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झांसी के थाना प्रेम नगर के अंतर्गत महाराज सिंह नगर पुलिया नम्बर 9 में ट्रांसफॉर्म में लगी शर्ट ट सर्किट से आग आग लगने के साथ ही साथ बहुत तेज आवाज भी होती रही जैसे बम या पठाके फूट रहें हो मोहल्ले बासियो मे देहसत का माहौल बन गया था
Mohammad Irshad
झांसी के थाना प्रेम नगर के अंतर्गत महाराज सिंह नगर पुलिया नम्बर 9 में ट्रांसफॉर्म में लगी शर्ट ट सर्किट से आग आग लगने के साथ ही साथ बहुत तेज आवाज भी होती रही जैसे बम या पठाके फूट रहें हो मोहल्ले बासियो मे देहसत का माहौल बन गया था
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- झाँसी। शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र अंतर्गत भट्टागांव में अराजक तत्वों से परेशान मोहल्ला वासियों ने अपनी सुरक्षा के लिए गेट व बाउंड्री बनवाई, लेकिन अब उसी गेट को तोड़ने और धमकी देने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, क्षेत्र में लंबे समय से कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम सिगरेट, गांजा और शराब का सेवन करते थे। इसके अलावा जुआ खेलना, गाली-गलौज करना और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार जैसी घटनाएं भी लगातार हो रही थीं, जिससे मोहल्ले का माहौल खराब हो गया था। इन घटनाओं से तंग आकर मोहल्ला वासियों ने जमीन मालिक से सुरक्षा की व्यवस्था करने की मांग की। इसके बाद संबंधित भूमि पर गेट लगवाया गया और बाउंड्री का निर्माण कराया गया, ताकि बाहरी लोगों की अनावश्यक आवाजाही पर रोक लगाई जा सके। प्रार्थना पत्र के अनुसार, कुछ लोगों ने गेट तोड़ने का प्रयास किया और अवैध रूप से रुपये की मांग की। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भय और आक्रोश व्याप्त है। मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।1
- आरटीई के तहत चयनित छात्र को निजी स्कूल ने प्रवेश देने से किया इंकार, एसडीएम से शिकायत मोंठ (झांसी)। तहसील क्षेत्र के एक निजी विद्यालय प्रशासन ने आरटीई (निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम-2009) के तहत चयनित छात्र को प्रवेश देने से इंकार करने का मामला सामने आया है। इस संबंध में पीड़ित अभिभावकों ने उपजिलाधिकारी मोंठ को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। प्रार्थी सौजना निवासी इरफान पुत्र चुन्ना खान ने बताया कि उन्होंने अपने पुत्र रासिद का पंजीकरण आरटीई योजना के तहत कराया था। विभागीय प्रक्रिया के तहत द्वितीय चरण की लॉटरी में उनके पुत्र का चयन बम्हरौली मोंठ के एक निजी स्कूल में हुआ था। इरफान का आरोप है कि जब वह आवश्यक दस्तावेजों के साथ विद्यालय में प्रवेश के लिए पहुंचे, तो विद्यालय प्रबंधन ने कई बार उन्हें टालमटोल कर वापस भेज दिया। अंततः विद्यालय प्रशासन ने साफ तौर पर बच्चे का प्रवेश लेने से मना कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने विभाग द्वारा जारी चयन पत्र भी विद्यालय में प्रस्तुत किया, लेकिन इसके बावजूद प्रवेश नहीं दिया गया। प्रार्थी ने आरोप लगाया कि विद्यालय द्वारा शासन के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने बच्चे को निजी विद्यालय में पढ़ाने में असमर्थ हैं। ऐसे में आरटीई योजना ही उनके बच्चे की शिक्षा का एकमात्र सहारा है। इस मामले में प्रार्थी ने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अपने पुत्र का प्रवेश सुनिश्चित कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो उनका बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित रह जाएगा। इस मामले में मोंठ एसडीएम अवनीश तिवारी ने कहा कि मामले की जांच पड़ताल हेतु खंड शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। जांचोपरांत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।2
- *मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित निर्णय दि0 18-01-2013 की अवमानना के सम्बन्ध में*। महोदय, अधिवक्ता भानू सहाय, अधिवक्ता रामकुमार खरे, अधिवक्ता उच्च न्यायालय अशोक सक्सेना, अधिवक्ता गौतम अस्थाना, अधिवक्ता बी. एल. भास्कर, अधिवक्ता वरुण अग्रवाल, अधिवक्ता रवि नगेले, अधिवक्ता प्रदीप झा, अधिवक्ता सचिन साहू, हनीफ खान, अनिल कश्यप, हरवंश लाल, अभिषेक तिवारी, शाहजहां बेगम, पूर्व पार्षद राजेंद्र कुमार आदि ने जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट एवं अपरनगर आयुक्त को सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना एवं शासनादेश के उल्लंघन का नोटिस दिया गया। नोटिस में कहा गया कि कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम की अग्रणी झाँसी की रानी वीरांगना लक्ष्मीबाई जी जब स्वतंत्रता की लड़ाई प्रारम्भ कर अपनी झाँसी का नाम व अपना नाम विश्व में शिखर पर पहुँचाया तथा अंग्रेज उन्हें छू भी नहीं सके और झाँसी का नाम इतिहास में शहादत के रूप में लिखा गया। ऐसी वीरांगना की याद में वीरांगना लक्ष्मीबाई पार्क जो सार्वजनिक स्थल है व उनकी एक प्रतिमा वर्षो पहले स्थापित की गई वहां लगाया जाना औचित्यपूर्ण नहीं है।जहाँ विश्व के लोग झाँसी आकर उनको नमन करते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर अन्य कोई मूर्ति स्थापित नहीं हो सकती। महारानी लक्ष्मीबाई जी की प्रतिमा का कोई भी झाँसी वासी विरोध नहीं कर सकता। हमारी भावना है कि महारानी की प्रतिमा कहीं अन्यत्र स्थान पर नियमानुसार भव्यता से लगाई जाये। *जैसा कि मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा अपने निर्णय दि0 18-01-2013 में निर्णित किया है कि नगर निगम, प्राधिकरण, स्थानीय निकाय या राज्य सरकार को सार्वजनिक स्थल, कोई मूर्ति, धार्मिक स्थल या अन्य कोई भी ऐसा कृत्य नहीं किया जा सकता*। यदि कोई व्यक्ति, संस्था, स्थानीय प्रशासन, राज्य सरकार, केन्द्र सरकार कोई कृत्य करती है तो वह अवमानना की श्रेणी में आता है। *वीरांगना लक्ष्मीबाई सार्वजनिक पार्क व स्थल में अनाधिकृत रूप से लगाई जा रही प्रतिमा का निर्माण तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिये रोक दें अन्यथा आप श्रीमान् जी (जिला अधिकारी, नगर आयुक्त, अपर जिला अधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, अपर नगर आयुक्त) के विरूद्ध माननीय उच्चतम न्यायालय की अवमानना करने एवं दण्डित कराये जाने हेतु कानूनी कार्यवाही करने को बाध्य होना पड़ेगा*। भानू सहाय अध्यक्ष बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा1
- परिवार जनों का आरोप, सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए शव को कब्रिस्तान में दफनाने से पूर्व लिया कब्जे में। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। झांसी के स्पा सेंटर से जुड़ा है मामला।1