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यह पोस्ट भ्रष्टाचार के भयावह परिणाम पर तीखा सवाल उठाती है, पूछते हुए कि 'भ्रष्टाचार की चिता पर और कितने जिंदा जलेंगे?' इसके साथ ही, यह राम मंदिर के लिए दिए गए दान के प्रबंधन पर सीधे तौर पर उंगली उठाती है, यह जानने की मांग करती है कि 'राम मंदिर के दान धर्म किस-किस की जेब गर्म' कर रहे हैं। संदेश में भ्रष्टाचार के कारण होने वाले भारी नुकसान और पवित्र उद्देश्यों के लिए एकत्र किए गए धन के कथित दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
Mukesh kumar
यह पोस्ट भ्रष्टाचार के भयावह परिणाम पर तीखा सवाल उठाती है, पूछते हुए कि 'भ्रष्टाचार की चिता पर और कितने जिंदा जलेंगे?' इसके साथ ही, यह राम मंदिर के लिए दिए गए दान के प्रबंधन पर सीधे तौर पर उंगली उठाती है, यह जानने की मांग करती है कि 'राम मंदिर के दान धर्म किस-किस की जेब गर्म' कर रहे हैं। संदेश में भ्रष्टाचार के कारण होने वाले भारी नुकसान और पवित्र उद्देश्यों के लिए एकत्र किए गए धन के कथित दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है।
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- मीडिया ने मनोज तिवारी से भोजपुरी गानों से जुड़े कई सवाल पूछे। इन सवालों के जवाब में मनोज तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उन्होंने क्या कहा, यह जानने के लिए पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- किसान महापंचायत के तत्वाधान में, पनियाला से किशनगढ़ तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में आज 22 जून को कोटपूतली शहर में किसानों ने एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर परिषद कोटपूतली कार्यालय के सामने से शुरू होकर जिला कलेक्ट्री कोटपूतली तक पहुँचा, जहाँ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई। ज्ञात हो कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसान महापंचायत का संघर्ष नवंबर 2025 से जारी है। नवंबर 2025 में तहसील के चिमनपुरा गाँव में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों ने "जान दे देंगे जमीन नहीं देंगे" का संकल्प लिया था। इसी दृढ़ संकल्प के साथ, पिछले छह महीने से किसान महापंचायत का यह संघर्ष जारी है। मई 2026 में किसानों ने पनियाला से लेकर कोटपूतली कलेक्ट्री तक एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके उपरांत, 15 जून 2026 से 17 जून 2026 तक किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में कोटपूतली कलेक्ट्री के सामने तीन दिवसीय धरना भी दिया। वहीं, 18 जून 2026 को गाँव गोंनेडा में आयोजित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में भी किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया था। आज के मौन जुलूस में किसान महापंचायत के कई प्रमुख नेता और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संदीप यादव, कोटपूतली बहरोड के जिला अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर, जिलाउपाध्यक्ष सुभाष यादव, जिला उपाध्यक्ष सहमाल गुर्जर, दिनेश गुर्जर, सुगाराम रावत, 94 वर्षीय सुल्तान सिंह करवास, सूबेदार मूलचंद, शीशराम, बीरबल, रोहतास, रामचंद्र बोहरा, रामशरण यादव माजरा अहीर, हरदान फॉरेस्टर, महिला तहसील अध्यक्ष बीना शर्मा, बनवारी दौराता, निशांत नांगलचेची, हिम्मत सिंह रामसिंहपुरा, बाबूलाल यादव, सुभाष यादव, हेमराज यादव और अविनाश शर्मा शामिल थे।4
- भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति में एक महत्वपूर्ण जुड़ाव हुआ है, जहाँ श्री जगन्नाथ गोयल ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की है। यह सदस्यता जयपुर संभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अलवर के जिला प्रवक्ता रोहिताश कुमार जाटव के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। सदस्यता लेते समय श्री गोयल ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के लिए कार्य करने की शपथ ली। इस मौके पर दलित उत्थान संघर्ष सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्यामलाल जाजोरिया, शिवली राम जी, कन्हैयालाल जी, दर्शन सिंह जी और फूलसिंह जी सहित अन्य प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।2
