।। जब सरकारी 'दावे' और जनता के 'खाली चूल्हे' आमने-सामने हों ।। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। सत्ता के गलियारों में बैठकर 'सब चंगा है' का राग अलापना कितना आसान होता है, इसका जीता-जागता नमूना बस्ती में देखने को मिल रहा है। एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने बड़ी शान से वीडियो जारी कर कह दिया—'गैस की कोई कमी नहीं है।' लेकिन जनाब, क्या आपकी नजरें भानपुर स्थित उस गैस एजेंसी की दहलीज तक नहीं पहुँच पाईं, जहाँ पिछले पांच दिनों से आम जनता का पसीना सिलेंडर की आस में सूख रहा है? डिजिटल धोखाधड़ी या प्रशासनिक मिलीभगत? सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिलेंडर हाथ में नहीं, लेकिन मोबाइल पर 'डिलीवरी' का मैसेज किस जादू से पहुँच गया? क्या यह महज तकनीकी चूक है, या फिर कालाबाजारी का वह 'डिजिटल खेल', जिसमें गैस कागजों पर तो बिक जाती है, लेकिन रसोई तक नहीं पहुँचती? प्रशासन की यह 'वर्चुअल सप्लाई' उन घरों के लिए किसी मजाक से कम नहीं है, जहाँ चूल्हे खाली सिलेंडर के साथ ठंडे पड़े हैं। 'अफवाह' का पर्दा और सच्चाई की मार प्रशासन ने अपनी विफलता को छिपाने के लिए जनता की परेशानी को 'अफवाह' का नाम देकर पल्ला झाड़ लिया। लेकिन सच्चाई वीडियो की स्क्रिप्ट से नहीं, लाइन में लगे उन चेहरों से पूछिए जो अपनी मेहनत की कमाई का हिसाब मांग रहे हैं। अधिकारियों का वातानुकूलित कमरों में बैठकर आदेश देना और जनता का तपती धूप में दर-दर भटकना, यह इस बात का सबूत है कि प्रशासन पूरी तरह से 'जमीन' से कट चुका है। समय है जवाबदेही का हम प्रशासन से पूछते हैं: क्या आपकी मॉनिटरिंग सिस्टम केवल फाइलों तक सीमित है? क्या उन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने फर्जी मैसेज भेजकर जनता को गुमराह किया? एडीएम साहब का वह 'आश्वस्त' बयान किसके दबाव में था, या यह उनकी पूरी तरह से नाकामी? जनता को अब वादों और वीडियो के डोज नहीं, बल्कि समाधान चाहिए। अगर प्रशासन ने अपनी आंखों से यह 'पट्टी' नहीं उतारी, तो जनता का सब्र का बांध टूटना तय है। यह समय केवल लीपापोती का नहीं, बल्कि पारदर्शी जांच और दोषियों को बेनकाब करने का है।
।। जब सरकारी 'दावे' और जनता के 'खाली चूल्हे' आमने-सामने हों ।। अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। सत्ता के गलियारों में बैठकर 'सब चंगा है' का राग अलापना कितना आसान होता है, इसका जीता-जागता नमूना बस्ती में देखने को मिल रहा है। एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने बड़ी शान से वीडियो जारी कर कह दिया—'गैस की कोई कमी नहीं है।' लेकिन जनाब, क्या आपकी नजरें भानपुर स्थित उस गैस एजेंसी की दहलीज तक नहीं पहुँच पाईं, जहाँ पिछले पांच दिनों से आम जनता का पसीना सिलेंडर की आस में सूख रहा है? डिजिटल धोखाधड़ी या प्रशासनिक मिलीभगत? सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिलेंडर हाथ में नहीं, लेकिन मोबाइल पर 'डिलीवरी' का मैसेज किस जादू से पहुँच गया? क्या यह महज तकनीकी चूक है, या फिर कालाबाजारी का वह 'डिजिटल खेल', जिसमें गैस कागजों पर तो बिक जाती है, लेकिन रसोई तक नहीं पहुँचती? प्रशासन की यह 'वर्चुअल सप्लाई' उन घरों के लिए किसी मजाक से कम नहीं है, जहाँ चूल्हे खाली सिलेंडर के साथ ठंडे पड़े हैं। 'अफवाह' का पर्दा और सच्चाई की मार प्रशासन ने अपनी विफलता को छिपाने के लिए जनता की परेशानी को 'अफवाह' का नाम देकर पल्ला झाड़ लिया। लेकिन सच्चाई वीडियो की स्क्रिप्ट से नहीं, लाइन में लगे उन चेहरों से पूछिए जो अपनी मेहनत की कमाई का हिसाब मांग रहे हैं। अधिकारियों का वातानुकूलित कमरों में बैठकर आदेश देना और जनता का तपती धूप में दर-दर भटकना, यह इस बात का सबूत है कि प्रशासन पूरी तरह से 'जमीन' से कट चुका है। समय है जवाबदेही का हम प्रशासन से पूछते हैं: क्या आपकी मॉनिटरिंग सिस्टम केवल फाइलों तक सीमित है? क्या उन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने फर्जी मैसेज भेजकर जनता को गुमराह किया? एडीएम साहब का वह 'आश्वस्त' बयान किसके दबाव में था, या यह उनकी पूरी तरह से नाकामी? जनता को अब वादों और वीडियो के डोज नहीं, बल्कि समाधान चाहिए। अगर प्रशासन ने अपनी आंखों से यह 'पट्टी' नहीं उतारी, तो जनता का सब्र का बांध टूटना तय है। यह समय केवल लीपापोती का नहीं, बल्कि पारदर्शी जांच और दोषियों को बेनकाब करने का है।
