शिमला में SEHB कर्मचारियों की 10 फ़ीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार को एक AGM बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, यह बैठक अब विवादों में घिर गई है, क्योंकि मेयर सुरेंद्र चौहान और SEHB कर्मचारी यूनियन इस पर आमने-सामने आ गए हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान इस बैठक में सार्थक चर्चा होने का दावा कर रहे हैं, जबकि SEHB कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने इसे वैध AGM मानने से ही इनकार कर दिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नगर निगम शिमला की यह AGM बैठक 10 वर्षों के बाद आयोजित की गई थी, और इसे विशेष रूप से SEHB कर्मचारियों की 10 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बुलाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में वेतन वृद्धि को लेकर कई सुझाव सामने आए हैं, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के आधार पर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। मेयर ने यह भी कहा कि नगर निगम विशेष रूप से 'ग्राउंड जीरो' पर काम करने वाले गार्बेज कलेक्टरों को अधिक लाभ देने के पक्ष में है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम सभी निष्कासित कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने जा रहा है, जिसमें 21 कर्मचारियों की सेवाएं पहले ही बहाल की जा चुकी हैं और शेष 20 कर्मचारियों की सेवाएं भी बहाल की जाएंगी। इसके विपरीत, SEHB कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने इस बैठक को AGM मानने से इनकार कर दिया। उनका तर्क है कि बैठक में न तो शहरी विकास मंत्री उपस्थित थे और न ही स्थानीय विधायक, जिससे यह बैठक AGM के मानदंडों को पूरा नहीं करती।
शिमला में SEHB कर्मचारियों की 10 फ़ीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार को एक AGM बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, यह बैठक अब विवादों में घिर गई है, क्योंकि मेयर सुरेंद्र चौहान और SEHB कर्मचारी यूनियन इस पर आमने-सामने आ गए हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान इस बैठक में सार्थक चर्चा होने का दावा कर रहे हैं, जबकि SEHB कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने इसे वैध AGM मानने से ही इनकार कर दिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि
नगर निगम शिमला की यह AGM बैठक 10 वर्षों के बाद आयोजित की गई थी, और इसे विशेष रूप से SEHB कर्मचारियों की 10 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बुलाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में वेतन वृद्धि को लेकर कई सुझाव सामने आए हैं, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के आधार पर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। मेयर ने यह भी कहा कि नगर निगम विशेष रूप से 'ग्राउंड जीरो' पर काम करने वाले गार्बेज कलेक्टरों को अधिक लाभ देने के पक्ष में
है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम सभी निष्कासित कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने जा रहा है, जिसमें 21 कर्मचारियों की सेवाएं पहले ही बहाल की जा चुकी हैं और शेष 20 कर्मचारियों की सेवाएं भी बहाल की जाएंगी। इसके विपरीत, SEHB कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने इस बैठक को AGM मानने से इनकार कर दिया। उनका तर्क है कि बैठक में न तो शहरी विकास मंत्री उपस्थित थे और न ही स्थानीय विधायक, जिससे यह बैठक AGM के मानदंडों को पूरा नहीं करती।
- शिमला में SEHB कर्मचारियों की 10 फ़ीसदी वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद गुरुवार को एक AGM बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, यह बैठक अब विवादों में घिर गई है, क्योंकि मेयर सुरेंद्र चौहान और SEHB कर्मचारी यूनियन इस पर आमने-सामने आ गए हैं। महापौर सुरेंद्र चौहान इस बैठक में सार्थक चर्चा होने का दावा कर रहे हैं, जबकि SEHB कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने इसे वैध AGM मानने से ही इनकार कर दिया है। महापौर सुरेंद्र चौहान ने बताया कि नगर निगम शिमला की यह AGM बैठक 10 वर्षों के बाद आयोजित की गई थी, और इसे विशेष रूप से SEHB