logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त में हमारा समाज - एक गंभीर चेतावनी प्रदीप पाटकर। ​हाल के दिनों में हमारे समाज में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और नशे का बढ़ता प्रचलन एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। समाज में हिंसा, चोरी, और अन्य अपराधों में वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। ​इसके साथ ही, समाज में नशे का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती है। नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी एक बोझ है। नशे की लत के कारण युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता को बर्बाद कर रही है। नशे के कारण होने वाले अपराधों में भी वृद्धि हुई है। ​यह एक दुखद सच्चाई है कि असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके बिना वे इतनी आसानी से अपनी गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते थे। यह संरक्षण न केवल समाज के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून के शासन के लिए भी एक बड़ा खतरा है। ​समाज में बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें अपने बच्चों को सही संस्कार देने और उन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। हमें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने और उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है। ​हमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। पुलिस और प्रशासन को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्हें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।साथ ही, हमें नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए भी आगे आना चाहिए। हमें उन्हें पुनर्वास और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की जरूरत है। हमें उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। ​असामाजिकता और नशा हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा। हमें एक जागरूक और जिम्मेदार समाज बनाना होगा, जो असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को बर्दाश्त न करे। हमें अपनी युवा पीढ़ी को बचाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए काम करना होगा।

21 hrs ago
user_प्रदीप कुमार
प्रदीप कुमार
Voice of people चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
21 hrs ago

बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त में हमारा समाज - एक गंभीर चेतावनी प्रदीप पाटकर। ​हाल के दिनों में हमारे समाज में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और नशे का बढ़ता प्रचलन एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। समाज में हिंसा, चोरी, और अन्य अपराधों में वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। ​इसके साथ ही, समाज में नशे का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती है। नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी एक बोझ है। नशे की लत के कारण युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता को बर्बाद कर रही है। नशे के कारण होने वाले अपराधों में भी वृद्धि हुई है। ​यह एक दुखद सच्चाई है कि असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके बिना वे इतनी आसानी से अपनी गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते थे। यह संरक्षण न केवल समाज के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून के शासन के लिए भी एक बड़ा खतरा है। ​समाज में बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें अपने बच्चों को सही संस्कार देने और उन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। हमें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने और उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है। ​हमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। पुलिस और प्रशासन को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्हें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।साथ ही, हमें नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए भी आगे आना चाहिए। हमें उन्हें पुनर्वास और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की जरूरत है। हमें उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। ​असामाजिकता और नशा हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा। हमें एक जागरूक और जिम्मेदार समाज बनाना होगा, जो असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को बर्दाश्त न करे। हमें अपनी युवा पीढ़ी को बचाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए काम करना होगा।

