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शामली जिले के कैराना में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए पुलिस ने पैदल गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया शामली जिले के कैराना में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए पुलिस ने पैदल गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया
Mohit Kumar
शामली जिले के कैराना में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए पुलिस ने पैदल गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया शामली जिले के कैराना में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और आमजन में सुरक्षा की भावना बढ़ाने के लिए पुलिस ने पैदल गश्त और सघन चेकिंग अभियान चलाया
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- नहर की पुलिया पर गुलदार दिखने से ग्रामीणों में मचा हड़कंप नूरपुर क्षेत्र के रहटा-बिल्लौच गांव में रविवार देर शाम नहर की पुलिया पर गुलदार दिखाई देने से ग्रामीणों और राहगीरों में डर का माहौल बन गया। गुलदार कुछ देर तक पुलिया पर बैठा रहा। वन दारोगा मुकुल त्यागी ने लोगों से सावधानी बरतने और गुलदार दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है।1
- नुमाइश की खुशियां मातम में बदली 4 दोस्तो की बाइक का एक्सीडेंट एक कि मौत1
- बूढ़े बाबा मंदिर में दोयज मेले का आयोजन, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मंडावर से चंदक रोड पर स्थित केला वाला आदर्श इंटर कॉलेज के पास बूढ़े बाबा के मंदिर में रविवार को दोयज मेले का आयोजन किया गया। सुबह से ही यहां भक्तों की बड़ी संख्या में भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाकर मन्नतें मांग रहे थे। मेले की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए थाना मंडावर पुलिस की टीम भी तैनात रही। मेले में चाय, नाश्ता, पकौड़ी, मिठाई और जलेबी सहित कई दुकानें लगाई गईं। बच्चों के लिए खेल-खिलौने और अन्य सामान की दुकानें भी सजी हुई थीं। बूढ़े बाबा के मंदिर पर हर साल यह मेला लगता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद चढ़ाने आते हैं। भक्तों का मानना है कि बरसात के बाद होने वाले चर्म रोग (जैसे दाद और खुजली) यहां प्रसाद चढ़ाने से ठीक हो जाते हैं। श्रद्धालु महेश और नरेश ने बताया कि बूढ़े बाबा का यह मंदिर ऐतिहासिक है। उनका कहना है कि बरसात के बाद होने वाले चर्म रोगों से मुक्ति के लिए लोग यहां मन्नत मांगते और प्रसाद चढ़ाते हैं। यह मेला सुबह से शुरू होकर देर शाम तक चलता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।1
- बिजनौर पुलिस का बड़ा खुलासा: नाबालिग को झांसा देकर घर से जेवरात हड़पने वाली मां-बेटी गिरफ्तार1
- अमरोहा/आदमपुर पुलिस ने किया 48 घंटे में जोगेंद्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा,, भाई ने ही रच दी भाई की हत्या की साजिश जोगेंद्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, भाई ने ही रची थी हत्या की साजिश पुलिस ने —48 घंटे में किया खुलासा जिस जोगेंद्र कुमार को परिजन रातभर गांव और आसपास के रास्तों में तलाशते रहे, उसका शव अगले दिन पास के ही गांव औगारपुर के जंगल में खेत के नलकूप के पास पड़ा मिला था। चेहरे और शरीर पर चोटों के निशान तथा अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने से मामला शुरू से ही हत्या की ओर इशारा कर रहा था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 48 घंटे के भीतर जांच की दिशा ही बदल गई। पुलिस के मुताबिक जोगेंद्र की हत्या के पीछे बाहर के लोगों से ज्यादा करीबी रिश्ते का हाथ था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के बड़े भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार 11 सितंबर को कोकापुर की मढ़ैया निवासी रूपराम ने थाना आदमपुर में सूचना दी थी कि उसका बेटा जोगेंद्र कुमार शाम करीब आठ बजे घर पर था। इसी दौरान दरियापुर तुगन निवासी बृजपाल, विष्णु और तेजपाल उसे मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए। इसके बाद जोगेंद्र वापस घर नहीं लौटा। अगले दिन औगारपुर क्षेत्र में ढबारसी निवासी राजेंद्र नागर के खेत में नलकूप के पास उसका शव पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो जोगेंद्र को मृत देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शव की हालत और शरीर पर चोटों के निशानों ने हत्या की आशंका को और गहरा कर दिया। पिता ने तीन लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। फोरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुली परतें घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्य जुटाए। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में पुलिस के सामने जो कहानी आई, उसने परिवार को ही इस हत्याकांड के केंद्र में ला खड़ा किया। पुलिस के मुताबिक जोगेंद्र शराब पीने का आदी था और शराब के नशे में परिवार से विवाद करता था। आरोप है कि वह अपनी जमीन बेचने की कोशिश भी कर रहा था। इसी बात से परेशान होकर उसके बड़े भाई ऋषिपाल ने उसकी हत्या कराने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि ऋषिपाल ने जोगेंद्र की हत्या के लिए बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल को छह लाख रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने जोगेंद्र को अपने साथ लिया और उसकी हत्या कर शव को औगारपुर के जंगल स्थित खेत में छिपा दिया। जिस विष्णु पर लगा था आरोप, जांच में सामने आया वीरपाल इस हत्याकांड की शुरुआती कहानी और पुलिस के खुलासे में एक अहम अंतर भी सामने आया है। मृतक के पिता ने अपनी तहरीर में बृजपाल, विष्णु और तेजपाल को नामजद किया था। पुलिस की विवेचना में विष्णु की जगह वीरपाल पुत्र चेतराम का नाम सामने आया। पुलिस ने अब बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल के साथ मृतक के बड़े भाई ऋषिपाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की है। बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल के खिलाफ धारा 103(1), 238(1) और 61(2) बीएनएस तथा ऋषिपाल के खिलाफ धारा 103(1) और 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। मोटरसाइकिल बनी अहम कड़ी पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है। यही मोटरसाइकिल जोगेंद्र को घर से ले जाने की शुरुआती कहानी में भी सामने आई थी। ऐसे में बरामदगी को पुलिस जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। जोगेंद्र के घर से निकलने के बाद जंगल तक पहुंचने की कहानी ने शुरुआत में कई सवाल खड़े किए थे। अब पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और विवेचनात्मक कार्रवाई के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ ली गई हैं। 48 घंटे में खुलासे का दावा थाना आदमपुर पुलिस के मुताबिक हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर सफल अनावरण किया गया। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। हत्याकांड के खुलासे में थानाध्यक्ष कोमल तोमर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अजेन्द्र तोमर, उपनिरीक्षक रामनिवास यादव, कांस्टेबल कपिल राठी, अंकित कपासिया और मोहम्मद हिलाल खान की टीम शामिल रही। अब पुलिस के दावे के बाद इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या छह लाख रुपये के लालच में एक भाई ने ही अपने भाई की जिंदगी का सौदा कर दिया? पुलिस के अनुसार विवेचना में यही कहानी सामने आई है।2
- गणेश चतुर्थी पर नोबल पब्लिक स्कूल में भव्य आयोजन, विधायक राजीव तरारा ने की पूजा-अर्चना गजरौला। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर नोबल पब्लिक स्कूल, गजरौला में भगवान श्री गणेश के शुभागमन पर श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में धनौरा विधायक राजीव तरारा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।विधायक राजीव तरारा ने विद्यालय परिवार के साथ विधिवत भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना और आरती की। उन्होंने सभी के सुख, शांति, समृद्धि और मंगलमय भविष्य की कामना करते हुए छात्र-छात्राओं को आशीर्वाद दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भगवान श्री गणेश की वंदना, भक्ति गीत, नृत्य और विभिन्न रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने अतिथियों, अभिभावकों और विद्यालय परिवार का मन मोह लिया। इस दौरान पूरा विद्यालय परिसर ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंज उठा और माहौल भक्तिमय हो गया।विद्यालय के डायरेक्टर राजीव उपाध्याय और प्रधानाचार्य नवनीत उपाध्याय ने मुख्य अतिथि विधायक राजीव तरारा का विद्यालय आगमन और कार्यक्रम में सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। उनके आशीर्वाद से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता बनी रहे, यही विद्यालय परिवार की मंगलकामना है।कार्यक्रम को सफल बनाने में शुभम उपाध्याय, तोशिमा शर्मा सहित समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विद्यालय परिवार के सदस्यों ने पूजा-अर्चना, व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।अंत में विद्यालय प्रबंधन ने सभी छात्र-छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षकों और सहयोगी सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा भगवान श्री गणेश से विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और सफलता की प्रार्थना की।4