- दीवानराम, नैनीताल उत्तराखंडओखलकांडा, नैनीताल, उत्तराखंड👏11 hrs ago
- अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। जनपद के विक्रमजोत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जिस अस्पताल की दहलीज पर एक परिवार नई खुशियों की उम्मीद लेकर पहुँचा था, वहाँ डॉक्टर की कथित लापरवाही और संवेदनहीनता ने एक मासूम की जान ले ली। यह घटना केवल एक चिकित्सा विफलता नहीं, बल्कि हमारी सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के मुँह पर एक करारा तमाचा है। क्या है पूरा मामला? मिली जानकारी के अनुसार, राजमंगल कनौजिया नामक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को प्रसव के लिए सुबह 8 बजे विक्रमजोत CHC में भर्ती कराया था। दोपहर करीब 12:50 पर एक बच्ची का जन्म हुआ। लेकिन खुशियों का यह पल ज्यादा देर नहीं टिका। डॉक्टरों ने बच्ची की स्थिति गंभीर बताते हुए उसे रेफर कर दिया। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब एम्बुलेंस कर्मियों ने ऑक्सीजन की आवश्यकता के बारे में पूछा, तो डॉ. साजिया खातून ने स्पष्ट रूप से मना कर दिया कि ऑक्सीजन की कोई जरूरत नहीं है। लेकिन जब मासूम को उच्च केंद्र ले जाया गया, तो वहाँ के डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित करते हुए फटकार लगाई कि "बिना ऑक्सीजन के इसे यहाँ क्यों लाए?" सवालों के घेरे में संवेदनहीनता इस हृदय विदारक घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं: क्या एक डॉक्टर को इतनी सामान्य जानकारी नहीं थी कि नवजात को ऑक्सीजन की जरूरत पड़ सकती है? क्या सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के लिए मरीजों की जान केवल एक 'आंकड़ा' बनकर रह गई है? आखिर कब तक इस तरह की लापरवाही के कारण गरीब परिवार अपनी गोद उजड़ते देखेंगे? सिस्टम की जवाबदेही कहाँ? राजमंगल कनौजिया जैसे साधारण व्यक्ति के लिए उसका बच्चा उसकी पूरी दुनिया थी। आज उस परिवार पर जो गुजर रही है, उसकी भरपाई कोई सरकारी मुआवजा या जाँच कमेटी नहीं कर सकती। एक तरफ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ फील्ड पर तैनात डॉक्टरों की ऐसी लापरवाही उन सभी दावों की पोल खोल देती है। निष्कर्ष: अब कार्रवाई की दरकार यह केवल एक व्यक्ति की शिकायत नहीं है, बल्कि उस डर की आवाज़ है जो हर आम आदमी सरकारी अस्पताल जाते समय महसूस करता है। प्रशासन को चाहिए कि डॉ. साजिया खातून और इस लापरवाही में शामिल अन्य दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक इसी तरह मासूमों की बलि चढ़ती रहेगी और "स्वास्थ्य केंद्र" केवल "मृत्यु केंद्र" बनकर रह जाएंगे।1
- जय श्री राम 🚩🚩🚩 जय गौ माता 🐄🐄🐄 जय हिंद 🇮🇳🇮🇳🇮🇳 गौ सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है इसलिए अपना कर्तव्य निभा सकते हो तो निभाओ2
- काशीराम जयंती पर आजाद समाज पार्टी का स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया कोल्हुगाड़ा में आयोजित कार्यक्रम में नेताओं ने बहुजन मिशन को आगे बढ़ाने का लिया संकल्प रिपोर्ट -दुर्गेश मिश्र संतकबीरनगर। नाथनगर ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम पंचायत कोल्हुगाड़ा में रविवार को आजाद समाज पार्टी का 6वां स्थापना दिवस एवं मान्यवर काशीराम साहब की 92वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। महुली थाना क्षेत्र स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के