Shuru
Apke Nagar Ki App…
शहडोल *शहडोल में ट्रैफिक का ‘चेकपोस्ट मॉडल’—शहर में एंट्री से पहले ही जेब ढीली!* *शहडोल | शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बनती जा रही है। आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रैफिक अमले द्वारा शहर में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोककर चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।* *स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नाम पर कम, और रोजाना वसूली का माध्यम ज़्यादा लगती है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर खड़े ट्रैफिक कर्मी छोटे-छोटे नियमों के नाम पर तुरंत जुर्माना ठोक देते हैं, जिससे आम जनता खुद को असहज और शोषित महसूस कर रही है।*
Saif Khan
शहडोल *शहडोल में ट्रैफिक का ‘चेकपोस्ट मॉडल’—शहर में एंट्री से पहले ही जेब ढीली!* *शहडोल | शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बनती जा रही है। आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रैफिक अमले द्वारा शहर में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोककर चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।* *स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नाम पर कम, और रोजाना वसूली का माध्यम ज़्यादा लगती है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर खड़े ट्रैफिक कर्मी छोटे-छोटे नियमों के नाम पर तुरंत जुर्माना ठोक देते हैं, जिससे आम जनता खुद को असहज और शोषित महसूस कर रही है।*
More news from Madhya Pradesh and nearby areas
- *शहडोल में ट्रैफिक का ‘चेकपोस्ट मॉडल’—शहर में एंट्री से पहले ही जेब ढीली!* *शहडोल | शहर की ट्रैफिक व्यवस्था इन दिनों आम लोगों के लिए राहत नहीं, बल्कि परेशानी का सबब बनती जा रही है। आरोप है कि मध्य प्रदेश पुलिस के ट्रैफिक अमले द्वारा शहर में प्रवेश करने से पहले ही वाहनों को रोककर चालान काटे जा रहे हैं, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है।* *स्थानीय वाहन चालकों का कहना है कि यह कार्रवाई सड़क सुरक्षा के नाम पर कम, और रोजाना वसूली का माध्यम ज़्यादा लगती है। शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर खड़े ट्रैफिक कर्मी छोटे-छोटे नियमों के नाम पर तुरंत जुर्माना ठोक देते हैं, जिससे आम जनता खुद को असहज और शोषित महसूस कर रही है।*1
- Post by Ashok Sondhiya1
- Post by Manish Panndey2
- खन्नौदी। हायर सेकेंड्री स्कूल खन्नौदी में अचानक शॉर्ट सर्किट के चलते आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय स्कूल परिसर में मौजूद छात्रों और स्टाफ में हड़कंप की स्थिति बन गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण भड़की, जो धीरे-धीरे फैलने लगी। सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और स्कूल स्टाफ मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में दमकल विभाग को सूचना दी गई, जिसके बाद आग पर काबू पाया गया। 👉 राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, हालांकि कुछ कक्षाओं में रखे सामान को नुकसान पहुंचा है। 👉 प्रशासन द्वारा मामले की जांच शुरू कर दी गई है और स्कूलों में विद्युत सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। 📌 हाल के समय में देश के कई हिस्सों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।2
- जिला एमसीबी छत्तीसगढ़। लगातार एम सी बी जिले के बिछिया टोला केवई नदी से अवैध रेत उत्खनन जारी है। रेत माफिया रात में ट्रेक्टर से रेत उत्खनन करके विवेक तिवारी रेत भंडारण पर डंप करते हैं। फिर वहीं से शुरू होता है अवैध रेत परिवहन का खेल खेल कैसा देखिए मुख्य बिंदु पर 1. रात में उत्खनन कर बिना वैध दस्तावेज के डंप करना। 2. रेत खदान बिछिया टोला का रॉयल्टी पर्ची भंडारण से काटकर मध्यप्रदेश परिवहन किया जाना। 3. रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची को रात में काटना जबकि शाम होते ही खदान अनुबंध के अनुसार खदान बंद कर दी जाती है। 4. उच्च न्यायालय के स्टे के बाद भी खदान की रॉयल्टी पर्ची काटा जाना क्या उच्च न्यायालय की अहवेलना नहीं है। 5. ईमानदार कलेक्टर के होते हुए आखिर माइनिंग विभाग क्यों इन पर अंकुश नहीं लगा पा रही सवाल बड़ा है। 