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लोकेशन सतना रामपुर बाघेलान 20 मिनट की देरी से छात्रा परीक्षा से वंचित, एक साल दांव पर रामपुर बघेलान क्षेत्र के सांदीपनि स्कूल बेला की कक्षा दसवीं की छात्रा गौसिया बानो परीक्षा देने सांदीपनि विद्यालय रामपुर बघेलान पहुंची, लेकिन उसे मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार परीक्षा का समय सुबह 9 बजे था, जबकि छात्रा 9:20 बजे केंद्र पहुंची। निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश से इंकार कर दिया। छात्रा और परिजनों का कहना है कि मात्र 20 मिनट की देरी के कारण उसका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। छात्रा ने प्रशासन से परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
रोहित कुमार पाठक
लोकेशन सतना रामपुर बाघेलान 20 मिनट की देरी से छात्रा परीक्षा से वंचित, एक साल दांव पर रामपुर बघेलान क्षेत्र के सांदीपनि स्कूल बेला की कक्षा दसवीं की छात्रा गौसिया बानो परीक्षा देने सांदीपनि विद्यालय रामपुर बघेलान पहुंची, लेकिन उसे मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार परीक्षा का समय सुबह 9 बजे था, जबकि छात्रा 9:20 बजे केंद्र पहुंची। निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश से इंकार कर दिया। छात्रा और परिजनों का कहना है कि मात्र 20 मिनट की देरी के कारण उसका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। छात्रा ने प्रशासन से परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।
- Pradeep Mishraअमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेशPariksha prashasnik ki or se chust vyavastha ko dekhte hue I like IT Chhatra ki bhavishya ko dekhte hue thoda sa darmi ka hisab Karna chahie prashasan ko chahie ki Chhatra ki bhavishya ki kharab na hone paye... thanks prashasan23 min ago
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- 20 मिनट की देरी से छात्रा परीक्षा से वंचित, एक साल दांव पर रामपुर बघेलान क्षेत्र के सांदीपनि स्कूल बेला की कक्षा दसवीं की छात्रा गौसिया बानो परीक्षा देने सांदीपनि विद्यालय रामपुर बघेलान पहुंची, लेकिन उसे मुख्य द्वार से प्रवेश नहीं दिया गया। जानकारी के अनुसार परीक्षा का समय सुबह 9 बजे था, जबकि छात्रा 9:20 बजे केंद्र पहुंची। निर्धारित समय के बाद पहुंचने पर विद्यालय प्रबंधन ने प्रवेश से इंकार कर दिया। छात्रा और परिजनों का कहना है कि मात्र 20 मिनट की देरी के कारण उसका पूरा साल बर्बाद हो सकता है। छात्रा ने प्रशासन से परीक्षा में बैठने की अनुमति देने की गुहार लगाई है।1
- नशे का अड्डा बना अमरपाटन का सिविल अस्पताल की कैंटीन, खुले आम स्कूली छात्राओं को बेची सिगरेट। सतना। मैहर - सिविल अस्पताल अमरपाटन की कैंटीन में बिक रहा नशा , खुले आम बिक रही सिगरेट , अस्पताल परिसर स्थित कैंटीन से नाबालिग स्कूली छात्राओं ने ख़रीदी सिगरेट , खुलेआम बनाए धुँए के छल्ले , कैंटीन से छात्राओं ने खरीदी सिगरेट कैंटीन संचालक ने बिना किसी सवाल के इन नाबालिग छात्राओं को पैसे लेकर सिगरेट दे दी , जबकि अस्पताल परिसर नो नशा जोन घोषित हैं, इसके बावजूद यहाँ नशे का सामान खुले आम बेचा जा रहा , इसके पहले भी सिगरेट गुटखा बेचने का कैंटीन का एक वीडियो वायरल हुआ था , पुलिस ने मौके पर पहुँच अस्पताल कैंटीन से कुछ युवकों को जमघट लगाकर सिगरेट का घुआ उठाते पकड़ा था , अब नाबालिग छात्राओं को सिगरेट बेचते कैंटीन संचालक का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा हैं। #satna #police #news #maihar1
- *प्रशासनिक लापरवाही की कीमत चुकाती आस्था देवी मंदिर प्रकरण पर गंभीर सवाल* मैहर प्रदेश के मुख्य सचिव श्री जैन जी द्वारा पूर्व में दिए गए वक्तव्य आज एक बार फिर कसौटी पर खरे उतरते प्रतीत होते हैं। यह प्रकरण दर्शाता है कि किस प्रकार कुछ जिलों में कलेक्टरों के निरंकुश एवं गैर-जवाबदेह व्यवहार के कारण प्रशासन स्वयं सवालों के घेरे में आ जाता है। मैहर के समाजसेवी आनंद कुमार श्रीवास्तव ने पूर्व में माँ शारदा देवी मंदिर के गर्भगृह में अस्त्र-पूजा की घटना को लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि संपूर्ण घटना का ठीकरा केवल पुजारी पर फोड़ देना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि— मंदिर