- राजस्थान विधानसभा में खैरथल-तिजारा जिले के मुख्यालय को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। माननीय विधायक श्री दीपचंद खैरिय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद, जिला बचाओ संघर्ष समिति ने अपने 318वें दिन के धरने पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक नगरपरिषद खैरथल जिला मुख्यालय का पट्टा सार्वजनिक नहीं करती और मुख्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और धरना जारी रहेगा। समिति ने खैरथल-तिजारा की जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि नए जिले के विकास के लिए मिलने वाला पैसा पिछले साल की तरह लैप्स न हो। समिति के सदस्य गिरीश डाटा ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव, व जिले के विधायक से मुख्यालय की जमीन का भूमि पूजन करने की अपील की, जिसके लिए पूरे जिले के लोग उनका आभार व्यक्त करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने भी जोर दिया कि जिला मुख्यालय खैरथल में ही स्थिर होने की पुष्टि के बाद, स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को बिना किसी देरी के जनहित में कार्य करना चाहिए। समिति के सदस्य ओमप्रकाश रोघा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय निकाय अब संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा, जिससे आमजन को मिल रही सुविधाओं का विस्तार और जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। आज की बैठक में विधायक दीपचंद खैरिय सहित गिरीश डाटा, पंकज रोघा, अखिलेश कौशिक, शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढिल्लन, विक्की चौधरी, अरविंद रोहिल्ला, ओमप्रकाश रोघा, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कामरेड, वेद प्रकाश कौशिक, श्यामलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, पूर्ण सैनी, जमालुद्दीन, मातादीन बिरासिया, रामबाबू चौधरी, सुरेश कौशिक, हरदयाल हुसैनपुर और रोहताश समेत शहर व गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- गांव के सम्मानित अध्यापकों, गणमान्य व्यक्तियों और सभी ग्रामीण भाई-बहनों से BLO के साथ साझा किए गए SIR फॉर्म के अभियान में पूरा सहयोग करने का विनम्र अनुरोध किया गया है। इस अपील का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति यह फॉर्म अवश्य भरवाए। यह खास तौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है ताकि जानकारी के अभाव में कोई भी व्यक्ति फॉर्म भरने से वंचित न रह जाए और भविष्य में उसे अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। सभी से मिलकर इस कार्य को सफल बनाने और गांव के हर व्यक्ति तक इसकी जानकारी पहुँचाने का आह्वान किया गया है।1
- हरियाणा गवर्नमेंट पीडब्ल्यूडी मैकेनिक वर्कर्स यूनियन, रजि. नंबर 41 से संबंधित सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की दिल्ली कार्यकारिणी की एक महत्वपूर्ण बैठक 22 जून 2026 को सिंचाई विभाग कार्यालय में संपन्न हुई। सुचिंद्र वालिया की अध्यक्षता और नरेंद्र क्लर्क के संचालन में हुई इस बैठक में प्रांतीय मुख्य संगठनकर्ता योगेश शर्मा और प्रांतीय उपमहासचिव राजेश धनखड़ ने कर्मचारियों को संबोधित किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी कार्यक्रमों को लागू करने और मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर कार्रवाई न होने के विरोध में आंदोलन की रणनीति तैयार करना था। नेताओं ने बताया कि 24 नवंबर 2025 को सिंचाई मंत्री श्रीमती श्रुति चौधरी के साथ मांग पत्र पर विस्तृत चर्चा की गई थी। इन मांगों में सर्व कर्मचारी संघ के आगामी कार्यक्रमों को पूरी तरह से लागू करना, कॉमन कैडर कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ देना, जनस्वास्थ्य विभाग के कार्य और रखरखाव पंचायतों को न देना, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, पुरानी पेंशन बहाल करना, एचआरए की विसंगतियों को दूर करना, सुपरिटेंडेंट को रजिस्ट्रार के पद पर पदोन्नति देना, मेडिकल भत्ता बढ़ाना, शिक्षा भत्ता बढ़ाना और वेतन विसंगतियों को दूर करना शामिल था। हालांकि, मंत्री के आदेशों के बावजूद, उच्च अधिकारियों ने आज तक किसी भी कार्य को गंभीरता से नहीं लिया है, जिसके कारण सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। इसी के मद्देनजर, कर्मचारियों ने दोनों मंत्रियों द्वारा दिए गए आश्वासनों पर सकारात्मक कार्रवाई न होने के विरोध में आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने का सर्वसम्मत निर्णय लिया। सभी नेताओं ने राज्य की तमाम ब्रांचों को अपनी-अपनी आम सभाएं आयोजित कर सभी प्रकार के कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य कमेटी के साथी उन सभाओं में शामिल हो सकें। इसके बाद, राज्य में कार्यरत सभी ब्रांचें अपने अधिकार क्षेत्र के कार्यकारी अभियंताओं के माध्यम से तीनों विभागों के प्रमुख अभियंताओं को एक मांग पत्र सौंपेंगी, जिसमें ब्रांच स्तर के मुद्दों के साथ राज्य कार्यकारिणी द्वारा उपलब्ध कराई गई मांगें भी शामिल होंगी। आंदोलन के अगले चरण में, 04 जुलाई 2026 को भिवानी में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री के कैंप कार्यालय का घेराव किया जाएगा। इसके उपरांत, 18 जुलाई 2026 को हिसार में लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क विभाग) तथा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मंत्रियों के आवासों का भी घेराव करने का निर्णय राज्य कमेटी द्वारा लिया गया है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि मंत्री इस पर संज्ञान लेकर कोई ठोस सकारात्मक कार्रवाई नहीं करते हैं, तो मौके पर ही राज्य कमेटी अपनी बैठक करके आगे के आंदोलन के स्वरूप का फैसला नेतृत्व के द्वारा लेगी। इस बैठक में जिला प्रधान महेंद्र सिंह चुटानी, यशवीर शर्मा, जिला प्रधान मुकेश देशवाल, ब्रांच कमेटी सचिव सचिन पाराशर, अश्विनी कुमार, सुरेश कैनाल गार्ड, कुलदीप क्लर्क, नरेश मलिक, जिला सचिव प्रदीप मलिक, विजय सिंह, प्रवीण कुमार, कल्लू सिंह, विकास राणा, अंकित शर्मा, जितेंद्र बेलदार, मेहताब अकाउंट क्लर्क, दीपक क्लर्क, लक्ष्मण सिंह, पंकज शर्मा, संजीव सिंह, बलिंदर कुमार, सलीम, रविंद्र, विक्की, अनिल रोहट, रमेश छिकारा, सज्जन राजपूत, मनीष, विष्णु राजे, धर्मवीर, विजय कृष्ण, अभिषेक सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।1
- शिक्षा सहायक समिति, नूंह ने आकांक्षी जिला नूंह (मेवात) में कार्यरत शिक्षा सहायकों के मानदेय में वृद्धि की मांग को लेकर केंद्रीय मंत्री श्री राव इंद्रजीत सिंह को एक ज्ञापन सौंपा है। समिति के अध्यक्ष कुतुबुद्दीन ने बताया कि यह पहल नूंह जिले के शिक्षा सहायकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई है। समिति अध्यक्ष कुतुबुद्दीन ने जानकारी दी कि नूंह जिले में शिक्षकों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से जुलाई 2022 में मेवात डेवलपमेंट एजेंसी (MDA) द्वारा एनजीओ के माध्यम से कुल 489 शिक्षा सहायकों की नियुक्ति की गई थी। ये शिक्षा सहायक वर्तमान में विभिन्न सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिसके मद्देनजर उनके मानदेय में वृद्धि की मांग की गई है।1
- पोस्ट में घरेलू मीडिया की कार्यप्रणाली पर तीखी आलोचना की गई है, जिसमें नॉर्वे को 'फ्रीडम नंबर 1' बताया गया है। संदेश में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई है कि 'हमारे देश' की मीडिया 'कुछ भी खबर चला सकती है', जो उसकी विश्वसनीयता या जवाबदेही पर सवाल उठाता है। पोस्ट में इस मीडिया के रवैये को लेकर निराशा और हताशा प्रकट की गई है, यह पूछते हुए कि ऐसी मीडिया के बारे में क्या कहा जाए।1