किसान महापंचायत के तत्वाधान में, पनियाला से किशनगढ़ तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में आज 22 जून को कोटपूतली शहर में किसानों ने एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर परिषद कोटपूतली कार्यालय के सामने से शुरू होकर जिला कलेक्ट्री कोटपूतली तक पहुँचा, जहाँ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई। ज्ञात हो कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसान महापंचायत का संघर्ष नवंबर 2025 से जारी है। नवंबर 2025 में तहसील के चिमनपुरा गाँव में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों ने "जान दे देंगे जमीन नहीं देंगे" का संकल्प लिया था। इसी दृढ़ संकल्प के साथ, पिछले छह महीने से किसान महापंचायत का यह संघर्ष जारी है। मई 2026 में किसानों ने पनियाला से लेकर कोटपूतली कलेक्ट्री तक एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके उपरांत, 15 जून 2026 से 17 जून 2026 तक किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में कोटपूतली कलेक्ट्री के सामने तीन दिवसीय धरना भी दिया। वहीं, 18 जून 2026 को गाँव गोंनेडा में आयोजित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में भी किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया था। आज के मौन जुलूस में किसान महापंचायत के कई प्रमुख नेता और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संदीप यादव, कोटपूतली बहरोड के जिला अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर, जिलाउपाध्यक्ष सुभाष यादव, जिला उपाध्यक्ष सहमाल गुर्जर, दिनेश गुर्जर, सुगाराम रावत, 94 वर्षीय सुल्तान सिंह करवास, सूबेदार मूलचंद, शीशराम, बीरबल, रोहतास, रामचंद्र बोहरा, रामशरण यादव माजरा अहीर, हरदान फॉरेस्टर, महिला तहसील अध्यक्ष बीना शर्मा, बनवारी दौराता, निशांत नांगलचेची, हिम्मत सिंह रामसिंहपुरा, बाबूलाल यादव, सुभाष यादव, हेमराज यादव और अविनाश शर्मा शामिल थे।
किसान महापंचायत के तत्वाधान में, पनियाला से किशनगढ़ तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में आज 22 जून को कोटपूतली शहर में किसानों ने एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर परिषद कोटपूतली कार्यालय के सामने से शुरू होकर जिला कलेक्ट्री कोटपूतली तक पहुँचा, जहाँ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई। ज्ञात हो कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसान महापंचायत का संघर्ष
नवंबर 2025 से जारी है। नवंबर 2025 में तहसील के चिमनपुरा गाँव में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों ने "जान दे देंगे जमीन नहीं देंगे" का संकल्प लिया था। इसी दृढ़ संकल्प के साथ, पिछले छह महीने से किसान महापंचायत का यह संघर्ष जारी है। मई 2026 में किसानों ने पनियाला से लेकर कोटपूतली कलेक्ट्री तक एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके उपरांत, 15 जून 2026 से
17 जून 2026 तक किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में कोटपूतली कलेक्ट्री के सामने तीन दिवसीय धरना भी दिया। वहीं, 18 जून 2026 को गाँव गोंनेडा में आयोजित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में भी किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया था। आज के मौन जुलूस में किसान महापंचायत के कई प्रमुख नेता और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया, प्रदेश
मंत्री महेश जाखड़, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संदीप यादव, कोटपूतली बहरोड के जिला अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर, जिलाउपाध्यक्ष सुभाष यादव, जिला उपाध्यक्ष सहमाल गुर्जर, दिनेश गुर्जर, सुगाराम रावत, 94 वर्षीय सुल्तान सिंह करवास, सूबेदार मूलचंद, शीशराम, बीरबल, रोहतास, रामचंद्र बोहरा, रामशरण यादव माजरा अहीर, हरदान फॉरेस्टर, महिला तहसील अध्यक्ष बीना शर्मा, बनवारी दौराता, निशांत नांगलचेची, हिम्मत सिंह रामसिंहपुरा, बाबूलाल यादव, सुभाष यादव, हेमराज यादव और अविनाश शर्मा शामिल थे।
