*कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जिला/चार्ज स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न* कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जनगणना 2027 के संबंध में जिला, चार्ज स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ । प्रशिक्षण में डिजिटल माध्यम से जनगणना से बेहतर गुणवत्ता वाले डाटा, द्रुत गति से डेटा की प्रोसेसिंग, पर्यावरण के अनुकूल,बड़े साइज की अनुसूचियों एवं अन्य प्रपत्रों से मुक्ति के लाभ, जनगणना के आंकड़ों का उपयोग लोगो के लाभ के लिए कल्याणकारी योजना बनाना,संसद,विधानसभाओं और स्थानीय निकायों की सीटो का सीमांकन करना, आवास, बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित नीतियों का निर्माण, जनगणना के पहले चरण में मकान सूची करण एवं मकानो की गणना, जनगणना के व्दितीय चरण में जनसंख्या की गणना, जनगणना 2027 मे स्व गणना का विकल्प , डेटा संग्रहण और जांच की प्रक्रिया, प्रशासनिक अधिकारियो के विशिष्ट कार्याे को जनगणना नियम 1990 में कानूनी रूप से परिभाषित किया गया है । प्रमुख जनगणना अधिकारी पीसीओ, जिला अतिरिक्त जिला,अनुविभागीय जनगणना अधिकारी,चार्ज अधिकारी सीओ कि जानकारी दी गई। प्रगणक व्दारा घर घर जाकर स्वयं के मोबाइल फोन मे ऐप के माध्यम से जानकारी एकत्र करना, स्व गणना व्दारा भरे हुए आकडों को प्रगणको व्दारा घर घर जाकर सत्यापन करना, प्रगणक और पर्यवेक्षक,कार्य प्रवाह, प्रगणको के मुख्य कर्तव्य, मकानसूचीकरण और मकानो की गणना की बुनियादी अवधारणाओ और परिभाषाओ को समझने, भवन नंबरिंग की विधि, एच एल ओ के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नो को समझाने कि जानकारी दी गई। इसी तरह जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का प्रशिक्षण देते हुए जनगणना गतिविधियो का प्रबंधन और निगरानी करने,जनगणना पदाधिकारियो का,उनकी भूमिका,पोर्टल पर पंजीकरण, राष्ट्रीय ट्रेनर्स , मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणको तथा पर्यवेक्षको के प्रशिक्षण, सी एम एम एस के माड्यूल, यूजर मैनेजमेंट, यूजरो की प्रमुख जिम्मेदारियां, यूजर्स नामकरण कि जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जनगणना किसी देश में एक निश्चित समय पर प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति की आधिकारिक , पूर्ण गणना है , जिसमें उनके जन सांख्यिकी , आर्थिक एवं सामाजिक आंकड़े शामिल होते हैं। जनगणना के सफल संचालन में प्रमुख जनगणना अधिकारी का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। प्रमुख जनगणना अधिकारी की प्रतिबद्धता, नेतृत्व और सक्रिय भूमिका के फलस्वरूप जनगणना के आँकड़े उच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा में एकत्रित हो पाते हैं। सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने कहा कि प्राथमिकी कर्तव्य में जिले के अंदर जनगणना पदाधिकारियों की टीम का गठन करना है । जिले के अंदर जनगणना हेतु अन्य मानव संसाधन, सामग्रियों का क्रय, कंप्यूटर एवं प्रिंटर इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित कराना है । इस अवसर पर आशीष कुमार श्रीवास्तव, अजय सिंह जनगणना निदेशालय भोपाल प्रशिक्षक, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता,एसडीएम मानपुर हरनीत कौर कलसी, एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, एसडीएम पाली मीनाक्षी इंगले,डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
*कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जिला/चार्ज स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न* कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में जनगणना 2027 के संबंध में जिला, चार्ज स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण संपन्न हुआ । प्रशिक्षण में डिजिटल माध्यम से जनगणना से बेहतर गुणवत्ता वाले डाटा, द्रुत गति से डेटा की प्रोसेसिंग, पर्यावरण के अनुकूल,बड़े साइज की अनुसूचियों एवं अन्य प्रपत्रों से मुक्ति के लाभ, जनगणना के आंकड़ों का उपयोग लोगो के लाभ के लिए कल्याणकारी योजना बनाना,संसद,विधानसभाओं और स्थानीय निकायों की सीटो का सीमांकन करना, आवास, बुनियादी सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं से संबंधित नीतियों का निर्माण, जनगणना के पहले चरण में मकान सूची करण एवं मकानो की गणना, जनगणना के व्दितीय चरण में जनसंख्या की गणना, जनगणना 2027 मे स्व गणना का विकल्प , डेटा संग्रहण और जांच की प्रक्रिया, प्रशासनिक अधिकारियो के विशिष्ट कार्याे को जनगणना नियम 1990 में कानूनी रूप से परिभाषित किया गया है
