापस लाते समय रास्ते में परिजनों ने दो बार मरीज का ऑक्सीजन सपोर्ट हटा दिया था, जिससे उसकी हालत और नाजुक हो गई। जांच रिपोर्ट में अस्पताल की लापरवाही सिद्ध होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) सीतापुर अब आरोग्यं अस्पताल के संचालकों और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और अस्पताल को सील करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई की तैयारी में हैं। जिला प्रशासन, सीतापुर ने स्पष्ट किया है कि प्रसूता की जान के साथ खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पताल और डॉक्टरों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही कठोरतम वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।1
- जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और जनसत्तादल सुप्रीमो महाराजा कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" जी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संबंध में एक बयान दिया है, जिसकी प्रकृति को लेकर कौतूहल व्यक्त किया गया है। उन्हें उनके समर्थकों द्वारा "पावर स्टार", "वनमैन आर्मी", "शानदार व्यक्तित्व के धनी", "जन-जन के नायक", "आदर्श राजनेता", "अजेय योद्धा", और "संघर्ष, सेवा तथा स्वाभिमान के प्रतीक" जैसे विशेषणों से संबोधित किया गया है। उन्हें "विश्वास का नाम" भी बताया गया है।1
- लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज बदल गया है। तेज आंधी, बादल और हल्की बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, हाल ही में हुई बारिश और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राजधानी में तापमान कई डिग्री कम हो गया है, और आने वाले दिनों में भी मौसम के अपेक्षाकृत सुहावना बने रहने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव का सकारात्मक असर कृषि और बागवानी पर भी दिख रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि आम, लीची और अन्य फलदार फसलों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, जिससे उनके फलों की गुणवत्ता और बढ़वार में सुधार की उम्मीद है। कृषि मौसम सलाह में भी इस बदलते मौसम को फलों की फसल के लिए लाभकारी बताया गया है। हालांकि, मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं और गरज-चमक के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। यह चेतावनी इसलिए जारी की गई है क्योंकि हाल के दिनों में प्रदेश के कई जिलों में आंधी-तूफान के कारण नुकसान की कई घटनाएं सामने आई हैं।1
- सीतापुर जनपद के रामपुरकला थाना क्षेत्र में एक नवविवाहिता का शव घर के अंदर फंदे से लटका मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। जानकारी के अनुसार, महिला की शादी को अभी महज 25 दिन ही हुए थे। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के मायके पक्ष ने उसके पति राज समेत ससुराल के अन्य लोगों पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही नवविवाहिता से अतिरिक्त दहेज की मांग की जा रही थी और मांग पूरी न होने पर उसे लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया जा रहा था। मायके पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जबकि परिवार में शादी की खुशियों की जगह मातम छा गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की खबर फैलते ही गांव में भारी भीड़ जुट गई, जिससे पूरे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता से जांच करने का आश्वासन दिया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, और प्रारंभिक जांच में दहेज उत्पीड़न तथा संदिग्ध मृत्यु से जुड़े सभी पहलुओं पर पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोग भी इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि जांच के बाद तथ्य सामने आने पर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- NH 31 रायबरेली हाईवे पर एक सड़क दुर्घटना हुई है। यह घटना कानपुर से रायबरेली जाने वाले मार्ग पर घटित हुई।4