More news from Manendragarh Chirimiri Bharatpur and nearby areas
  • जिला एमसीबी छत्तीसगढ़। लगातार एम सी बी जिले के बिछिया टोला केवई नदी से अवैध रेत उत्खनन जारी है। रेत माफिया रात में ट्रेक्टर से रेत उत्खनन करके विवेक तिवारी रेत भंडारण पर डंप करते हैं। फिर वहीं से शुरू होता है अवैध रेत परिवहन का खेल खेल कैसा देखिए मुख्य बिंदु पर 1. रात में उत्खनन कर बिना वैध दस्तावेज के डंप करना। 2. रेत खदान बिछिया टोला का रॉयल्टी पर्ची भंडारण से काटकर मध्यप्रदेश परिवहन किया जाना। 3. रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची को रात में काटना जबकि शाम होते ही खदान अनुबंध के अनुसार खदान बंद कर दी जाती है। 4. उच्च न्यायालय के स्टे के बाद भी खदान की रॉयल्टी पर्ची काटा जाना क्या उच्च न्यायालय की अहवेलना नहीं है। 5. ईमानदार कलेक्टर के होते हुए आखिर माइनिंग विभाग क्यों इन पर अंकुश नहीं लगा पा रही सवाल बड़ा है। 6. उक्त भंडारण पर न फैंसिंग है न ही पर्यावरण का ध्यान फिर भी माइनिंग अधिकारी रेत भंडारण करता पर मेहरबान । अब सोचने वाली बात है कि इतना अवैध तरीके से रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची का उपयोग करना परिवहन करना ये बिना माइनिंग अधिकारी की मौन सहमति के नहीं हो सकता अभी हाल में डांड हस्वाही तक माइनिंग अधिकारी छापा मारे लेकिन वहीं पास में बिछियाटोला में अवैध तरीके से रेत भंडारण किया जा रहा था वहां नहीं गए। एस डी एम केल्हारी एवं तहसीलदार केल्हारी भी मौन अवस्था में बैठे हुए हैं कुछ दिनों पूर्व एस डी एम इंदिरा मिश्रा ने लेडी सिंघम बन कर बिछिया टोला रेत खदान से पांच डंफर को जप्त कर थाने में खड़ा करवाने की बात कही लेकिन कुछ ही घंटों में उनका एकदम से शांत हो जाना किन सवालों को दर्शाता है यह भी सोचने वाली बात है। थाना प्रभारी पर भी अनगिनत सवाल इनकी भी मौन सहमति ? केल्हारी छेत्र में थाना प्रभारी का बड़ा बोलबाला रहता है इनके आदेश या इनकी सहमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता लेकिन इनके थाना की गाड़ी रेत उत्खनन की देखकर चुपचाप लौट जाती है। अभि दो दिन पहले किसी के फोन करने पर रात्रि को थाना प्रभारी टाइगर बनकर दहाड़ मारते हुए 2ट्रेक्टर को धर दबोचा लेकिन सुबह होते ही पता नहीं क्या सेटिंग हुआ कि तुरंत ट्रेक्टर को थाने से छोड़ दिया गया। अब समझ सकते हो रेत कारोबारी का बोलबाला। कहा है रेणुका सिंह विधायक जो कि अपने शब्दों से फिर गई कहा है उनका वादा कहा गया वो शेरनी वाली दहाड़ जो कि रेत माफियाओं को रेत में गढ़वाने की बात कर रही थी क्यों बन गई है भीगी बिल्ली क्या सेटिंग ऐसा हुआ कि इनको भी चुप्पी साधनी पड़ी। मतलब कोई नियम नहीं कोई लगाम नहीं कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं इतनी इन रेत माफियाओं की पकड़ मजबूत है। खैर हम कलम कार है जो लिखकर जनता को जागरूक करने का काम करते हैं।। अब देखना है कब तक रेत माफियाओं का राज चलेगा या ईमानदार मुखिया को खुद सामने आकर कार्यवाही करनी पड़ेगी।।
    1
    जिला एमसीबी छत्तीसगढ़।
लगातार एम सी बी जिले के बिछिया टोला केवई नदी से अवैध रेत उत्खनन जारी है। रेत माफिया रात में ट्रेक्टर से रेत उत्खनन करके विवेक तिवारी रेत भंडारण पर डंप करते हैं। फिर वहीं से शुरू होता है अवैध रेत परिवहन का खेल खेल कैसा देखिए मुख्य बिंदु पर 
1. रात में उत्खनन कर बिना वैध दस्तावेज के डंप करना।
2. रेत खदान बिछिया टोला का रॉयल्टी पर्ची भंडारण से काटकर मध्यप्रदेश परिवहन किया जाना। 
3. रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची को रात में काटना जबकि शाम होते ही खदान अनुबंध के अनुसार खदान बंद कर दी जाती है।
4. उच्च न्यायालय के स्टे के बाद भी खदान की रॉयल्टी पर्ची काटा जाना क्या उच्च न्यायालय की अहवेलना नहीं है।
5. ईमानदार कलेक्टर के होते हुए आखिर माइनिंग विभाग क्यों इन पर अंकुश नहीं लगा पा रही सवाल बड़ा है।
6. उक्त भंडारण पर न फैंसिंग है न ही पर्यावरण का ध्यान फिर भी माइनिंग अधिकारी रेत भंडारण करता पर मेहरबान ।
अब सोचने वाली बात है कि इतना अवैध तरीके से रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची का उपयोग करना परिवहन करना ये बिना माइनिंग अधिकारी की मौन सहमति के नहीं हो सकता अभी हाल में डांड हस्वाही तक माइनिंग अधिकारी छापा मारे लेकिन वहीं पास में बिछियाटोला में अवैध तरीके से रेत भंडारण किया जा रहा था वहां नहीं गए।
एस डी एम केल्हारी एवं तहसीलदार केल्हारी भी मौन अवस्था में बैठे हुए हैं कुछ दिनों पूर्व एस डी एम इंदिरा मिश्रा ने लेडी सिंघम बन कर बिछिया टोला रेत खदान से पांच डंफर को जप्त कर थाने में खड़ा करवाने की बात कही लेकिन कुछ ही घंटों में उनका एकदम से शांत हो जाना किन सवालों को दर्शाता है यह भी सोचने वाली बात है। 
थाना प्रभारी पर भी अनगिनत सवाल इनकी भी मौन सहमति ? 