के गर्भगृह में कौन पुजारी नियुक्त होगा, वह कौन-सी गतिविधियाँ करेगा, तथा मंदिर व्यवस्था का संचालन कैसे होगा, इन सभी का निर्धारण कलेक्टर स्तर पर किया जाना था। यदि प्रशासन ने अपनी मूल जिम्मेदारियों का विधिवत निर्वहन किया होता, तो यह घटना कतई घटित न होती। ऐसे में केवल पुजारी को दोषी ठहराना कैसे न्यायसंगत माना जा सकता है? इससे भी अधिक गंभीर पहलू यह है कि जब मंदिर परिसर में अस्त्र-शस्त्र पूर्णतः प्रतिबंधित थे, तो उन्हें प्रवेश द्वार अथवा रोपवे परिसर में ही जब्त किया जाना चाहिए था। किंतु ऐसा नहीं किया गया। इसका सीधा अर्थ है कि प्रथमतः जवाबदेही रोपवे व्यवस्था और उसके संचालन तंत्र की बनती है। यह अत्यंत चिंताजनक है कि आज दिनांक तक रोपवे संचालक को न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही स्पष्टीकरण माँगा गया। यह स्थिति संकेत देती है कि प्रशासनिक तंत्र जवाबदेही की अपेक्षा रसूख और संरक्षण की मानसिकता पर संचालित हो रहा है। समाजसेवी श्रीवास्तव ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह स्थिति मैहर के कलेक्टर के लिए कोई नई बात नहीं है— जब राज्य के कानून को व्यक्तिगत आदेशों से नीचे समझा जाने लगे, और प्रशासनिक निर्णय ही “कानून” मान लिए जाएँ, तब ऐसी घटनाएँ असामान्य नहीं रह जातीं। यह प्रकरण केवल एक धार्मिक स्थल की मर्यादा का प्रश्न नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक जवाबदेही, कानून के समान अनुपालन और संभावित सत्ता-दुरुपयोग से जुड़ा गंभीर विषय है। अब समय आ गया है कि निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जाँच सुनिश्चित की जाए तथा दोषियों के विरुद्ध स्पष्ट एवं दृश्यमान कार्यवाही की जाए—ताकि आस्था और कानून दोनों की गरिमा अक्षुण्ण रह सके1
- जिला सतना धवारी स्थित शराब दुकान के पास मारपीट, शराब दुकान का मैनेजर नीरज सिंह घायल।1
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- भारत के राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को गाने में आपको दिक्कत होती है, ये चीजें नहीं चल सकती हैं... ये 'भारत रत्न' बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी का अपमान है...1
- न्याय नहीं मिला तो इस घर में करूंगा आत्मदाह : पीड़ित पीड़ित का सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी मैहर । कहते है जब कही सुनवाई नहीं होती तो मृत्यु के अलावा कोई और रास्ता नजर नहीं आता ऐसा ही एक मामला मैहर जिले के अमरपाटन से सामने आया है जहां पीड़ित का घर दबंगों द्वारा गिराने के बाद जब कोई रास्ता नहीं बचा तो पीड़ित ने उसी घर में आत्मदाह करने की चेतावनी दी है आरोप है कि अमरपाटन के पुरानी बस्ती में ताम्रकार परिवार के कुछ लोगों के द्वारा एक अधेड़ के घर के जबरन नियम विरुद्ध तरीके से JCB ले जाकर तोड़फोड़ कर दिया गया जिसके बाद पीड़ित थाने पहुंचा पर रसूख के चलते कोई सुनवाई नहीं हो पा रही है सारी चीजों हार कर आज पीड़ित सोशल मीडिया में एक वीडियो जारी किया जिसमें उसमें आत्मदाह की चेतावनी दी है पीड़ित का कहना है कि बिना किसी नोटिस के उसके घर को जमीदोज कर दिया गया बहरहाल अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले पर अब कोई कार्यवाही करेगा या फिर रसूख के आगे चुप्पी जारी रहेगी।2
- *कमिश्नर के आदेशों को ठेंगा दिखाते लॉव लशकर के साथ जनसुनवाई करने पहुंचे कलेक्टर व प्रशासनिक अधिकारी* MAIHAR :- रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद के आदेश को ठेंगा दिखाते हुए अपने लाव लश्कर से सजे वाहन मैं बैठकर जनसुनवाई करने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे मैहर जिले के प्रशासनिक अधिकारी व कर्मचारी, रीवा संभाग के कमिश्नर ने पूर्व में आदेश जारी किया था कि संभाग के सभी अधिकारी कर्मचारी अपने डीजल पेट्रोल वाले शासकीय वाहन को छोड़कर पैदल स्कूटी या इलेक्ट्रॉनिक वाहन का उपयोग कार्यालय आने के लिए प्रत्येक मंगलवार को करेंगे, मगर इन सब बातों को दरकिनार करते हुए मैहर जिले के प्रशासनिक अधिकारी संभाग के उच्च अधिकारी के आदेशों की आज मंगलवार को खुलेआम धज्जियां उड़ाते देखे गए जब जिले के कलेक्टर ही उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करेंगी तो जिले की अन्य अधिकारी कर्मचारी से क्या उम्मीद की जाए !1