- किसान महापंचायत के तत्वाधान में, पनियाला से किशनगढ़ तक बनने वाले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में आज 22 जून को कोटपूतली शहर में किसानों ने एक मौन जुलूस निकाला। यह जुलूस नगर परिषद कोटपूतली कार्यालय के सामने से शुरू होकर जिला कलेक्ट्री कोटपूतली तक पहुँचा, जहाँ जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को तुरंत निरस्त करने की मांग की गई। ज्ञात हो कि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में किसान महापंचायत का संघर्ष नवंबर 2025 से जारी है। नवंबर 2025 में तहसील के चिमनपुरा गाँव में आयोजित किसान सम्मेलन में किसानों ने "जान दे देंगे जमीन नहीं देंगे" का संकल्प लिया था। इसी दृढ़ संकल्प के साथ, पिछले छह महीने से किसान महापंचायत का यह संघर्ष जारी है। मई 2026 में किसानों ने पनियाला से लेकर कोटपूतली कलेक्ट्री तक एक विशाल ट्रैक्टर रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया था। इसके उपरांत, 15 जून 2026 से 17 जून 2026 तक किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विरोध में कोटपूतली कलेक्ट्री के सामने तीन दिवसीय धरना भी दिया। वहीं, 18 जून 2026 को गाँव गोंनेडा में आयोजित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की बैठक में भी किसानों ने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के खिलाफ अपना विरोध दर्ज करवाया था। आज के मौन जुलूस में किसान महापंचायत के कई प्रमुख नेता और सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, प्रदेश मीडिया प्रभारी सुरेश बिजारणिया, प्रदेश मंत्री महेश जाखड़, प्रदेश युवा उपाध्यक्ष संदीप यादव, कोटपूतली बहरोड के जिला अध्यक्ष बाबूलाल चौधरी, तहसील अध्यक्ष हरसहाय तंवर, जिलाउपाध्यक्ष सुभाष यादव, जिला उपाध्यक्ष सहमाल गुर्जर, दिनेश गुर्जर, सुगाराम रावत, 94 वर्षीय सुल्तान सिंह करवास, सूबेदार मूलचंद, शीशराम, बीरबल, रोहतास, रामचंद्र बोहरा, रामशरण यादव माजरा अहीर, हरदान फॉरेस्टर, महिला तहसील अध्यक्ष बीना शर्मा, बनवारी दौराता, निशांत नांगलचेची, हिम्मत सिंह रामसिंहपुरा, बाबूलाल यादव, सुभाष यादव, हेमराज यादव और अविनाश शर्मा शामिल थे।4
- राजस्थान विधानसभा में खैरथल-तिजारा जिले के मुख्यालय को लेकर चल रही अटकलों पर अब पूर्णविराम लग गया है। माननीय विधायक श्री दीपचंद खैरिय द्वारा पूछे गए तारांकित प्रश्न के उत्तर में राजस्व विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिला मुख्यालय को स्थानांतरित करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है। सरकार के इस स्पष्टीकरण के बाद, जिला बचाओ संघर्ष समिति ने अपने 318वें दिन के धरने पर बड़ी संख्या में लोगों के साथ विचार-विमर्श किया। समिति ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक नगरपरिषद खैरथल जिला मुख्यालय का पट्टा सार्वजनिक नहीं करती और मुख्यालय निर्माण के लिए भूमि पूजन नहीं हो जाता, तब तक उनका संघर्ष और धरना जारी रहेगा। समिति ने खैरथल-तिजारा की जनता की अपेक्षाओं को देखते हुए नगर परिषद से त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि नए जिले के विकास के लिए मिलने वाला पैसा पिछले साल की तरह लैप्स न हो। समिति के सदस्य गिरीश डाटा ने कहा कि धरना शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा और उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय मंत्री एवं सांसद भूपेंद्र यादव, व जिले के विधायक से मुख्यालय की जमीन का भूमि पूजन करने की अपील की, जिसके लिए पूरे जिले के लोग उनका आभार व्यक्त करेंगे। नेता प्रतिपक्ष विक्की चौधरी ने भी जोर दिया कि जिला मुख्यालय खैरथल में ही स्थिर होने की पुष्टि के बाद, स्थानीय प्रशासन और नगर परिषद को बिना किसी देरी के जनहित में कार्य करना चाहिए। समिति के सदस्य ओमप्रकाश रोघा ने विश्वास व्यक्त किया कि स्थानीय निकाय अब संवेदनशीलता दिखाते हुए इस प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करेगा, जिससे आमजन को मिल रही सुविधाओं का विस्तार और जिले का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके। आज की बैठक में विधायक दीपचंद खैरिय सहित गिरीश डाटा, पंकज रोघा, अखिलेश कौशिक, शिवचरण गुप्ता, वीर सिंह ढिल्लन, विक्की चौधरी, अरविंद रोहिल्ला, ओमप्रकाश रोघा, जयप्रकाश हेडाऊ, रामचंद्र कामरेड, वेद प्रकाश कौशिक, श्यामलाल शर्मा, महेंद्र जांगिड़, पूर्ण सैनी, जमालुद्दीन, मातादीन बिरासिया, रामबाबू चौधरी, सुरेश कौशिक, हरदयाल हुसैनपुर और रोहताश समेत शहर व गांवों से बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।1