। प्रमुख जनगणना अधिकारी पीसीओ, जिला अतिरिक्त जिला,अनुविभागीय जनगणना अधिकारी,चार्ज अधिकारी सीओ कि जानकारी दी गई। प्रगणक व्दारा घर घर जाकर स्वयं के मोबाइल फोन मे ऐप के माध्यम से जानकारी एकत्र करना, स्व गणना व्दारा भरे हुए आकडों को प्रगणको व्दारा घर घर जाकर सत्यापन करना, प्रगणक और पर्यवेक्षक,कार्य प्रवाह, प्रगणको के मुख्य कर्तव्य, मकानसूचीकरण और मकानो की गणना की बुनियादी अवधारणाओ और परिभाषाओ को समझने, भवन नंबरिंग की विधि, एच एल ओ के दौरान पूछे जाने वाले प्रश्नो को समझाने कि जानकारी दी गई। इसी तरह जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली का प्रशिक्षण देते हुए जनगणना गतिविधियो का प्रबंधन और निगरानी करने,जनगणना पदाधिकारियो का,उनकी भूमिका,पोर्टल पर पंजीकरण, राष्ट्रीय ट्रेनर्स , मास्टर ट्रेनर्स, फील्ड ट्रेनर्स, प्रगणको तथा पर्यवेक्षको के प्रशिक्षण, सी एम एम एस के माड्यूल, यूजर मैनेजमेंट, यूजरो की प्रमुख जिम्मेदारियां, यूजर्स नामकरण कि जानकारी दी। प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने कहा कि जनगणना किसी देश में एक
निश्चित समय पर प्रत्येक परिवार एवं प्रत्येक व्यक्ति की आधिकारिक , पूर्ण गणना है , जिसमें उनके जन सांख्यिकी , आर्थिक एवं सामाजिक आंकड़े शामिल होते हैं। जनगणना के सफल संचालन में प्रमुख जनगणना अधिकारी का दायित्व अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। प्रमुख जनगणना अधिकारी की प्रतिबद्धता, नेतृत्व और सक्रिय भूमिका के फलस्वरूप जनगणना के आँकड़े उच्च गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा में एकत्रित हो पाते हैं। सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह ने कहा कि प्राथमिकी कर्तव्य में जिले के अंदर जनगणना पदाधिकारियों की टीम का गठन करना है । जिले के अंदर जनगणना हेतु अन्य मानव संसाधन, सामग्रियों का क्रय, कंप्यूटर एवं प्रिंटर इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित कराना है । इस अवसर पर आशीष कुमार श्रीवास्तव, अजय सिंह जनगणना निदेशालय भोपाल प्रशिक्षक, अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता,एसडीएम मानपुर हरनीत कौर कलसी, एसडीएम बांधवगढ अंबिकेश प्रताप सिंह, एसडीएम पाली मीनाक्षी इंगले,डिप्टी कलेक्टर कमलेश नीरज, प्रत्युष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ उमरिया//छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।1
- छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़ छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।1
- 💥 *_छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़_* छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।1
- 🔸*कैरियर काउंसलिंग के विद्यार्थियों को मिला जैविक खेती का प्रशिक्षण* ➡️*गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से भूमि, पर्यावरण व स्वास्थ्य में होगा सुधार* डिण्डौरी/शहपुरा पीएमश्री शासकीय हाई स्कूल बिलगांव, विकासखंड शहपुरा में कैरियर काउंसलिंग के कार्यक्रम का आयोजित अंतर्गत अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को गौवंश आधारित जैविक एवं प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को पारंपरिक कृषि के साथ आधुनिक, टिकाऊ एवं पर्यावरण-सम्मत खेती पद्धतियों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में नर्मदांचल गौ सेवा समिति के अध्यक्ष एवं जैविक कृषि विशेषज्ञ श्री बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती के बीच अंतर को सरल भाषा में समझाया। प्रशिक्षण के दौरान केंचुआ खाद निर्माण, बीजोपचार की वैज्ञानिक प्रक्रिया, बीज को उक्ठा जैसे रोग से बचाने के उपाय, जीवामृत, अग्नि अस्त्र के माध्यम से कीट नियंत्रण तथा मृदा परीक्षण की विस्तृत जानकारी दी गई। श्री साहू ने कहा कि गौवंश आधारित प्राकृतिक खेती से मृदा की उर्वरता बढ़ती है, पर्यावरण संरक्षण होता है और मानव स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। आदिवासी बहुल्य जिला डिण्डौरी जैसे क्षेत्रों में यह खेती स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन सकती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम मे विद्यालय के प्राचार्य श्री कन्हैया लाल साहू, शिक्षक श्री ओमप्रकाश साहू, शांति राम साहू, राहुल पाठक,अमित साहू, डिया साहू,आशा साहू तथा विद्यालय के समस्त स्टाफ की उपस्थिति में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कैरियर काउंसलिंग के 40 छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशिक्षण में गहरी रुचि लेते हुए भविष्य में प्राकृतिक खेती अपनाने की इच्छा व्यक्त की। यह पहल विद्यार्थियों को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने के साथ-साथ उन्हें रोजगारोन्मुखी एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। दिनांक - 16 फरवरी 20265
