logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भीषण गर्मी में पशुओं को ’हीट स्ट्रोक’ से बचाने पशुपालन विभाग ने जारी की एडवायजरी पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह समाचार हीट वेव की चेतावनीः स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें स्वास्थ्य विभाग  द्वारा आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील अम्बिकापुर 20 अप्रैल 2026/  जिले में लगातार बढ़ते तापमान एवं आगामी दिनों में हीट वेव (लू) की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला सरगुजा द्वारा आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अप्रैल एवं मई माह के दौरान तापमान में वृद्धि के साथ लू का प्रभाव बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा द्वारा जारी अपील में नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच अत्यधिक आवश्यकता न होने पर घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर ही निकलें। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के ढीले एवं सूती वस्त्र पहनना भी लाभदायक बताया गया है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पूर्व से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता बताई गई है। नोडल अधिकारी, जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि लू लगना एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जो शरीर के अत्यधिक गर्म होने एवं तापमान नियंत्रण प्रणाली के प्रभावित होने के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार (40 डिग्री सेल्सियस या अधिक), लाल व गर्म त्वचा, पसीना कम आना, सिरदर्द, चक्कर, घबराहट, कमजोरी, उल्टी तथा अचेतावस्था शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों “हीट हेडेक” यानी गर्मी से संबंधित सिरदर्द की समस्या भी बढ़ सकती है, जो डिहाइड्रेशन, अधिक धूप, इलेक्ट्रोलाइट की कमी, नींद की कमी और अधिक कैफीन सेवन के कारण होती है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोग खाली पेट न रहें, समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें तथा कैफीनयुक्त पेयों का सेवन सीमित रखें। मजदूर, किसान, यात्री, ट्रैफिक कर्मी एवं फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लाकर ठंडा करने का प्रयास करें, ठंडे पानी की पट्टी रखें तथा होश में होने पर पानी या ओआरएस दें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंत में विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें तथा अपने परिवार और आसपास के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखें। जागरूकता एवं सावधानी ही गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। ---00--- समाचार क्रमांक 104/2026/अजीत समाचार भीषण गर्मी में पशुओं को ’हीट स्ट्रोक’ से बचाने पशुपालन विभाग ने जारी की एडवायजरी पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह अम्बिकापुर 20 अप्रैल 2026/  सरगुजा जिले में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों और किसानों के लिए  एडवायजरी जारी की है। अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं में ’हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर पशुपालक न केवल अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि आर्थिक हानि से भी बच सकते हैं। आवास और छाया की पुख्ता व्यवस्था पशुओं को लू से बचाने के लिए उनके आवास (शेड) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैः शेड का प्रबंधनः पशुओं को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखें। शेड के ऊपर टाट, घास डालकर या सफेद पेंट कर तापमान को कम रखा जा सकता है। कूलिंग सिस्टमः शेड में पंखे या कूलर का उपयोग करें। दोपहर के समय पशुओं को सीधी धूप में बाहर कतई न बांधें। प्राकृतिक छायाः पशु शेड के आसपास छायादार वृक्षों का होना तापमान नियंत्रण में अत्यधिक सहायक होता है। शीतल जल और संतुलित आहार पेयजलः पशुओं को दिन में कम से कम 3-4 बार ताज़ा और ठंडा पानी पिलाएं। पानी में इलेक्ट्रोलाइट, नमक या गुड़ का घोल मिलाकर देने से लू से बचाव होता है। स्नानः शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए दिन में 1-2 बार पशुओं को नहलाना लाभदायक है। खान-पानः पशुओं को सुबह और शाम के ठंडे समय में ही चारा दें। दोपहर में भारी दाना देने से बचें और आहार में पर्याप्त हरा चारा शामिल करें, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में खनिज और विटामिंस होते हैं। ’इन लक्षणों को न करें नजर अंदाज यदि पशु तेज सांस ले रहा हो, हांफ रहा हो, मुंह खोलकर सांस ले रहा हो या उसके मुंह से लार टपक रही हो, तो यह लू लगने के संकेत हैं। शरीर का अत्यधिक गर्म होना या पशु का सुस्त होकर गिर जाना भी चिंताजनक लक्षण हैं। तत्काल करें उपचार डॉ. मिश्रा ने सलाह दी है कि लू के लक्षण दिखने पर पशु को तुरंत छाया में ले जाएं और उसके सिर व गर्दन पर ठंडा पानी डालें। प्राथमिक उपचार के साथ ही अविलंब नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित इलाज कराएं। पशुपालन विभाग ने अपील की है कि देखरेख के अभाव में पशुओं की उत्पादन क्षमता घट सकती है, अतः किसान भाई इस भीषण गर्मी में अपने पशुधन का विशेष ख्याल रखें। ---00--- ________________ अम्बिकापुर सरगुजा (छत्तीसगढ़)

2 hrs ago
user_Himanshu raj
Himanshu raj
Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

भीषण गर्मी में पशुओं को ’हीट स्ट्रोक’ से बचाने पशुपालन विभाग ने जारी की एडवायजरी पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह समाचार हीट वेव की चेतावनीः स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी, दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें स्वास्थ्य विभाग  द्वारा आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील अम्बिकापुर 20 अप्रैल 2026/  जिले में लगातार बढ़ते तापमान एवं आगामी दिनों में हीट वेव (लू) की संभावित स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, जिला सरगुजा द्वारा आम नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। अप्रैल एवं मई माह के दौरान तापमान में वृद्धि के साथ लू का प्रभाव बढ़ने की संभावना जताई गई है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला सरगुजा द्वारा जारी अपील में नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12ः00 बजे से 3ः00 बजे के बीच अत्यधिक आवश्यकता न होने पर घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर जाना आवश्यक हो, तो सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर ही निकलें। गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी तेजी से हो सकती है, इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के साथ-साथ ओआरएस, नींबू पानी, छाछ, लस्सी एवं अन्य तरल पदार्थों का सेवन करने की सलाह दी गई है। हल्के रंग के ढीले एवं सूती वस्त्र पहनना भी लाभदायक बताया गया है। बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा पूर्व से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता बताई गई है। नोडल अधिकारी, जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य ने जानकारी दी कि लू लगना एक चिकित्सकीय आपात स्थिति है, जो शरीर के अत्यधिक गर्म होने एवं तापमान नियंत्रण प्रणाली के प्रभावित होने के कारण होती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार (40 डिग्री सेल्सियस या अधिक), लाल व गर्म त्वचा, पसीना कम आना, सिरदर्द, चक्कर, घबराहट, कमजोरी, उल्टी तथा अचेतावस्था शामिल हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन दिनों “हीट हेडेक” यानी गर्मी से संबंधित सिरदर्द की समस्या भी बढ़ सकती है, जो डिहाइड्रेशन, अधिक धूप, इलेक्ट्रोलाइट की कमी, नींद की कमी और अधिक कैफीन सेवन के कारण होती है। स्वास्थ्य विभाग ने सलाह दी है कि लोग खाली पेट न रहें, समय पर भोजन करें, पर्याप्त नींद लें तथा कैफीनयुक्त पेयों का सेवन सीमित रखें। मजदूर, किसान, यात्री, ट्रैफिक कर्मी एवं फील्ड में कार्यरत कर्मचारियों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत छायादार स्थान पर लाकर ठंडा करने का प्रयास करें, ठंडे पानी की पट्टी रखें तथा होश में होने पर पानी या ओआरएस दें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। स्वास्थ्य विभाग ने यह भी बताया कि जिले के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में