- अलवर के धनखेड़ा गांव में दो पक्षों के बीच हुए विवाद ने पूरे क्षेत्र का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस घटना को लेकर यह सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह पूरा मामला क्या है। 'Voice of Labour' इस महत्वपूर्ण स्थानीय घटना पर अपनी ग्राउंड रिपोर्ट के साथ आगे की जानकारी साझा करने के लिए पाठकों को जुड़े रहने का आग्रह कर रहा है, क्योंकि यह मामला मत्स्य औद्योगिक क्षेत्र में जनशक्ति के प्रदर्शन का संकेत दे रहा है।1
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- भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति में एक महत्वपूर्ण जुड़ाव हुआ है, जहाँ श्री जगन्नाथ गोयल ने संगठन की सदस्यता ग्रहण की है। यह सदस्यता जयपुर संभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और अलवर के जिला प्रवक्ता रोहिताश कुमार जाटव के नेतृत्व में सम्पन्न हुई। सदस्यता लेते समय श्री गोयल ने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ भारतीय किसान यूनियन लोक शक्ति के लिए कार्य करने की शपथ ली। इस मौके पर दलित उत्थान संघर्ष सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष श्री श्यामलाल जाजोरिया, शिवली राम जी, कन्हैयालाल जी, दर्शन सिंह जी और फूलसिंह जी सहित अन्य प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।2
- मीडिया ने मनोज तिवारी से भोजपुरी गानों से जुड़े कई सवाल पूछे। इन सवालों के जवाब में मनोज तिवारी ने अपनी प्रतिक्रिया दी। हालांकि, उन्होंने क्या कहा, यह जानने के लिए पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।1
- नीमराना की आशियाना आंगन सोसायटी में 10 जून को दिनदहाड़े हुई चोरी की घटना के बाद निवासियों में भारी आक्रोश देखा गया है। सोसायटी के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही का आरोप लगाते हुए प्रबंधन के खिलाफ रविवार को मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और सुरक्षा को मजबूत करने की मांग उठाई। सोसायटी निवासी विकास कुमार ने बताया कि 10 जून को उनके फ्लैट से करीब 25 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और नकदी दिनदहाड़े चोरी हो गए थे। दिन के समय हुई इस घटना से लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। निवासियों का आरोप है कि इतनी बड़ी चोरी के बावजूद सुरक्षा व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं किया गया, जिससे चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि भारी मेंटेनेंस देने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था बिल्कुल खराब है, और प्रवेश द्वार के पास सिक्योरिटी रूम के नजदीक मंदिर से भी पहले दिनदहाड़े चोरी हो चुकी है। उनका यह भी कहना है कि सोसाइटी के अंदर आए दिन कई चोरियां हो चुकी हैं, और पुलिस भी अभी तक कोई खुलासा नहीं कर पाई है, न ही सोसायटी प्रबंधन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाया है। प्रदर्शन के दौरान सोसायटी के लोगों ने चेतावनी दी कि यदि सुरक्षा व्यवस्था को शीघ्र सुदृढ़ नहीं किया गया तो भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। उन्होंने सोसायटी प्रबंधन से सीसीटीवी कैमरों की प्रभावी निगरानी, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने और प्रवेश-निकास व्यवस्था को और कड़ा करने की मांग की। इसके साथ ही, निवासियों ने प्रशासन और पुलिस से मामले की जल्द से जल्द जांच कर चोरी का खुलासा करने तथा आरोपियों को गिरफ्तार करने की भी मांग की। निवासियों का कहना है कि सुरक्षित आवास का दावा करने वाली सोसायटी में इस प्रकार की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदर्शन में आशीष मलिक, पूर्व अध्यक्ष के के शर्मा, विकास कुमार, नवीन कुमार, मनोज कुमार सरपंच, संदीप यादव, नरेंद्र, पूनम, नीत, प्रिया, दीपक, योगेश, हरविंदर, राजेंद्र, अमित सहित बड़ी संख्या में सोसायटी के महिला-पुरुष मौजूद रहे, जिन्होंने सुरक्षा को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।4
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