कर्मचारियों की 10 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी की मांग पर बुलाया गया था। उन्होंने जानकारी दी कि बैठक में वेतन वृद्धि को लेकर कई सुझाव सामने आए हैं, जिनमें विभिन्न श्रेणियों के आधार पर वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव भी शामिल है। मेयर ने यह भी कहा कि नगर निगम विशेष रूप से 'ग्राउंड जीरो' पर काम करने वाले गार्बेज कलेक्टरों को अधिक लाभ देने के पक्ष में है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने घोषणा की कि नगर निगम सभी निष्कासित कर्मचारियों की सेवाएं बहाल करने जा रहा है, जिसमें 21 कर्मचारियों की सेवाएं पहले ही बहाल की जा चुकी हैं और शेष 20 कर्मचारियों की सेवाएं भी बहाल की जाएंगी। इसके विपरीत, SEHB कर्मचारी यूनियन अध्यक्ष जसविंदर सिंह ने इस बैठक को AGM मानने से इनकार कर दिया। उनका तर्क है कि बैठक में न तो शहरी विकास मंत्री उपस्थित थे और न ही स्थानीय विधायक, जिससे यह बैठक AGM के मानदंडों को पूरा नहीं करती।3
- पंजैहरा तहसील के करसोली गांव के कालीबाड़ी पोस्ट ऑफिस क्षेत्र में स्वर्गीय जोगो सिंह की धर्मपत्नी दलवारा देवी पिछले 25 सालों से रास्ते की असुविधा से जूझ रही हैं। आरोप है कि इतने लंबे समय से पंचायत ने उनकी पूरी तरह से अनदेखी की है। परिवार का कहना है कि पंचायत उन्हें सिर्फ चुनाव के समय याद करती है और बाकी समय हर सुविधा से वंचित रखती है। यह सवाल उठाया गया है कि आखिर इस परिवार के साथ इतना मतभेद क्यों किया जा रहा है, जब पंचायत ने उन्हें पूरी तरह से नजरअंदाज किया है।1
- हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में कुल्लू जिला परिषद के चुनाव परिणामों पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। कुल्लू जिले के धाउगी वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने चुनाव नतीजों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले उन्हें 11 वोटों से विजेता घोषित किया गया था, लेकिन बाद में री-काउंटिंग में उन्हें 17 वोटों से हारा हुआ बता दिया गया। प्रत्याशी ओम प्रकाश ठाकुर ने बताया कि जब उन्होंने दोबारा री-काउंटिंग की मांग की, तो संबंधित एसडीएम ने री-काउंटिंग नहीं की। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत की है और फिर से री-काउंटिंग की मांग दोहराई है। ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया है कि यह सब कांग्रेस सरकार के दबाव में किया गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि चुनाव आयोग से उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।1
- यह वीडियो दर्शकों को एक दुर्लभ अनुभव के लिए आमंत्रित करता है, जिसमें एक सांप की दहाड़ने की आवाज सुनाई देती है; इसलिए इसे अंत तक देखने का आग्रह किया गया है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे स्नेक सेवर माथुर अधिमान एक जहरीले सांप का बचाव कुशलता से कर रहे हैं।1
- आम जनता अगर एकजुट होकर अपने प्रतिनिधियों से मिलकर अपनी सुविधाओं से संबंधित कार्यों के लिए प्रयास करे, तो उन्हें सफलतापूर्वक पूरा करवाया जा सकता है। इसमें जनशक्ति और सामूहिक प्रयासों के महत्व पर ज़ोर दिया गया है, जिससे जनहित के कार्य संभव हो सकें।1
- ग्राम पंचायत पलासला के गांव गोगा मोहडा में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी मोहडा की डॉक्टर मनीषा कुमारी और वंदना शर्मा उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम पंचायत पलासला के उप प्रधान अभिषेक शर्मा ने की। इस अवसर पर गांव मोहडा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मनीषा कुमारी और ग्रामवासियों ने मिलकर आंगनबाड़ी मोहडा के पास पेड़ लगाए। इस दौरान लगभग 20 लोगों को 'स्वच्छ गांव हरा गांव' के बारे में जागरूक किया गया। अभिषेक शर्मा ने बताया कि यदि अधिक से अधिक पेड़ लगाए जाएँ, तो पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सकता है और कई बीमारियों से भी मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने सभी से इस जिम्मेदारी को समझने और ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने का आग्रह किया। उन्होंने इस अवसर पर सभी लोगों को पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं भी दीं।1