जिलाप्रभारी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष अजय गौतम सुल्तान ने की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रदेश संयुक्त सचिव वृजेश यादव ने मान्यवर काशीराम को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पार्टी के नेता चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ मान्यवर काशीराम साहब और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के पदचिह्नों पर चलकर बहुजन मिशन को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विरोधी ताकतें हमारे नेता को रोकने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन उन्हें सफल नहीं होने दिया जाएगा। पार्टी को प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक मजबूत बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है। जिलाप्रभारी एवं पूर्व जिलाध्यक्ष अजय गौतम सुल्तान ने कहा कि बहुजन मिशन का कारवां लगातार आगे बढ़ता रहेगा। उन्होंने कहा कि गरीब, शोषित और वंचित समाज के साथ हो रहे अत्याचार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद को मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक बनाने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि इससे बहुजन समाज का उत्थान संभव हो सकेगा। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी की अहम भूमिका रहने की बात कही। जिलाध्यक्ष राम अनुज फौजी ने कहा कि पार्टी बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक मजबूत हो चुकी है। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. संतोष कुमार गौतम, सर्वेश प्रताप सिंह, राजन, संतोष गौतम, राजबली, योगेश, राजाराम, राजकुमार गौतम, शिव कुमार, सूरज कुमार, विजय कुमार गौतम, शेषमणि, शेषनाथ, अनिल लाल, सोनू यादव, राजेश कन्नौजिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।4
- संतकबीरनगर जिले के कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के हाडापार गांव में यज्ञ से घर लौट रही एक वृद्ध महिला की हत्या कर गहने लूटने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी राहुल चौधरी को सिरमोहनी चौराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पैसों की जरूरत के कारण उसने महिला को अकेला पाकर नहर किनारे सरसों के खेत में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी और उनके कान की सोने की बाली तथा पैरों के चांदी के पायल लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के पास से गहने और मोबाइल फोन बरामद किया है। इस कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने पुलिस टीम को 25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।1
- *सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में 51 छात्र-छात्राओं ने किया प्रतिभाग* *सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता से छात्रो में आता है निखार- डॉ शिव कुमार पाण्डेय* *सन्तकबीरनगर।* धनघटा क्षेत्र के शारदा साइंस एकेडमी मुण्डेरा सेमरडाड़ी में रविवार को आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित किया गया। आयोजित सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में कुल 51 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। एकेडमी के प्रधानाचार्य धीरेन्द्र त्रिपाठी की देखरेख में पूरी सख्ती के साथ नकलविहीन प्रतियोगिता सम्पन्न हुआ। प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे छात्र-छात्राओं के भीतर बेहतर प्रदर्शन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। एकेडमी के प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय ने बताया कि जल्द ही प्रतियोगिता का परिणाम सामने आ जाएगा तब बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी छात्र छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया जाएगा। प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि छात्र-छात्राओं को कोर्स की पढ़ाई के साथ-साथ सामान्य ज्ञान की भी जानकारी रखना बहुत जरूरी होता है। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पाने वाले प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को साइकिल,द्वितीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागी को सीलिंग फेन,तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागी को ₹ 1100 नकदी और चतुर्थ स्थान पाने वाले प्रतिभागी छात्र छात्राओं को 501 तथा पंचम स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को दीवाल घड़ी व रूपया नकदी पुरस्कार दिया जाएगा। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता के आयोजन के मकसद पर जानकारी देते हुए प्रधानाचार्य श्री त्रिपाठी ने बताया कि छात्र-छात्राओं की प्रतिभा में निखार लाकर उन्हें सामान्य ज्ञान में पारंगत बनाने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिता एकेडमी में समय-समय पर आयोजित की जाती है। जिससे प्रतिभागी छात्र-छात्राएं आपसी प्रतिस्पर्धा के तहत मेहनत कर सामान्य ज्ञान की तैयारी करें। इस अवसर पर सुमन त्रिपाठी,संजू यादव,अंशिका पाण्डेय,माया यादव,रोशनी पाण्डेय,जया पाण्डेय,मेनिका यादव,प्रीति कुमारी, शालिनी प्रजापति,रागिनी दुबे,मेहंदी हसन,रूप लता यादव मौजूद रही।3
- संतकबीरनगर। थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ब्लाइंड मर्डर केस का सफल खुलासा किया गया। मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर ने जानकारी देते हुए बताया कि टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना का खुलासा कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है।1
- पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद अमित कुमार के निकट पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए दिनाँक 14.03.2026 को हत्या की घटना में संलिप्त अभियुक्त राहुल चौधरी पुत्र झगरू उर्फ ब्रह्मदेव निवासी हाडापार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर को सिरमोहनी चौराहा के पास से गिरफ्तार किया गया । घटना का विवरण दिनांक 13.03.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद पर लक्ष्मीचन्द यादव पुत्र स्व0 रामललित यादव निवासी हाड़ापार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर द्वारा प्रार्थना पत्र दिया गया कि मेरी माता श्रीमती शारदा देवी उम्र लगभग 60 वर्ष दिनाँक 10.03.2026 को समय करीब 08.00 बजे रात में गाँव के श्री समय माता मन्दिर पर यज्ञ सुनने के लिए गई थी जो घर वापस नहीं आयी । जिसपर दिनाँक 11.03.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद में गुमशुदगी दर्ज करायी गई थी, मेरी माता का दिनाँक 12.03.2026 को दिन मे मेरे गाँव के नहर के दक्षिण तरफ सरसो के खेत में शव पड़ा हुआ था । मेरी माता शारदा देवी की किसी अज्ञात द्वारा हत्या करके उनके शव को सरसो के खेत में फेक / छोड़ दिया गया है । उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना स्थानीय पर मु0अ0सं0 158/2026 धारा 103(1),238 बीएनएस बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया । गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर धारा 309(6),317(2) बीएनएस को बढोत्तरी किया गया है । गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता राहुल चौधरी पुत्र झगरू उर्फ ब्रह्मदेव निवासी हाडापार थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । पूछताछ विवरण गिरफ्तार किये गये अभियुक्त से पूछताछ की गयी तो बताया कि मै पहले ट्रक पर रहकर खलासी का काम करता था, अब खलासी का काम छोड दिया हूँ । मै इधर उधर घुमता फिरता रहता हूँ । खर्च के लिए पैसे की आवश्यकता थी, दिनांक 10.03.2026 को मेरे गांव के नहर के दक्षिण के तरफ श्री समय माता का मन्दिर स्थित है जहाँ पर यज्ञ हो रहा था, जिसमें गांव की काफी महिलाए गयी