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उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक खौफनाक विमान हादसा हुआ है, जहाँ अलीगढ़ से उड़ान भरने वाला एक ट्रेनी सेसना 172 विमान (VT-AFB) हवा में बेकाबू हो गया। यह विमान अचानक 33,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की तारों से टकराया और निर्माणाधीन सिक्स-लेन हाईवे पर जा गिरा। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में विमान के परखच्चे उड़ गए। मुंबई की 27 वर्षीय महिला ट्रेनी पायलट कायनात इस विमान को उड़ा रही थीं। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के समय बिजली की लाइन बंद थी, जिससे एक बहुत बड़ा विस्फोट होने से टल गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी ग्राउंड जीरो से सिर्फ G Express पर देखने के लिए, G Express को सब्सक्राइब करें।
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उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक खौफनाक विमान हादसा हुआ है, जहाँ अलीगढ़ से उड़ान भरने वाला एक ट्रेनी सेसना 172 विमान (VT-AFB) हवा में बेकाबू हो गया। यह विमान अचानक 33,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की तारों से टकराया और निर्माणाधीन सिक्स-लेन हाईवे पर जा गिरा। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में विमान के परखच्चे उड़ गए। मुंबई की 27 वर्षीय महिला ट्रेनी पायलट कायनात इस विमान को उड़ा रही थीं। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के समय बिजली की लाइन बंद थी, जिससे एक बहुत बड़ा विस्फोट होने से टल गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी ग्राउंड जीरो से सिर्फ G Express पर देखने के लिए, G Express को सब्सक्राइब करें।
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- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों के संबंध में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए राज्य सरकार से सीधा जवाब मांगा है। कोर्ट ने ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने वाले सरकारी अध्यादेश पर कड़ा रुख अपनाया है। कानून के छात्रों द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सरकार से तीखे सवाल किए हैं कि आखिर बिना चुनाव कराए ही ग्राम प्रधानों को प्रशासक क्यों नियुक्त किया गया। इस फैसले के कारण उत्तर प्रदेश की ग्रामीण राजनीति में व्यापक हलचल मच गई है। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 3 अगस्त की तारीख तय की है, जिसके बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि आखिर उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव क्यों रोके गए और इस मामले में क्या निर्णायक फैसला आता है।1
- उत्तराखंड में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री की विधानसभा चंपावत से अपनी 'परिवर्तन संकल्प यात्रा' का आगाज किया है। इस दौरान, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने लोहाघाट में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। गोदियाल ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि साल 2027 में उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनेगी।1
- चम्पावत में, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बुधवार, 01 जुलाई 2026 को जिला कार्यालय सभागार में ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जनपद में ग्रामीण विकास योजनाओं का प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करना था। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुँचे, साथ ही क्रियान्वयन में गुणवत्ता, जवाबदेही और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का वास्तविक लाभ लोगों को मिल सके। बैठक में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), एनआरएलएम, रीप परियोजना, अल्ट्रा पुअर योजना, सीएलएफ और अन्य ग्रामीण विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने ज्ञानसेतु कार्यक्रम, विद्यालयों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग हेतु निर्मित टैंकों, आंगनबाड़ी केंद्रों और पशुबाड़ों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने और सभी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया, जिससे योजनाओं का अधिकतम लाभ जनमानस तक पहुँच सके। 'मेरी गाँव–मेरी सड़क' योजना के अंतर्गत, जिलाधिकारी ने दूरस्थ गांवों की सड़क संपर्क सुविधा को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत स्थापित ग्रोथ सेंटरों को और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने तथा स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण आजीविका को बढ़ावा देने पर भी बल दिया। जल संरक्षण हेतु संचालित चाल-खाल एवं खंती निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी नियमित रूप से सारा के साथ साझा करने के निर्देश दिए गए, ताकि इन प्रयासों का व्यापक स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन हो सके। इसके अतिरिक्त, कार्यालयी कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में मनरेगा के अंतर्गत विकास कार्य संचालित हों और सभी जॉब कार्ड धारकों को नियमानुसार रोजगार उपलब्ध कराया जाए, जिसमें कृषि एवं जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। समीक्षा बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि विकास अधिकारियों और ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों की नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं। साथ ही, प्रत्येक ग्राम सभा में नियमित बैठकें सुनिश्चित कर विकास योजनाओं की प्रभावी निगरानी की जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी.एस. खाती, परियोजना निदेशक अजय सिंह, सहायक परियोजना निदेशक विमी जोशी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह दिगारी, सभी खंड विकास अधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।3
