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हनुमंत कुंज आश्रम छपड़ौर क्षेत्र में तेंदुए की दहशत 💥 *_छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़_* छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।

2 hrs ago
user_Ashutosh tripathi
Ashutosh tripathi
Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

हनुमंत कुंज आश्रम छपड़ौर क्षेत्र में तेंदुए की दहशत 💥 *_छपडौर आश्रम के पीछे पेड़ पर चढ़ा तेंदुआ,मौके पर उमड़ी ग्रामीणों की भीड़_* छपडौर आश्रम के पीछे एक तेंदुआ पेड़ पर चढ़ा दिखाई दिया है,जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया,देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई।तेंदुए को पेड़ पर बैठे देख लोगों में दहशत और उत्सुकता दोनों का माहौल बना है।घटना की सूचना मिलते ही बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का पार्क अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। वन अमले द्वारा ग्रामीणों को तेंदुए से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की समझाइश दी जा रही है, साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि तेंदुआ संभवतः भीड़ और शोरगुल के कारण पेड़ पर चढ़ गया है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित न हो।वन विभाग का कहना है कि सुरक्षा के दृष्टिगत निर्देशों का पालन करें।

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    Sona Love her
    Farmer सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    22 hrs ago
  • रफ्तार का कहर… स्कार्पियो ने स्कूटी को उड़ाया, दो की दर्दनाक मौत जयपुर में हिट एंड रन की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। CCTV वीडियो में दिखा कि तेज रफ्तार स्कार्पियो ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे स्कूटी सवार हवा में उछल गए। इस खौफनाक हादसे में वीरेंद्र और उसके साथी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद स्कार्पियो चालक गाड़ी समेत फरार हो गया। #Jaipur #RoadAccident #RajasthanNews #ATReel
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    रफ्तार का कहर… स्कार्पियो ने स्कूटी को उड़ाया, दो की दर्दनाक मौत जयपुर में हिट एंड रन की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। CCTV वीडियो में दिखा कि तेज रफ्तार स्कार्पियो ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे स्कूटी सवार हवा में उछल गए। इस खौफनाक हादसे में वीरेंद्र और उसके साथी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद स्कार्पियो चालक गाड़ी समेत फरार हो गया। #Jaipur #RoadAccident #RajasthanNews #ATReel
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    18 min ago
  • UGC बिल व 13% होल्ड आरक्षण लागू कराने की मांग को लेकर रीवा में उमड़ा जनसैलाब, शहर रहा जाम रीवा। Rewa में एससी, एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में यूजीसी बिल एवं 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण लागू कराने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी रही, जिसके चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई। संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाज के वंचित वर्गों को बराबरी का अधिकार व्यवहारिक रूप से नहीं मिल पा रहा है। वक्ताओं का आरोप था कि विश्वविद्यालयों में अब भी जाति के आधार पर भेदभाव, अपमान और प्रताड़ना की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे छात्र-छात्राएं मानसिक रूप से आहत होते हैं। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि भारत सरकार द्वारा गठित एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा बीच में छोड़ने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सामाजिक असमानता और बढ़ेगी। मोर्चा के नेताओं ने मांग की कि: यूजीसी बिल को शीघ्र लागू किया जाए। 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया जाए। विश्वविद्यालयों में भेदभाव की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई हो। उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित और समान अवसर का वातावरण सुनिश्चित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
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    UGC बिल व 13% होल्ड आरक्षण लागू कराने की मांग को लेकर रीवा में उमड़ा जनसैलाब, शहर रहा जाम
रीवा। Rewa में एससी, एसटी और ओबीसी संयुक्त मोर्चा के तत्वावधान में यूजीसी बिल एवं 13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण लागू कराने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी रही, जिसके चलते शहर के प्रमुख मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई।
संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि आजादी के 70 वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद समाज के वंचित वर्गों को बराबरी का अधिकार व्यवहारिक रूप से नहीं मिल पा रहा है। वक्ताओं का आरोप था कि विश्वविद्यालयों में अब भी जाति के आधार पर भेदभाव, अपमान और प्रताड़ना की घटनाएं सामने आती रहती हैं, जिससे छात्र-छात्राएं मानसिक रूप से आहत होते हैं।
प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि भारत सरकार द्वारा गठित एक संसदीय समिति की रिपोर्ट में यह उल्लेख किया गया है कि बड़ी संख्या में एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्र उच्च शिक्षा बीच में छोड़ने को मजबूर हुए हैं। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो सामाजिक असमानता और बढ़ेगी।
मोर्चा के नेताओं ने मांग की कि:
यूजीसी बिल को शीघ्र लागू किया जाए।
13 प्रतिशत होल्ड आरक्षण को प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
विश्वविद्यालयों में भेदभाव की शिकायतों पर सख्त कार्रवाई हो।
उच्च शिक्षण संस्थानों में सुरक्षित और समान अवसर का वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *प्रशासनिक लापरवाही की कीमत चुकाती आस्था देवी मंदिर प्रकरण पर गंभीर सवाल* मैहर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जैन जी द्वारा पूर्व में दिए गए वक्तव्य आज एक बार फिर कसौटी पर खरे उतरते प्रतीत होते हैं। यह प्रकरण दर्शाता है कि किस प्रकार कुछ जिलों में कलेक्टरों के निरंकुश एवं गैर-जवाबदेह व्यवहार के कारण प्रशासन स्वयं सवालों के घेरे में आ जाता है। मैहर के समाजसेवी आनंद कुमार श्रीवास्तव ने पूर्व में माँ शारदा देवी मंदिर के गर्भगृह में अस्त्र-पूजा की घटना को लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि संपूर्ण घटना का ठीकरा केवल पुजारी पर फोड़ देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि— मंदिर के गर्भगृह में कौन पुजारी नियुक्त होगा, वह कौन-सी गतिविधियाँ करेगा, तथा मंदिर व्यवस्था का संचालन कैसे होगा, इन सभी का निर्धारण कलेक्टर स्तर पर किया जाना था। यदि प्रशासन ने अपनी मूल जिम्मेदारियों का विधिवत निर्वहन किया होता, तो यह घटना कतई घटित न होती। ऐसे में केवल पुजारी को दोषी ठहराना कैसे न्यायसंगत माना जा सकता है? इससे भी अधिक गंभीर पहलू यह है कि जब मंदिर परिसर में अस्त्र-शस्त्र पूर्णतः प्रतिबंधित थे, तो उन्हें प्रवेश द्वार अथवा रोपवे परिसर में ही जब्त किया जाना चाहिए था। किंतु ऐसा नहीं किया गया। इसका सीधा अर्थ है कि प्रथमतः जवाबदेही रोपवे व्यवस्था और उसके संचालन तंत्र की बनती है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि आज दिनांक तक रोपवे संचालक को न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही स्पष्टीकरण माँगा गया। यह स्थिति संकेत देती है कि प्रशासनिक तंत्र जवाबदेही की अपेक्षा रसूख और संरक्षण की मानसिकता पर संचालित हो रहा है। समाजसेवी श्रीवास्तव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह स्थिति मैहर के कलेक्टर के लिए कोई नई बात नहीं है— जब राज्य के कानून को व्यक्तिगत आदेशों से नीचे समझा जाने लगे, और प्रशासनिक निर्णय ही “कानून” मान लिए जाएँ, तब ऐसी घटनाएँ असामान्य नहीं रह जातीं। यह प्रकरण केवल एक धार्मिक स्थल की मर्यादा का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही, कानून के समान अनुपालन और संभावित सत्ता-दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर विषय है। अब समय आ गया है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जाँच सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध स्पष्ट एवं दृश्यमान कार्यवाही की जाए—ताकि आस्था और कानून दोनों की गरिमा अक्षुण्ण रह सके
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    *प्रशासनिक लापरवाही की कीमत चुकाती आस्था देवी मंदिर प्रकरण पर गंभीर सवाल*
मैहर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जैन जी द्वारा पूर्व में दिए गए वक्तव्य आज एक बार फिर कसौटी पर खरे उतरते प्रतीत होते हैं। यह प्रकरण दर्शाता है कि किस प्रकार कुछ जिलों में कलेक्टरों के निरंकुश एवं गैर-जवाबदेह व्यवहार के कारण प्रशासन स्वयं सवालों के घेरे में आ जाता है।
मैहर के समाजसेवी आनंद कुमार श्रीवास्तव ने पूर्व में माँ शारदा देवी मंदिर के गर्भगृह में अस्त्र-पूजा की घटना को लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि संपूर्ण घटना का ठीकरा केवल पुजारी पर फोड़ देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का प्रयास भी है।
उन्होंने प्रश्न उठाया कि—
मंदिर के गर्भगृह में कौन पुजारी नियुक्त होगा,
वह कौन-सी गतिविधियाँ करेगा,
तथा मंदिर व्यवस्था का संचालन कैसे होगा,
इन सभी का निर्धारण कलेक्टर स्तर पर किया जाना था। यदि प्रशासन ने अपनी मूल जिम्मेदारियों का विधिवत निर्वहन किया होता, तो यह घटना कतई घटित न होती। ऐसे में केवल पुजारी को दोषी ठहराना कैसे न्यायसंगत माना जा सकता है?