थी, मै भी मन्दिर पर घूम फिर रहा था, समय रात्रि करीब 11.00 बजे मन्दिर से गांव को जाने वाले नहर पर बने बंधे के पास एक खेत के किनारे जाकर खड़ा हो गया उसी समय मेरे गांव लालचन्द यादव की माँ अपने घर के लिए अकेले जा रही थी, जो अपने कान में सोने की बाली और पैर में चाँदी का पायल पहनी हुई थी, मुझको पैसे की बहुत जरूरत थी तब मैने सोच लिया कि इससे अच्छा मौका नही मिलेगा, मैने लालचन्द की माँ को पकड कर मुंह दबाकर बंधे से नीचे सरसो की खेत में ले जाकर गिरा दिया जो मुझको देखकर पहचान गयी, अपनी पहचान छिपाने के लिये मैने लालचन्द यादव की माँ का गला दबाकर हत्या कर दिया, उसके बाद उसके दोनो कान में पहने हुए सोने की बाली और उसके पैर के पायल को खीचकर वहां से भाग गया । मेरे पास जो गहना है वह उन्ही का है । अपराधिक इतिहास मु0अ0सं0 88/2021 धारा 04/25 आर्म्स एक्ट थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर । बरामदगी का विवरण 01 जोड़ी कान की बाली पीले धातु 01 जोड़ी सफेद धातु के पायल चार टुकड़ो में 01 अदद मोबाइल अभियुक्त का गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगण प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद जयप्रकाश दूबे, उ0नि0 अशोक कुमार दूबे, उ0नि0 धर्मनाथ यादव, उ0नि0 हरिकेश बहादुर सिंह, का0 अनिल कुमार बिन्द्रा, हे0का0 सुशील कुमार, का0 बलराम यादव, का0 अरविन्द तिवारी । एसओजी प्रभारी निरीक्षक अजय कुमार सिंह, का0 अभिषेक कुमार सिंह, का0 विवेक कुमार मिश्रा, का0 विवेक कुमार राय, का0 दीपक कुमार सिंह । सर्विलांस सेल का0 ज्ञानसिंह । पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना द्वारा गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीमों के उत्साहवर्धन हेतु 25000 रु0 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गयी ।2
- अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ती। सत्ता के गलियारों में बैठकर 'सब चंगा है' का राग अलापना कितना आसान होता है, इसका जीता-जागता नमूना बस्ती में देखने को मिल रहा है। एडीएम प्रतिपाल सिंह चौहान ने बड़ी शान से वीडियो जारी कर कह दिया—'गैस की कोई कमी नहीं है।' लेकिन जनाब, क्या आपकी नजरें भानपुर स्थित उस गैस एजेंसी की दहलीज तक नहीं पहुँच पाईं, जहाँ पिछले पांच दिनों से आम जनता का पसीना सिलेंडर की आस में सूख रहा है? डिजिटल धोखाधड़ी या प्रशासनिक मिलीभगत? सबसे बड़ा सवाल यह है कि सिलेंडर हाथ में नहीं, लेकिन मोबाइल पर 'डिलीवरी' का मैसेज किस जादू से पहुँच गया? क्या यह महज तकनीकी चूक है, या फिर कालाबाजारी का वह 'डिजिटल खेल', जिसमें गैस कागजों पर तो बिक जाती है, लेकिन रसोई तक नहीं पहुँचती? प्रशासन की यह 'वर्चुअल सप्लाई' उन घरों के लिए किसी मजाक से कम नहीं है, जहाँ चूल्हे खाली सिलेंडर के साथ ठंडे पड़े हैं। 'अफवाह' का पर्दा और सच्चाई की मार प्रशासन ने अपनी विफलता को छिपाने के लिए जनता की परेशानी को 'अफवाह' का नाम देकर पल्ला झाड़ लिया। लेकिन सच्चाई वीडियो की स्क्रिप्ट से नहीं, लाइन में लगे उन चेहरों से पूछिए जो अपनी मेहनत की कमाई का हिसाब मांग रहे हैं। अधिकारियों का वातानुकूलित कमरों में बैठकर आदेश देना और जनता का तपती धूप में दर-दर भटकना, यह इस बात का सबूत है कि प्रशासन पूरी तरह से 'जमीन' से कट चुका है। समय है जवाबदेही का हम प्रशासन से पूछते हैं: क्या आपकी मॉनिटरिंग सिस्टम केवल फाइलों तक सीमित है? क्या उन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होगी जिन्होंने फर्जी मैसेज भेजकर जनता को गुमराह किया? एडीएम साहब का वह 'आश्वस्त' बयान किसके दबाव में था, या यह उनकी पूरी तरह से नाकामी? जनता को अब वादों और वीडियो के डोज नहीं, बल्कि समाधान चाहिए। अगर प्रशासन ने अपनी आंखों से यह 'पट्टी' नहीं उतारी, तो जनता का सब्र का बांध टूटना तय है। यह समय केवल लीपापोती का नहीं, बल्कि पारदर्शी जांच और दोषियों को बेनकाब करने का है।1