- आज अगर भारत में किसी राज्य ने असाधारण तरक्की की है, तो वह हरियाणा राज्य है, जिसने विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हासिल की है। इस प्रगति के पीछे कई मुख्य कारण बताए गए हैं, जिनमें कॉर्पोरेट घरानों की मजबूत उपस्थिति और ज़मीन की बढ़ती दरें शामिल हैं। दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, सोनीपत और बहादुरगढ़ जैसे औद्योगिक रूप से विकसित क्षेत्र, डीएलएफ जैसी संस्थाओं का योगदान, और बाहर से आकर कारोबार स्थापित करने वाली कंपनियों का आगमन भी इस राज्य की आर्थिक उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन आर्थिक कारकों के अलावा, हरियाणा की तरक्की में कुछ सामाजिक पहलू भी बहुत अहम हैं। इनमें सबसे बड़ी बात राज्य में नशे का चलन कम होना है। साथ ही, युवा पीढ़ी, जिसमें राज्य की बेटियां और बेटे दोनों शामिल हैं, का खेलों में सक्रिय भागीदारी, कृषि कार्यों में मेहनत और घर-परिवार के कामों में सहयोग करना भी हरियाणा की इस व्यापक उन्नति का एक प्रमुख कारण माना गया है।1
- पंचायती राज चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं, इसे सेमीफाइनल कहना गुमराह करना, भाजपा असल मुद्दों से ध्यान हटाने का कर रही काम, खालसा टैक्स कानूनी की अवहेलना, पंजाब सरकार को करनी चाहिए कार्रवाई - जगत सिंह नेगी पंचायती राज चुनाव को लेकर भाजपा के सेमीफाइनल वाले दावे पर पलटवार करते हुए राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने कहा है कि पंचायत चुनाव पार्टी सिंबल पर नहीं हुए, इसलिए इन्हें विधानसभा चुनाव का जनादेश बताना गलत है। भाजपा महंगाई, मनरेगा और बेरोजगारी जैसे असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटका रही है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस्तीफा मांगने के बजाय जयराम ठाकुर को देना चाहिए जिन्होंने चुनी हुई सरकार को धनबल से गिराने का प्रयास किया । जगत सिंह नेगी ने कहा,3754 पंचायतों में 2400 ऐसी पंचायते हैं जहां प्रधान कांग्रेस समर्थित जीते हैं पंचायत में असली ताकत वार्ड मेंबर की होती है। अगर वार्ड मेंबर साथ न हो तो प्रधान अकेला कुछ नहीं कर सकता। नगर निगम के चुनाव पार्टी लाइन पर हुए। 4 में से 3 पर भाजपा जीती, लेकिन पंचायतें ओपन चुनाव थे। कुल्लू की 6 नगर पंचायतों में कांग्रेस जीती है कुल 53 नगर परिषदों और नगर पंचायतों में से 29 पर कांग्रेस जीती। भाजपा सिर्फ झूठी जीत का ढिंढोरा पीट रही है।नेगी ने कहा कि पंचायती राज महात्मा गांधी की सोच थी। *“1993 में राजीव गांधी 73वें-74वें संविधान संशोधन लाए। महिलाओं को 50% आरक्षण, SC-ST-OBC को प्रतिनिधित्व कांग्रेस ने दिया। भाजपा तो आरक्षण की विरोधी रही है।मनरेगा पर भाजपा को घेरते हुए नेगी ने कहा,मनमोहन सरकार में 120 दिन का रोजगार गारंटी कानून था। भाजपा ने इसे कमजोर कर दिया। अब केंद्र तय करेगा कि हिमाचल के किस गांव में कितना काम होगा। मनरेगा का पैसा दिल्ली सरकार ने रोक रखा है।महंगाई पर उन्होंने कहा, *“कमर्शियल सिलेंडर 3000 पार है। डोमेस्टिक ब्लैक में मिल रहा है। लोग लाइनों में लग रहे हैं। ट्रंप कहते हैं रूस से तेल कब तक खरीदोगे। आर्थिक और विदेश नीति दोनों फेल हैं। इस्तीफा मुख्यमंत्री को नहीं बल्कि जयराम ठाकुर को देना चाहिए। इन्होंने धन-बल से सरकार गिराने की कोशिश की। 9 विधायक अयोग्य हुए, उपचुनाव में 6 सीटें हम जीते। ये जय श्री राम का नारा लगाकर लोकतंत्र को खतरा पैदा कर रहे हैं। चुनाव भगवान राम का नहीं, दो व्यक्तियों के बीच था। बाइट..... जगत सिंह नेगी राजस्व एवं बागवानी मंत्री हिमाचल प्रदेश वहीं पंजाब में हिमाचल की गाड़ियों पर खालसा टैक्स वसूलने के सवाल पर नेगी ने कहा कि विभिन्न राज्यों को अपने कर लगाने का अधिकार है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति या संगठन कानून से बाहर जाकर अवैध वसूली करता है तो वह पूरी तरह गलत है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर पंजाब सरकार से बातचीत भी की है और हिमाचल प्रदेश सरकार इस मामले को उचित स्तर पर उठा रही है। कानून व्यवस्था और राज्यों के बीच सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है तथा किसी भी प्रकार की अवैध वसूली या लोगों को परेशान करने की घटनाओं का सरकार विरोध करती है। बाइट..... जगत सिंह नेगी ....राजस्व एवं बागवानी मंत्री हिमाचल प्रदेश3