केल्हारी छेत्र में थाना प्रभारी का बड़ा बोलबाला रहता है इनके आदेश या इनकी सहमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता लेकिन इनके थाना की गाड़ी रेत उत्खनन की देखकर चुपचाप लौट जाती है। अभि दो दिन पहले किसी के फोन करने पर रात्रि को थाना प्रभारी टाइगर बनकर दहाड़ मारते हुए 2ट्रेक्टर को धर दबोचा लेकिन सुबह होते ही पता नहीं क्या सेटिंग हुआ कि तुरंत ट्रेक्टर को थाने से छोड़ दिया गया। अब समझ सकते हो रेत कारोबारी का बोलबाला। 
कहा है रेणुका सिंह विधायक जो कि अपने शब्दों से फिर गई कहा है उनका वादा कहा गया वो शेरनी वाली दहाड़ जो कि रेत माफियाओं को रेत में गढ़वाने की बात कर रही थी क्यों बन गई है भीगी बिल्ली क्या सेटिंग ऐसा हुआ कि इनको भी चुप्पी साधनी पड़ी।
मतलब कोई नियम नहीं कोई लगाम नहीं कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं इतनी इन रेत माफियाओं की पकड़ मजबूत है।
खैर हम कलम कार है जो लिखकर जनता को जागरूक करने का काम करते हैं।।
अब देखना है कब तक रेत माफियाओं का राज चलेगा या ईमानदार मुखिया को खुद सामने आकर कार्यवाही करनी पड़ेगी।।
    user_Mahendra Shukla
    Mahendra Shukla
    Newspaper publisher Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    4 hrs ago
  • रायगढ़ में अफीम की खेती का खुलासा मौके पर पहुचीं पुलिस
    1
    रायगढ़ में अफीम की खेती का खुलासा मौके पर पहुचीं पुलिस
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • ​हाल के दिनों में हमारे समाज में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और नशे का बढ़ता प्रचलन एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। समाज में हिंसा, चोरी, और अन्य अपराधों में वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। ​इसके साथ ही, समाज में नशे का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती है। नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी एक बोझ है। नशे की लत के कारण युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता को बर्बाद कर रही है। नशे के कारण होने वाले अपराधों में भी वृद्धि हुई है। ​यह एक दुखद सच्चाई है कि असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके बिना वे इतनी आसानी से अपनी गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते थे। यह संरक्षण न केवल समाज के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून के शासन के लिए भी एक बड़ा खतरा है। ​समाज में बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें अपने बच्चों को सही संस्कार देने और उन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। हमें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने और उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है। ​हमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। पुलिस और प्रशासन को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्हें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।साथ ही, हमें नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए भी आगे आना चाहिए। हमें उन्हें पुनर्वास और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की जरूरत है। हमें उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। ​असामाजिकता और नशा हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा। हमें एक जागरूक और जिम्मेदार समाज बनाना होगा, जो असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को बर्दाश्त न करे। हमें अपनी युवा पीढ़ी को बचाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए काम करना होगा।
    1
    ​हाल के दिनों में हमारे समाज में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और नशे का बढ़ता प्रचलन एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। समाज में हिंसा, चोरी, और अन्य अपराधों में वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं।