- गजरौला में गणेश चतुर्थी का भव्य भंडारा, उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़; ‘चवन्नी’ वाले सवाल पर सपा नेता खामोश! गजरौला के इंद्रा चौक पर गणेश चतुर्थी के अवसर पर समाजवादी पार्टी के नेता राधेलाल रघुवंशी की ओर से भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में नौगावां सादात विधायक चौधरी समरपाल सिंह समेत सपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। नेताओं ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया। आयोजन के दौरान मीडिया ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के ‘चवन्नी’ वाले बयान को लेकर सवाल किया, लेकिन सपा नेता और विधायक जवाब देने से बचते नजर आए। उनकी चुप्पी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई। कार्यक्रम में शाबिर अली, फारूक सैफी, योगेंद्र उपाध्याय, नन्हे शर्मा, मोती सिंह, चुन्नीलाल रघुवंशी, अमर सिंह रघुवंशी, अरमान सिद्दीकी, मुकेश दिवाकर, फरमान अली, फय्याज टक्कर, डॉ. जितेंद्र यादव, सचिन यादव और कपिल यादव समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजक राधेलाल रघुवंशी ने कहा कि ऐसे आयोजन भाईचारे, सद्भाव और आपसी एकता को मजबूत करते हैं।1
- अमरोहा के गजरौला। नोबल पब्लिक स्कूल, गजरौला में सोमवार को श्री गणपति जी के शुभागमन के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में गणपति जी का श्रद्धा और उत्साह के साथ स्वागत किया गया। इस दौरान पूरा स्कूल परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। नोबल पब्लिक स्कूल में हुआ श्री गणपति जी का भव्य शुभारंभ, भक्तिमय हुआ माहौल1
- शेफाली-स्मृति के तूफान के बाद गेंदबाजों का कहर, भारत ने 8वीं बार जीता महिला एशिया कप भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर एशिया पर अपना दबदबा साबित कर दिया है। शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना के शानदार अर्धशतकों के दम पर टीम इंडिया ने महिला एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में 72 रनों से करारी शिकस्त दी और रिकॉर्ड 8वीं बार महिला एशिया कप की ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 183 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आई और निर्धारित ओवरों में सिर्फ 111 रन ही बना सकी। भारत ने शानदार जीत के साथ न सिर्फ ट्रॉफी अपने नाम की, बल्कि 2024 के फाइनल की हार का बदला भी ले लिया। शेफाली वर्मा ने मचाई तबाही टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और टीम की सलामी जोड़ी ने इसे बिल्कुल सही साबित किया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला बोल दिया। शेफाली वर्मा ने मैदान पर उतरते ही अपने पुराने अंदाज में चौके-छक्कों की बरसात शुरू कर दी। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी ने श्रीलंकाई गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया। महज 24 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर शेफाली ने फाइनल में तहलका मचा दिया। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में शेफाली वर्मा का 21वां अर्धशतक रहा। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने भारत को शुरुआत में ही ऐसी रफ्तार दे दी, जिससे टीम बड़े स्कोर की ओर तेजी से बढ़ गई। स्मृति मंधाना ने भी दिखाया क्लास दूसरे छोर पर स्मृति मंधाना ने धैर्य और आक्रामकता का शानदार मिश्रण दिखाया। शेफाली जहां गेंदबाजों पर टूट पड़ीं, वहीं स्मृति ने पारी को मजबूती से संभाले रखा। दोनों के बीच पहले विकेट के लिए शानदार शतकीय साझेदारी हुई और भारत ने फाइनल में श्रीलंका के सामने 184 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख दिया। श्रीलंका की पारी लड़खड़ाई लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम से बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उन्हें खुलकर खेलने का मौका ही नहीं दिया। विकेट नियमित अंतराल पर गिरते रहे और श्रीलंका की पूरी टीम 111 रन तक ही पहुंच सकी। भारत ने 72 रनों से फाइनल जीतकर खिताब अपने नाम कर लिया। 2024 की हार का हिसाब बराबर इस जीत की खास बात यह भी रही कि भारत ने श्रीलंका से दो साल पुराना हिसाब चुकता कर दिया। महिला एशिया कप 2024 के फाइनल में श्रीलंका ने भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी। अब 2026 के फाइनल में भारतीय टीम ने शानदार पलटवार करते हुए श्रीलंका को बुरी तरह शिकस्त दी। महिला एशिया कप के अब तक 10 संस्करण खेले जा चुके हैं और टीम इंडिया ने हर बार फाइनल में जगह बनाई है। इनमें से 8 बार भारत चैंपियन बना है। यह आंकड़ा बताता है कि एशियाई महिला क्रिकेट में भारतीय टीम का दबदबा कितना मजबूत है। शेफाली का तूफान, स्मृति का क्लास और गेंदबाजों का कहर—भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि एशिया की बादशाहत उसी के नाम है।3