लू से प्रभावित मरीजों के उपचार हेतु आवश्यक दवाएं एवं सुविधाएं उपलब्ध हैं। अंत में विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे स्वयं सतर्क रहें तथा अपने परिवार और आसपास के कमजोर वर्गों का विशेष ध्यान रखें। जागरूकता एवं सावधानी ही गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। ---00--- समाचार क्रमांक 104/2026/अजीत समाचार भीषण गर्मी में पशुओं को ’हीट स्ट्रोक’ से बचाने पशुपालन विभाग ने जारी की एडवायजरी पशुपालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह अम्बिकापुर 20 अप्रैल 2026/  सरगुजा जिले में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों और किसानों के लिए  एडवायजरी जारी की है। अतिरिक्त उपसंचालक डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि अत्यधिक तापमान के कारण पशुओं में ’हीट स्ट्रोक’ (लू लगना) का खतरा बढ़ जाता है, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता और दुग्ध उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। डॉ. मिश्रा ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी बरतकर पशुपालक न केवल अपने पशुओं को स्वस्थ रख सकते हैं, बल्कि आर्थिक हानि से भी बच सकते हैं। आवास और छाया की पुख्ता व्यवस्था पशुओं को लू से बचाने के लिए उनके आवास (शेड) पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैः शेड का प्रबंधनः पशुओं को हमेशा ठंडी और हवादार जगह पर रखें। शेड के ऊपर टाट, घास डालकर या सफेद पेंट कर तापमान को कम रखा जा सकता है। कूलिंग सिस्टमः शेड में पंखे या कूलर का उपयोग करें। दोपहर के समय पशुओं को सीधी धूप में बाहर कतई न बांधें। प्राकृतिक छायाः पशु शेड के आसपास छायादार वृक्षों का होना तापमान नियंत्रण में अत्यधिक सहायक होता है। शीतल जल और संतुलित आहार पेयजलः पशुओं को दिन में कम से कम 3-4 बार ताज़ा और ठंडा पानी पिलाएं। पानी में इलेक्ट्रोलाइट, नमक या गुड़ का घोल मिलाकर देने से लू से बचाव होता है। स्नानः शरीर के तापमान को संतुलित रखने के लिए दिन में 1-2 बार पशुओं को नहलाना लाभदायक है। खान-पानः पशुओं को सुबह और शाम के ठंडे समय में ही चारा दें। दोपहर में भारी दाना देने से बचें और आहार में पर्याप्त हरा चारा शामिल करें, क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में खनिज और विटामिंस होते हैं। ’इन लक्षणों को न करें नजर अंदाज यदि पशु तेज सांस ले रहा हो, हांफ रहा हो, मुंह खोलकर सांस ले रहा हो या उसके मुंह से लार टपक रही हो, तो यह लू लगने के संकेत हैं। शरीर का अत्यधिक गर्म होना या पशु का सुस्त होकर गिर जाना भी चिंताजनक लक्षण हैं। तत्काल करें उपचार डॉ. मिश्रा ने सलाह दी है कि लू के लक्षण दिखने पर पशु को तुरंत छाया में ले जाएं और उसके सिर व गर्दन पर ठंडा पानी डालें। प्राथमिक उपचार के साथ ही अविलंब नजदीकी पशु चिकित्सक से संपर्क कर उचित इलाज कराएं। पशुपालन विभाग ने अपील की है कि देखरेख के अभाव में पशुओं की उत्पादन क्षमता घट सकती है, अतः किसान भाई इस भीषण गर्मी में अपने पशुधन का विशेष ख्याल रखें। ---00--- ________________ अम्बिकापुर सरगुजा (छत्तीसगढ़)

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • बलरामपुर जिला मे जहाँ जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण की आड़ में 'परिसीमन का गुप्त एजेंडा' लागू करना चाहती थी। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों के गणित को बदलने के लिए परिसीमन बिल पास कराने की फिराक में थी। बीओ01....बलरामपुर के राजीव भवन में आज कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर भाजपा के दावों की हवा निकाल दी। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर देशभर में भ्रम फैला रही है। उनका आरोप है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा ने हाल ही में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश कर एक नया दांव चला। बीओ02...कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करना चाहती थी, जिसमें राज्यों की 815 और केंद्र शासित प्रदेशों की 35 सीटें शामिल थीं। कांग्रेस का सवाल है कि जब 2026-27 की जनगणना की प्रक्रिया शुरू है, तो भाजपा 2011 की पुरानी जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन क्यों करना चाहती है? ​ बीओ03..प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में ही पंचायतों में आरक्षण की नींव रखी थी। पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में इसे कानून बनाया गया और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में राज्यसभा से महिला आरक्षण बिल पास हुआ। कांग्रेस का कहना है कि अगर भाजपा की नीयत साफ होती, तो वे परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू कर सकते थे। बाइट.. 2 हरिहर यादव जिला अध्यक्ष कांग्रेस बलरामपुर