​इसके साथ ही, समाज में नशे का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती है। नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी एक बोझ है। नशे की लत के कारण युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता को बर्बाद कर रही है। नशे के कारण होने वाले अपराधों में भी वृद्धि हुई है।
​यह एक दुखद सच्चाई है कि असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके बिना वे इतनी आसानी से अपनी गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते थे। यह संरक्षण न केवल समाज के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून के शासन के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
​समाज में बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें अपने बच्चों को सही संस्कार देने और उन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। हमें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने और उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है।
​हमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। पुलिस और प्रशासन को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्हें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।साथ ही, हमें नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए भी आगे आना चाहिए। हमें उन्हें पुनर्वास और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की जरूरत है। हमें उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है।
​असामाजिकता और नशा हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा। हमें एक जागरूक और जिम्मेदार समाज बनाना होगा, जो असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को बर्दाश्त न करे। हमें अपनी युवा पीढ़ी को बचाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए काम करना होगा।
    user_प्रदीप कुमार
    प्रदीप कुमार
    Voice of people चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • Post by Manish Panndey
    2
    Post by Manish Panndey
    user_Manish Panndey
    Manish Panndey
    कोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *शहडोल में ट्रैफिक का ‘चेकपोस्ट मॉडल’—शहर में एंट्री से पहले ही जेब ढीली!* *शहडोल | शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बनती जा रही है। आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रैफिक अमले द्वारा शहर में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोककर चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।* *स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नाम पर कम, और रोजाना वसूली का माध्यम ज़्यादा लगती है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर खड़े ट्रैफिक कर्मी छोटे-छोटे नियमों के नाम पर तुरंत जुर्माना ठोक देते हैं, जिससे आम जनता खुद को असहज और शोषित महसूस कर रही है।*
    1
    *शहडोल में ट्रैफिक का ‘चेकपोस्ट मॉडल’—शहर में एंट्री से पहले ही जेब ढीली!*
*शहडोल | शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बनती जा रही है। आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रैफिक अमले द्वारा शहर में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोककर चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।*
*स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नाम पर कम, और रोजाना वसूली का माध्यम ज़्यादा लगती है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर खड़े ट्रैफिक कर्मी छोटे-छोटे नियमों के नाम पर तुरंत जुर्माना ठोक देते हैं, जिससे आम जनता खुद को असहज और शोषित महसूस कर रही है।*
    user_Saif Khan
    Saif Khan
    Anuppur, Madhya Pradesh•
    7 hrs ago