6. उक्त भंडारण पर न फैंसिंग है न ही पर्यावरण का ध्यान फिर भी माइनिंग अधिकारी रेत भंडारण करता पर मेहरबान । अब सोचने वाली बात है कि इतना अवैध तरीके से रेत खदान की रॉयल्टी पर्ची का उपयोग करना परिवहन करना ये बिना माइनिंग अधिकारी की मौन सहमति के नहीं हो सकता अभी हाल में डांड हस्वाही तक माइनिंग अधिकारी छापा मारे लेकिन वहीं पास में बिछियाटोला में अवैध तरीके से रेत भंडारण किया जा रहा था वहां नहीं गए। एस डी एम केल्हारी एवं तहसीलदार केल्हारी भी मौन अवस्था में बैठे हुए हैं कुछ दिनों पूर्व एस डी एम इंदिरा मिश्रा ने लेडी सिंघम बन कर बिछिया टोला रेत खदान से पांच डंफर को जप्त कर थाने में खड़ा करवाने की बात कही लेकिन कुछ ही घंटों में उनका एकदम से शांत हो जाना किन सवालों को दर्शाता है यह भी सोचने वाली बात है। थाना प्रभारी पर भी अनगिनत सवाल इनकी भी मौन सहमति ? केल्हारी छेत्र में थाना प्रभारी का बड़ा बोलबाला रहता है इनके आदेश या इनकी सहमति के बिना एक पत्ता भी नहीं हिल सकता लेकिन इनके थाना की गाड़ी रेत उत्खनन की देखकर चुपचाप लौट जाती है। अभि दो दिन पहले किसी के फोन करने पर रात्रि को थाना प्रभारी टाइगर बनकर दहाड़ मारते हुए 2ट्रेक्टर को धर दबोचा लेकिन सुबह होते ही पता नहीं क्या सेटिंग हुआ कि तुरंत ट्रेक्टर को थाने से छोड़ दिया गया। अब समझ सकते हो रेत कारोबारी का बोलबाला। कहा है रेणुका सिंह विधायक जो कि अपने शब्दों से फिर गई कहा है उनका वादा कहा गया वो शेरनी वाली दहाड़ जो कि रेत माफियाओं को रेत में गढ़वाने की बात कर रही थी क्यों बन गई है भीगी बिल्ली क्या सेटिंग ऐसा हुआ कि इनको भी चुप्पी साधनी पड़ी। मतलब कोई नियम नहीं कोई लगाम नहीं कोई अधिकारी सुनने को तैयार नहीं इतनी इन रेत माफियाओं की पकड़ मजबूत है। खैर हम कलम कार है जो लिखकर जनता को जागरूक करने का काम करते हैं।। अब देखना है कब तक रेत माफियाओं का राज चलेगा या ईमानदार मुखिया को खुद सामने आकर कार्यवाही करनी पड़ेगी।।1
- रायगढ़ में अफीम की खेती का खुलासा मौके पर पहुचीं पुलिस1
- हाल के दिनों में हमारे समाज में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां और नशे का बढ़ता प्रचलन एक गंभीर चिंता का विषय बन गया है। समाज में हिंसा, चोरी, और अन्य अपराधों में वृद्धि हुई है, जिससे आम नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इन असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बढ़ गए हैं कि वे खुलेआम कानून-व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं। इसके साथ ही, समाज में नशे का प्रसार भी एक बड़ी चुनौती है। नशा न केवल स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि यह परिवार और समाज के लिए भी एक बोझ है। नशे की लत के कारण युवा पीढ़ी अपनी प्रतिभा और क्षमता को बर्बाद कर रही है। नशे के कारण होने वाले अपराधों में भी वृद्धि हुई है। यह एक दुखद सच्चाई है कि असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक संरक्षण प्राप्त है। इसके बिना वे इतनी आसानी से अपनी गतिविधियों को अंजाम नहीं दे सकते थे। यह संरक्षण न केवल समाज के लिए हानिकारक है, बल्कि यह कानून के शासन के लिए भी एक बड़ा खतरा है। समाज में बढ़ती असामाजिकता और नशे की गिरफ्त के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। हमें अपने बच्चों को सही संस्कार देने और उन्हें नशे के खतरों के बारे में जागरूक करने की जरूरत है। हमें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने और उन्हें बेनकाब करने की जरूरत है। हमें कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। पुलिस और प्रशासन को ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना चाहिए। उन्हें असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों।साथ ही, हमें नशे की लत से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए भी आगे आना चाहिए। हमें उन्हें पुनर्वास और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की जरूरत है। हमें उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने और उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। असामाजिकता और नशा हमारे समाज के लिए एक बड़ा खतरा हैं। हमें मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा। हमें एक जागरूक और जिम्मेदार समाज बनाना होगा, जो असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों को बर्दाश्त न करे। हमें अपनी युवा पीढ़ी को बचाने और उन्हें एक बेहतर भविष्य देने के लिए काम करना होगा।1
- भालूमाड़ा इंचार्ज थाना प्रभारी बागरी जी के नेतृत्व में लगातार अच्छी कार्यवाही जारी,,, भालूमाड़ा पुलिस ने 48 घंटे में अंधी हत्या का खुलासा कर आरोपी को किया गिरफ्तार दिनांक 18.03.2026 को जरिये मोबाईल सूचना मिली की ग्राम बरबसपुर खेत में एक महिला का शव पडा हुआ है जिसकी तस्दीक हेतु थाना प्रभारी भालूमाडा उप निरी. डी.एस. बागरी अपने स्टाफ के साथ तत्काल रवाना होकर सूचना की तस्दीक की गई तो ग्राम बरबसपुर में डुग्गी तालाब के पास चूडामणि केवट के खेत में एक महिला का शव पडा हुआ पाया गया जिसकी पहचान नंसी बाई यादव पति भगवान दास उर्फ लल्लू यादव उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम बरबसपुर थाना भालूमाडा जिला अनूपपुर के रुप में हुई मौके पर मृतिका के पुत्र बब्बी यादव की सूचना पर जीरो पर मर्ग इंटीमेशन कायम कर मृतिका के शव का पंचनामा कार्यवाही कर शव का पीएम कराया गया डाक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु गले में रस्सी या साडी के फंदे से दबाने के कारण श्वांस अवरुद्ध होने से मृत्यु होना लेख किया मर्ग जांच पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना भालूमाडा में अप.क्र. 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । ह1