    1
    बलरामपुर जिला मे जहाँ जिला कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। राजीव भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार महिला आरक्षण की आड़ में 'परिसीमन का गुप्त एजेंडा' लागू करना चाहती थी। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा महिला आरक्षण नहीं, बल्कि सीटों के गणित को बदलने के लिए परिसीमन बिल पास कराने की फिराक में थी।
बीओ01....बलरामपुर के राजीव भवन में आज कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर भाजपा के दावों की हवा निकाल दी। कांग्रेस नेताओं ने साफ कहा कि भाजपा महिला आरक्षण को लेकर देशभर में भ्रम फैला रही है। उनका आरोप है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही कानून बन चुका है, लेकिन भाजपा ने हाल ही में 131वां संविधान संशोधन विधेयक पेश कर एक नया दांव चला।
बीओ02...कांग्रेस के मुताबिक, भाजपा इस विधेयक के जरिए लोकसभा की सीटें बढ़ाकर 850 करना चाहती थी, जिसमें राज्यों की 815 और केंद्र शासित प्रदेशों की 35 सीटें शामिल थीं। कांग्रेस का सवाल है कि जब 2026-27 की जनगणना की प्रक्रिया शुरू है, तो भाजपा 2011 की पुरानी जनगणना को आधार बनाकर परिसीमन क्यों करना चाहती है?
​
बीओ03..प्रेस वार्ता में कांग्रेस ने इतिहास के पन्ने पलटते हुए याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने 1989 में ही पंचायतों में आरक्षण की नींव रखी थी। पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में इसे कानून बनाया गया और डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार में राज्यसभा से महिला आरक्षण बिल पास हुआ। कांग्रेस का कहना है कि अगर भाजपा की नीयत साफ होती, तो वे परिसीमन का इंतजार किए बिना वर्तमान सीटों पर ही 33% आरक्षण तुरंत लागू कर सकते थे।
बाइट.. 2 हरिहर यादव जिला अध्यक्ष कांग्रेस बलरामपुर
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • Post by Shoaib Siddiqui
    1
    Post by Shoaib Siddiqui
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में जमीनी स्तर पर सुधार की कवायद शुरू कर दी गई है। नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्ड नंबर 08 में सरकारी नलों से निकलने वाले पानी में कीड़े पाए जाने की खबर विभिन्न मीडिया समूहों के माध्यम से सामने आई। जिसके बाद सी एम ओ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वयं मौका मुआयना किया और मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल, मैदानी अमला नालियों की सफाई और दूषित पेयजल आपूर्ति होने के कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है। वार्ड पार्षद जानू सिदार ने बताया कि आज सुबह से म्युनिसिपल की टीम के साथ समस्या के समाधान को लेकर काम कर रहे हैं। लीकेज की आशंका को देखते हुए पूरे वार्ड में गहन निरीक्षण किया जा रहा है। धरमजयगढ़ सी एम ओ बी एल साहू ने इस समस्या के जल्द निराकरण की बात कही है।
    2
    रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में दूषित पेयजल आपूर्ति के मामले में जमीनी स्तर पर सुधार की कवायद शुरू कर दी गई है। नगर पंचायत धरमजयगढ़ के वार्ड नंबर 08 में सरकारी नलों से निकलने वाले पानी में कीड़े पाए जाने की खबर विभिन्न मीडिया समूहों के माध्यम से सामने आई। जिसके बाद सी एम ओ ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वयं मौका मुआयना किया और मैदानी अमले को आवश्यक निर्देश दिए। फिलहाल, मैदानी अमला नालियों की सफाई और दूषित पेयजल आपूर्ति होने के कारणों का पता लगाने में जुटा हुआ है। वार्ड पार्षद जानू सिदार ने बताया कि आज सुबह से म्युनिसिपल की टीम के साथ समस्या के समाधान को लेकर काम कर रहे हैं। लीकेज की आशंका को देखते हुए पूरे वार्ड में गहन निरीक्षण किया जा रहा है। धरमजयगढ़ सी एम ओ बी एल साहू ने इस समस्या के जल्द निराकरण की बात कही है।