  • सरस्वती शिशु मन्दिर ने धूमधाम से मनाया हिन्दू नववर्ष अम्बिकापुर- सनातन हिन्दू भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 सरस्वती शिशु मन्दिर उ.मा.विद्यालय देवागंज रोड ने प्रतिवर्ष की भांति हिन्दू नववर्ष समीपस्थ ग्राम रामपुर में गुरुवार को धूमधाम से मनाया।आज के कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दीपमाला देशमुख शासकीय शिक्षिका, विशिष्ट अतिथि सहव्यवस्थापक प्रतिमा त्रिपाठी और उप सरपंच धरम साय मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने श्रीराम दरबार व भारत माता की छबि पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रतिमा त्रिपाठी ने भारतीय हिन्दू नववर्ष की शुभकामना देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस माता शैलपुत्री आप सभी को सुख -समृद्धि व आरोग्य प्रदान करे। भारतीय नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होती है इसका पौराणिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक अनेकानेक कारण है।सरस्वती सरस्वती शिशु मंदिर ऐसे आयोजनों के माध्यम से समाज में सनातन संस्कृति का जनजागरण कार्य में लगी है। विद्यालय की बहनों ने एकल भजन व सामुहिक लोक गीत की मनमोहक प्रस्तुति दिए। अपने उद्बोधन में दीपमाला देशमुख ने हिन्दू नववर्ष के ऐतिहासिक व वैज्ञानिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा इस दिन हम सभी अपने घरों में भगवा ध्वज अवश्य लगायें तथा द्वार पर रंगोली व शाम को दीपक जला कर नववर्ष का स्वागत करें।कार्यक्रम को बरिष्ठ आचार्य भूधर किशोर त्रिपाठी ने भी सम्बोधित किया।कार्यक्रम में काफी संख्या गांववासी उपस्थित रहे। विद्यालय के सभी आचार्य परिवार के सहयोग व उपस्थिति से कार्यक्रम सफल रहा। मंच का संचालन सीमा खानवलकर और आभार प्रदर्शन प्रधानाचार्य सुप्रिया सिंह द्वारा हुआ।भारत माता की आरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
    3
    सरस्वती शिशु मन्दिर ने धूमधाम से मनाया हिन्दू नववर्ष
अम्बिकापुर-  सनातन हिन्दू भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2083 सरस्वती शिशु मन्दिर उ.मा.विद्यालय देवागंज रोड ने प्रतिवर्ष की भांति हिन्दू नववर्ष समीपस्थ ग्राम रामपुर में गुरुवार को धूमधाम से मनाया।आज के कार्यक्रम  के मुख्य अतिथि दीपमाला देशमुख  शासकीय शिक्षिका, विशिष्ट अतिथि सहव्यवस्थापक प्रतिमा त्रिपाठी और उप सरपंच धरम साय  मंच पर मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ  अतिथियों ने श्रीराम दरबार व भारत माता की छबि पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर प्रतिमा त्रिपाठी ने भारतीय हिन्दू नववर्ष की शुभकामना देते हुए कहा कि चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस माता शैलपुत्री आप सभी को सुख -समृद्धि व आरोग्य  प्रदान करे। भारतीय नव संवत्सर चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होती है इसका पौराणिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक अनेकानेक कारण है।सरस्वती सरस्वती शिशु मंदिर ऐसे  आयोजनों के माध्यम से समाज में सनातन संस्कृति का जनजागरण  कार्य में लगी है। विद्यालय की बहनों ने एकल भजन व सामुहिक लोक गीत की मनमोहक प्रस्तुति  दिए। अपने उद्बोधन में दीपमाला देशमुख ने हिन्दू नववर्ष के ऐतिहासिक  व वैज्ञानिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा इस दिन हम सभी अपने घरों में भगवा ध्वज अवश्य लगायें तथा द्वार पर रंगोली व शाम को दीपक जला कर नववर्ष का स्वागत  करें।कार्यक्रम को बरिष्ठ आचार्य भूधर किशोर त्रिपाठी ने भी  सम्बोधित किया।कार्यक्रम  में काफी संख्या गांववासी उपस्थित रहे। विद्यालय के सभी आचार्य परिवार के सहयोग व उपस्थिति से कार्यक्रम  सफल रहा। मंच का संचालन सीमा खानवलकर और आभार प्रदर्शन प्रधानाचार्य सुप्रिया सिंह द्वारा हुआ।भारत माता की आरती व प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम  का समापन हुआ।
    user_Himanshu raj
    Himanshu raj
