अमरोहा/आदमपुर पुलिस ने किया 48 घंटे में जोगेंद्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा,, भाई ने ही रच दी भाई की हत्या की साजिश जोगेंद्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, भाई ने ही रची थी हत्या की साजिश पुलिस ने —48 घंटे में किया खुलासा जिस जोगेंद्र कुमार को परिजन रातभर गांव और आसपास के रास्तों में तलाशते रहे, उसका शव अगले दिन पास के ही गांव औगारपुर के जंगल में खेत के नलकूप के पास पड़ा मिला था। चेहरे और शरीर पर चोटों के निशान तथा अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने से मामला शुरू से ही हत्या की ओर इशारा कर रहा था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 48 घंटे के भीतर जांच की दिशा ही बदल गई। पुलिस के मुताबिक जोगेंद्र की हत्या के पीछे बाहर के लोगों से ज्यादा करीबी रिश्ते का हाथ था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के बड़े भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार 11 सितंबर को कोकापुर की मढ़ैया निवासी रूपराम ने थाना आदमपुर में सूचना दी थी कि उसका बेटा जोगेंद्र कुमार शाम करीब आठ बजे घर पर था। इसी दौरान दरियापुर तुगन निवासी बृजपाल, विष्णु और तेजपाल उसे मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए। इसके बाद जोगेंद्र वापस घर नहीं लौटा। अगले दिन औगारपुर क्षेत्र में ढबारसी निवासी राजेंद्र नागर के खेत में नलकूप के पास उसका शव पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो जोगेंद्र को मृत देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शव की हालत और शरीर पर चोटों के निशानों ने हत्या की आशंका को और गहरा कर दिया। पिता ने तीन लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। फोरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुली परतें घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्य जुटाए। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में पुलिस के सामने जो कहानी आई, उसने परिवार को ही इस हत्याकांड के केंद्र में ला खड़ा किया। पुलिस के मुताबिक जोगेंद्र शराब पीने का आदी था और शराब के नशे में परिवार से विवाद करता था। आरोप है कि वह अपनी जमीन बेचने की कोशिश भी कर रहा था। इसी बात से परेशान होकर उसके बड़े भाई ऋषिपाल ने उसकी हत्या कराने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि ऋषिपाल ने जोगेंद्र की हत्या के लिए बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल को छह लाख रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने जोगेंद्र को अपने साथ लिया और उसकी हत्या कर शव को औगारपुर के जंगल स्थित खेत में छिपा दिया। जिस विष्णु पर लगा था आरोप, जांच में सामने आया वीरपाल इस हत्याकांड की शुरुआती कहानी और पुलिस के खुलासे में एक अहम अंतर भी सामने आया है। मृतक के पिता ने अपनी तहरीर में बृजपाल, विष्णु और तेजपाल को नामजद किया था। पुलिस की विवेचना में विष्णु की जगह वीरपाल पुत्र चेतराम का नाम सामने आया। पुलिस ने अब बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल के साथ मृतक के बड़े भाई ऋषिपाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की है। बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल के खिलाफ धारा 103(1), 238(1) और 61(2) बीएनएस तथा ऋषिपाल के खिलाफ धारा 103(1) और 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। मोटरसाइकिल बनी अहम कड़ी पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है। यही मोटरसाइकिल जोगेंद्र को घर से ले जाने की शुरुआती कहानी में भी सामने आई थी। ऐसे में बरामदगी को पुलिस जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। जोगेंद्र के घर से निकलने के बाद जंगल तक पहुंचने की कहानी ने शुरुआत में कई सवाल खड़े किए थे। अब पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और विवेचनात्मक कार्रवाई के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ ली गई हैं। 48 घंटे में खुलासे का दावा थाना आदमपुर पुलिस के मुताबिक हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर सफल अनावरण किया गया। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। हत्याकांड के खुलासे में थानाध्यक्ष कोमल तोमर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अजेन्द्र तोमर, उपनिरीक्षक रामनिवास यादव, कांस्टेबल कपिल राठी, अंकित कपासिया और मोहम्मद हिलाल खान की टीम शामिल रही। अब पुलिस के दावे के बाद इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या छह लाख रुपये के लालच में एक भाई ने ही अपने भाई की जिंदगी का सौदा कर दिया? पुलिस के अनुसार विवेचना में यही कहानी सामने आई है।
अमरोहा/आदमपुर पुलिस ने किया 48 घंटे में जोगेंद्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा,, भाई ने ही रच दी भाई की हत्या की साजिश जोगेंद्र हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, भाई ने ही रची थी हत्या की साजिश पुलिस ने —48 घंटे में किया खुलासा जिस जोगेंद्र कुमार को परिजन रातभर गांव और आसपास के रास्तों में तलाशते रहे, उसका शव अगले दिन पास के ही गांव औगारपुर के जंगल में खेत के नलकूप के पास पड़ा मिला था। चेहरे और शरीर पर चोटों के निशान तथा अर्धनग्न अवस्था में शव मिलने से मामला शुरू से ही हत्या की ओर इशारा कर रहा था। पुलिस ने पिता की तहरीर पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 48 घंटे के भीतर जांच की दिशा ही बदल गई। पुलिस के मुताबिक जोगेंद्र की हत्या के पीछे बाहर के लोगों से ज्यादा करीबी रिश्ते का हाथ था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए मृतक के बड़े भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हत्या