    user_ऋषभ तिवारी
    ऋषभ तिवारी
    पत्रकार Udaipur (Dharamjaigarh), Raigarh•
    3 hrs ago
  • Post by Manoj shrivastav
    1
    Post by Manoj shrivastav
    user_Manoj shrivastav
    Manoj shrivastav
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • कोरिया जिले के जमगहना NH 43 सड़क पर भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें दो कार आमने-सामने से टकराई घायलों को जिला अस्पताल बैकुंठपुर ले जाया गया
    1
    कोरिया जिले के जमगहना NH 43 सड़क पर भीषण सड़क हादसा हुआ जिसमें दो कार आमने-सामने से टकराई घायलों को जिला अस्पताल बैकुंठपुर ले जाया गया
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • मनेन्द्रगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बेलबहरा तिराहे पर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे विकासखंड शिक्षा अधिकारी की वाहन और बाइक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों पक्षों से जानकारी ली जा रही है।
    1
    मनेन्द्रगढ़ कोतवाली क्षेत्र के बेलबहरा तिराहे पर सोमवार दोपहर करीब 2 बजे विकासखंड शिक्षा अधिकारी की वाहन और बाइक के बीच जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटना की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे की वजह तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और दोनों पक्षों से जानकारी ली जा रही है।
    user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    10 hrs ago
  • कलेक्टर ने सरगुजा जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों के प्रभार बदले अंबिकापुर । जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और तहसीलदारों के कार्य विभाजन में व्यापक परिवर्तन किया गया है। प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से किए गए इस फेरबदल में अम्बिकापुर, सीतापुर, उदयपुर और लुण्ड्रा जैसे महत्वपूर्ण अनुविभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ तहसीलदारों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। रामसिंह ठाकुर जो अब तक सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी थे उन्हें अब अपर कलेक्टर अम्बिकापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वे जिला कार्यालय में रामराज सिंह को आवंटित समस्त कार्यों का निर्वहन करेंगे। ​इसी क्रम में विनय कुमार सोनी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ धौरपुर लुण्ड्रा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और दण्डाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। फागेश सिन्हा को सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का प्रभार दिया गया है जबकि बनसिंह नेताम को अम्बिकापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। जिला कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर रहे रामराज सिंह को अब उदयपुर का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नियुक्त किया गया है और जे.आर. सतरंज को जिला कार्यालय में कलेक्टर द्वारा सौंपे गए कार्यों के लिए तैनात किया गया है। ​तहसीलदारों के तबादलों की कड़ी में उमेश्वर बाज को अम्बिकापुर से मैनपाट भेजा गया है जबकि तारा सिदार को मैनपाट से उदयपुर स्थानान्तरित किया गया है। उदयपुर के तहसीलदार विकास जिंदल को अब अम्बिकापुर तहसील की कमान सौंपी गई है। अमन चतुर्वेदी को दरिमा से लखनपुर और अंकिता पटेल को लखनपुर से बतौली भेजा गया है। वहीं बतौली में कार्यरत कमलावती सिंह को अब दरिमा तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
    1
    कलेक्टर ने सरगुजा जिले में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल कलेक्टर ने एसडीएम और तहसीलदारों के प्रभार बदले