    Social Media Manager अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    8 hrs ago
  • पर्यटन स्थल मैनपाट में सैलानियों के लिए निर्मित सेला रिसॉर्ट को लेकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने विधानसभा सत्र में उठाया सवाल। सीतापुर विधानसभा क्षेत्र का मैनपाट ब्लॉक पर्यटन क्षेत्र है,जहां का वातावरण सैलानियों को हमेशा आकर्षित करता है, और हजारों सैलानी यहां घूमने आते हैं, जहां सैलानियों के ठहरने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सैला रिसॉर्ट का निर्माण 2019 से 2021 तक कराया गया है, जिसकी निर्माण लागत रु 2137.38लाख है,, जिसको लेकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल जी से सदन में प्रश्न किया है, विधायक जी ने पूछा है कि सैला रिसॉर्ट कितने हेक्टेयर जमीन पर स्थापित है,यह किस समय निर्मित हुई थी और इसकी लागत क्या है,साथ ही निर्माण डी पी आर में क्या क्या सम्मिलित था , वर्तमान स्थिति में इसने क्या क्या सुविधा संचालित है,एवं रिसॉर्ट के मेंटनेंस हेतु कितनी राशि है, और इसमें किन किन कार्यों को सम्मिलित किया गया है, जिसपर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने जवाब दिया है कि सैला रिसॉर्ट पहाड़ व चट्टान मद की भूमि पर निर्मित है, और यह 8.093 हेक्टेयर जमीन पर अवस्थित है इसका निर्माण सन 2019 से 2021 तक किया गया है इसकी निर्माण लागत 2137.38 लाख रुपए है निर्माण डी पी आर में ट्रायबल वर्क शॉप सेंटर, सायकल ट्रैक, दो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल, क्राफ्ट एवं हर्बल हाट, कैफेटेरिया, सोवेनियर शॉप, टूरिस्ट रिसेप्शन एंड फैसिलिटेशन सेंटर, पगोड़ा, ओपन एंफीथियेटर, ट्रायबल इंटरप्रिटेशन सेंटर,पार्किंग, ओवर हेड टैंक, सम्पवेल, बोरवेल,एवं वाटर सप्लाई पाइप लाइन, पम्प हाउस, गार्ड रूम लैंड स्केपिंग,ड्रेजर ,एंट्री गेट, टेंट प्लेटफॉर्म टॉयलेट,सोलर लाइट, इको कुकिंग स्पॉट , डे सेल्टर, वॉक वे, प्रोटेक्ट रेलिंग ब्रिज, पाथ वे, सी सी रोड लास्ट माइल, कनेक्टविटी, चैन लिंक फेंसिंग, एंड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट,को संचालित किया जा रहा है, साथ ही रिसॉर्ट के मंथली मेंटेनेंस के लिए 67,630.00 राशि निर्धारित है, जिसपर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने कहा है कि वर्तमान स्थिति में स्थल निरीक्षण की आवश्यकता है,क्योंकि अभी भी कुछ काम पूर्ण नहीं हुए हैं,, एवं जो मेंटिनेंस का कार्य है जिसमें अनुभव की आवश्यकता नहीं है उसमें लोकल सहायता समूह को शामिल करने की प्रक्रिया की जानी चाहिए, ताकि जो लोकल लोग हैं उनको भी रोजगार प्राप्त हो सके ,
    1
    पर्यटन स्थल मैनपाट में सैलानियों के लिए निर्मित सेला रिसॉर्ट को लेकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने 
विधानसभा सत्र में उठाया सवाल। 
सीतापुर विधानसभा क्षेत्र का  मैनपाट ब्लॉक पर्यटन क्षेत्र है,जहां का वातावरण सैलानियों को हमेशा आकर्षित करता है,
और हजारों सैलानी यहां घूमने आते हैं,
जहां सैलानियों के ठहरने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सैला रिसॉर्ट का निर्माण 2019 से 2021 तक  कराया गया है, जिसकी निर्माण लागत रु 2137.38लाख है,,
जिसको लेकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल जी से सदन में प्रश्न किया है,
विधायक जी ने पूछा है कि सैला रिसॉर्ट कितने हेक्टेयर जमीन पर स्थापित है,यह किस समय  निर्मित हुई थी और इसकी लागत क्या है,साथ ही निर्माण डी पी आर में क्या क्या सम्मिलित था ,
वर्तमान स्थिति में इसने क्या क्या सुविधा संचालित है,एवं रिसॉर्ट के मेंटनेंस हेतु कितनी राशि है,
और इसमें किन किन कार्यों को सम्मिलित किया गया है,
जिसपर पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने जवाब दिया है कि 
सैला रिसॉर्ट पहाड़ व चट्टान मद की भूमि पर निर्मित है,
और यह 8.093 हेक्टेयर जमीन पर अवस्थित है 
इसका निर्माण  सन 2019 से 2021 तक किया गया है 