- Post by Durgesh Kumar Gupta1
- कटनी में अवैध शराब के खिलाफ उबाल: सैकड़ों ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन, सपा जिलाध्यक्ष डॉ. के. खान के नेतृत्व में बड़ा प्रदर्शन कटनी। जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम डोंगरिया (थाना स्लीमनाबाद) में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। गांव में लंबे समय से चल रहे कच्ची और अवैध शराब के धंधे से परेशान महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष डॉ. के. खान के नेतृत्व में बड़ा जनसमूह कलेक्ट्रेट पहुंचा। उनके साथ वरिष्ठ समाजसेवी प्रहलाद सिंह ठाकुर सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि गांव में खुलेआम शराब बनाई और बेची जा रही है, जिससे सामाजिक माहौल बिगड़ रहा है और छोटे-छोटे बच्चे भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। महिलाओं ने बयां किया दर्द ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब के कारण घर-परिवार की शांति भंग हो रही है, आए दिन विवाद और मारपीट की घटनाएं सामने आ रही हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ज्ञापन में स्पष्ट लिखा गया है कि यदि शीघ्र कठोर कदम नहीं उठाए गए तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य होंगे। पुलिस पर लापरवाही के आरोप ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस को कई बार सूचना देने के बाद भी कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सीमित रही। शराब माफिया बेखौफ होकर अवैध कारोबार चला रहे हैं। ज्ञापन में संबंधित आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर जेल भेजने की मांग की गई है। सपा जिलाध्यक्ष का बयान डॉ. के. खान ने कहा कि “यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि समाज को बचाने की लड़ाई है। यदि प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की तो समाजवादी पार्टी ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।” प्रहलाद सिंह ठाकुर ने भी कहा कि गांव का भविष्य दांव पर है और अब चुप नहीं बैठा जाएगा। प्रशासन पर टिकी निगाहें अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल गांव के लोगों में कार्रवाई की उम्मीद के साथ-साथ आक्रोश भी साफ दिखाई दे रहा है।4
- कटनी। महाशिवरात्रि पर महाकाल सरकार सेवा समिति का भव्य आयोजन, सैकड़ों भक्तों ने लिया महाप्रसाद1
- *14 वर्षों से निलंबित सहायक अध्यापक धनीराम मरावी सेवा में बहाल* *प्राथमिक शाला झिरिया बहरा में नई पदस्थापना, विभागीय जांच के आदेश* डिंडोरी -- कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया द्वारा जारी आदेश के अनुसार 14 वर्षों से निलंबित सहायक अध्यापक धनीराम मरावी को सेवा में पुनः बहाल कर दिया गया है। उन्हें विकासखंड करंजिया के प्राथमिक शाला कुतरी से हटाकर प्राथमिक शाला झिरिया बहरा, संकुल केन्द्र गोपालपुर में समान सामर्थ्य पर पदस्थ किया गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार श्री मरावी को वर्ष 2011 में जनगणना प्रगणक कार्य में लापरवाही तथा समय पर अभिलेख जमा न करने के कारण तत्कालीन जिला जनगणना अधिकारी द्वारा निलंबित किया गया था। प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में विलंब से अवरोध उत्पन्न हुआ था। निलंबन के पश्चात उन्होंने निर्धारित मुख्यालय पर उपस्थिति भी नहीं दी थी। प्रकरण की विस्तृत समीक्षा के दौरान उनके विरुद्ध दर्ज आपराधिक मामले में न्यायालय द्वारा धारा 294(ख), 323 एवं 506 में दोषमुक्त किया गया तथा धारा 324 में दी गई सजा अपील में संशोधित होकर केवल अर्थदण्ड में परिवर्तित कर दी गई। वर्तमान में उनके विरुद्ध कोई आपराधिक प्रकरण लंबित नहीं है। साथ ही वन्य प्राणी अधिनियम से संबंधित मामले में उनका कोई संबंध नहीं पाया गया।3