अंबिकापुर । जिला कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों और तहसीलदारों के कार्य विभाजन में व्यापक परिवर्तन किया गया है। प्रशासन को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से किए गए इस फेरबदल में अम्बिकापुर, सीतापुर, उदयपुर और लुण्ड्रा जैसे महत्वपूर्ण अनुविभागों की कमान नए अधिकारियों को सौंपी गई है। साथ ही जिले की विभिन्न तहसीलों में पदस्थ तहसीलदारों को भी एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करते हुए तत्काल प्रभाव से कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं।
रामसिंह ठाकुर जो अब तक सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी थे उन्हें अब अपर कलेक्टर अम्बिकापुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही वे जिला कार्यालय में रामराज सिंह को आवंटित समस्त कार्यों का निर्वहन करेंगे।
​इसी क्रम में विनय कुमार सोनी को उनके वर्तमान दायित्वों के साथ धौरपुर लुण्ड्रा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और दण्डाधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया है। फागेश सिन्हा को सीतापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का प्रभार दिया गया है जबकि बनसिंह नेताम को अम्बिकापुर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व की जिम्मेदारी दी गई है। जिला कार्यालय में डिप्टी कलेक्टर रहे रामराज सिंह को अब उदयपुर का अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नियुक्त किया गया है और जे.आर. सतरंज को जिला कार्यालय में कलेक्टर द्वारा सौंपे गए कार्यों के लिए तैनात किया गया है।
​तहसीलदारों के तबादलों की कड़ी में उमेश्वर बाज को अम्बिकापुर से मैनपाट भेजा गया है जबकि तारा सिदार को मैनपाट से उदयपुर स्थानान्तरित किया गया है। उदयपुर के तहसीलदार विकास जिंदल को अब अम्बिकापुर तहसील की कमान सौंपी गई है। अमन चतुर्वेदी को दरिमा से लखनपुर और अंकिता पटेल को लखनपुर से बतौली भेजा गया है। वहीं बतौली में कार्यरत कमलावती सिंह को अब दरिमा तहसीलदार के पद पर नियुक्त किया गया है। कलेक्टर द्वारा जारी यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    7 hrs ago
  • ब्रेकिंग बलरामपुर कुसमी के इदरीकला गाँव में पानी को लेकर हुए विवाद में तौफीक अंसारी के साथ मारपीट। ​ग्रामीण इस्लाम अंसारी पर तौफीक का सिर फोड़ने और गंभीर रूप से घायल करने का आरोप। ​पीड़ित तौफीक अंसारी ने जिला कलेक्टर के पास पहुँचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई। विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरीकला का है, जहाँ तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। पूरा मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरी कला है
    1
    ब्रेकिंग बलरामपुर
कुसमी के इदरीकला गाँव में पानी को लेकर हुए विवाद में तौफीक अंसारी के साथ मारपीट।
​ग्रामीण इस्लाम अंसारी पर तौफीक का सिर फोड़ने और गंभीर रूप से घायल करने का आरोप।
​पीड़ित तौफीक अंसारी ने जिला कलेक्टर के पास पहुँचकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई।
विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरीकला का है, जहाँ तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। 
पूरा मामला बलरामपुर जिले के विकासखंड कुसमी के ग्राम पंचायत इदरी कला है
    user_Ali Khan
    Ali Khan
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    9 hrs ago
  • एंकर: बलरामपुर जिले के गिरवरगंज गांव में आज सैकड़ो लोग इकट्ठा हुए और आसपास के करीब आधा दर्जन गांव में ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य पर रोक के. लिए अपनी बातें रखी और विरोध किया मौके पर जिले के अपर कलेक्टर माइनिंग ऑफिसर सहित कई पंचायत के सरपंच पुलिस बल मौजूद रहे जिनकी उपस्थिति में ही गांव वालों ने जबरन सर्वेक्षण कार्य करने पर उग्र आंदोलन करने की अल्टीमेटम दी वहीं सर्वेक्षण कार्य का विरोध कर रहे ग्रामीणों के समर्थन पर पहुंचे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा आदिवासी भाई बहनों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं। वी.ओ.