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प्रीपेड मीटर से जूझ रही झांसी की जनता, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित..
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प्रीपेड मीटर से जूझ रही झांसी की जनता, रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित..
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- आज दिनांक-16/04/2026 को थाना बबीना जिला झांसी के एन्टीरोमियो टीम/ मिशन शक्ति टीम द्वारा चेकिंग के दौरान भ्रमण हेतु थाना बबीना के कम्पोजिट संविलियन विद्यालय ग्राम रसीना थाना बबीना जिला झांसी मे मिशन शक्ति अभियान किया गया जिसमे मौजूद विद्यालय के प्रधानाचार्य श्रीमती आशा खरे व सहायक अध्यापक श्री राजू वर्मा, श्री जगदीश कुमार ,श्रीमती नेहा सिह, श्रीमती अलका जैन, श्रीमती रेखा यादव, श्रीमती रूची सिह व स्कूल के बालक /बालिकाए भी मौजूद रहे व स्कूल के आस-पास से गुजरने वाले रास्ते मे चेकिग की गई है बालक /बालिकाए द्वारा बताया गाय कि आस-पास कोई भी समस्या नही होती है चेकिंग मे एन्टीरोमियो/मिशन शक्ति प्रभारी उपनिरीक्षक सुश्री मनु चौधरी उपनिरीक्षक श्री प्रशान्त यादव महिला आरक्षी अंजली मौजूद रही ।3
- मणिपुर की युवती की झांसी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, परिवार जनों का आरोप, सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए शव को कब्रिस्तान में दफनाने से पूर्व लिया कब्जे में। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। झांसी के स्पा सेंटर से जुड़ा है मामला।1
- Post by S News1
- Post by Abhishek Jain1
- Post by Mohammad Irshad3
- Post by Bablu Ramaiya1
- *मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दि0 18-01-2013 की अवमानना के सम्बन्ध में*। महोदय, अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बी. एल. भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपरनगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया गया। नोटिस में कहा गया कि कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है।जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाये। *जैसा कि मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दि0 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता*। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। *वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा आप श्रीमान् जी (जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त) के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा*। भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा1
- परिवार जनों का आरोप, सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए शव को कब्रिस्तान में दफनाने से पूर्व लिया कब्जे में। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। झांसी के स्पा सेंटर से जुड़ा है मामला।1