में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार 11 सितंबर को कोकापुर की मढ़ैया निवासी रूपराम ने थाना आदमपुर में सूचना दी थी कि उसका बेटा जोगेंद्र कुमार शाम करीब आठ बजे घर पर था। इसी दौरान दरियापुर तुगन निवासी बृजपाल, विष्णु और तेजपाल उसे मोटरसाइकिल से अपने साथ ले गए। इसके बाद जोगेंद्र वापस घर नहीं लौटा। अगले दिन औगारपुर क्षेत्र में ढबारसी निवासी राजेंद्र नागर के खेत में नलकूप के पास उसका शव पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना पर गांव में हड़कंप मच गया। परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो जोगेंद्र को मृत देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। शव की हालत और शरीर पर चोटों के निशानों ने हत्या की आशंका को और गहरा कर दिया। पिता ने तीन लोगों को नामजद करते हुए पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। फोरेंसिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों से खुली परतें घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर फील्ड यूनिट को बुलाया। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संभावित साक्ष्य जुटाए। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। जांच में पुलिस के सामने जो कहानी आई, उसने परिवार को ही इस हत्याकांड के केंद्र में ला खड़ा किया। पुलिस के मुताबिक जोगेंद्र शराब पीने का आदी था और
शराब के नशे में परिवार से विवाद करता था। आरोप है कि वह अपनी जमीन बेचने की कोशिश भी कर रहा था। इसी बात से परेशान होकर उसके बड़े भाई ऋषिपाल ने उसकी हत्या कराने की योजना बनाई। पुलिस का दावा है कि ऋषिपाल ने जोगेंद्र की हत्या के लिए बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल को छह लाख रुपये देने का लालच दिया। इसके बाद तीनों आरोपियों ने जोगेंद्र को अपने साथ लिया और उसकी हत्या कर शव को औगारपुर के जंगल स्थित खेत में छिपा दिया। जिस विष्णु पर लगा था आरोप, जांच में सामने आया वीरपाल इस हत्याकांड की शुरुआती कहानी और पुलिस के खुलासे में एक अहम अंतर भी सामने आया है। मृतक के पिता ने अपनी तहरीर में बृजपाल, विष्णु और तेजपाल को नामजद किया था। पुलिस की विवेचना में विष्णु की जगह वीरपाल पुत्र चेतराम का नाम सामने आया। पुलिस ने अब बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल के साथ मृतक के बड़े भाई ऋषिपाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में कार्रवाई की है। बृजपाल, वीरपाल और तेजपाल के खिलाफ धारा 103(1), 238(1) और 61(2) बीएनएस तथा ऋषिपाल के खिलाफ धारा 103(1) और 61(2) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। मोटरसाइकिल बनी अहम कड़ी पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी बरामद करने का दावा किया है। यही मोटरसाइकिल जोगेंद्र को घर से ले जाने की शुरुआती कहानी में भी सामने आई थी। ऐसे में बरामदगी को पुलिस जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। जोगेंद्र के घर से निकलने के बाद जंगल तक पहुंचने की कहानी ने शुरुआत में कई सवाल खड़े किए थे। अब पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक साक्ष्यों और विवेचनात्मक कार्रवाई के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ ली गई हैं। 48 घंटे में खुलासे का दावा थाना आदमपुर पुलिस के मुताबिक हत्याकांड का 48 घंटे के भीतर सफल अनावरण किया गया। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई जारी है। हत्याकांड के खुलासे में थानाध्यक्ष कोमल तोमर, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अजेन्द्र तोमर, उपनिरीक्षक रामनिवास यादव, कांस्टेबल कपिल राठी, अंकित कपासिया और मोहम्मद हिलाल खान की टीम शामिल रही। अब पुलिस के दावे के बाद इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या छह लाख रुपये के लालच में एक भाई ने ही अपने भाई की जिंदगी का सौदा कर दिया? पुलिस के अनुसार विवेचना में यही कहानी सामने आई है।
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- अमरोहा में चिता से शव हटाकर चले लाठी-डंडे, अंतिम संस्कार में खूनी संघर्ष,तिगरी गंगा धाम में अंतिम संस्कार के दौरान दो पक्ष आमने-सामने, मारपीट का वीडियो वायरल अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र स्थित तिगरी गंगा धाम में अंतिम संस्कार के दौरान ऐसा विवाद हुआ कि देखते ही देखते माहौल खूनी संघर्ष में बदल गया। कहासुनी के बाद दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे। बताया जा रहा है कि अंतिम संस्कार के बीच चिता से शव हटाकर दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। अचानक हुए संघर्ष से मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। घटना में पांच लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, जबकि एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है। मारपीट की पूरी घटना किसी व्यक्ति ने मोबाइल कैमरे में कैद कर ली। वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि अमरोहा नगर और गजरौला क्षेत्र के फाजलपुर मोहल्ले से लोग अंतिम संस्कार में शामिल होने तिगरी पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस विवाद की वजह और मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। 📍1
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- अमरोहा के गजरौला। तिगरी गंगा धाम में अंतिम संस्कार के दौरान किसी बात को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते दोनों पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चलने लगे। मारपीट में पांच लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। तिगरी गंगा धाम में अंतिम संस्कार के दौरान खूनी बवाल, दो पक्षों में जमकर चले लाठी-डंडे; 5 घायल, वीडियो वायरल1