- दरअसल प्राइवेट माइन्स कंपनी मां कुदरगढ़ी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा गिरवरगंज ,बसेरा शंकरपुर साथ ही और कई गांव में आज से करीब एक दशक पूर्व में ही ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य चल रहा है अच्छी क्वालिटी का इस इलाके में ग्रेफाइट होने की सर्वेक्षण कंपनी ने दावा किया है, जिसके बाद सर्वेक्षण कार्य किया जाना है लेकिन ग्रामीणों को बगैर सूचना दिए गांव में सर्वेक्षण कार्य जबरन करने से ग्रामीण काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं और सर्वेक्षण कार्य नहीं होने देने की बात कह रहे हैं। वीओ2- ग्रामीण और जिला प्रशासन के बीच टीम घंटों तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला चलते रहा लगातार जिला प्रशासन के द्वारा नियम कानून का हवाला देते हुए सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने में ग्रामीणों को सहयोग करने की बात कहते रहे और लगातार ग्रामीण सर्वेक्षण कार्य नहीं करने देने की बात पर अड़े रहे, ग्रामीणों ने माइनिंग कंपनी सहित जिला प्रशासन पर आप भी लगाया और कहा की कम शुरू करने से पहले लोगों को लुभावने प्रलोभन दिए जाते हैं विकास के नाम पर लेकिन वह सिर्फ कागजों पर ही होता है, किसान को कुछ लाभ नहीं मिलता किस बेघर हो जाता है। ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य जबरन कंपनी के द्वारा करने और ग्रामीणों को सूचना नहीं देने से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं और उन्हें अब कई तरह का चिंता सताने लगा है इसी बात को लेकर यह सभा हुई और ग्रामीण अधिकारियों के बीच बातचीत चल हालांकि पूरे मामले पर अधिकारी कह रहे हैं कि ग्रामीणों से आपसी बातचीत करने के लिए यहां पहुंचे थे और हम लोगों ने अपनी अपनी बातें सामने रखी है, सर्वेक्षण कार्य होना है ग्रामीणों को सोचने समझने विचार करने के लिए समय दिया गया है।
    3
    एंकर: बलरामपुर जिले के गिरवरगंज गांव में आज सैकड़ो लोग इकट्ठा हुए और आसपास के करीब आधा दर्जन गांव में ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य पर रोक के. लिए अपनी बातें रखी और विरोध किया मौके पर जिले के अपर कलेक्टर माइनिंग ऑफिसर सहित कई पंचायत के सरपंच पुलिस बल मौजूद रहे जिनकी उपस्थिति में ही गांव वालों ने जबरन सर्वेक्षण कार्य करने पर उग्र आंदोलन करने की अल्टीमेटम दी वहीं सर्वेक्षण कार्य का विरोध कर रहे ग्रामीणों के समर्थन पर पहुंचे कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने कहा आदिवासी भाई बहनों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं।
वी.ओ.- दरअसल प्राइवेट माइन्स कंपनी मां कुदरगढ़ी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा गिरवरगंज ,बसेरा शंकरपुर साथ ही और कई गांव में आज से करीब एक दशक पूर्व में ही ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य चल रहा है अच्छी क्वालिटी का इस इलाके में ग्रेफाइट होने की सर्वेक्षण कंपनी ने दावा किया है, जिसके बाद सर्वेक्षण कार्य किया जाना है लेकिन ग्रामीणों को बगैर सूचना दिए गांव में सर्वेक्षण कार्य जबरन करने से ग्रामीण काफी आक्रोशित नजर आ रहे हैं और सर्वेक्षण कार्य नहीं होने देने की बात कह रहे हैं। 
वीओ2- ग्रामीण और जिला प्रशासन के बीच टीम घंटों तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत का सिलसिला चलते रहा लगातार जिला प्रशासन के द्वारा नियम कानून का हवाला देते हुए सर्वेक्षण कार्य पूर्ण करने में ग्रामीणों को सहयोग करने की बात कहते रहे और लगातार ग्रामीण सर्वेक्षण कार्य नहीं करने देने की बात पर अड़े रहे, ग्रामीणों ने माइनिंग कंपनी सहित जिला प्रशासन पर आप भी लगाया और कहा की कम शुरू करने से पहले लोगों को लुभावने प्रलोभन दिए जाते हैं विकास के नाम पर लेकिन वह सिर्फ कागजों पर ही होता है, किसान को कुछ लाभ नहीं मिलता किस बेघर हो जाता है।
ग्रेफाइट सर्वेक्षण कार्य जबरन कंपनी के द्वारा करने और ग्रामीणों को सूचना नहीं देने से ग्रामीण काफी आक्रोशित हैं और उन्हें अब कई तरह का चिंता सताने लगा है इसी बात को लेकर यह सभा हुई और ग्रामीण अधिकारियों के बीच बातचीत चल हालांकि पूरे मामले पर अधिकारी कह रहे हैं कि ग्रामीणों से आपसी बातचीत करने के लिए यहां पहुंचे थे और हम लोगों ने अपनी अपनी बातें सामने रखी है, सर्वेक्षण कार्य होना है ग्रामीणों को सोचने समझने विचार करने के लिए समय दिया गया है।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.