इससे भी अधिक गंभीर पहलू यह है कि जब मंदिर परिसर में अस्त्र-शस्त्र पूर्णतः प्रतिबंधित थे, तो उन्हें प्रवेश द्वार अथवा रोपवे परिसर में ही जब्त किया जाना चाहिए था। किंतु ऐसा नहीं किया गया। इसका सीधा अर्थ है कि प्रथमतः जवाबदेही रोपवे व्यवस्था और उसके संचालन तंत्र की बनती है।
यह अत्यंत चिंताजनक है कि आज दिनांक तक रोपवे संचालक को न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही स्पष्टीकरण माँगा गया। यह स्थिति संकेत देती है कि प्रशासनिक तंत्र जवाबदेही की अपेक्षा रसूख और संरक्षण की मानसिकता पर संचालित हो रहा है।
समाजसेवी श्रीवास्तव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह स्थिति मैहर के कलेक्टर के लिए कोई नई बात नहीं है—
जब राज्य के कानून को व्यक्तिगत आदेशों से नीचे समझा जाने लगे, और प्रशासनिक निर्णय ही “कानून” मान लिए जाएँ, तब ऐसी घटनाएँ असामान्य नहीं रह जातीं।
यह प्रकरण केवल एक धार्मिक स्थल की मर्यादा का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही, कानून के समान अनुपालन और संभावित सत्ता-दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर विषय है। अब समय आ गया है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जाँच सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध स्पष्ट एवं दृश्यमान कार्यवाही की जाए—ताकि आस्था और कानून दोनों की गरिमा अक्षुण्ण रह सके
    user_मीडिया
    मीडिया
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जिला सतना धवारी स्थित शराब दुकान के पास मारपीट, शराब दुकान का मैनेजर नीरज सिंह घायल।
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    जिला सतना धवारी स्थित शराब दुकान के पास मारपीट, शराब दुकान का मैनेजर नीरज सिंह घायल।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by Jagtapal Yadav g
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    Post by Jagtapal Yadav g
    user_Jagtapal Yadav g
    Jagtapal Yadav g
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • RajpalYadav
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    RajpalYadav
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    24 min ago
  • 20 मिनट की देरी से छात्रा परीक्षा से वंचित, एक साल दांव पर रामपुर बघेलान क्षेत्र के सांदीपनि स्कूल बेला की कक्षा दसवीं की छात्रा गौसिया बानो परीक्षा देने सांदीपनि विद्यालय रामपुर बघेलान पहुंची, लेकिन उसे मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार परीक्षा का समय सुबह 9 बजे था, जबकि छात्रा 9:20 बजे केंद्र पहुंची। निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश से इंकार कर दिया। छात्रा और परिजनों का कहना है कि मात्र 20 मिनट की देरी के कारण उसका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। छात्रा ने प्रशासन से परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
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    20 मिनट की देरी से छात्रा परीक्षा से वंचित, एक साल दांव पर
रामपुर बघेलान क्षेत्र के सांदीपनि स्कूल बेला की कक्षा दसवीं की छात्रा गौसिया बानो परीक्षा देने सांदीपनि विद्यालय रामपुर बघेलान पहुंची, लेकिन उसे मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार परीक्षा का समय सुबह 9 बजे था, जबकि छात्रा 9:20 बजे केंद्र पहुंची। निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश से इंकार कर दिया। छात्रा और परिजनों का कहना है कि मात्र 20 मिनट की देरी के कारण उसका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। छात्रा ने प्रशासन से परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जिला सतना मझगवां वन परिक्षेत्र के खोडरी डेग़रहट में फिर दिखा बाघ, ग्रामीणों में दहशत, आराम करता नजर आ रहा है बाघ। लेकिन इस इलाके के जंगलों को वन्य प्राणियों के लिए रिजर्व नहीं होने देंगे खनिज कारोबारी।
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    जिला सतना मझगवां वन परिक्षेत्र के खोडरी डेग़रहट में फिर दिखा बाघ, ग्रामीणों में दहशत, आराम करता नजर आ रहा है बाघ। लेकिन इस इलाके के जंगलों को वन्य प्राणियों के लिए रिजर्व नहीं होने देंगे खनिज कारोबारी।
    user_खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    खबर हम देंगे चित्रकूट न्यूज़
    Local News Reporter मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
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