इसकी निर्माण लागत 2137.38 लाख रुपए है 
निर्माण डी पी आर में ट्रायबल वर्क शॉप सेंटर, सायकल ट्रैक, दो इलेक्ट्रॉनिक व्हीकल, क्राफ्ट एवं हर्बल हाट, कैफेटेरिया,  सोवेनियर शॉप, टूरिस्ट रिसेप्शन एंड फैसिलिटेशन सेंटर,
पगोड़ा, ओपन एंफीथियेटर, ट्रायबल इंटरप्रिटेशन सेंटर,पार्किंग, ओवर हेड टैंक, सम्पवेल, बोरवेल,एवं वाटर सप्लाई पाइप लाइन, पम्प हाउस, गार्ड रूम लैंड स्केपिंग,ड्रेजर ,एंट्री गेट, टेंट प्लेटफॉर्म टॉयलेट,सोलर लाइट, इको कुकिंग स्पॉट , डे सेल्टर, वॉक वे, प्रोटेक्ट रेलिंग ब्रिज, पाथ वे, सी सी रोड 
लास्ट माइल, कनेक्टविटी, चैन लिंक फेंसिंग, एंड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट,को संचालित किया जा रहा है,
साथ ही रिसॉर्ट के मंथली मेंटेनेंस के लिए 67,630.00 राशि निर्धारित है,
जिसपर विधायक रामकुमार टोप्पो जी ने कहा है कि वर्तमान स्थिति में स्थल निरीक्षण की आवश्यकता है,क्योंकि अभी भी कुछ काम पूर्ण नहीं हुए हैं,,
एवं जो मेंटिनेंस का कार्य है जिसमें अनुभव की आवश्यकता नहीं है उसमें लोकल सहायता समूह को शामिल करने की प्रक्रिया की जानी चाहिए,
ताकि जो लोकल लोग हैं उनको भी 
रोजगार प्राप्त हो सके ,
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • भालूमाड़ा इंचार्ज थाना प्रभारी बागरी जी के नेतृत्व में लगातार अच्छी कार्यवाही जारी,,, भालूमाड़ा पुलिस ने 48 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा कर आरोपी को किया गिरफ्तार दिनांक 18.03.2026 को जरिये मोबाईल सूचना मिली की ग्राम बरबसपुर खेत में एक महिला का शव पडा हुआ है जिसकी तस्दीक हेतु थाना प्रभारी भालूमाडा उप निरी. डी.एस. बागरी अपने स्टाफ के साथ तत्काल रवाना होकर सूचना की तस्दीक की गई तो ग्राम बरबसपुर में डुग्गी तालाब के पास चूडामणि केवट के खेत में एक महिला का शव पडा हुआ पाया गया जिसकी पहचान नंसी बाई यादव पति भगवान दास उर्फ लल्लू यादव उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम बरबसपुर थाना भालूमाडा जिला अनूपपुर के रुप में हुई मौके पर मृतिका के पुत्र बब्बी यादव की सूचना पर जीरो पर मर्ग इंटीमेशन कायम कर मृतिका के शव का पंचनामा कार्यवाही कर शव का पीएम कराया गया डाक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु गले में रस्सी या साडी के फंदे से दबाने के कारण श्वांस अवरुद्ध होने से मृत्यु होना लेख किया मर्ग जांच पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना भालूमाडा में अप.क्र. 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । ह
    1
    भालूमाड़ा इंचार्ज थाना प्रभारी बागरी जी के नेतृत्व में लगातार अच्छी कार्यवाही जारी,,,
भालूमाड़ा पुलिस ने 48 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा कर आरोपी को किया गिरफ्तार 
दिनांक 18.03.2026 को जरिये मोबाईल सूचना मिली की ग्राम बरबसपुर खेत में एक महिला का शव पडा हुआ है जिसकी तस्दीक हेतु थाना प्रभारी भालूमाडा उप निरी. डी.एस. बागरी  अपने स्टाफ के साथ तत्काल रवाना होकर सूचना की तस्दीक की गई तो ग्राम बरबसपुर में डुग्गी तालाब के पास चूडामणि केवट के खेत में एक महिला का शव पडा हुआ पाया गया जिसकी पहचान नंसी बाई यादव पति भगवान दास उर्फ लल्लू यादव उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम बरबसपुर थाना भालूमाडा जिला अनूपपुर के रुप में हुई मौके पर मृतिका के पुत्र बब्बी यादव की सूचना पर जीरो पर मर्ग इंटीमेशन कायम कर मृतिका के शव का पंचनामा कार्यवाही कर शव का पीएम कराया गया डाक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु गले में रस्सी या साडी के फंदे से दबाने के कारण श्वांस अवरुद्ध होने से  मृत्यु होना लेख किया मर्ग जांच पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना भालूमाडा में अप.क्र. 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । ह
    user_Saif Khan
    Saif Khan
    Anuppur, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.