- चम्पावत में मानसून के मद्देनजर निरंतर कार्य जारी हैं, जिसके तहत सड़कों और नालियों की सफाई की जा रही है। यह कवायद मुख्य रूप से क्षेत्र में सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की जा रही है।1
- चम्पावत जनपद के लोहाघाट में 01 जुलाई 2026 को पशु चिकित्सा एवं पशु संरक्षण को नई मजबूती देते हुए डॉ. एल. डी. भट्ट मेमोरियल वेटरनरी फाउंडेशन का शुभारंभ किया गया। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इसका उद्घाटन करते हुए इसे पशु कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल बताया। यह फाउंडेशन निष्काम एनिमल वेलफेयर एसोसिएशन के प्रयासों और राज भट्ट के सहयोग से स्थापित किया गया है, जहाँ अत्याधुनिक उपकरणों की मदद से पालतू, घायल, बीमार और बेसहारा (स्ट्रीट) पशुओं को बेहतर उपचार सुविधा प्रदान की जाएगी। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने इस अवसर पर कहा कि समाज और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रिय सहभागिता से पशु संरक्षण को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने संस्था द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए जोर दिया कि यह पहल पशुओं के प्रति एक संवेदनशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। फाउंडेशन का संचालन गिरीश चंद भट्ट, किशोर सिंह बिष्ट और अनीता बिष्ट द्वारा किया जाएगा, जबकि पशुओं के उपचार की मुख्य जिम्मेदारी डॉ. जतिन खर्कवाल संभालेंगे। संस्था के प्रतिनिधि किशोर सिंह बिष्ट ने बताया कि उनका एनजीओ पहले से ही एक एनिमल रेस्क्यू सेंटर चला रहा है, जो घायल और बेसहारा पशुओं का रेस्क्यू, उपचार और देखभाल करता है। भविष्य में इस पशु कल्याण अभियान को और भी व्यापक स्तर पर संचालित करने की योजना है, जिसे जनपद में पशु चिकित्सा सेवाओं और संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।1
- उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) की स्थापना को लेकर एक प्रबल मांग उठाई गई है। इस मांग के पीछे यह दृढ़ विश्वास है कि यदि गैरसैंण में AIIMS का निर्माण होता है, तभी पहाड़ के लोगों का जीवन सुरक्षित रह पाएगा। पोस्ट में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि AIIMS के अभाव में पहाड़ के सभी लोग अपनी जान गंवा देंगे, क्योंकि उनके पास जीने का कोई अन्य विकल्प नहीं होगा। यह एक ऐसी आवाज़ है जो वर्ष 2027 तक इस स्थिति में परिवर्तन लाने की उम्मीद के साथ उठाई गई है।1
- माँ नंदा देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष पुनीत टंडन ने नैनीताल नगर और उसकी झील के 'नाश विनाश' को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने हाल ही में झील के चारों ओर बनाए जा रहे छह कंक्रीट हट्स को इस विनाश का एक प्रमुख कारण बताया है। टंडन ने विस्तार से बताया कि ये हट्स न केवल झील से एकदम सटे हुए हैं, बल्कि कुछ तो लगभग झील के ऊपर ही बने हैं। उन्होंने अपनी आँखों से एक लाइब्रेरी के पास वाले हट की तराई होते देखी, जिससे बचा हुआ गाद सीधे ताल में चला गया। उनके अनुसार, निर्माण के दौरान हुई क्षति अलग है। इन छह हट्स में से यह विशिष्ट हट, लाइटहाउस के तर्क पर, काफी ऊँचाई पर स्थित है। माँ नंदा देवी व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने मांग की है कि बोट हाउस क्लब के सामने तोड़े जाने वाले कंक्रीट ढांचे के साथ-साथ इन छह कंक्रीट हट्स को भी ध्वस्त किया जाए। उनका तर्क है कि एक साथ कार्रवाई करने से अधिकारियों को आसानी होगी और उन्हें भी इस मामले को उच्चतम न्यायालय के सामने एक साथ रखने में सहूलियत मिलेगी। पुनीत टंडन ने बल देते हुए कहा कि विभागीय रूप से भले ही ये मामले अलग-अलग हों, लेकिन नैनीताल के अच्छे पर्यटन को बचाने और इसे पूर्ण विनाश से रोकने के लिए ये सभी एक ही दिशा के अलग-अलग रास्ते हैं। उन्होंने 'माँ नंदा सुनंदा के आशीर्वाद' का आह्वान करते हुए कहा कि जो गलत प्रत्यक्ष रूप से सामने दिख रहा है, उसके लिए पुरजोर आवाज उठाई जानी चाहिए। उनका स्पष्ट संदेश है कि नैनीताल की प्राकृतिक सुंदरता को कंक्रीट से बदसूरत बनाया जा रहा है, और इस पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है।1
- उत्तर प्रदेश के कासगंज में एक खौफनाक विमान हादसा हुआ है, जहाँ अलीगढ़ से उड़ान भरने वाला एक ट्रेनी सेसना 172 विमान (VT-AFB) हवा में बेकाबू हो गया। यह विमान अचानक 33,000 वोल्ट की हाई-टेंशन बिजली की तारों से टकराया और निर्माणाधीन सिक्स-लेन हाईवे पर जा गिरा। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे में विमान के परखच्चे उड़ गए। मुंबई की 27 वर्षीय महिला ट्रेनी पायलट कायनात इस विमान को उड़ा रही थीं। गनीमत यह रही कि दुर्घटना के समय बिजली की लाइन बंद थी, जिससे एक बहुत बड़ा विस्फोट होने से टल गया। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हादसे की पूरी इनसाइड स्टोरी ग्राउंड जीरो से सिर्फ G Express पर देखने के लिए, G Express को सब्सक्राइब करें।1